विधानसभा चुनाव परिणाम: पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी में NDA की जीत पर दी बधाई

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पटना: बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी के विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के प्रदर्शन पर खुशी जाहिर की है। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए विजयी उम्मीदवारों और कार्यकर्ताओं को बधाई दी।

प्रधानमंत्री के नेतृत्व में अटूट विश्वास

​पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने संदेश में कहा कि इन राज्यों के चुनाव परिणाम बताते हैं कि जनता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व पर एक बार फिर अपना पूर्ण विश्वास व्यक्त किया है। उन्होंने इसे विकास की जीत बताते हुए कहा:

​यह जनादेश पश्चिम बंगाल, असम एवं पुडुचेरी में विकास, सुशासन और जनकल्याण के कार्यों को नई गति प्रदान करेगा।

सुशासन और विकास का एजेंडा

​नीतीश कुमार, जो स्वयं बिहार में सुशासन के मॉडल के लिए जाने जाते हैं, इस बात पर जोर दिया कि जनता अब केवल खोखले वादों के बजाय धरातल पर होने वाले विकास कार्यों को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि इन क्षेत्रों में एनडीए की सरकारें आने वाले समय में जनहित और बुनियादी ढांचे के सुधार के लिए मजबूती से काम करेंगी।

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राजनीतिक गलियारों में हलचल

​पूर्व मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। जानकारों का मानना है कि नीतीश कुमार का यह संदेश एनडीए के भीतर एकजुटता को और मजबूत करेगा और विकास के साझा एजेंडे को आगे बढ़ाने में मदद करेगा।

राजभवन में जब जय-वीरू की जोड़ी ने बटोरी सुर्खियां, बिजय चौधरी बने गूगल मैप और मिल गई नजरें

Bijendra Yadav and Nitish Kumar smiling at Raj Bhavan Patna

पटना। बिहार की राजनीति में 14 अप्रैल 2026 का दिन इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया। एक तरफ नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देकर सबको चौंकाया, तो दूसरी तरफ राजभवन में हुए शपथ ग्रहण समारोह में दोस्ती और भरोसे का एक ऐसा वीडियो सामने आया जिसने सबका दिल जीत लिया। यह कहानी है बिजेंद्र प्रसाद यादव और नीतीश कुमार की, जिसमें विजय कुमार चौधरी ने तड़का लगा दिया।

शपथ ली, हस्ताक्षर किए… फिर शुरू हुई तलाश

सफेद कुर्ते-पाजामे में सजे बिजेंद्र प्रसाद यादव जैसे ही मंच पर शपथ लेने पहुंचे, पूरा हॉल तालियों से गूंज उठा। शपथ पूरी हुई, उन्होंने कागजों पर दस्तखत किए और फिर जो हुआ वह किसी फिल्मी सीन से कम नहीं था। विजेंद्र बाबू अपनी जगह पर ठिठक गए। वे अपनी गर्दन घुमाकर इधर-उधर देखने लगे। प्रोटोकॉल कहता है कि शपथ के बाद मुख्यमंत्री का अभिवादन करना होता है, लेकिन विजेंद्र यादव को भीड़ में अपने पुराने दोस्त नीतीश कुमार नजर नहीं आ रहे थे।

विजय चौधरी का ‘इशारा’ और खिलखिला उठे नीतीश

बिजेंद्र यादव की यह बेचैनी वहां पास ही बैठे विजय कुमार चौधरी की नजरों से नहीं छुपी। विजय चौधरी ने तुरंत मोर्चा संभाला और मुस्कुराते हुए इशारों-इशारों में बिजेंद्र बाबू को रास्ता दिखाया। उन्होंने हाथ से इशारा किया— “साहब वहां बैठे हैं!”

