मुंगेर प्रमंडल का पूरा ‘एक्स-रे’: मुंगेर, बेगूसराय से जमुई तक, जानिए हर जिले में कितने प्रखंड, थाना और कोर्ट हैं

बिहार का मुंगेर प्रमंडल (Munger Division) ऐतिहासिक, औद्योगिक और राजनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है। गंगा के किनारे बसा यह प्रमंडल 6 जिलों का समूह है—मुंगेर, बेगूसराय, जमुई, खगड़िया, लखीसराय और शेखपुरा

अक्सर देखा गया है कि आम जनता, छात्र और यहाँ तक कि स्थानीय पत्रकार भी अपने जिले के प्रशासनिक और न्यायिक ढांचे (Administrative & Judicial Structure) को लेकर कन्फ्यूज रहते हैं। किस अनुमंडल में कितने प्रखंड हैं? आपके इलाके का SDO कोर्ट कहाँ है? व्यवहार न्यायालय की स्थिति क्या है?

आज Bhoomi News Live आपको मुंगेर प्रमंडल के हर जिले की सटीक ‘एक्स-रे’ रिपोर्ट दे रहा है।


1. मुंगेर जिला: योग नगरी का प्रशासनिक ढांचा

मुंगेर प्रमंडल का मुख्यालय भी मुंगेर ही है। यहाँ कमिश्नर (आयुक्त) बैठते हैं।

  • कुल अनुमंडल (Sub-divisions): 03
  • कुल प्रखंड (Blocks): 09
  • पुलिस थाने: लगभग 20 (महिला, SC/ST, साइबर थाना सहित)।

अनुमंडल और प्रखंडों की सूची:

  1. मुंगेर सदर अनुमंडल (4 प्रखंड): मुंगेर सदर, जमालपुर, बरियारपुर, धरहरा।
  2. खड़गपुर अनुमंडल (2 प्रखंड): हवेली खड़गपुर, टेटिया बम्बर।
  3. तारापुर अनुमंडल (3 प्रखंड): तारापुर, असरगंज, संग्रामपुर।

न्यायालय (Courts):

  • व्यवहार न्यायालय (Civil Court): मुंगेर जिला मुख्यालय में स्थित है।
  • SDO कोर्ट: 3 (मुंगेर सदर, खड़गपुर और तारापुर)। यहाँ धारा 144/107 की सुनवाई होती है।
  • रेवेन्यू कोर्ट: लगभग 13 (9 CO कोर्ट + 3 DCLR कोर्ट + जिला कोर्ट)।

2. बेगूसराय जिला: बिहार का औद्योगिक शहर

यह प्रमंडल का सबसे बड़ा और व्यस्त जिला है, इसलिए यहाँ का न्यायिक ढांचा काफी विस्तृत है।

  • कुल अनुमंडल: 05
  • कुल प्रखंड: 18
  • पुलिस थाने: 35 से अधिक थाने और ओपी।

अनुमंडल और प्रखंडों की सूची:

  1. बेगूसराय सदर (5 प्रखंड): बेगूसराय, बरौनी, मटिहानी, बीरपुर, शाम्हो अकहा कुरहा।
  2. मंझौल (3 प्रखंड): चेरिया बरियारपुर, छौड़ाही, खोदावंदपुर।
  3. तेघड़ा (4 प्रखंड): तेघड़ा, बछवाड़ा, भगवानपुर, मंसूरचक।
  4. बलिया (3 प्रखंड): बलिया, डंडारी, साहेबपुर कमाल।
  5. बखरी (3 प्रखंड): बखरी, गढ़पुरा, नावकोठी।

न्यायालय (Courts) – विशेष जानकारी:

  • व्यवहार न्यायालय: बेगूसराय मुख्यालय में मुख्य कोर्ट है। इसके अलावा, मंझौल, तेघड़ा, बलिया और बखरी अनुमंडलों में भी एसीजेएम (ACJM/SDJM) कोर्ट कार्यरत हैं।
  • SDO कोर्ट: 5 (सभी अनुमंडल मुख्यालयों में)।
  • रेवेन्यू कोर्ट: 25 से अधिक।

3. जमुई जिला: प्रकृति की गोद में

जमुई जिला क्षेत्रफल में बड़ा है और यहाँ एक ही विशाल अनुमंडल है।

  • कुल अनुमंडल: 01 (जमुई सदर)
  • कुल प्रखंड: 10
  • पुलिस थाने: लगभग 20-22।

अनुमंडल और प्रखंडों की सूची:

