विधानसभा चुनाव परिणाम: पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी में NDA की जीत पर दी बधाई

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पटना: बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी के विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के प्रदर्शन पर खुशी जाहिर की है। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए विजयी उम्मीदवारों और कार्यकर्ताओं को बधाई दी।

प्रधानमंत्री के नेतृत्व में अटूट विश्वास

​पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने संदेश में कहा कि इन राज्यों के चुनाव परिणाम बताते हैं कि जनता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व पर एक बार फिर अपना पूर्ण विश्वास व्यक्त किया है। उन्होंने इसे विकास की जीत बताते हुए कहा:

​यह जनादेश पश्चिम बंगाल, असम एवं पुडुचेरी में विकास, सुशासन और जनकल्याण के कार्यों को नई गति प्रदान करेगा।

सुशासन और विकास का एजेंडा

​नीतीश कुमार, जो स्वयं बिहार में सुशासन के मॉडल के लिए जाने जाते हैं, इस बात पर जोर दिया कि जनता अब केवल खोखले वादों के बजाय धरातल पर होने वाले विकास कार्यों को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि इन क्षेत्रों में एनडीए की सरकारें आने वाले समय में जनहित और बुनियादी ढांचे के सुधार के लिए मजबूती से काम करेंगी।

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राजनीतिक गलियारों में हलचल

​पूर्व मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। जानकारों का मानना है कि नीतीश कुमार का यह संदेश एनडीए के भीतर एकजुटता को और मजबूत करेगा और विकास के साझा एजेंडे को आगे बढ़ाने में मदद करेगा।

बड़ी खबर: सुपौल के मरौना प्रखंड में होगा सड़कों और पुलों का जाल, उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने दी हरी झंडी

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सुपौल/पटना: बिहार के उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने सुपौल जिले के मरौना प्रखंड की जनता को एक बड़ी सौगात दी है। उपमुख्यमंत्री के निर्देश पर उनके आप्त सचिव वीरेंद्र कुमार ने ग्रामीण कार्य विभाग (RWD) को मरौना प्रखंड के विभिन्न क्षेत्रों में 11 महत्वपूर्ण सड़कों और पुलों के निर्माण के लिए पत्र जारी कर त्वरित कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।

इन प्रमुख योजनाओं को मिली मंजूरी:

​जारी किए गए आधिकारिक पत्र (पत्रांक 172, दिनांक 27/04/2026) के अनुसार, जनहित में निम्नलिखित कार्यों को अति आवश्यक बताया गया है:

  1. तिलयुगा बलान नदी पर पुल: मरौना-निर्मली पथ के योदराही वार्ड नंबर-02 से उत्तर तिलयुगा बलान नदी पर एच.एल. ब्रिज (HL Bridge) और पहुंच पथ का निर्माण।
  2. भलुआही सुरक्षा बांध से कुसगौल: भलुआही सुरक्षा बांध से कुसगौल होते हुए कबरी बांध तक सड़क और पुल का निर्माण।
  3. 8 किलोमीटर लंबी सड़क: मरौना उत्तर के कारारही वार्ड नंबर 10 से मुख्य सड़क राम विलास सिंह के घर से होते हुए कमरैल सीमा तक सड़क निर्माण।
  4. लालपुर से सोहनपुर मार्ग: निर्मली-मरौना मुख्य मार्ग पर लालपुर से सोहनपुर को जोड़ने वाली सड़क में तिलयुगा नदी पर पुल का निर्माण।
  5. महादलित टोलों का जुड़ाव: परसौनी वार्ड नंबर 0-10 महादलित टोला से पंचायत सरकार भवन होते हुए मंगासिहौल वार्ड नंबर 12 तक सड़क निर्माण।
  6. गंनौरा और मधुबनी सीमा: गंनौरा कोरयानी टोला वाया मधुबनी सीमा सड़क में बलान नदी पर पुल का निर्माण।
  7. गंनौरा से महोलिया टोला: गंनौरा वार्ड 04 मुख्य सड़क से महादलित बस्ती और IOCL गैस गोदाम होते हुए महोलिया टोला तक पक्की सड़क।
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विकास की ओर बढ़ते कदम