विजय चौधरी का इशारा मिलते ही बिजेंद्र यादव की नजरें नीतीश कुमार से जा टकराईं। जैसे ही नजर से नजर मिली, दोनों नेताओं के चेहरे पर एक ऐसी चमक और मुस्कान आई जैसे सालों बाद दो बिछड़े दोस्त मिले हों। बिजेंद्र यादव ने प्रणाम किया और नीतीश कुमार ने भी बड़े प्यार से उनका अभिवादन स्वीकार किया।

दोस्ती की वो केमिस्ट्री, जो कुर्सी से ऊपर है

बिहार की राजनीति में नीतीश, बिजेंद्र और विजय चौधरी की यह तिकड़ी दशकों पुरानी है। सोशल मीडिया पर लोग कह रहे हैं कि:

  • बिजेंद्र यादव: वो अटूट विश्वास जो नीतीश के साथ हर तूफान में खड़ा रहा।
  • विजय चौधरी: वो संकटमोचक जो हमेशा पुल का काम करते हैं।

क्यों वायरल हो रहा है यह पल?

राजनीति अक्सर कड़वाहट और दांव-पेंच के लिए जानी जाती है। ऐसे में राजभवन के गंभीर माहौल के बीच यह अजब-गजब वाकया बताता है कि पद आते-जाते रहते हैं, लेकिन जो साथ संघर्षों में बना रहता है, वही असली दौलत है।

​Elected बनाम Selected: तेजस्वी यादव का सम्राट चौधरी पर तीखा हमला, विकास के आंकड़ों पर घेरा

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पटना: बिहार की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत के साथ ही वार-पलटवार का दौर तेज हो गया है। बीजेपी नेता सम्रट चौधरी के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद, बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक बेहद तल्ख और कटाक्षपूर्ण पोस्ट साझा की है। तेजस्वी ने सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री बनने पर बधाई तो दी, लेकिन उनके कार्यकाल की चुनौतियों और बिहार की मौजूदा स्थिति को लेकर सरकार को आईना दिखाने में कोई कसर नहीं छोड़ी।

निर्वाचित और चयनित का राजनीतिक खेल

​तेजस्वी यादव ने अपने पोस्ट की शुरुआत में ही नीतीश कुमार को Elected (निर्वाचित) और सम्राट चौधरी को Selected (चयनित) मुख्यमंत्री बताकर बड़ा राजनीतिक कटाक्ष किया। उन्होंने सम्राट चौधरी को नीतीश कुमार को गद्दी से उतारने की उनकी प्रतिज्ञा पूर्ण करने पर बधाई दी, लेकिन साथ ही यह भी संकेत दिया कि वे जनता के सीधे जनादेश से नहीं बल्कि गठबंधन की जोड़-तोड़ से इस कुर्सी तक पहुँचे हैं।

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नीति आयोग के आंकड़ों से सरकार को घेरा

​तेजस्वी ने बिहार के पिछड़ेपन का मुद्दा उठाते हुए 21 वर्षों के NDA शासन पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने नए मुख्यमंत्री को याद दिलाया कि बिहार आज भी कई राष्ट्रीय मानकों पर सबसे निचले पायदान पर है। तेजस्वी ने अपने पोस्ट में निम्नलिखित प्रमुख मुद्दों का जिक्र किया:

  • शिक्षा और स्वास्थ्य: गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था का भारी अभाव।
  • अर्थव्यवस्था: निवेश की कमी, आय में गिरावट और खपत के घटते आंकड़े।
  • बेरोजगारी और पलायन: युवाओं को नौकरी न मिलना और राज्य से लगातार होता पलायन।
  • विधि व्यवस्था: राज्य में ध्वस्त हो चुकी कानून व्यवस्था और असुरक्षा का माहौल।

‘बिहारी स्वाभिमान’ को बताया सर्वोच्च

​तेजस्वी यादव ने सम्राट चौधरी को सचेत करते हुए कहा कि वे “बाहरियों के दिशा-निर्देशों” के आगे बिहारियों के स्वाभिमान को गिरवी न रखें। उनका इशारा स्पष्ट रूप से केंद्र सरकार के हस्तक्षेप की ओर था। उन्होंने आशा व्यक्त की कि मुख्यमंत्री बिहार की उन्नति और शांति के लिए सशक्त तरीके से काम करेंगे।