  • जमुई सदर अनुमंडल (10 प्रखंड): जमुई, झाझा, सोनो, चकाई, सिकन्दरा, खैरा, बरहट, गिद्धौर, लक्ष्मीपुर और इस्लामनगर अलीगंज।

न्यायालय (Courts):

  • व्यवहार न्यायालय: जमुई शहर में।
  • SDO कोर्ट: 1 (जमुई)।
  • रेवेन्यू कोर्ट: 12 (10 CO कोर्ट + 1 DCLR कोर्ट + जिला कोर्ट)।

4. खगड़िया जिला: सात नदियों का शहर

बाढ़ और नदियों से घिरा यह जिला प्रशासनिक रूप से दो भागों में बंटा है।

  • कुल अनुमंडल: 02
  • कुल प्रखंड: 07
  • पुलिस थाने: लगभग 15।

अनुमंडल और प्रखंडों की सूची:

  1. खगड़िया सदर (4 प्रखंड): खगड़िया, अलौली, चौथम, मानसी।
  2. गोगरी (3 प्रखंड): गोगरी, परबत्ता, बेलदौर।

न्यायालय (Courts):

  • व्यवहार न्यायालय: खगड़िया शहर में।
  • SDO कोर्ट: 2 (खगड़िया सदर और गोगरी)।
  • रेवेन्यू कोर्ट: 10 (7 CO कोर्ट + 2 DCLR कोर्ट + जिला कोर्ट)।

5. लखीसराय जिला: धर्म और इतिहास का संगम

  • कुल अनुमंडल: 01 (लखीसराय सदर)
  • कुल प्रखंड: 07
  • पुलिस थाने: 12 से 15।

अनुमंडल और प्रखंडों की सूची:

  • लखीसराय सदर अनुमंडल (7 प्रखंड): लखीसराय, बड़हिया, सूरजगढ़ा, हलसी, पिपरिया, रामगढ़ चौक, चानन।

न्यायालय (Courts):

  • व्यवहार न्यायालय: लखीसराय शहर में।
  • SDO कोर्ट: 1 (लखीसराय)।

6. शेखपुरा जिला: छोटा मगर अहम

यह बिहार के सबसे छोटे जिलों में से एक है।

  • कुल अनुमंडल: 01 (शेखपुरा सदर)
  • कुल प्रखंड: 06
  • पुलिस थाने: लगभग 13 (7 थाने + 6 ओपी)।

अनुमंडल और प्रखंडों की सूची:

  • शेखपुरा सदर अनुमंडल (6 प्रखंड): शेखपुरा, बरबीघा, अरियरी, चेवाड़ा, घाटकुसुम्भा, शेखोपुर सराय।

न्यायालय (Courts):

  • व्यवहार न्यायालय: शेखपुरा शहर में।
  • SDO कोर्ट: 1 (शेखपुरा)।

आसान भाषा में समझें: कौन सा कोर्ट क्या करता है?

रिपोर्टिंग और कानूनी जानकारी के लिए यह अंतर समझना जरुरी है:

  • व्यवहार न्यायालय (Civil/Criminal Court): यहाँ जज (Judge) फैसला सुनाते हैं। आपराधिक मामले (हत्या, चोरी, मारपीट) और संपत्ति के मालिकाना हक (Title Suit) के फैसले यहाँ होते हैं।
  • SDO/SDM कोर्ट (Executive Magistrate): यह दंडाधिकारी का कोर्ट है। यहाँ धारा 144 (निषेधाज्ञा), धारा 107 (बांड डाउन) और धारा 145 (जमीन कब्ज़ा विवाद) की सुनवाई होती है। इनका काम ‘लॉ एंड ऑर्डर’ बनाए रखना है।
  • रेवेन्यू कोर्ट (CO/DCLR): यह पूर्णतः जमीन से जुड़ा कोर्ट है। यहाँ दाखिल-खारिज (Mutation), रसीद कटवाना, और जमीन मापी के विवाद सुलझाए जाते हैं।

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डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी सरकारी रिकॉर्ड्स पर आधारित है। प्रशासनिक बदलाव संभव हैं, इसलिए आधिकारिक पुष्टि के लिए जिले की वेबसाइट जरूर देखें।