मधुबनी पुलिस की बड़ी कार्रवाई: नेपाल जेल से फरार शातिर अपराधी गिरफ्तार, अवैध हथियार के साथ 2 अन्य भी दबोचे गए

मधुबनी (हरलाखी): भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर मुस्तैद मधुबनी पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। हरलाखी थाना पुलिस ने नेपाल की जेल से फरार एक शातिर अपराधी को गिरफ्तार किया है। साथ ही, एक अन्य मामले में ग्रामीणों के सहयोग से पुलिस ने अवैध देसी पिस्टल के साथ दो अपराधियों को भी गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की है।

Harlakhi Police Arrest Criminals

घटनाक्रम 01: नेपाल जेल से फरार अपराधी अजय साफी गिरफ्तार

​हरलाखी थानाध्यक्ष को मिली गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने ग्राम उमगाँव दुर्गापट्टी के पास से अजय साफी (पिता: इंदल साफी, निवासी: गोपालपुर) को विधिवत गिरफ्तार किया।

पृष्ठभूमि:

  • ​अजय साफी पूर्व में नेपाल के एक बैंक में डकैती की घटना में शामिल था।
  • ​नेपाल पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जलेश्वर जेल में डाला था, लेकिन जेल में हुए आंतरिक विद्रोह का फायदा उठाकर वह फरार हो गया था।
  • ​इससे पहले पुलिस ने उसके सहयोगी अनरजीत राम को देसी कट्टा, गांजा और कारतूस के साथ गिरफ्तार किया था, जिसने पूछताछ में अजय साफी के नाम का खुलासा किया था।
Police Arrest Criminals

घटनाक्रम 02: हथियार के साथ घुसे अपराधियों को ग्रामीणों ने पकड़ा

​दूसरी घटना सोठगाँव टोला की है, जहाँ ग्रामीणों की सतर्कता से बड़ी वारदात टल गई। पुलिस को सूचना मिली कि दो अपराधी रामू सदाय के घर में हथियार के साथ घुस गए हैं। ग्रामीणों ने साहस दिखाते हुए दोनों को पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया।

गिरफ्तार अभियुक्त:

  1. अमर सदाय (पिता: रामपूत सदाय, निवासी: सोठगाँव)
  2. विक्की सदाय (पिता: स्व. मिथिलेश सदाय, निवासी: सोठगाँव)

बरामदगी:

  • ​01 अवैध देसी पिस्टल
  • ​01 मोटरसाइकिल

​पूछताछ के दौरान विक्की सदाय ने स्वीकार किया कि उसने यह हथियार नेपाल से 10,000 रुपये में खरीदा था और इसे अपने दोस्त शिवा (निवासी: महोत्तरी, नेपाल) के लिए ले जा रहा था।

पुलिस की कार्रवाई

​मधुबनी पुलिस ने इन मामलों में सुसंगत धाराओं के तहत कांड संख्या 0-74/26 और 0-15/26 दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस अधीक्षक कार्यालय मधुबनी द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि पुलिस अपराधियों के नेटवर्क को तोड़ने के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।

शोक संवेदना: पत्रकारिता के स्तंभ सुमित चौधरी की शक्ति का अवसान, शोक में डूबा झंझारपुर

Journalist Sumit Chaudhary Mother Tribute

झंझारपुर/मधुबनी: झंझारपुर की मिट्टी के तेजतर्रार पत्रकार और ‘भूमि न्यूज़ लाइव’ को अपनी मेहनत से सींचने वाले सुमित चौधरी की माता जी के आकस्मिक निधन से आज मानवता और पत्रकारिता जगत मर्माहत है। यह केवल एक परिवार की क्षति नहीं है, बल्कि उस प्रेरणापुंज का अंत है जिसने समाज को एक निर्भीक पत्रकार दिया।