प्रादुर्भाव से समाजवादी श्री सम्राट चौधरी जी को पुनः हार्दिक शुभकामनाएं।तेजस्वी यादव

सियासी गलियारों में हलचल

​सम्राट चौधरी, जिन्होंने कभी नीतीश कुमार को सत्ता से हटाने तक अपना साफा (मुरेठा) न खोलने की कसम खाई थी, अब खुद मुख्यमंत्री की कुर्सी पर आसीन हैं। ऐसे में तेजस्वी यादव का यह पोस्ट न केवल एक चुनौती है, बल्कि आने वाले विधानसभा चुनावों के लिए विपक्ष के एजेंडे की एक झलक भी है। अब देखना यह होगा कि नई सरकार इन तीखे सवालों का जवाब अपने काम से किस तरह देती है।

नीतीश युग का ऐतिहासिक समापन: अंतिम कैबिनेट में दिखा दो महापुरुषों का आपसी सम्मान और विकास का अटूट संकल्प

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पटना: बिहार के राजनीतिक इतिहास में कुछ जोड़ियाँ ऐसी होती हैं जो सत्ता के लिए नहीं, बल्कि राज्य के नवनिर्माण के लिए बनी होती हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और ऊर्जा क्षेत्र के चाणक्य कहे जाने वाले बिजेंद्र प्रसाद यादव की जोड़ी उन्हीं में से एक है। मुख्यमंत्री पद पर रहते हुए नीतीश कुमार की यह ‘अंतिम कैबिनेट बैठक’ न केवल एक औपचारिक विदाई थी, बल्कि बिहार को अंधेरे से उजाले की ओर ले जाने वाले दो महापुरुषों के सफर का गौरवशाली उत्सव भी थी।

बिजेंद्र यादव ने एक निष्ठावान साथी के रूप में हर मुश्किल समय में साथ निभाया। आज राजनीति में उनका कद और सम्मान दिन-प्रतिदिन बढ़ता ही जा रहा है, जिसे देखते हुए नीतीश कुमार ने भी मुस्कुराते हुए कहा है— ‘बस, इसी तरह देखते रहिए’।

नीतीश का विजन और विजेंद्र का अनुभव: बिहार की प्रगति के दो पहिए

​आज जब कैबिनेट की बैठक समाप्त हुई, तो हर किसी की आँखें उन यादों से नम थीं, जिन्होंने पिछले दो दशकों में बिहार की सूरत बदली है।

  • बिजली क्रांति के नायक बिजेंद्र यादव: बिजेंद्र प्रसाद यादव का नाम बिहार के इतिहास में उस व्यक्ति के रूप में दर्ज होगा जिसने राज्य के कोने-कोने तक बिजली पहुँचाई। उनके कुशल प्रबंधन और कड़ी मेहनत का ही परिणाम है कि आज बिहार का कोई भी गाँव अंधेरे में नहीं है। ‘लालटेन’ से ‘एलईडी’ तक का यह सफर बिजेंद्र बाबू के अटूट परिश्रम के बिना संभव नहीं था।
  • सुशासन के पर्याय नीतीश कुमार: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जिस साहस के साथ बिहार में कानून का राज स्थापित किया और बुनियादी ढाँचे (सड़क, पुल, स्कूल) का जाल बिछाया, उसने राज्य को एक नई वैश्विक पहचान दी। महिला सशक्तिकरण और ‘न्याय के साथ विकास’ उनके शासन की मुख्य पहचान रही।
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सम्मान की एक अनूठी मिसाल

​आज के दौर में जहाँ राजनीति में केवल खींचतान दिखती है, वहीं नीतीश कुमार और बिजेंद्र यादव के बीच का आपसी सम्मान देखने लायक था। मुख्यमंत्री ने सदैव बिजेंद्र बाबू के अनुभव को प्राथमिकता दी, तो वहीं बिजेंद्र यादव ने एक निष्ठावान साथी के रूप में हर मुश्किल समय में नीतीश कुमार का साथ निभाया। यह तालमेल शायद ही अब भारतीय राजनीति में फिर कभी देखने को मिले।

