मधुबनी: विकास या विनाश? PHED विभाग द्वारा करोड़ों की नई सड़कों को तोड़ने पर बवाल, SP से सहयोग की गुहार, विजिलेंस जाँच की मांग

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​मधुबनी: जिले के खुटौना प्रखंड में विकास कार्यों के बीच आपसी समन्वय की भारी कमी और भ्रष्टाचार की बू आ रही है। मामला ग्रामीण कार्य विभाग (RWD) और PHED (लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग) के बीच ठन गया है। आरोप है कि RWD द्वारा नई तकनीक से बनाई गई करोड़ों की सड़कों को PHED विभाग द्वारा अवैध रूप से तोड़ा जा रहा है, जिससे सरकारी राजस्व को भारी नुकसान पहुँच रहा है।

FIR दर्ज नहीं होने से बढ़ा मनोबल

जानकारी के मुताबिक, ग्रामीण कार्य विभाग ने अपनी सड़कों को बचाने के लिए स्थानीय थाने में FIR के लिए लिखित आवेदन भी दिया था। लेकिन पुलिस द्वारा मामला दर्ज नहीं किए जाने के कारण संवेदकों और PHED अधिकारियों का मनोबल बढ़ गया है। स्थिति यह है कि अब कार्यपालक अभियंता, ग्रामीण कार्य विभाग (फुलपरास) ने पत्र के माध्यम से मधुबनी एसपी (SP Madhubani) से हस्तक्षेप करने और पुलिस बल का सहयोग मांगा है।

रात के अंधेरे में चल रहा है ‘खेल’?

सामाजिक कार्यकर्ता सुबोध कुमार ने इस पूरे मामले में बड़े भ्रष्टाचार की आशंका जताई है। उनका कहना है, “विभाग द्वारा बार-बार पत्र लिखने और मीडिया में खबरें आने के बावजूद, PHED झंझारपुर के अधिकारी बाज नहीं आ रहे हैं। अब यह काम रात के अंधेरे में चोरी-छिपे किया जा रहा है, जो संदेह पैदा करता है।”

​सुबोध कुमार ने आरोप लगाया है कि यह सब कुछ एडवांस पेमेंट के खेल के कारण हो रहा है। उन्होंने दावा किया कि PHED के इंजीनियर और संवेदक की मिलीभगत से करोड़ों का भुगतान पहले ही कर दिया गया है, जिसे सही ठहराने के लिए हड़बड़ी में सड़कों को तोड़ा जा रहा है। उन्होंने इस पूरे प्रकरण की निगरानी विभाग (Vigilance Inquiry) से जाँच कराने की मांग की है।

प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग

इस मामले में अब सबकी निगाहें मधुबनी के जिलाधिकारी (DM) और पुलिस अधीक्षक (SP) पर टिकी हैं। क्या प्रशासन दो विभागों की इस लड़ाई में सरकारी संपत्ति को बर्बाद होने से बचा पाएगा?

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