संघर्षों की जननी और सफलता का आधार

सुमित चौधरी ने शून्य से शिखर तक का जो सफर तय किया, उसमें उनकी माता जी का योगदान किसी हिमालय से कम नहीं था। भूमि न्यूज़ लाइव को झंझारपुर में स्थापित करने और उसे जनता की आवाज़ बनाने के पीछे सुमित के जुनून के साथ-साथ उनकी माँ की दुआओं का पहरा था। उन्होंने न केवल अपने बेटे को संस्कार दिए, बल्कि विषम परिस्थितियों में भी ‘सत्य’ के मार्ग पर अडिग रहने का साहस प्रदान किया।

सुमित चौधरी जी की माता जी का जाना पत्रकारिता जगत के लिए एक व्यक्तिगत क्षति है। सुमित जी ने जिस ईमानदारी से ‘भूमि न्यूज़’ को आगे बढ़ाया, उसमें उनकी माता जी के संस्कारों की स्पष्ट झलक दिखती है। ईश्वर उन्हें अपने श्रीचरणों में स्थान दें।- कार्तिक कुमार, पत्रकार, भूमि न्यूज लाइव

भूमि न्यूज़ लाइव की पूरी टीम और समस्त पत्रकार साथी इस वज्रपात की घड़ी में सुमित चौधरी के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं।

विनम्र श्रद्धांजलि! ॐ शांति!

इंसानियत दिखाने की सजा सिर्फ मौत? फारबिसगंज की बुजदिली बनाम फुलपरास की हिम्मत का खौफनाक अंत!

Jitendra Yadav Murder Case Sugapatti Phulparas Madhubani

मधुबनी (फुलपरास): बिहार के समाज में आज एक बहुत बड़ा और कड़वा सवाल खड़ा हो गया है—क्या किसी की जान बचाना या मदद के लिए आगे बढ़ना अपनी मौत को दावत देना है? अभी दो दिन पहले फारबिसगंज की उस वीडियो ने देशभर को झकझोर दिया था, जहाँ लोग एक युवक का सिर कटते हुए देख रहे थे और मोबाइल से वीडियो बना रहे थे। तब हर तरफ से आवाज आई कि इंसानियत मर चुकी है। लेकिन शनिवार शाम मधुबनी के फुलपरास में जो हुआ, उसने बता दिया कि अगर इंसानियत जिंदा रहती है, तो उसकी कीमत अपनी जान देकर चुकानी पड़ती है।

क्या है सुगापट्टी की पूरी घटना?

मामला फुलपरास थाना क्षेत्र के सुगापट्टी का है। यहाँ के भारती चौक (ग्रामीण हाट) पर दो गुटों के बीच विवाद हो रहा था। माहौल गरमाता देख 40 वर्षीय जितेंद्र यादव ने एक जागरूक नागरिक और पड़ोसी का धर्म निभाने की सोची। वे बीच-बचाव करने पहुँचे ताकि झगड़ा शांत हो सके। लेकिन अपराधियों को उनकी यह इंसानियत रास नहीं आई।

आरोप है कि अपराधियों ने बीच-बचाव कर रहे जितेंद्र को ही निशाना बनाया और उनके मासूम बेटे के सामने ही उनकी कनपटी पर पिस्टल सटाकर गोली मार दी। जितेंद्र की मौके पर ही मौत हो गई।

फारबिसगंज बनाम फुलपरास: समाज के सामने धर्मसंकट

यह घटना सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि उस भरोसे का कत्ल है जो समाज को जोड़कर रखता है।

  • फारबिसगंज की घटना: लोग मूकदर्शक बने रहे क्योंकि उन्हें अपनी जान का डर था। पूरे देश ने उन्हें बुजदिल कहा।
  • फुलपरास की घटना: यहाँ जितेंद्र यादव ने हिम्मत दिखाई, बुजदिल नहीं बने और मदद के लिए आगे आए। नतीजा? उन्हें अपनी जान से हाथ धोना पड़ा।

ऐसे में सवाल उठता है कि आम आदमी क्या करे? अगर वह मदद न करे तो ‘पत्थर दिल’ और अगर मदद के लिए बढ़े तो अपराधियों का अगला शिकार

अनाथ हुए चार बच्चे, कौन है जिम्मेदार?

