बड़ी खबर: लौकही पैक्स चुनाव में नेपाली नागरिकों की एंट्री! जिला पार्षद मलखान सिंह को BDO ने दी जेल भेजने की धमकी?

Laukahi Paxs Election Voter List Scam

लौकही, मधुबनी। बिहार के मधुबनी जिले के लौकही प्रखंड से एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है जिसने प्रशासनिक पारदर्शिता और लोकतांत्रिक मूल्यों पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। जीरोगा पंचायत में हुए पैक्स अध्यक्ष चुनाव की मतदाता सूची में दूसरे देश (नेपाल) के नागरिकों के नाम शामिल होने और उनसे मतदान कराने का गंभीर आरोप लगा है। लेकिन इससे भी ज्यादा चौंकाने वाली बात वह है जो स्थानीय जिला परिषद सदस्य मलखान सिंह ने उजागर की है।

432601
432603

ज्यादा उड़े तो जेल भेज देंगे – BDO पर गंभीर आरोप

​जिला परिषद क्षेत्र संख्या 42 के सदस्य मलखान सिंह ने इस पूरे मामले पर प्रखंड निर्वाचन पदाधिकारी सह प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) को फोन कर जानकारी दी थी। मलखान सिंह का आरोप है कि जब उन्होंने नेपाली नागरिकों द्वारा वोटिंग किए जाने की शिकायत की, तो BDO साहब ने समाधान करने के बजाय उन्हें ही धमका दिया।

​मलखान सिंह के अनुसार, BDO ने कहा– “वोटर लिस्ट में जिसका नाम है, वह वोट देगा। अगर ज्यादा इधर-उधर (विरोध) करोगे, तो सीधे गिरफ्तार करवाकर जेल भिजवा देंगे।” दूसरे देश के नागरिक कैसे बने पैक्स सदस्य?

यह मामला न केवल चुनावी धांधली का है, बल्कि देश की सुरक्षा से भी जुड़ा है।

  1. साजिश के तहत सदस्यता: आरोप है कि जानबूझकर नेपाली नागरिकों को चिन्हित कर उन्हें पैक्स का सदस्य बनाया गया।
  2. वोटिंग का खेल: चुनाव के दिन इन विदेशी नागरिकों को बुलाकर वोटिंग कराई गई, ताकि विशेष प्रत्याशी को जीत दिलाई जा सके।
  3. प्रशासनिक संज्ञान: सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब मामला प्रखंड निर्वाचन पदाधिकारी के संज्ञान में लाया गया, तो उन्होंने जांच के बजाय शिकायतकर्ता को ही चुप कराने की कोशिश क्यों की?

सरकारी योजनाओं में लूट की मास्टर प्लानिंग

​स्थानीय सूत्रों का कहना है कि वोटर लिस्ट में इन नामों को शामिल करने का मकसद सिर्फ चुनाव जीतना नहीं है। इन्हीं फर्जी दस्तावेजों के सहारे शौचालय योजना, आवास योजना और अन्य सरकारी अनुदान की राशि हड़पने की पूरी तैयारी है। यह सीधे तौर पर सरकारी खजाने और भारतीय करदाताओं के पैसे की लूट है।

लोकतंत्र के लिए काला दिन

​एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि को अधिकारी द्वारा जेल भेजने की धमकी देना और विदेशी नागरिकों से भारतीय चुनाव में मतदान कराना लोकतंत्र की हत्या के समान है। यदि सीमावर्ती क्षेत्रों में इसी तरह प्रशासनिक संरक्षण में विदेशी नागरिक सरकारी तंत्र का हिस्सा बनते रहे, तो यह राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा साबित होगा।

भूमि न्यूज़ लाइव की मांग

​इस मामले के उजागर होने के बाद भूमि न्यूज़ लाइव जिला प्रशासन, मधुबनी जिलाधिकारी (DM) और राज्य निर्वाचन आयोग से मांग करता है कि:

दोषियों पर FIR: विदेशी नागरिकों को सदस्य बनाने वाले और इसमें संलिप्त अधिकारियों पर अविलंब प्राथमिकी दर्ज की जाए।

BDO की भूमिका की जांच: जिस अधिकारी ने शिकायतकर्ता को धमकी दी, उनकी भूमिका की उच्चस्तरीय जांच हो।