​इस पत्र के माध्यम से उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि ग्रामीण इलाकों में कनेक्टिविटी सुधारना सरकार की प्राथमिकता है। इन पुलों और सड़कों के बन जाने से मरौना प्रखंड के हजारों ग्रामीणों को आवागमन में सुविधा होगी, खासकर बरसात के समय में तिलयुगा और बलान नदी के कारण होने वाली परेशानियां खत्म होंगी।

​ग्रामीण कार्य विभाग के नोडल ऑफिसर ने भी इस पर अपनी मुहर लगा दी है और संबंधित कार्यपालक अभियंता को आवश्यक कार्रवाई के लिए प्रेषित कर दिया गया है।

पटना विश्वविद्यालय में प्रतिभा का कत्ल! गोल्ड मेडलिस्ट टॉपर को ही कर दिया PhD से बाहर, आखिर किसके इशारे पर हुआ यह खेल?

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शिक्षा का मंदिर कहे जाने वाले पटना विश्वविद्यालय (Patna University) से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने शैक्षणिक शुचिता और प्रशासन की मंशा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह मामला पटना लॉ कॉलेज के एलएलएम (LLM) टॉपर पवन कुमार यादव से जुड़ा है, जिन्हें विश्वविद्यालय ने खुद गोल्ड मेडल से नवाजा, लेकिन जब पीएचडी (PhD) नामांकन की बारी आई, तो उन्हें सिस्टम से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया।

कौन हैं पवन कुमार यादव?

रोहतास जिले के रहने वाले पवन कुमार यादव एक मेधावी छात्र हैं। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) से एलएलबी की डिग्री प्राप्त की और उसके बाद पटना लॉ कॉलेज के सत्र 2022-24 में 80.19% अंकों के साथ पूरे विभाग में टॉप किया। दीक्षांत समारोह की तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि तत्कालीन राज्यपाल डॉ. आरिफ मोहम्मद खान और कुलपति प्रो. अजय कुमार सिंह ने उन्हें स्वर्ण पदक (Gold Medal) और उपाधि देकर सम्मानित किया था।

क्या है दांधली का पूरा आरोप?

हैरानी की बात यह है कि जो छात्र अपने विभाग का गोल्ड मेडलिस्ट है और नेट (NET) क्वालीफाइड भी है, उसे ही पीएचडी नामांकन लिस्ट से बाहर कर दिया गया। आरोप है कि एलएलएम विभाग और पटना विश्वविद्यालय ने नामांकन प्रक्रिया में भारी अनियमितता बरती है। शिकायत के मुताबिक, पवन की ही कैटेगरी में उनसे काफी कम प्रतिशत अंक वाले छात्रों का नामांकन ले लिया गया, लेकिन टॉपर को दरकिनार कर दिया गया।

अब सवाल यह उठता है कि क्या यह महज एक तकनीकी खामी है या फिर इसके पीछे जातीय दुर्भावना और प्रतिभा का गला घोंटने की कोई गहरी साजिश है? आखिर एक स्वर्ण पदक विजेता छात्र को अपने हक के लिए दर-दर क्यों भटकना पड़ रहा है?

गोल्ड मेडलिस्ट छात्र के साथ इस तरह का व्यवहार न केवल छात्र का मनोबल तोड़ता है, बल्कि पूरे विश्वविद्यालय की साख पर धब्बा लगाता है। भूमि न्यूज़ लाइव इस मामले की तह तक जाएगा और जब तक पवन को न्याय नहीं मिलता, हम इस खबर को प्रमुखता से उठाते रहेंगे।

बने रहिए भूमि न्यूज़ लाइव के साथ, सच्चाई हम दिखाएंगे।

बिहार: रोहतास के स्कूल में मीट कांड! क्या बच्चों का धर्म भ्रष्ट करने की रची जा रही है गहरी साजिश?