दिल्ली में मजदूरी कर अपने परिवार का पेट पालने वाले जितेंद्र यादव अपने पीछे पत्नी और चार नाबालिग बच्चों को छोड़ गए हैं। परिजनों ने नीतीश और सरोज नामक व्यक्तियों पर इस जघन्य हत्याकांड का आरोप लगाया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और छापेमारी जारी है, लेकिन क्या पुलिस की ये कार्रवाई जितेंद्र के बच्चों को उनका पिता लौटा पाएगी?

दम तोड़ती व्यवस्था और बढ़ता डर

सुगापट्टी की इस वारदात ने अपराधियों के मन से कानून का खौफ पूरी तरह खत्म होने की पुष्टि कर दी है। जब बीच-बचाव करने वाले ही सुरक्षित नहीं रहेंगे, तो समाज में मदद शब्द लुप्त हो जाएगा। यह घटना हमारे सिस्टम और पुलिस प्रशासन के लिए एक खुली चुनौती है

मधुबनी: सुगापट्टी हत्याकांड में गम और गुस्से के बीच हुआ अंतिम संस्कार, सरेआम मुंह में मारी गई थी गोली

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फुलपरास (मधुबनी): मधुबनी जिले के फुलपरास थाना क्षेत्र अंतर्गत सुगापट्टी गांव में शनिवार की शाम हुई जघन्य हत्या के बाद रविवार को पूरे इलाके में मातमी सन्नाटा पसरा रहा। भारती चौक पर हुई गोलीबारी में जान गंवाने वाले जितन उर्फ जितेन्द्र यादव का रविवार को गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार कर दिया गया।

क्या है पूरी घटना?

​शनिवार की देर शाम सुगापट्टी निवासी विरो यादव के 42 वर्षीय पुत्र जितेन्द्र यादव भारती चौक पर मौजूद थे। इसी दौरान अज्ञात अपराधियों ने अत्यंत करीब से उनके मुंह में गोली मार दी। गोली लगते ही जितेन्द्र की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद अपराधी अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में सफल रहे। इस हत्या से गाँव में अफरा-तफरी मच गई और लोग दहशत में आ गए।

पोस्टमार्टम के बाद गांव पहुंचा शव, मचा कोहराम

​रविवार को पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर उसे परिजनों को सौंप दिया। जैसे ही जितेन्द्र का शव उनके पैतृक गांव पहुंचा, परिजनों की चीख-पुकार से माहौल अत्यंत हृदयविदारक हो गया। मृतक के छोटे-छोटे बच्चों और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव के सैकड़ों लोग जितेन्द्र को अंतिम विदाई देने उनके घर पहुंचे।

नम आंखों से दी गई अंतिम विदाई

​रविवार की दोपहर स्थानीय श्मशान घाट पर जितेन्द्र यादव का अंतिम संस्कार संपन्न हुआ। मुखाग्नि दिए जाते समय मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम थीं। ग्रामीणों में घटना को लेकर भारी आक्रोश है। स्थानीय लोगों का कहना है कि भारती चौक जैसे सार्वजनिक स्थान पर ऐसी वारदात पुलिस गश्ती और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

पुलिसिया कार्रवाई और जांच

​फुलपरास थाना पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच तेज कर दी है। पुलिस के अनुसार:

​हत्या के पीछे के कारणों का पता लगाने के लिए परिजनों और स्थानीय लोगों से पूछताछ की जा रही है।

​घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए गए हैं।

​संदिग्धों की धरपकड़ के लिए छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है।

हत्या के पीछे के कारणों का पता लगाने के लिए परिजनों और स्थानीय लोगों से पूछताछ की जा रही है।

प्रमुख जानकारी एक नजर में:

कॉलमविवरण
मृतकजितन उर्फ जितेन्द्र यादव (42 वर्ष)
स्थानभारती चौक, सुगापट्टी
वारदात का समयशनिवार, देर शाम
अंतिम संस्काररविवार, देर शाम

प्रशासनिक मांग: ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से मांग की है कि पीड़ित परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए और अपराधियों की पहचान कर जल्द से जल्द स्पीडी ट्रायल के जरिए उन्हें कड़ी सजा दिलाई जाए।

