बिहार के कुबेर बिजली इंजीनियर का खुलासा: 100 करोड़ का साम्राज्य, नेपाल में प्रेमिका के लिए बंगला और दार्जिलिंग में चाय बागान

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मधुबनी/पटना: बिहार में भ्रष्टाचार की जड़ें कितनी गहरी हैं, इसका अंदाजा आप मधुबनी के जयनगर में तैनात बिजली विभाग के कार्यपालक अभियंता (Executive Engineer) मनोज कुमार रजक की कुंडली देखकर लगा सकते हैं। आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की छापेमारी में जो सच सामने आया है, उसने पूरे महकमे में हड़कंप मचा दिया है। साहब ने जनता की गाढ़ी कमाई से ‘काली संपत्ति’ का ऐसा पहाड़ खड़ा किया है कि जांच अधिकारियों के भी होश उड़ गए हैं।

⚡ सरहद पार ‘इश्क’ और ‘अय्याशी’ का साम्राज्य

​खबरों के मुताबिक, इंजीनियर साहब का रसूख सिर्फ बिहार तक सीमित नहीं था। उन्होंने पड़ोसी देश नेपाल के सुनसरी में अपनी एक महिला रिश्तेदार (प्रेमिका) के लिए आलीशान बंगला बनवा रखा था। हद तो तब हो गई जब यह पता चला कि उस बंगले को बनवाने के लिए मजदूर भी साहब अपने गांव से ही भेजते थे।

📌 छापेमारी के वो 5 बड़े खुलासे जो आपको हैरान कर देंगे:

  1. 100 करोड़ की काली कमाई: शुरुआती जांच में साहब की कुल संपत्ति 100 करोड़ के आसपास आंकी जा रही है। सरकारी फाइलों में आय से 62.66% अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया गया है।
  2. जमीन का अंबार (17 कीमती प्लॉट): अररिया, सुपौल, दरभंगा और पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में कुल 17 कीमती प्लॉट के दस्तावेज मिले हैं। कागजों पर कीमत 1 करोड़ है, लेकिन मार्केट वैल्यू 3 करोड़ से भी ज्यादा है।
  3. दार्जिलिंग में चाय बागान और पेट्रोल पंप: साहब को चाय का इतना शौक था कि उन्होंने दार्जिलिंग में पार्टनरशिप में चाय बागान ही खरीद लिया। साथ ही, पत्नी वीणाश्री भारती के नाम पर पेट्रोल पंप और भाई के नाम पर गैस एजेंसी खोलने की पूरी तैयारी थी।
  4. सरकारी तंत्र से ‘महा-जालसाजी’: भ्रष्टाचार का गजब नमूना देखिए! साहब ने अपनी ही निजी स्कॉर्पियो गाड़ी को अपने ही सरकारी दफ्तर में किराए पर लगवा रखा था और उसका भाड़ा खुद ही डकार रहे थे।
  5. पूरा परिवार लपेटे में: EOU ने इस काले खेल में इंजीनियर के भाई संजय रजक और पिता बद्रीनारायण रजक को भी सह-अभियुक्त बनाया है।

💸 जनता अंधेरे में, साहब का साम्राज्य ‘रोशन’

​एक तरफ बिहार की जनता बिजली के बढ़ते बिल और अघोषित कटौती से त्रस्त है, वहीं दूसरी तरफ विभाग के ये ‘कुबेर’ अपनी काली कमाई से नेपाल तक साम्राज्य रोशन कर रहे थे। 10 ठिकानों पर हुई 7 घंटे की छापेमारी में भारी कैश, गहने और महंगी गाड़ियां (स्विफ्ट डिजायर और स्कॉर्पियो) बरामद हुई हैं।

भ्रष्ट अधिकारियों पर आपका क्या कहना है?

बिहार के इस ‘पावरफुल’ इंजीनियर की काली करतूतों पर आपकी क्या राय है? क्या ऐसे अधिकारियों की संपत्ति तुर कुर्क कर जेल भेज देना चाहिए?

​अपनी प्रतिक्रिया नीचे कमेंट बॉक्स में जरूर दें और भ्रष्टाचार के खिलाफ इस खबर को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें!

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