Good News: 5 साल बाद बांका के 30 हजार सरकारी स्कूली छात्र करेंगे बिहार दर्शन, स्कूलों को मिले 20-20 हजार रुपये

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बांका (Banka News): बांका जिले के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। करीब 5 साल के लंबे इंतजार के बाद, अब छात्रों को किताबों की दुनिया से निकलकर बिहार के ऐतिहासिक और पौराणिक स्थलों को करीब से देखने का मौका मिलेगा।

शिक्षा विभाग ने ‘मुख्यमंत्री बिहार दर्शन योजना’ (Mukhyamantri Bihar Darshan Yojana) के तहत जिले के स्कूलों के लिए राशि जारी कर दी है। कोरोना काल के बाद यह पहला मौका है जब इतने बड़े स्तर पर बच्चों को शैक्षणिक भ्रमण पर ले जाने की तैयारी की जा रही है।

509 स्कूलों को मिली राशि, जनवरी अंत तक करना होगा भ्रमण

शिक्षा विभाग द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए यह राशि आवंटित की गई है। बांका जिले के कुल 509 मध्य और उच्च विद्यालयों को इस योजना के लिए चुना गया है। विभाग ने प्रत्येक विद्यालय के खाते में 20,000 रुपये की राशि भेज दी है।

विभागीय निर्देश के अनुसार, सभी स्कूलों को जनवरी के अंतिम सप्ताह तक छात्रों का परिभ्रमण पूरा करना अनिवार्य होगा। इस पहल का उद्देश्य बच्चों को बिहार की समृद्ध विरासत, इतिहास और संस्कृति से रूबरू कराना है।

एक नजर आंकड़ों पर:

  • कुल लाभार्थी छात्र: 30,000 से अधिक
  • कुल विद्यालय: 509 (336 मध्य विद्यालय + 173 उच्च विद्यालय)
  • आवंटित राशि: 20,000 रुपये प्रति विद्यालय
  • समय सीमा: जनवरी 2026 के अंत तक

कोरोना के कारण 5 साल से बंद थी योजना

गौरतलब है कि कोरोना महामारी (COVID-19) के कारण पिछले पांच वर्षों से सरकारी स्कूलों में शैक्षणिक भ्रमण कार्यक्रम पूरी तरह से ठप था। छात्र केवल कक्षाओं तक ही सीमित रह गए थे। अब स्थिति सामान्य होने के बाद, शिक्षा विभाग ने फिर से इस योजना को सक्रिय किया है।

इस योजना के तहत छात्रों को बिहार के प्रमुख ऐतिहासिक स्थलों, संग्रहालयों, और पर्यटन स्थलों का दौरा कराया जाएगा। इससे न केवल उनका मनोरंजन होगा, बल्कि उन्हें अपने राज्य के इतिहास को समझने में व्यावहारिक मदद भी मिलेगी।

शिक्षकों और छात्रों में उत्साह

राशि जारी होने की खबर से बांका जिले के शिक्षकों और छात्रों में खुशी की लहर है। स्कूल प्रशासन ने भ्रमण के लिए स्थानों का चयन और रूट चार्ट तैयार करना शुरू कर दिया है। माना जा रहा है कि बांका के मंदार पर्वत, ओढनी डैम के अलावा नालंदा, राजगीर और बोधगया जैसे स्थलों को प्राथमिकता दी जा सकती है।

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