वोटर लिस्ट का मिलान: जीरोगा पंचायत की पैक्स वोटर लिस्ट का मिलान नेपाली नागरिकता के दस्तावेजों से कराया जाए।

बिहार के कुबेर बिजली इंजीनियर का खुलासा: 100 करोड़ का साम्राज्य, नेपाल में प्रेमिका के लिए बंगला और दार्जिलिंग में चाय बागान

414096

मधुबनी/पटना: बिहार में भ्रष्टाचार की जड़ें कितनी गहरी हैं, इसका अंदाजा आप मधुबनी के जयनगर में तैनात बिजली विभाग के कार्यपालक अभियंता (Executive Engineer) मनोज कुमार रजक की कुंडली देखकर लगा सकते हैं। आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की छापेमारी में जो सच सामने आया है, उसने पूरे महकमे में हड़कंप मचा दिया है। साहब ने जनता की गाढ़ी कमाई से ‘काली संपत्ति’ का ऐसा पहाड़ खड़ा किया है कि जांच अधिकारियों के भी होश उड़ गए हैं।

414080

⚡ सरहद पार ‘इश्क’ और ‘अय्याशी’ का साम्राज्य

​खबरों के मुताबिक, इंजीनियर साहब का रसूख सिर्फ बिहार तक सीमित नहीं था। उन्होंने पड़ोसी देश नेपाल के सुनसरी में अपनी एक महिला रिश्तेदार (प्रेमिका) के लिए आलीशान बंगला बनवा रखा था। हद तो तब हो गई जब यह पता चला कि उस बंगले को बनवाने के लिए मजदूर भी साहब अपने गांव से ही भेजते थे।

📌 छापेमारी के वो 5 बड़े खुलासे जो आपको हैरान कर देंगे:

  1. 100 करोड़ की काली कमाई: शुरुआती जांच में साहब की कुल संपत्ति 100 करोड़ के आसपास आंकी जा रही है। सरकारी फाइलों में आय से 62.66% अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया गया है।
  2. जमीन का अंबार (17 कीमती प्लॉट): अररिया, सुपौल, दरभंगा और पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में कुल 17 कीमती प्लॉट के दस्तावेज मिले हैं। कागजों पर कीमत 1 करोड़ है, लेकिन मार्केट वैल्यू 3 करोड़ से भी ज्यादा है।
  3. दार्जिलिंग में चाय बागान और पेट्रोल पंप: साहब को चाय का इतना शौक था कि उन्होंने दार्जिलिंग में पार्टनरशिप में चाय बागान ही खरीद लिया। साथ ही, पत्नी वीणाश्री भारती के नाम पर पेट्रोल पंप और भाई के नाम पर गैस एजेंसी खोलने की पूरी तैयारी थी।
  4. सरकारी तंत्र से ‘महा-जालसाजी’: भ्रष्टाचार का गजब नमूना देखिए! साहब ने अपनी ही निजी स्कॉर्पियो गाड़ी को अपने ही सरकारी दफ्तर में किराए पर लगवा रखा था और उसका भाड़ा खुद ही डकार रहे थे।
  5. पूरा परिवार लपेटे में: EOU ने इस काले खेल में इंजीनियर के भाई संजय रजक और पिता बद्रीनारायण रजक को भी सह-अभियुक्त बनाया है।

💸 जनता अंधेरे में, साहब का साम्राज्य ‘रोशन’

​एक तरफ बिहार की जनता बिजली के बढ़ते बिल और अघोषित कटौती से त्रस्त है, वहीं दूसरी तरफ विभाग के ये ‘कुबेर’ अपनी काली कमाई से नेपाल तक साम्राज्य रोशन कर रहे थे। 10 ठिकानों पर हुई 7 घंटे की छापेमारी में भारी कैश, गहने और महंगी गाड़ियां (स्विफ्ट डिजायर और स्कॉर्पियो) बरामद हुई हैं।

भ्रष्ट अधिकारियों पर आपका क्या कहना है?

बिहार के इस ‘पावरफुल’ इंजीनियर की काली करतूतों पर आपकी क्या राय है? क्या ऐसे अधिकारियों की संपत्ति तुर कुर्क कर जेल भेज देना चाहिए?

​अपनी प्रतिक्रिया नीचे कमेंट बॉक्स में जरूर दें और भ्रष्टाचार के खिलाफ इस खबर को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें!

b