बिहार करेगा सादर नमन

​यह केवल एक सरकार का अंत नहीं, बल्कि एक स्वर्णिम युग का ठहराव है। बिहार की जनता हमेशा याद रखेगी कि कैसे इन दो नेताओं ने अपने व्यक्तिगत हितों को पीछे छोड़कर राज्य के विकास को सर्वोपरि रखा।

नीतीश कुमार का संकल्प और विजेंद्र यादव का कर्म; बिहार हमेशा ऋणी रहेगा इन दो महापुरुषों का।

​मुख्यमंत्री के रूप में नीतीश कुमार की इस अंतिम कैबिनेट बैठक के साथ ही एक अध्याय समाप्त हुआ है, लेकिन उनके द्वारा किए गए विकास कार्य आने वाली पीढ़ियों का मार्ग प्रशस्त करते रहेंगे। बिहार अपने इन दोनों सपूतों को उनके निस्वार्थ प्रयासों के लिए कोटि-कोटि नमन करता है!

बिहार का सियासी समीकरण बदला: खरमास खत्म होते ही नीतीश की विदाई, जानें कौन बनेगा नया CM?

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पटना: बिहार की राजनीति के लिए आज 14 अप्रैल, 2026 का दिन ऐतिहासिक होने जा रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं, जिसके बाद राज्य में पहली बार भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाली सरकार के गठन का रास्ता साफ हो जाएगा।

आज के घटनाक्रम का पूरा शेड्यूल

​बिहार सचिवालय और राजभवन के गलियारों में हलचल तेज है। आज के कार्यक्रम कुछ इस प्रकार हैं:

  • कैबिनेट की अंतिम बैठक: सुबह 11:00 बजे नीतीश कुमार अपनी आखिरी कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता करेंगे।
  • इस्तीफे का समय: माना जा रहा है कि दोपहर 3:30 बजे नीतीश कुमार राजभवन जाकर राज्यपाल को अपना त्यागपत्र सौंप देंगे।
  • भाजपा विधायक दल की बैठक: दोपहर 2:00 बजे भाजपा विधायकों की अहम बैठक होगी, जिसमें नए नेता के नाम पर मुहर लगेगी।
  • एनडीए की संयुक्त बैठक: शाम 4:00 बजे NDA के सभी घटक दलों की बैठक होगी, जिसमें औपचारिक रूप से नए मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान किया जाएगा।

कौन होगा बिहार का अगला मुख्यमंत्री?

​सूत्रों के अनुसार, भाजपा ने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पर्यवेक्षक बनाकर पटना भेजा है। मुख्यमंत्री पद की रेस में ये नाम सबसे आगे हैं:

  1. सम्राट चौधरी: वर्तमान उपमुख्यमंत्री और भाजपा के कद्दावर नेता।
  2. नित्यानंद राय: केंद्रीय गृह राज्य मंत्री।
  3. निशांत कुमार: नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार के भी नई सरकार में उपमुख्यमंत्री के रूप में शामिल होने की प्रबल संभावना है।

कल हो सकता है शपथ ग्रहण

​नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह कल, 15 अप्रैल को सुबह 11:00 बजे आयोजित होने की संभावना है। इस समारोह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के शामिल होने की उम्मीद जताई जा रही है।

विशेष नोट: नीतीश कुमार ने हाल ही में राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ली है। वे अब दिल्ली की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाएंगे। आज अंबेडकर जयंती और खरमास की समाप्ति के अवसर पर इस बड़े बदलाव को अंजाम दिया जा रहा है।

सांसद रामप्रीत मंडल की मेहनत लाई रंग: लौकहा-आनंद विहार ट्रेन अब चलेगी प्रतिदिन, झंझारपुर को मिला बड़ा तोहफा

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लौकहा (मधुबनी): झंझारपुर के सांसद रामप्रीत मंडल के निरंतर प्रयासों और क्षेत्र की जनता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का बड़ा परिणाम आज देखने को मिला है। संसदीय क्षेत्र झंझारपुर अंतर्गत लौकहा बाज़ार (LKQ) से आनंद विहार टर्मिनल (ANVT) के बीच चलने वाली स्पेशल ट्रेन (04013/04014) को अब नियमित (प्रतिदिन) कर दिया गया है।

