कजरा (लखीसराय) में सौर ऊर्जा क्रांति: ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने किया 301 MW सौर परियोजना का निरीक्षण

0
Kajra Solar Project Inspection by Bijendra Prasad Yadav

बिहार को हरित ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में आज एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। प्रदेश के ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने लखीसराय जिले के कजरा में निर्माणाधीन 301 MW सौर ऊर्जा एवं 523 MWh बैटरी स्टोरेज परियोजना का विस्तृत निरीक्षण किया। यह परियोजना राज्य की सबसे महत्वाकांक्षी रिन्यूएबल एनर्जी पहलों में से एक है।

प्रगति की समीक्षा और कड़े निर्देश

​निरीक्षण के दौरान माननीय मंत्री ने निर्माण कार्य में लगी एजेंसी L&T (Larsen & Toubro) और BSPGCL (बिहार स्टेट पावर जनरेशन कंपनी लिमिटेड) के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की। बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु परियोजना की वर्तमान प्रगति और निर्माण की गुणवत्ता रही।

मंत्री जी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि:

  • ​परियोजना के फेज-2 के कार्यों में तेजी लाई जाए।
  • ​समय-सीमा (Timeline) का सख्ती से पालन करते हुए इसे शीघ्र पूरा किया जाए।
  • ​गुणवत्ता मानकों के साथ कोई समझौता न हो, ताकि भविष्य में ग्रिड स्थिरता सुनिश्चित रहे।
Bijendra Prasad Yadav Solar Power Plant Lakhisarai Battery Storage Project India BSPGCL News

वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति

इस महत्वपूर्ण दौरे के दौरान ऊर्जा विभाग के शीर्ष नेतृत्व की उपस्थिति रही। मंत्री जी के साथ BSPGCL एवं SBPDCL के प्रबंध निदेशक महेंद्र कुमार (IAS) मौजूद थे। उन्होंने मंत्री जी को बैटरी स्टोरेज सिस्टम की तकनीकी बारीकियों और बिजली वितरण नेटवर्क से इसके जुड़ाव के बारे में विस्तृत जानकारी दी। इसके अलावा विभाग के अन्य वरीय अधिकारियों ने भी तकनीकी फीडबैक साझा किया।

परियोजना की मुख्य विशेषताएं

विशेषताविवरण
कुल क्षमता301 मेगावाट (MW)
बैटरी स्टोरेज523 मेगावाट-घंटा (MWh)
स्थानकजरा, लखीसराय (बिहार)
प्रमुख एजेंसीL&T एवं BSPGCL

बिहार अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए अब सौर ऊर्जा जैसे स्थायी स्रोतों पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। कजरा परियोजना न केवल बिजली उत्पादन करेगी, बल्कि इसकी विशाल बैटरी स्टोरेज क्षमता पीक ऑवर्स के दौरान ग्रिड को मजबूती प्रदान करेगी।— बिजेंद्र प्रसाद यादव, ऊर्जा मंत्री, बिहार

यह परियोजना पूर्ण होने पर बिहार की ‘क्लीन एनर्जी’ प्रोफाइल में मील का पत्थर साबित होगी। 523 MWh का बैटरी स्टोरेज भारत के सबसे बड़े स्टोरेज केंद्रों में से एक होगा, जो रात के समय भी सौर ऊर्जा की उपलब्धता सुनिश्चित करने में मदद करेगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here