कटिहार: गोलीबारी के बाद भड़की हिंसा, बिहार पुलिस ने 12 घंटे में 13 उपद्रवियों को दबोचा

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कटिहार (बिहार): जिले के कदवा थाना क्षेत्र के भोगांव गांव में बुधवार को हुई गोलीबारी और उसके बाद भड़के उपद्रव के मामले में बिहार पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने त्वरित एक्शन लेते हुए महज 12 घंटे के भीतर घटना में संलिप्त कुल 13 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया है।

घटना का विवरण: गोलीबारी से फैला तनाव

दिनांक 15 अप्रैल 2026 को भोगांव गांव में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक सिरफिरे व्यक्ति ने अंधाधुंध फायरिंग कर एक महिला और एक मासूम बच्ची को गोली मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया। इस हिंसक वारदात के बाद ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा और देखते ही देखते पूरा इलाका रणक्षेत्र में तब्दील हो गया।

उग्र भीड़ ने की आगजनी और पथराव

गोलीबारी की घटना से आक्रोशित भीड़ ने आरोपी के घर पर हमला बोल दिया। इस दौरान उग्र लोगों द्वारा आगजनी और तोड़फोड़ की गई। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि भीड़ ने मौके पर पहुंची पुलिस टीम को भी निशाना बनाया और भारी पथराव किया।

पुलिस की सूझबूझ और त्वरित कार्रवाई

सूचना मिलते ही कदवा थाना पुलिस और जिला बल ने मोर्चा संभाला। पुलिस ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए:

  • बढ़ती हिंसा को नियंत्रित किया।
  • आरोपी और उसके परिवार के सदस्यों को भीड़ के चंगुल से निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुँचाया।
  • घायलों को तत्काल इलाज के लिए अस्पताल भेजा।

अब तक की बड़ी गिरफ्तारियां

पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, इस मामले में दो अलग-अलग श्रेणियों में गिरफ्तारियां की गई हैं:

श्रेणीगिरफ्तार अभियुक्तों की संख्याविवरण
मुख्य कांड (गोलीबारी)04सीधे तौर पर फायरिंग और हमले में शामिल।
उपद्रव एवं पथराव09विधि-व्यवस्था भंग करने और पुलिस पर हमले में शामिल।
कुल गिरफ्तारी13महज 12 घंटे के अंदर कार्रवाई।

छापेमारी जारी

कटिहार पुलिस के अनुसार, इस घटना में शामिल अन्य फरार अभियुक्तों की पहचान कर ली गई है। उनकी गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम का गठन किया गया है जो लगातार विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। प्रशासन ने स्थानीय लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है और सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की अफवाह न फैलाने की हिदायत दी है।

बिहार पुलिस का संदेश: कानून हाथ में लेने वाले किसी भी उपद्रवी को बख्शा नहीं जाएगा। शांति व्यवस्था भंग करने वालों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।

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मधुबनी पुलिस का एक्शन मोड: जिले भर में सघन वाहन चेकिंग अभियान, अपराधियों और नियम तोड़ने वालों में हड़कंप

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मधुबनी। बिहार सरकार के गृह विभाग और पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार, मधुबनी जिले में विधि व्यवस्था संधारण और आम नागरिकों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है। पुलिस अधीक्षक के दिशा-निर्देश पर जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में सघन वाहन चेकिंग अभियान निरंतर चलाया जा रहा है।

अपराधियों पर लगाम और विधि व्यवस्था पर जोर

इस अभियान का मुख्य उद्देश्य आगामी त्योहारों और क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ संदिग्ध गतिविधियों पर रोक लगाना है। पुलिस के अनुसार, चेकिंग के दौरान केवल कागजातों की ही जांच नहीं की जा रही, बल्कि संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की सघन तलाशी भी ली जा रही है ताकि अवैध हथियारों, शराब या अन्य प्रतिबंधित सामग्री के परिवहन को रोका जा सके।

