
स्थानीय डेस्क: स्थानीय संस्कार भारती ग्लोबल स्कूल ने एक बार फिर अपनी गौरवशाली और स्वस्थ परंपरा को जीवंत करते हुए एक भव्य समारोह का आयोजन किया। विद्यालय के संस्थापक निदेशक डॉ. विजय रंजन के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में ‘संस्कारियंस चिल्ड्रेन्स डे’ को बेहद हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।
125 पाउंड का केक और भव्य महाभोज
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण 125 पाउंड का विशाल केक रहा, जिसे काटकर डॉ. विजय रंजन के जन्मदिवस और चिल्ड्रेन्स डे की खुशियां मनाई गईं। इस अवसर पर दसवीं और बारहवीं कक्षा के छात्र-छात्राओं के सम्मान में ‘ग्रेजुएशन फीस्ट-सह-महाभोज’ का आयोजन भी किया गया।
इस महाभोज में न केवल विद्यालय के छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और कर्मचारियों ने हिस्सा लिया, बल्कि शिक्षा जगत, समाज सेवा और मीडिया जगत के सैकड़ों गणमान्य लोगों ने भी शिरकत की।

सेवा का संकल्प: महा-रक्तदान शिविर
उत्सव के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हुए संस्कार नव निर्माण सेवा संस्थान के तत्वावधान में एक महा-रक्तदान शिविर आयोजित किया गया।
- प्रतिभागी: विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं के साथ-साथ कई समाजसेवियों और डॉ. रंजन के मित्रमंडली ने सेवाभाव से रक्तदान किया।
- प्रमुख उपस्थिति: संस्था अध्यक्ष उपेन्द्र यादव, पोल स्टार मधुबनी के निदेशक श्री कैलाश भारद्वाज और प्रो. डॉ. विजया सिंह जैसे प्रतिष्ठित व्यक्तित्व इस अवसर पर मौजूद रहे।

निदेशक का संदेश: शिक्षा और स्वास्थ्य पर जोर
विद्यालय के निदेशक डॉ. विजय रंजन ने अपने संबोधन में संस्थान के विजन को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा:
हमारा संस्थान समाज के अंतिम और वंचित व्यक्ति के शैक्षिक व सामाजिक उत्थान के लिए कृत संकल्पित है। हम इस दिशा में निरंतर प्रयास जारी रखेंगे।
रक्तदान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने आगे कहा कि एक स्वस्थ व्यक्ति को साल में कम से कम एक बार रक्तदान जरूर करना चाहिए। यह न केवल दूसरों का जीवन बचाता है, बल्कि स्वयं रक्तदाता के स्वास्थ्य के लिए भी अत्यंत लाभकारी है।
कार्यक्रम की मुख्य विशेषताएं (Highlights)
| गतिविधि | विवरण |
| अवसर | डॉ. विजय रंजन का जन्मदिन व चिल्ड्रेन्स डे |
| मुख्य आकर्षण | 125 पाउंड का केक |
| विशेष आयोजन | कक्षा 10वीं व 12वीं के लिए ग्रेजुएशन फीस्ट |
| सामाजिक कार्य | स्वैच्छिक रक्तदान शिविर |
| सहयोग | संस्कार नव निर्माण सेवा संस्थान |
निष्कर्ष: संस्कार भारती ग्लोबल स्कूल का यह आयोजन शिक्षा, संस्कार और सामाजिक सेवा का एक अनूठा संगम रहा। विद्यालय की यह पहल समाज के प्रति उनकी संवेदनशीलता और छात्रों के उज्ज्वल भविष्य के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।