​लौकहा रेलवे स्टेशन पर आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में इस नियमित सेवा का शुभारंभ हुआ। इस दौरान स्थानीय निवासियों ने सांसद की मेहनत की सराहना करते हुए इसे क्षेत्र के विकास में एक मील का पत्थर बताया।

​🚉 प्रतीक्षा हुई पूरी, अब दिल्ली की राह आसान

​सांसद रामप्रीत मंडल ने लंबे समय से रेल मंत्रालय के समक्ष लौकहा से दिल्ली के लिए सीधी और नियमित ट्रेन की मांग मजबूती से रखी थी। उनकी इस मेहनत का ही नतीजा है कि आज झंझारपुर की जनता की वर्षों पुरानी प्रतीक्षा समाप्त हुई है।

महत्वपूर्ण जानकारी: आज रात्रि 9:30 बजे रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर दिल्ली के लिए रवाना किया जाएगा।

​🙌 शीर्ष नेतृत्व के प्रति आभार

इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए सांसद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा का विशेष आभार प्रकट किया है।

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​कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य व्यक्ति

समारोह के दौरान स्थानीय नेताओं और समाजसेवियों में भारी उत्साह देखा गया। इस अवसर पर मुख्य रूप से उपस्थित रहे:

श्री अजय आजाद जी (जेडीयू नेता)

श्री संपत कलन्त्री जी (प्रसिद्ध समाजसेवी एवं संयोजक, चैंबर ऑफ कॉमर्स)

भूषण साह (स्थानीय जिला परिषद सदस्य)

संजीव साह ( मुखिया, कारमेघ उत्तरी पंचायत)

दिनेश गुप्ता (बीजेपी नेता)

कमला कांत भारती (जेडीयू नेता)

संजय शौर्य ( संवाददाता, दैनिक जागरण)

साथ ही एनडीए (NDA) के बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक।

लौकहा बाज़ार स्टेशन से इस ट्रेन के नियमित परिचालन से न केवल मधुबनी और झंझारपुर के लोगों को यात्रा में आसानी होगी, बल्कि भारत-नेपाल सीमा पर स्थित होने के कारण आर्थिक गतिविधियों और व्यापार को भी नया विस्तार मिलेगा।

JDU के निर्विरोध अध्यक्ष बने नीतीश कुमार; बिजेंद्र यादव बोले- आपका नेतृत्व ही हमारी ताकत

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पटना: बिहार की राजनीति से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) एक बार फिर निर्विरोध जनता दल यूनाइटेड (JDU) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चुन लिए गए हैं। मंगलवार, 24 मार्च 2026 को नामांकन वापसी की समय सीमा समाप्त होने के बाद निर्वाचन पदाधिकारी ने औपचारिक रूप से उनके नाम की घोषणा की।

​नीतीश कुमार के फिर से पार्टी की कमान संभालने पर बिहार के ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव (Bijendra Prasad Yadav) ने उन्हें हार्दिक बधाई दी है और इसे पार्टी के लिए एक मील का पत्थर बताया है।

ऊर्जा मंत्री ने क्या कहा?

​नीतीश कुमार के करीबी और वरिष्ठ नेता बिजेंद्र प्रसाद यादव ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर उन्हें पुष्पगुच्छ भेंट किया। उन्होंने कहा:

​”नीतीश कुमार जी का नेतृत्व केवल JDU के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे बिहार के विकास के लिए अनिवार्य है। उनके राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने से संगठन को नई ऊर्जा मिलेगी और आगामी चुनावों में पार्टी और भी मज़बूती के साथ उभरेगी।”

निर्विरोध चुने गए नीतीश कुमार

​पार्टी सूत्रों के अनुसार, राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए केवल नीतीश कुमार का ही नामांकन प्राप्त हुआ था। 24 मार्च सुबह 11 बजे तक नाम वापसी का समय था, जिसके बाद रिटर्निंग ऑफिसर अनिल हेगड़े ने उन्हें निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया। बता दें कि नीतीश कुमार अब दिल्ली की राजनीति में भी सक्रिय भूमिका निभाने जा रहे हैं, क्योंकि हाल ही में वे राज्यसभा के लिए भी निर्वाचित हुए हैं।