चौक-चौराहों पर पुलिस की पैनी नजर

मधुबनी नगर थाना सहित झंझारपुर, जयनगर, बेनीपट्टी और घोघरडीहा जैसे प्रमुख क्षेत्रों के मुख्य चौक-चौराहों पर नाकेबंदी कर वाहनों की जांच की गई। अभियान के दौरान:

  • दोपहिया वाहनों की डिक्की की जांच: संदिग्ध वस्तुओं की खोज के लिए वाहनों की सघन तलाशी ली गई।
  • हेल्मेट और कागजात: बिना हेल्मेट बाइक चलाने वालों और बिना वैध लाइसेंस/बीमा के वाहन चलाने वालों से मौके पर ही जुर्माना वसूला गया।
  • ट्रिपल लोडिंग पर सख्ती: एक बाइक पर तीन सवारी बैठाने वाले युवकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई।

आम नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता

मधुबनी पुलिस के एक वरीय अधिकारी ने बताया कि, “हमारा उद्देश्य केवल जुर्माना वसूलना नहीं, बल्कि सड़कों पर अनुशासन बनाए रखना और आम नागरिकों के मन में सुरक्षा का भाव पैदा करना है। सघन चेकिंग से अपराधियों के हौसले पस्त होते हैं और चोरी की घटनाओं में कमी आती है।”

प्रशासन की अपील

पुलिस प्रशासन ने आम जनता से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि वाहन चलाते समय सभी आवश्यक दस्तावेज अपने साथ रखें और यातायात नियमों का पालन करें। पुलिस की इस सक्रियता से जहां नियम तोड़ने वालों में हड़कंप है, वहीं स्थानीय नागरिकों ने इसे सुरक्षित माहौल बनाने की दिशा में एक सराहनीय कदम बताया है।

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मधुबनी: डीआईजी (यातायात) का आगमन, i-RAD और e-Challan जैसे डिजिटल सुधारों पर हुई समीक्षा बैठक

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मधुबनी। बिहार पुलिस में यातायात व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ और तकनीक-अनुकूल बनाने के उद्देश्य से कल मधुबनी जिले में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक और प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

भव्य स्वागत और गार्ड ऑफ ऑनर

दिनांक 16 अप्रैल 2026 को पुलिस उप-महानिरीक्षक (DIG), यातायात, बिहार (पटना) का मधुबनी जिला आगमन हुआ। इस अवसर पर मधुबनी के पुलिस अधीक्षक (SP) द्वारा उन्हें पुष्पगुच्छ भेंट कर जिले में उनका आत्मीय स्वागत किया गया। इसके उपरांत, मधुबनी पुलिस के जवानों द्वारा डीआईजी साहब को गार्ड ऑफ ऑनर देकर सम्मानित किया गया।

तकनीक और यातायात सुरक्षा पर केंद्रित बैठक

स्वागत समारोह के पश्चात, समाहरणालय स्थित सभागार कक्ष में एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। डीआईजी (यातायात) के निर्देशानुसार आयोजित इस बैठक का मुख्य उद्देश्य यातायात प्रबंधन में उपयोग हो रहे डिजिटल पोर्टल्स की समीक्षा करना था।

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मधुबनी: कोचिंग गई नाबालिग हिंदू लड़की का अपहरण, विशेष समुदाय के युवकों पर आरोप; FIR दर्ज

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मधुबनी (बिहार): बिहार के मधुबनी जिले के बाबूबरही थाना क्षेत्र से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ एक 17 वर्षीय नाबालिग हिंदू लड़की के अपहरण को लेकर परिजनों ने स्थानीय थाने में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई है। परिजनों का आरोप है कि लड़की को धर्म परिवर्तन की नीयत से अगवा किया गया है।

​क्या है पूरा मामला?