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रोहतास (बिहार): भारत में इन दिनों ऐसी घटनाओं की बाढ़ सी आ गई है जो न केवल मन को विचलित करती हैं, बल्कि हमारी आस्था और संस्कृति पर भी सीधा प्रहार करती हैं। ताज़ा मामला बिहार के रोहतास जिले के रामडीह से सामने आया है, जिसने पूरे प्रदेश में आक्रोश की लहर पैदा कर दी है। एक सरकारी स्कूल में मिड-डे मील (MDM) के दौरान बच्चों को कथित तौर पर मांस परोसे जाने की खबर ने सनसनी फैला दी है।

आखिर रामडीह के स्कूल में क्या हुआ?

​जानकारी के अनुसार, रोहतास के एक सरकारी स्कूल के MDM में गाय मांस देने की दावा किया गया। जैसे ही यह खबर अभिभावकों तक पहुँची, स्कूल में हंगामा खड़ा हो गया। सवाल यह उठता है कि जिस जगह को ‘शिक्षा का मंदिर’ कहा जाता है, वहाँ इस तरह की ‘नापाक’ हरकत कैसे मुमकिन है? क्या यह महज प्रशासन की लापरवाही है या इसके पीछे कोई गहरा धार्मिक षडयंत्र?

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एक के बाद एक: धर्म पर प्रहार की कड़ियां

​यह कोई इकलौती घटना नहीं है। आज देश के कोने-कोने से ऐसी खबरें आ रही हैं जो इशारा करती हैं कि हिंदू समाज की आस्था को निशाना बनाया जा रहा है:

  • दोस्ती के नाम पर धोखा: कहीं दोस्ती का झांसा देकर गौ-मांस खिलाया जा रहा है, तो कहीं भावनाओं के साथ खिलवाड़ हो रहा है।
  • पढ़े-लिखे लोगों का ब्रेनवाश: हैरानी की बात तो यह है कि अब आईटी कंपनियों (IT Companies) में काम करने वाले उच्च-शिक्षित लोग भी इस कट्टरपंथ की चपेट में हैं। वहां भी धर्म परिवर्तन (Conversion) के रैकेट सक्रिय होने की खबरें चिंता का विषय हैं।
  • शिक्षण संस्थानों को निशाना: बच्चों के कोमल मन पर बचपन से ही इस तरह की चीजें थोपकर क्या उनके संस्कारों को मिटाने की कोशिश की जा रही है?

​क्या भारत को कट्टरपंथ की आग में झोंकने की तैयारी है?

​भारत अपनी सहिष्णुता के लिए जाना जाता है, लेकिन इसे कमजोरी समझने की भूल की जा रही है। एक सोची-समझी रणनीति के तहत बहुसंख्यक समाज की मान्यताओं को आहत किया जा रहा है। चाहे वह खान-पान के माध्यम से हो या लव-जिहाद और धर्मांतरण के जरिए, मकसद सिर्फ एक ही नजर आता है—भारत की सनातन संस्कृति को भीतर से खोखला करना।

सवाल यह है कि आखिर यह सिलसिला कब थमेगा? क्या प्रशासन और सरकारें इन कट्टरपंथियों पर नकेल कसने में नाकाम साबित हो रही हैं?

​रोहतास की यह घटना एक अलार्म (Warning) है। अगर आज हम चुप रहे, तो कल यह हमारे घरों के भीतर तक पहुँच जाएगा। प्रशासन को चाहिए कि वह रामडीह मामले की निष्पक्ष जांच करे और जो भी इस ‘धर्म भ्रष्ट’ करने के खेल में शामिल है, उसे ऐसी सजा दी जाए कि दोबारा कोई ऐसी हिमाकत न कर सके।

आपकी क्या राय है?