पार्टी में जश्न का माहौल

​नीतीश कुमार के अध्यक्ष बनते ही पटना स्थित JDU प्रदेश कार्यालय में जश्न शुरू हो गया। ढोल-नगाड़ों और मिठाइयों के साथ कार्यकर्ताओं ने खुशी ज़ाहिर की। ऊर्जा मंत्री के अलावा संजय झा, श्रवण कुमार और ललन सिंह जैसे दिग्गज नेताओं ने भी इस निर्णय का स्वागत किया है।

भविष्य की रणनीति पर ज़ोर

​राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि नीतीश कुमार का फिर से अध्यक्ष बनना यह दर्शाता है कि पार्टी पर उनकी पकड़ बेहद मज़बूत है। अब जबकि वे राज्यसभा सांसद के रूप में दिल्ली जा रहे हैं, राष्ट्रीय अध्यक्ष के तौर पर वे देशभर में पार्टी के विस्तार और 2029 के लोकसभा चुनावों की रणनीति तैयार करने पर ध्यान केंद्रित करेंगे।

बिहार दिवस 2026: प्रधानमंत्री ने दी बधाई, गौरवशाली विरासत और विकास की नई उड़ान का किया जिक्र

​Bihar Diwas 2026: PM Modi's Special Message and Development Vision

बिहार दिवस के विशेष अवसर पर प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार और बिहार के समस्त नागरिकों को हार्दिक शुभकामनाएं भेजी हैं। 22 मार्च, 2026 को लिखे गए इस संदेश में प्रधानमंत्री ने बिहार के प्राचीन इतिहास से लेकर आधुनिक विकास की यात्रा और वैश्विक पहचान तक का भावपूर्ण उल्लेख किया है।

​आइए जानते हैं प्रधानमंत्री के इस पत्र की मुख्य बातें:

​1. प्राचीन ज्ञान और नैतिकता की धरती

​प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में बिहार को ज्ञान, आध्यात्मिकता और नैतिक मूल्यों की जननी बताया। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि:

  • भगवान बुद्ध के विचार आज भी वैश्विक चेतना का हिस्सा हैं।
  • आचार्य चाणक्य और सम्राट चंद्रगुप्त मौर्य की जोड़ी ने इसी भूमि से एक सशक्त और संगठित भारत की नींव रखी थी।
  • ​बिहार की यह विरासत आज भी भारत की सोच और दिशा को प्रेरित करती है।

2. ‘कड़ी मेहनत और प्रतिभा’ की वैश्विक पहचान

​प्रधानमंत्री ने बिहार के लोगों की कर्मठता की सराहना करते हुए कहा कि बिहारवासियों ने दुनिया भर में अपनी मेहनत और ईमानदारी से एक अलग पहचान बनाई है। चाहे सेवा क्षेत्र हो, उद्योग, शिक्षा या कला-संगीत, हर जगह बिहार का योगदान अतुलनीय है।

​उन्होंने अपने मुख्यमंत्री काल के दिनों को याद करते हुए बताया कि कैसे सूरत के विकास में बिहार के लोगों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। साथ ही, मॉरीशस, गुयाना और त्रिनिदाद एंड टोबैगो जैसे देशों में भी बिहार की संस्कृति के फलने-फूलने पर गर्व व्यक्त किया।

3. लोकतंत्र के रक्षक और महान विभूतियां

​पत्र में बिहार की उन महान विभूतियों को नमन किया गया जिन्होंने भारत के लोकतंत्र को आकार दिया:

