
मधेपुरा, बिहार: कहते हैं कि आज के दौर में मोबाइल सिर्फ एक उपकरण नहीं, बल्कि इंसान की व्यक्तिगत और पेशेवर जिंदगी का एक अहम हिस्सा है। जब यह खो जाता है या चोरी हो जाता है, तो व्यक्ति न केवल आर्थिक नुकसान झेलता है, बल्कि अपनी जरूरी यादें और डेटा भी खो देता है। इसी चिंता को दूर करने के लिए बिहार पुलिस का ऑपरेशन मुस्कान (Operation Muskan) एक उम्मीद की किरण बनकर उभरा है।
हाल ही में मधेपुरा पुलिस ने इस अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल करते हुए 25 चोरी/गुम हुए मोबाइल फोन बरामद किए और उन्हें उनके वास्तविक स्वामियों को सौंप दिया।
क्या है ऑपरेशन मुस्कान?
बिहार पुलिस द्वारा चलाया जा रहा ऑपरेशन मुस्कान एक विशेष अभियान है जिसका मुख्य उद्देश्य चोरी हुए या खोए हुए मोबाइल फोन, वाहन और अन्य कीमती सामानों को रिकवर कर उनके मालिकों तक पहुँचाना है। इस अभियान का नाम मुस्कान इसलिए रखा गया है क्योंकि जब किसी व्यक्ति का खोया हुआ सामान वापस मिलता है, तो उनके चेहरे पर आई मुस्कुराहट ही इस मुहिम की सफलता की पहचान है।
मधेपुरा पुलिस की कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक (SP) मधेपुरा के निर्देशन में गठित विशेष टीम ने तकनीकी सर्विलांस और वैज्ञानिक अनुसंधान की मदद से जिले के विभिन्न क्षेत्रों से गायब हुए मोबाइल हैंडसेटों को ट्रैक किया। बरामद किए गए फोन की कुल संख्या 25 है, जिनकी बाजार में कीमत लाखों में आंकी जा रही है।
- बरामदगी: 25 सक्रिय मोबाइल फोन।
- प्रक्रिया: तकनीकी सेल (Technical Cell) द्वारा लगातार ट्रैकिंग।
- हस्तांतरण: पुलिस मुख्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान सभी पीड़ितों को उनके फोन वापस किए गए।
पीड़ितों के खिले चेहरे
अपना खोया हुआ फोन वापस पाकर लोगों के चेहरे पर खुशी साफ झलक रही थी। कई पीड़ितों ने बताया कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि उनका फोन कभी वापस मिलेगा, लेकिन मधेपुरा पुलिस की तत्परता ने उनके विश्वास को फिर से जगा दिया है।
मेरा फोन महीनों पहले गुम हो गया था। पुलिस ने न केवल उसे ढूंढ निकाला बल्कि पूरी प्रक्रिया में बहुत सहयोग किया। बिहार पुलिस का यह कार्य वाकई सराहनीय है।— एक स्थानीय नागरिक
पुलिस की अपील
- मोबाइल गुम होने पर तुरंत CEIR (Central Equipment Identity Register) पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।
- नजदीकी थाने में सनहा (Diary) दर्ज करना न भूलें।
- सेकेंड हैंड मोबाइल खरीदते समय सावधानी बरतें और बिल जरूर मांगें।