क्या आपको भी लगता है कि यह एक सोची-समझी साजिश है? क्या प्रशासन इन कट्टरपंथियों को रोकने में सक्षम है? अपनी राय कमेंट बॉक्स में जरूर लिखें और इस लेख को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें।

मेधावी छात्र-छात्राओं के लिए खुशखबरी: फुलपरास (मधुबनी) में आयोजित होगा अनुमंडल स्तरीय प्रतिभा सम्मान समारोह 2026

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फुलपरास, मधुबनी: शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों के प्रोत्साहन के लिए बिहार के मधुबनी जिले के फुलपरास में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन होने जा रहा है। विमल देव कृष्ण समग्र विकास संस्थान के तत्वावधान में इस वर्ष भी ‘अनुमंडल स्तरीय प्रतिभा सम्मान समारोह 2026’ आयोजित किया जाएगा।

​यह समारोह प्रतिभावान छात्र-छात्राओं की मेहनत को सम्मानित करने और उन्हें भविष्य के लिए प्रेरित करने का एक सुनहरा अवसर है।

कार्यक्रम का विवरण

​संस्थान द्वारा यह आयोजन इंटरनेशनल वर्कर्स डे (श्रमिक दिवस) के अवसर पर किया जा रहा है:

  • दिनांक: 1 मई 2026 (शुक्रवार)
  • समय: दोपहर 02:00 बजे से
  • स्थान: फुलपरास, मधुबनी (बिहार) – 847409

सम्मान के लिए पात्रता

​इस सम्मान समारोह में भाग लेने के लिए निम्नलिखित मानदंडों को पूरा करने वाले छात्र-छात्राएं पात्र होंगे:

  1. ​विद्यार्थी ने इस वर्ष मैट्रिक (10th) या इंटर (12th) की परीक्षा उत्तीर्ण की हो।
  2. ​बिहार बोर्ड (BSEB) या सीबीएसई (CBSE) में कम से कम 80 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त किए हों।

Registration Process

​कार्यक्रम में शामिल होने और सम्मान प्राप्त करने के लिए छात्र-छात्राओं को पूर्व-पंजीकरण (Registration) कराना अनिवार्य है। पंजीकरण की अंतिम तिथि 28 अप्रैल 2026 (शाम 5:00 बजे तक) निर्धारित की गई है।

रजिस्ट्रेशन के लिए आवश्यक दस्तावेज:

  • ​आधार कार्ड की फोटोकॉपी (व्हाट्सएप्प पर)
  • ​एडमिट कार्ड की फोटोकॉपी
  • ​मोबाइल नंबर

कैसे करें आवेदन?

इच्छुक छात्र-छात्राएं संस्थान के सचिव रुपेश कुमार के व्हाट्सएप नंबर 9431481103 पर अपने दस्तावेज भेजकर अपना पंजीकरण सुनिश्चित करा सकते हैं।

आयोजक का संदेश

​संस्थान के सचिव रुपेश कुमार ने बताया कि “विमल देव कृष्ण समग्र विकास संस्थान” सदैव मेधावी छात्रों को आगे बढ़ाने के लिए संकल्पित रहा है। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण और अनुमंडल स्तर के छात्रों में छिपी प्रतिभा को समाज के सामने लाना है।

नोट: समय सीमा का ध्यान रखें और 28 अप्रैल तक अपना रजिस्ट्रेशन जरूर पूरा कर लें।

मधुबनी पुलिस की बड़ी कार्रवाई: नेपाल जेल से फरार शातिर अपराधी गिरफ्तार, अवैध हथियार के साथ 2 अन्य भी दबोचे गए

मधुबनी (हरलाखी): भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर मुस्तैद मधुबनी पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। हरलाखी थाना पुलिस ने नेपाल की जेल से फरार एक शातिर अपराधी को गिरफ्तार किया है। साथ ही, एक अन्य मामले में ग्रामीणों के सहयोग से पुलिस ने अवैध देसी पिस्टल के साथ दो अपराधियों को भी गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की है।

Harlakhi Police Arrest Criminals

घटनाक्रम 01: नेपाल जेल से फरार अपराधी अजय साफी गिरफ्तार

​हरलाखी थानाध्यक्ष को मिली गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने ग्राम उमगाँव दुर्गापट्टी के पास से अजय साफी (पिता: इंदल साफी, निवासी: गोपालपुर) को विधिवत गिरफ्तार किया।

