
मधुबनी। जिले में पिछले कुछ दिनों से रसोई गैस (LPG) को लेकर फैल रही अफवाहों और उपभोक्ताओं के बीच मची अफरातफरी पर जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। आज जिलाधिकारी आनंद शर्मा एवं पुलिस अधीक्षक योगेंद्र कुमार ने संयुक्त रूप से प्रेस वार्ता कर जिले में गैस की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था की वर्तमान स्थिति साझा की।
आपूर्ति सामान्य, घबराने की जरूरत नहीं
जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने स्पष्ट किया कि मधुबनी जिले में लगभग 10 लाख एलपीजी उपभोक्ता हैं और उनके लिए पर्याप्त मात्रा में गैस का स्टॉक उपलब्ध है। उन्होंने कहा, “आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है। आम जनता अफवाहों पर ध्यान न दें और पैनिक होकर अनावश्यक बुकिंग न करें। घरों में सिलेंडर का भंडारण करना न केवल गैर-कानूनी है, बल्कि सुरक्षा के लिहाज से भी खतरनाक है।”
जमाखोरों पर प्रशासन का ‘हंटर’
कालाबाजारी और अवैध भंडारण की शिकायतों पर पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। पुलिस अधीक्षक योगेंद्र कुमार ने बताया कि:
- अब तक जिले के विभिन्न क्षेत्रों में छापेमारी कर 3 प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई हैं।
- दोषियों को पकड़कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है।
- इन मामलों में स्पीडी ट्रायल चलाकर जल्द से जल्द सजा दिलाई जाएगी ताकि कालाबाजारी करने वालों को कड़ा संदेश मिले।
आमजन के लिए प्रशासन की अपील:
- अफवाहों से बचें: सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से फैल रही कमी की खबरों पर भरोसा न करें।
- सहयोग करें: गैस एजेंसियां सुचारू रूप से वितरण कर रही हैं, व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का साथ दें।
- भंडारण न करें: जरूरत से ज्यादा सिलेंडर घर में न रखें, ताकि वास्तविक जरूरतमंदों को परेशानी न हो।
प्रशासन का संदेश साफ है: आपूर्ति में कोई बाधा नहीं है, लेकिन यदि कोई वेंडर या व्यक्ति कालाबाजारी में संलिप्त पाया गया, तो उस पर सख्त कानूनी कार्रवाई निश्चित है।