  • चंपारण सत्याग्रह: महात्मा गांधी ने यहीं से आजादी के संघर्ष को नई ऊर्जा दी।
  • संविधान निर्माण: डॉ. राजेंद्र प्रसाद, सच्चिदानंद सिन्हा और बाबू जगजीवन राम के योगदान को याद किया गया।
  • लोकतंत्र की रक्षा: 1970 के दशक में लोकनायक जयप्रकाश नारायण के संघर्ष और जननायक कर्पूरी ठाकुर जी को ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किए जाने का भी जिक्र हुआ।

​4. विकास के नए आयाम: केंद्र और राज्य की जुगलबंदी

​प्रधानमंत्री ने पिछले एक दशक में बिहार में हुए बुनियादी बदलावों और केंद्र सरकार की योजनाओं की सफलता के आंकड़े साझा किए:

योजना का नामउपलब्धि (बिहार में)
पीएम आवास योजना40 लाख से अधिक घर निर्मित
उज्ज्वला योजना1.20 करोड़ से अधिक गैस कनेक्शन
सौभाग्य योजनाहर घर तक बिजली की पहुंच
पीएम किसान सम्मान निधिकिसानों के खातों में ₹30,000 करोड़ से अधिक
लखपति दीदी31 लाख से अधिक महिलाएं बनीं आत्मनिर्भर

5. सांस्कृतिक विस्तार: महापर्व छठ

​प्रधानमंत्री ने कहा कि बिहार की सांस्कृतिक परंपराएं अब वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना रही हैं। महापर्व छठ इसका सबसे सशक्त उदाहरण है, जो अब न केवल भारत बल्कि दुनिया भर में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है।

प्रधानमंत्री का यह पत्र न केवल बिहार के गौरवशाली अतीत की याद दिलाता है, बल्कि राज्य के उज्ज्वल भविष्य और विकास के प्रति केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है। बिहार के लोगों की ‘सांस्कृतिक समृद्धि’ और ‘विकास की आकांक्षा’ ही आज के नए भारत की पहचान बन रही है।

बिहार के उपभोक्ताओं के लिए खुशखबरी: 1 अप्रैल से सस्ती होगी बिजली, ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने दी जानकारी

पटना: बिहार के बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। राज्य सरकार और बिहार विद्युत विनियामक आयोग (BERC) ने नए वित्तीय वर्ष में बिजली की दरों में बढ़ोतरी न करने का फैसला लिया है। ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने स्पष्ट किया है कि सरकार आम जनता पर अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ने देगी।

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आयोग ने खारिज किया बिजली कंपनियों का प्रस्ताव

​बिहार की बिजली कंपनियों (NBPDCL और SBPDCL) ने इस वर्ष 35 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी का प्रस्ताव आयोग के सामने रखा था। हालांकि, लंबी जनसुनवाई और उपभोक्ताओं के हितों को ध्यान में रखते हुए, आयोग के अध्यक्ष आमिर सुभानी और उनकी टीम ने इस प्रस्ताव को पूरी तरह खारिज कर दिया है।

​ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव का बयान

​बिजली दरों पर प्रतिक्रिया देते हुए ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने कहा कि:

​”हमारी सरकार का लक्ष्य है कि राज्य के हर घर तक सस्ती और निर्बाध बिजली पहुंचे। हमने बिजली कंपनियों के घाटे की भरपाई के लिए ₹15,792 करोड़ की सब्सिडी का प्रावधान किया है ताकि आम आदमी के बिल में कोई बढ़ोतरी न हो।”

1 अप्रैल से क्या-क्या बदलेगा?

  1. स्लैब का विलय: ग्रामीण और शहरी घरेलू उपभोक्ताओं के लिए पहले जो दो अलग-अलग स्लैब (0-100 यूनिट और 100 से अधिक) हुआ करते थे, अब उन्हें एक कर दिया गया है।
  2. सस्ती होगी बिजली: स्लैब के एक होने से उन उपभोक्ताओं को सीधा फायदा होगा जिनकी खपत 100 यूनिट से अधिक है, क्योंकि उनके लिए प्रति यूनिट दर अब कम हो जाएगी।
  3. कृषि और कुटीर ज्योति: किसानों और ‘कुटीर ज्योति’ कनेक्शन वाले गरीब परिवारों के लिए पुरानी दरें ही प्रभावी रहेंगी।