पृष्ठभूमि:

  • ​अजय साफी पूर्व में नेपाल के एक बैंक में डकैती की घटना में शामिल था।
  • ​नेपाल पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जलेश्वर जेल में डाला था, लेकिन जेल में हुए आंतरिक विद्रोह का फायदा उठाकर वह फरार हो गया था।
  • ​इससे पहले पुलिस ने उसके सहयोगी अनरजीत राम को देसी कट्टा, गांजा और कारतूस के साथ गिरफ्तार किया था, जिसने पूछताछ में अजय साफी के नाम का खुलासा किया था।
Police Arrest Criminals

घटनाक्रम 02: हथियार के साथ घुसे अपराधियों को ग्रामीणों ने पकड़ा

​दूसरी घटना सोठगाँव टोला की है, जहाँ ग्रामीणों की सतर्कता से बड़ी वारदात टल गई। पुलिस को सूचना मिली कि दो अपराधी रामू सदाय के घर में हथियार के साथ घुस गए हैं। ग्रामीणों ने साहस दिखाते हुए दोनों को पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया।

गिरफ्तार अभियुक्त:

  1. अमर सदाय (पिता: रामपूत सदाय, निवासी: सोठगाँव)
  2. विक्की सदाय (पिता: स्व. मिथिलेश सदाय, निवासी: सोठगाँव)

बरामदगी:

  • ​01 अवैध देसी पिस्टल
  • ​01 मोटरसाइकिल

​पूछताछ के दौरान विक्की सदाय ने स्वीकार किया कि उसने यह हथियार नेपाल से 10,000 रुपये में खरीदा था और इसे अपने दोस्त शिवा (निवासी: महोत्तरी, नेपाल) के लिए ले जा रहा था।

पुलिस की कार्रवाई

​मधुबनी पुलिस ने इन मामलों में सुसंगत धाराओं के तहत कांड संख्या 0-74/26 और 0-15/26 दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस अधीक्षक कार्यालय मधुबनी द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि पुलिस अपराधियों के नेटवर्क को तोड़ने के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।

शोक संवेदना: पत्रकारिता के स्तंभ सुमित चौधरी की शक्ति का अवसान, शोक में डूबा झंझारपुर

Journalist Sumit Chaudhary Mother Tribute

झंझारपुर/मधुबनी: झंझारपुर की मिट्टी के तेजतर्रार पत्रकार और ‘भूमि न्यूज़ लाइव’ को अपनी मेहनत से सींचने वाले सुमित चौधरी की माता जी के आकस्मिक निधन से आज मानवता और पत्रकारिता जगत मर्माहत है। यह केवल एक परिवार की क्षति नहीं है, बल्कि उस प्रेरणापुंज का अंत है जिसने समाज को एक निर्भीक पत्रकार दिया।

संघर्षों की जननी और सफलता का आधार

सुमित चौधरी ने शून्य से शिखर तक का जो सफर तय किया, उसमें उनकी माता जी का योगदान किसी हिमालय से कम नहीं था। भूमि न्यूज़ लाइव को झंझारपुर में स्थापित करने और उसे जनता की आवाज़ बनाने के पीछे सुमित के जुनून के साथ-साथ उनकी माँ की दुआओं का पहरा था। उन्होंने न केवल अपने बेटे को संस्कार दिए, बल्कि विषम परिस्थितियों में भी ‘सत्य’ के मार्ग पर अडिग रहने का साहस प्रदान किया।

सुमित चौधरी जी की माता जी का जाना पत्रकारिता जगत के लिए एक व्यक्तिगत क्षति है। सुमित जी ने जिस ईमानदारी से ‘भूमि न्यूज़’ को आगे बढ़ाया, उसमें उनकी माता जी के संस्कारों की स्पष्ट झलक दिखती है। ईश्वर उन्हें अपने श्रीचरणों में स्थान दें।- कार्तिक कुमार, पत्रकार, भूमि न्यूज लाइव

भूमि न्यूज़ लाइव की पूरी टीम और समस्त पत्रकार साथी इस वज्रपात की घड़ी में सुमित चौधरी के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं।

विनम्र श्रद्धांजलि! ॐ शांति!