​घटना 29 मार्च 2026 की है। आवेदन के अनुसार, पीड़िता (प्रीति कुमारी, काल्पनिक नाम) प्रतिदिन की तरह दोपहर करीब 2 बजे ‘DNA साइंस कोचिंग सेंटर, बरैल चौक’ पढ़ने के लिए घर से निकली थी। जब वह शाम 6 बजे तक घर वापस नहीं लौटी, तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की।

​कोचिंग सेंटर में पूछताछ करने पर पता चला कि वह शाम 4 बजे ही वहां से निकल गई थी। खोजबीन के दौरान स्थानीय स्तर पर जानकारी मिली कि दो अज्ञात लड़कों ने उसे मोटरसाइकिल पर जबरन बैठाया और कहीं ले गए।

​सोशल मीडिया और इंस्टाग्राम रील से मिला सुराग

​परिजनों ने पुलिस को दिए आवेदन में बताया कि 03 अप्रैल 2026 को इंस्टाग्राम पर एक फोटो और रील देखी गई। यह इंस्टाग्राम आईडी ak_fashion_boy (अहसान अली) के नाम से बताई जा रही है। सोशल मीडिया पर मिले इन सुरागों के आधार पर परिजनों को विश्वास हो गया कि उनकी बेटी का अपहरण साजिश के तहत किया गया है।

​इन लोगों पर लगा है आरोप

​पीड़ित परिवार ने इस मामले में मो० चाँद, मो० निहाल (दोनों के पिता मो० मुस्तफा), मो० मुस्तफा (पिता मो० मंसूर) और यासमीन खातून के खिलाफ नामजद शिकायत दर्ज कराई है। परिजनों का स्पष्ट आरोप है कि आरोपियों ने धर्म परिवर्तन कराने के उद्देश्य से उनकी नाबालिग बेटी को बहला-फुसलाकर अगवा किया है और इस कृत्य में पूरा परिवार शामिल है।

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​पुलिस की कार्रवाई

​प्राप्त जानकारी के अनुसार, बाबूबरही पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए FIR No. 189/26 दर्ज कर ली है। पुलिस ने BNS (भारतीय न्याय संहिता) की विभिन्न धाराओं (137(2), 96, 3(5)) के तहत मामला पंजीकृत किया है।

  • जांच अधिकारी: S.I. लाल बाबू राय को इस केस की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
  • वर्तमान स्थिति: पुलिस तकनीकी साक्ष्यों और सोशल मीडिया इनपुट्स के आधार पर लड़की की बरामदगी के लिए छापेमारी कर रही है।

​स्थानीय लोगों में आक्रोश

​इस घटना के बाद से क्षेत्र में तनावपूर्ण शांति देखी जा रही है। स्थानीय ग्रामीणों और हिंदू संगठनों ने दोषियों की जल्द गिरफ्तारी और लड़की की सुरक्षित वापसी की मांग की है। सोशल मीडिया पर भी इस घटना को लेकर काफी चर्चा हो रही है।

नोट: प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। आधिकारिक पुष्टि के बिना किसी भी सूचना को साझा न करें।

लौकहा पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 198 लीटर अवैध शराब पर चला बुलडोजर, थाना परिसर में किया गया विनष्टीकरण

Laukaha Thana Liquor Vinastikaran

मधुबनी (लौकहा): बिहार में पूर्ण शराबबंदी कानून को सख्ती से लागू करने की दिशा में मधुबनी पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। लौकहा थाना पुलिस द्वारा विभिन्न छापों के दौरान जब्त की गई भारी मात्रा में देशी और विदेशी शराब को सोमवार को वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में नष्ट कर दिया गया।

​प्रशासन की मौजूदगी में हुई कार्रवाई

​लौकहा थाना परिसर में आयोजित इस विनष्टीकरण प्रक्रिया के दौरान स्थानीय अंचलाधिकारी (CO) और थानाध्यक्ष मुख्य रूप से उपस्थित रहे। पुलिस के अनुसार, शराब के 01 कांड से जुड़ी कुल 198 लीटर शराब को विनष्ट किया गया है। इसमें भारी मात्रा में टेट्रा पैक, बोतलें और देशी शराब के पाउच शामिल थे।

सार्वजनिक संदेश और पारदर्शिता

​तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि पुलिस और प्रशासनिक टीम की निगरानी में शराब की बोतलों को जमीन पर फैलाकर नष्ट किया गया। इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य शराब तस्करों के बीच कड़ा संदेश भेजना और पुलिस द्वारा जब्त माल के निपटारे में पारदर्शिता बनाए रखना है।

