
पटना/मधुबनी: बिहार की राजनीति से एक अत्यंत दुखद खबर सामने आ रही है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के सबसे भरोसेमंद साथियों में से एक और राजद के संस्थापक सदस्य विनोद कुमार गोईट का आज शुक्रवार (10 अप्रैल 2026) को पटना के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया।
लालू प्रसाद यादव के संकटमोचक और विश्वसनीय साथी
विनोद कुमार गोईत की गिनती लालू प्रसाद यादव के उन चुनिंदा करीबियों में होती थी, जिन्होंने पार्टी के गठन से लेकर संघर्ष के हर दौर में कंधे से कंधा मिलाकर साथ दिया। उन्हें राजद मधुबनी का प्रथम जिला अध्यक्ष बनाकर लालू यादव ने उन पर अपना अटूट विश्वास जताया था। वर्तमान में भी वे प्रदेश राजकीय कार्यकारिणी सदस्य के रूप में पार्टी की मजबूती के लिए सक्रिय थे।
पटना साइंस कॉलेज से शुरू हुआ था सफर
साधारण व्यक्तित्व और असाधारण प्रतिभा के धनी विनोद बाबू पटना साइंस कॉलेज के छात्र रहे थे, जहाँ से उन्होंने B.Sc. जूलॉजी ऑनर्स की डिग्री ली। शिक्षा के दौरान ही वे जेपी आंदोलन से जुड़ गए। आपातकाल के समय गिरफ्तारी से बचने के लिए उन्होंने नेपाल में रहकर आंदोलन का नेतृत्व किया, जिसने उनके राजनीतिक कद को और ऊँचा कर दिया।
प्रतिष्ठित पारिवारिक और राजनीतिक पृष्ठभूमि
जमींदार परिवार: वे मधुबनी के एक संपन्न जमींदार परिवार से थे और स्वर्गीय रासदेव गोईत के बड़े पुत्र थे।
विरासत: वे लौकहा के पूर्व विधायक स्वर्गीय कुलदेव गोईत के भतीजे थे। कुलदेव जी के दौर में उन्होंने एक युवा नेता के रूप में अपनी सांगठनिक क्षमता का परिचय दिया था।
चुनावी रण: 1985 में उन्होंने लौकहा विधानसभा से निर्दलीय चुनाव लड़कर अपनी मजबूत लोकप्रियता का प्रमाण दिया था।
अंतरराष्ट्रीय भूमिका: वे घोषिण मंच भारत-नेपाल के मुख्य सभापति के रूप में दोनों देशों के रिश्तों की अहम कड़ी थे।
आज शाम 3 बजे होगा अंतिम संस्कार
आज दोपहर पटना में अंतिम सांस लेने के बाद उनके पार्थिव शरीर को उनके पैतृक गांव ले जाया जा रहा है। उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए राजद कार्यकर्ताओं ने इसे एक युग का अंत बताया है।
अंतिम विदाई: आज शाम 3:00 बजे, मधुबनी के लौकही प्रखंड के सोनबर्षा में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।