⛽ पेट्रोल पंप पर सिर्फ 0 देखना काफी नहीं! तेल डलवाते समय ऐसे होता है आपके साथ खेल, इन 5 बातों का रखें खास ख्याल

Petrol Pump Fuel Purity Test and Meter Reading Fraud Awareness

आज के दौर में पेट्रोल और डीजल की कीमतें आसमान छू रही हैं। ऐसे में जब हम फ्यूल स्टेशन पर जाते हैं, तो हमारा पूरा ध्यान केवल मीटर के शून्य (0) पर होता है। जैसे ही कर्मचारी जीरो दिखाता है, हम निश्चिंत हो जाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि असली खेल जीरो के बाद शुरू होता है?

पेट्रोल पंपों पर ठगी का तरीका अब बदल चुका है। मिलावटी तेल या गलत तरीके से फ्यूल भरने से न सिर्फ आपकी जेब पर असर पड़ता है, बल्कि आपकी गाड़ी का कीमती इंजन भी समय से पहले दम तोड़ सकता है।

1. क्वांटिटी (मात्रा) का खेल: नोज़ल पर रखें नजर

मीटर में 0 देखना जरूरी है, लेकिन यह पर्याप्त नहीं है। तेल भरते समय ध्यान दें कि सेल्समैन ने नोज़ल को आपकी गाड़ी की टंकी में ठीक से लॉक किया है या नहीं।

  • सावधानी: अगर कर्मचारी बार-बार नोज़ल के हैंडल को दबा रहा है या बीच में रोक रहा है, तो समझ लीजिए कि तेल की मात्रा में हेर-फेर हो रही है। रुक-रुक कर तेल भरने से पाइप में हवा का दबाव बनता है, जिससे मीटर तो तेज भागता है लेकिन तेल कम निकलता है।

2. फ्यूल की शुद्धता: फिल्टर पेपर टेस्ट (Filter Paper Test)

सिर्फ मात्रा ही नहीं, तेल की क्वालिटी भी मायने रखती है। मिलावटी पेट्रोल आपके इंजन को अंदर से खोखला कर सकता है। भारत में हर ग्राहक को फिल्टर पेपर टेस्ट करने का कानूनी अधिकार है।

  • कैसे करें: पेट्रोल पंप कर्मचारी से एक सफेद फिल्टर पेपर मांगें और उस पर पेट्रोल की कुछ बूंदें डालें।
  • नतीजा: अगर पेट्रोल उड़ने के बाद पेपर पर कोई गहरा दाग रह जाता है, तो समझ लीजिए पेट्रोल मिलावटी है। शुद्ध पेट्रोल पूरी तरह उड़ जाता है और पेपर साफ रहता है।

3. 5 लीटर टेस्ट: यह आपका अधिकार है

अगर आपको लगता है कि मीटर में 10 लीटर दिख रहा है लेकिन गाड़ी में कम तेल गया है, तो आप क्वांटिटी टेस्ट की मांग कर सकते हैं। नियम के अनुसार, हर पेट्रोल पंप पर सरकारी मुहर लगा हुआ 5 लीटर का माप (Measuring Jar) होना अनिवार्य है। आप उसमें तेल डलवाकर चेक कर सकते हैं कि मशीन सही माप दे रही है या नहीं।

4. ध्यान भटकना मतलब जेब कटना

अक्सर पेट्रोल पंपों पर कर्मचारी आपको बातों में उलझा देते हैं या किसी और स्कीम के बारे में बताने लगते हैं। इसी बीच वे मीटर में हेर-फेर या रीडिंग जंप करवा देते हैं।

  • टिप: जब तक आपकी गाड़ी में तेल भरा जा रहा है, अपना पूरा ध्यान डिस्प्ले और नोज़ल पर रखें। किसी के भी कहने पर अपना ध्यान न भटकाएं।

