
मधुबनी: जिले में अपराध नियंत्रण और कांडों के त्वरित निष्पादन (Disposal) की दिशा में मधुबनी पुलिस ने एक और बड़ा कदम बढ़ाया है। अब आपराधिक वारदातों के बाद फॉरेंसिक जांच के लिए लंबी प्रतीक्षा नहीं करनी पड़ेगी। मधुबनी पुलिस के बेड़े में अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस ‘चलंत विधि विज्ञान प्रयोगशाला’ (Mobile Forensic Science Laboratory) शामिल हो गई है।
शनिवार को मधुबनी के पुलिस अधीक्षक (SP) योगेंद्र कुमार ने पुलिस केंद्र परिसर में इस नई वैन का बारीकी से निरीक्षण किया और इसकी कार्यप्रणाली को समझा।
SP ने जांची वैन की तकनीकी खूबियां:
एसपी योगेंद्र कुमार ने वैन के अंदर मौजूद फॉरेंसिक किट्स और उपकरणों का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि यह वाहन आधुनिक तकनीक से लैस है। इसमें घटना स्थल से ही साक्ष्य (Evidence) जुटाने की पूरी व्यवस्था है।

वैन की मुख्य विशेषताएं:
- ब्लड सैम्पल कलेक्शन: खून के धब्बों की जांच और नमूने लेने की किट।
- फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट: उंगलियों के निशान उठाने और सुरक्षित रखने के उपकरण।
- DNA टेस्टिंग किट: जैविक साक्ष्यों को सुरक्षित रखने की व्यवस्था।
- क्राइम सीन फोटोग्राफी: घटनास्थल की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी के लिए हाई-टेक कैमरे।
अब अपराधियों का बचना होगा मुश्किल:
अब तक, किसी बड़ी घटना (जैसे हत्या, लूट, या डकैती) के बाद फॉरेंसिक टीम को मुजफ्फरपुर या पटना से बुलाना पड़ता था, जिससे साक्ष्य मिटने का खतरा रहता था और समय भी बर्बाद होता था।
इस मोबाइल वैन के आने से:
- घटना के तुरंत बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंचकर वैज्ञानिक साक्ष्य जुटा सकेगी।
- कोर्ट में पुख्ता सबूत पेश किए जा सकेंगे, जिससे सजा की दर (Conviction Rate) बढ़ेगी।
- ब्लाइंड केस (जिनमें कोई सुराग नहीं होता) को सुलझाने में मदद मिलेगी।
CM ने दी थी सौगात:
गौरतलब है कि हाल ही में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य की पुलिसिंग को स्मार्ट बनाने के लिए पटना से 34 मोबाइल फॉरेंसिक वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। इसी के तहत मधुबनी जिले को भी यह सौगात मिली है। एसपी ने जिले की फॉरेंसिक टीम और पुलिस पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि सूचना मिलते ही वैन के साथ घटनास्थल पर पहुंचना सुनिश्चित करें।