​सब्सिडी का बढ़ता आंकड़ा

​ऊर्जा विभाग द्वारा दी जाने वाली सब्सिडी में हर साल बढ़ोतरी की जा रही है, जिसका विवरण नीचे दिया गया है:

वित्तीय वर्षसब्सिडी की राशि (करोड़ में)
2023-24₹13,114 करोड़
2024-25₹15,343 करोड़
2025-26₹15,792 करोड़

ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव के नेतृत्व में बिहार बिजली के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की ओर अग्रसर है। 1 अप्रैल से लागू होने वाली ये नई दरें न केवल आम आदमी की जेब बचाएंगी, बल्कि राज्य की आर्थिक स्थिति को भी मजबूती देंगी।

​बिजली चोरी रोकने और स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने के अभियान में भी तेजी लाई जा रही है ताकि भविष्य में दरें और भी कम की जा सकें।

बिहार में बड़ी कार्रवाई: महिला अधिकारी ₹12,000 रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार, दफ्तर में ही Vigilance ने दबोचा

Nalanda BPRO Anushka arrested by Bihar Vigilance team for taking bribe

पटना/नालंदा: बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘नीतीश सरकार’ के जीरो टॉलरेंस अभियान के तहत निगरानी अन्वेषण ब्यूरो (Vigilance Investigation Bureau) ने एक और बड़ी सफलता हासिल की है। नालंदा जिले के नगरनौसा प्रखंड में तैनात एक महिला अधिकारी को रिश्वत लेते हुए उनके अपने ही कार्यालय कक्ष से गिरफ्तार किया गया है।

मामला क्या है?

​गिरफ्तार आरोपी की पहचान अनुष्का के रूप में हुई है, जो नगरनौसा प्रखंड (नालंदा) में प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी (BPRO) के पद पर तैनात थीं। निगरानी विभाग की टीम ने शुक्रवार (20 मार्च, 2026) को उन्हें 12,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा।

“छठ घाट निर्माण की सामग्री का भुगतान करने के बदले मांगी गई थी घूस”

शिकायतकर्ता ने खोली पोल

​खबर के अनुसार, अजय कुमार (निवासी: खपुरा, नगरनौसा) ने निगरानी विभाग में शिकायत दर्ज कराई थी। अजय कुमार ने बताया कि उन्होंने छठ घाट के निर्माण के लिए निर्माण सामग्री की आपूर्ति की थी। इस सामग्री के बकाया भुगतान (Payment Clearance) के बदले में अधिकारी श्रीमती अनुष्का द्वारा रिश्वत की मांग की जा रही थी।

Nalanda BPRO Anushka arrested by Bihar Vigilance team for taking bribe

कैसे बिछाया गया जाल?

​शिकायत मिलने के बाद निगरानी विभाग ने मामले का सत्यापन कराया। आरोप सही पाए जाने पर पुलिस उपाध्यक्ष श्री पवन कुमार-II के नेतृत्व में एक विशेष धावादल (Raid Team) का गठन किया गया। शुक्रवार को जैसे ही अजय कुमार ने अधिकारी को रिश्वत के पैसे दिए, टीम ने उन्हें उनके चैंबर में ही दबोच लिया।

2026 में भ्रष्टाचार पर ‘निगरानी’ का प्रहार (Statistics)

​निगरानी विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, इस साल भ्रष्टाचार के खिलाफ यह 34वीं प्राथमिकी (FIR) है।

  • कुल ट्रैप केस: 29
  • रंगे हाथ गिरफ्तार अभियुक्त: 23
  • कुल बरामद राशि: ₹8,84,000

अगर आपसे भी कोई मांगे रिश्वत, तो यहाँ करें शिकायत:

​निगरानी ब्यूरो ने जनता से अपील की है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाएं। आप इन नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं:

  • लैंडलाइन: 0612-2215030, 2215036
  • हेल्पलाइन: 0612-2215344
  • मोबाइल/व्हाट्सएप: 9473494167, 7765953261
  • ईमेल: spvig-bih@nic.in