5. बिल मांगना न भूलें

ज्यादातर लोग तेल डलवाने के बाद बिल नहीं लेते। डिजिटल ज़माने में भी पक्का बिल या ई-रसीद लेना बहुत जरूरी है।

  • क्यों जरूरी है: अगर बाद में आपकी गाड़ी के इंजन में मिलावट की वजह से खराबी आती है, तो बिना बिल के आप कोई भी कानूनी शिकायत दर्ज नहीं करा पाएंगे। बिल आपके पास मौजूद सबसे बड़ा सबूत है।

सावधानी ही बचाव है। अगली बार जब आप पेट्रोल पंप पर जाएं, तो खुद को सिर्फ 0 तक सीमित न रखें। क्वांटिटी (मात्रा) + क्वालिटी (शुद्धता) दोनों की जांच करें। आपकी थोड़ी सी जागरूकता आपको आर्थिक नुकसान और गाड़ी की बड़ी मरम्मत (Repairing) से बचा सकती है।

इंसानियत दिखाने की सजा सिर्फ मौत? फारबिसगंज की बुजदिली बनाम फुलपरास की हिम्मत का खौफनाक अंत!

Jitendra Yadav Murder Case Sugapatti Phulparas Madhubani

मधुबनी (फुलपरास): बिहार के समाज में आज एक बहुत बड़ा और कड़वा सवाल खड़ा हो गया है—क्या किसी की जान बचाना या मदद के लिए आगे बढ़ना अपनी मौत को दावत देना है? अभी दो दिन पहले फारबिसगंज की उस वीडियो ने देशभर को झकझोर दिया था, जहाँ लोग एक युवक का सिर कटते हुए देख रहे थे और मोबाइल से वीडियो बना रहे थे। तब हर तरफ से आवाज आई कि इंसानियत मर चुकी है। लेकिन शनिवार शाम मधुबनी के फुलपरास में जो हुआ, उसने बता दिया कि अगर इंसानियत जिंदा रहती है, तो उसकी कीमत अपनी जान देकर चुकानी पड़ती है।

क्या है सुगापट्टी की पूरी घटना?

मामला फुलपरास थाना क्षेत्र के सुगापट्टी का है। यहाँ के भारती चौक (ग्रामीण हाट) पर दो गुटों के बीच विवाद हो रहा था। माहौल गरमाता देख 40 वर्षीय जितेंद्र यादव ने एक जागरूक नागरिक और पड़ोसी का धर्म निभाने की सोची। वे बीच-बचाव करने पहुँचे ताकि झगड़ा शांत हो सके। लेकिन अपराधियों को उनकी यह इंसानियत रास नहीं आई।

आरोप है कि अपराधियों ने बीच-बचाव कर रहे जितेंद्र को ही निशाना बनाया और उनके मासूम बेटे के सामने ही उनकी कनपटी पर पिस्टल सटाकर गोली मार दी। जितेंद्र की मौके पर ही मौत हो गई।

फारबिसगंज बनाम फुलपरास: समाज के सामने धर्मसंकट

यह घटना सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि उस भरोसे का कत्ल है जो समाज को जोड़कर रखता है।

  • फारबिसगंज की घटना: लोग मूकदर्शक बने रहे क्योंकि उन्हें अपनी जान का डर था। पूरे देश ने उन्हें बुजदिल कहा।
  • फुलपरास की घटना: यहाँ जितेंद्र यादव ने हिम्मत दिखाई, बुजदिल नहीं बने और मदद के लिए आगे आए। नतीजा? उन्हें अपनी जान से हाथ धोना पड़ा।

ऐसे में सवाल उठता है कि आम आदमी क्या करे? अगर वह मदद न करे तो ‘पत्थर दिल’ और अगर मदद के लिए बढ़े तो अपराधियों का अगला शिकार

अनाथ हुए चार बच्चे, कौन है जिम्मेदार?

