
बिहार दिवस के विशेष अवसर पर प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार और बिहार के समस्त नागरिकों को हार्दिक शुभकामनाएं भेजी हैं। 22 मार्च, 2026 को लिखे गए इस संदेश में प्रधानमंत्री ने बिहार के प्राचीन इतिहास से लेकर आधुनिक विकास की यात्रा और वैश्विक पहचान तक का भावपूर्ण उल्लेख किया है।
आइए जानते हैं प्रधानमंत्री के इस पत्र की मुख्य बातें:
1. प्राचीन ज्ञान और नैतिकता की धरती
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में बिहार को ज्ञान, आध्यात्मिकता और नैतिक मूल्यों की जननी बताया। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि:
- भगवान बुद्ध के विचार आज भी वैश्विक चेतना का हिस्सा हैं।
- आचार्य चाणक्य और सम्राट चंद्रगुप्त मौर्य की जोड़ी ने इसी भूमि से एक सशक्त और संगठित भारत की नींव रखी थी।
- बिहार की यह विरासत आज भी भारत की सोच और दिशा को प्रेरित करती है।
2. ‘कड़ी मेहनत और प्रतिभा’ की वैश्विक पहचान
प्रधानमंत्री ने बिहार के लोगों की कर्मठता की सराहना करते हुए कहा कि बिहारवासियों ने दुनिया भर में अपनी मेहनत और ईमानदारी से एक अलग पहचान बनाई है। चाहे सेवा क्षेत्र हो, उद्योग, शिक्षा या कला-संगीत, हर जगह बिहार का योगदान अतुलनीय है।
उन्होंने अपने मुख्यमंत्री काल के दिनों को याद करते हुए बताया कि कैसे सूरत के विकास में बिहार के लोगों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। साथ ही, मॉरीशस, गुयाना और त्रिनिदाद एंड टोबैगो जैसे देशों में भी बिहार की संस्कृति के फलने-फूलने पर गर्व व्यक्त किया।
3. लोकतंत्र के रक्षक और महान विभूतियां
पत्र में बिहार की उन महान विभूतियों को नमन किया गया जिन्होंने भारत के लोकतंत्र को आकार दिया:
- चंपारण सत्याग्रह: महात्मा गांधी ने यहीं से आजादी के संघर्ष को नई ऊर्जा दी।
- संविधान निर्माण: डॉ. राजेंद्र प्रसाद, सच्चिदानंद सिन्हा और बाबू जगजीवन राम के योगदान को याद किया गया।
- लोकतंत्र की रक्षा: 1970 के दशक में लोकनायक जयप्रकाश नारायण के संघर्ष और जननायक कर्पूरी ठाकुर जी को ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किए जाने का भी जिक्र हुआ।
4. विकास के नए आयाम: केंद्र और राज्य की जुगलबंदी
प्रधानमंत्री ने पिछले एक दशक में बिहार में हुए बुनियादी बदलावों और केंद्र सरकार की योजनाओं की सफलता के आंकड़े साझा किए:
| योजना का नाम | उपलब्धि (बिहार में) |
|---|---|
| पीएम आवास योजना | 40 लाख से अधिक घर निर्मित |
| उज्ज्वला योजना | 1.20 करोड़ से अधिक गैस कनेक्शन |
| सौभाग्य योजना | हर घर तक बिजली की पहुंच |
| पीएम किसान सम्मान निधि | किसानों के खातों में ₹30,000 करोड़ से अधिक |
| लखपति दीदी | 31 लाख से अधिक महिलाएं बनीं आत्मनिर्भर |
5. सांस्कृतिक विस्तार: महापर्व छठ
प्रधानमंत्री ने कहा कि बिहार की सांस्कृतिक परंपराएं अब वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना रही हैं। महापर्व छठ इसका सबसे सशक्त उदाहरण है, जो अब न केवल भारत बल्कि दुनिया भर में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है।
प्रधानमंत्री का यह पत्र न केवल बिहार के गौरवशाली अतीत की याद दिलाता है, बल्कि राज्य के उज्ज्वल भविष्य और विकास के प्रति केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है। बिहार के लोगों की ‘सांस्कृतिक समृद्धि’ और ‘विकास की आकांक्षा’ ही आज के नए भारत की पहचान बन रही है।