उद्देश्य: शराबबंदी कानून का कड़ाई से पालन।

स्थान: लौकहा थाना परिसर, मधुबनी।

कुल मात्रा: 198 लीटर (देशी एवं विदेशी)।

मुख्य उपस्थिति: अंचलाधिकारी एवं थानाध्यक्ष।

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महंगी किताबों का शोर या महंगाई का सच? शिक्षा क्षेत्र में निजी प्रकाशकों की भूमिका पर उठते सवाल

संस्कार भारती ग्लोबल स्कूल फुलपरास डॉ. विजय रंजन इंटरव्यू

मधुबनी (फुलपरास): जैसे ही मार्च और अप्रैल का महीना आता है, अभिभावकों और सोशल मीडिया पर एक ही चर्चा सबसे ऊपर होती है—निजी स्कूलों की महंगी किताबें। सोशल मीडिया पर अक्सर दावे किए जाते हैं कि ₹50 की किताब ₹500 में बेची जा रही है। इस मुद्दे की गहराई को समझने के लिए ‘भूमि न्यूज़ लाइव’ के पत्रकार कार्तिक कुमार ने मिथिला क्षेत्र के तेजी से बढ़ते स्कूल ‘संस्कार भारती ग्लोबल स्कूल, फुलपरास’ के संस्थापक डॉ. विजय रंजन से खास बातचीत की।

NCERT की उपलब्धता और सिस्टम की चुनौती

​चर्चा के दौरान डॉ. विजय रंजन ने स्पष्ट किया कि किताबों के खेल में केवल स्कूलों को दोषी ठहराना सही नहीं है। उन्होंने कुछ प्रमुख बिंदुओं पर प्रकाश डाला:

  • उपलब्धता का संकट: डॉ. रंजन के अनुसार, NCERT की किताबें मांग के अनुपात में काफी कम छपती हैं। जब सरकारी तंत्र समय पर किताबें उपलब्ध नहीं करा पाता, तब स्कूलों को निजी प्रकाशकों की ओर रुख करना पड़ता है।
  • समय पर वितरण: उन्होंने याद दिलाया कि सीबीएसई ने पहले स्कूलों से छात्रों का डेटा मांगा था ताकि किताबें पहुंचाई जा सकें, लेकिन वह योजना धरातल पर सफल नहीं रही।

महंगाई या मुनाफाखोरी?

​सोशल मीडिया पर वायरल दावों पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि पिछले 20 सालों में सुई से लेकर हवाई जहाज तक, हर चीज़ के दाम 10 गुना बढ़े हैं।

​”जब सब्जी, बस किराया और बिजली की दरें बढ़ रही हैं, तो प्रिंटिंग कॉस्ट, मैनपावर और पेपर की कीमत भी बढ़ी है। ₹200 की किताब जिसे बच्चा 12 महीने पढ़ता है, वह मुद्दा बन जाती है, जबकि लोग अन्य शौक पर इससे कहीं ज्यादा खर्च कर देते हैं।”

प्रशासन और सनसनीखेज पत्रकारिता पर सवाल

​डॉ. रंजन ने बिना किसी रिसर्च या सर्वे के ‘शिक्षा माफिया’ जैसे शब्दों के इस्तेमाल पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक स्तर पर बिना यह जांचे कि NCERT की कमी क्यों है, केवल स्कूलों को निशाना बनाना गलत है। उन्होंने सुझाव दिया कि सरकार को एक ठोस डेटाबेस तैयार करना चाहिए ताकि हर बच्चे तक सस्ती और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंच सके।

भूमि न्यूज़ लाइव की इस रिपोर्ट से यह साफ है कि किताबों की कीमतों का मुद्दा जितना सरल दिखता है, उतना है नहीं। यह बढ़ती महंगाई, संसाधनों की कमी और सिस्टम की विफलता का एक मिला-जुला नतीजा है। ‘भूमि न्यूज़ लाइव’ प्रशासन से यह अपील करता है कि केवल सनसनी फैलाने के बजाय इस समस्या के बुनियादी कारणों पर ध्यान दिया जाए।