दिल्ली में मजदूरी कर अपने परिवार का पेट पालने वाले जितेंद्र यादव अपने पीछे पत्नी और चार नाबालिग बच्चों को छोड़ गए हैं। परिजनों ने नीतीश और सरोज नामक व्यक्तियों पर इस जघन्य हत्याकांड का आरोप लगाया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और छापेमारी जारी है, लेकिन क्या पुलिस की ये कार्रवाई जितेंद्र के बच्चों को उनका पिता लौटा पाएगी?

दम तोड़ती व्यवस्था और बढ़ता डर

सुगापट्टी की इस वारदात ने अपराधियों के मन से कानून का खौफ पूरी तरह खत्म होने की पुष्टि कर दी है। जब बीच-बचाव करने वाले ही सुरक्षित नहीं रहेंगे, तो समाज में मदद शब्द लुप्त हो जाएगा। यह घटना हमारे सिस्टम और पुलिस प्रशासन के लिए एक खुली चुनौती है

मधुबनी: सुगापट्टी हत्याकांड में गम और गुस्से के बीच हुआ अंतिम संस्कार, सरेआम मुंह में मारी गई थी गोली

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फुलपरास (मधुबनी): मधुबनी जिले के फुलपरास थाना क्षेत्र अंतर्गत सुगापट्टी गांव में शनिवार की शाम हुई जघन्य हत्या के बाद रविवार को पूरे इलाके में मातमी सन्नाटा पसरा रहा। भारती चौक पर हुई गोलीबारी में जान गंवाने वाले जितन उर्फ जितेन्द्र यादव का रविवार को गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार कर दिया गया।

क्या है पूरी घटना?

​शनिवार की देर शाम सुगापट्टी निवासी विरो यादव के 42 वर्षीय पुत्र जितेन्द्र यादव भारती चौक पर मौजूद थे। इसी दौरान अज्ञात अपराधियों ने अत्यंत करीब से उनके मुंह में गोली मार दी। गोली लगते ही जितेन्द्र की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद अपराधी अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में सफल रहे। इस हत्या से गाँव में अफरा-तफरी मच गई और लोग दहशत में आ गए।

पोस्टमार्टम के बाद गांव पहुंचा शव, मचा कोहराम

​रविवार को पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर उसे परिजनों को सौंप दिया। जैसे ही जितेन्द्र का शव उनके पैतृक गांव पहुंचा, परिजनों की चीख-पुकार से माहौल अत्यंत हृदयविदारक हो गया। मृतक के छोटे-छोटे बच्चों और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव के सैकड़ों लोग जितेन्द्र को अंतिम विदाई देने उनके घर पहुंचे।

नम आंखों से दी गई अंतिम विदाई

​रविवार की दोपहर स्थानीय श्मशान घाट पर जितेन्द्र यादव का अंतिम संस्कार संपन्न हुआ। मुखाग्नि दिए जाते समय मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम थीं। ग्रामीणों में घटना को लेकर भारी आक्रोश है। स्थानीय लोगों का कहना है कि भारती चौक जैसे सार्वजनिक स्थान पर ऐसी वारदात पुलिस गश्ती और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

पुलिसिया कार्रवाई और जांच

​फुलपरास थाना पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच तेज कर दी है। पुलिस के अनुसार:

​हत्या के पीछे के कारणों का पता लगाने के लिए परिजनों और स्थानीय लोगों से पूछताछ की जा रही है।

​घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए गए हैं।

​संदिग्धों की धरपकड़ के लिए छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है।

हत्या के पीछे के कारणों का पता लगाने के लिए परिजनों और स्थानीय लोगों से पूछताछ की जा रही है।

प्रमुख जानकारी एक नजर में:

कॉलमविवरण
मृतकजितन उर्फ जितेन्द्र यादव (42 वर्ष)
स्थानभारती चौक, सुगापट्टी
वारदात का समयशनिवार, देर शाम
अंतिम संस्काररविवार, देर शाम

प्रशासनिक मांग: ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से मांग की है कि पीड़ित परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए और अपराधियों की पहचान कर जल्द से जल्द स्पीडी ट्रायल के जरिए उन्हें कड़ी सजा दिलाई जाए।