
बिहार के वित्त मंत्री श्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने आज विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया। लाल रंग के ब्रीफकेस में लाया गया यह बजट राज्य को ‘विकसित बिहार’ और ‘आत्मनिर्भर’ बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम बताया जा रहा है।
इस बजट का कुल आकार 3,47,589.76 करोड़ रुपये है, जो पिछले वर्ष की तुलना में काफी अधिक है। सरकार ने इस बजट में रोजगार, महिला सशक्तिकरण और बुनियादी ढांचे (Infrastructure) पर सबसे ज्यादा जोर दिया है।
आइये जानते हैं इस बजट की मुख्य विशेषताएं और आम जनता के लिए इसमें क्या खास है।
1. बजट का आकार और आर्थिक विकास दर
वित्त मंत्री ने बताया कि वर्ष 2026-27 के लिए बिहार का कुल बजट 3.47 लाख करोड़ रुपये से अधिक का है।
- विकास दर: बिहार की अर्थव्यवस्था 2025-26 के लिए 14.9% की दर से आगे बढ़ने का अनुमान है, जो देश के कई बड़े राज्यों से अधिक है।
- राजकोषीय घाटा (Fiscal Deficit): इसे सकल घरेलू उत्पाद (GSDP) के 2.99% पर सीमित रखने का लक्ष्य रखा गया है, जो वित्तीय अनुशासन को दर्शाता है।

2. मुख्यमंत्री के नेतृत्व के “5 तत्व”
बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री ने मुख्यमंत्री के नेतृत्व की सराहना करते हुए 5 प्रमुख तत्वों का जिक्र किया जो बिहार के विकास का आधार बनेंगे:
- ज्ञान (Knowledge)
- ईमान (Integrity)
- विज्ञान (Science)
- अरमान (Aspirations)
- सम्मान (Respect)
3. रोजगार पर सबसे बड़ा वार: ‘सात निश्चय-3’ का आगाज
सरकार ने ‘सात निश्चय-3’ के संकल्प के साथ बिहार को विकसित राज्यों की श्रेणी में लाने का लक्ष्य रखा है।
- 1 करोड़ रोजगार: सरकार ने राज्य में 1 करोड़ रोजगार के अवसर पैदा करने का लक्ष्य रखा है।
- प्रति व्यक्ति आय: राज्य की प्रति व्यक्ति आय (Per Capita Income) को दोगुना करने का संकल्प लिया गया है।
4. महिला सशक्तिकरण: लखपति दीदी और आर्थिक मदद
बिहार बजट 2026-27 में महिलाओं के लिए खजाना खोल दिया गया है:
- आर्थिक सहायता: अब तक 1 करोड़ 56 लाख से अधिक महिला सदस्यों को 10-10 हजार रुपये की सहायता दी जा चुकी है।
- बिजनेस के लिए मदद: महिलाओं को अपना व्यवसाय बढ़ाने के लिए 2 लाख रुपये तक की अतिरिक्त सहायता राशि उपलब्ध कराई जाएगी।
5. गरीबी उन्मूलन और लघु उद्यमी योजना
जाति आधारित गणना के आंकड़ों के आधार पर सरकार गरीबों की मदद के लिए प्रतिबद्ध है।
- चिन्हित 94 लाख गरीब परिवारों को ‘लघु उद्यमी योजना’ के माध्यम से सशक्त बनाया जाएगा।
- शहरी गरीबों के लिए सस्ते आवास उपलब्ध कराने का प्रावधान भी बजट में शामिल है।
6. केंद्र सरकार का सहयोग और बड़ी परियोजनाएं
वित्त मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार के सहयोग की सराहना की। बजट में इन केंद्रीय परियोजनाओं का जिक्र किया गया:
- बिहार में मखाना बोर्ड की स्थापना।
- आईटीआई (ITI) पटना का विस्तार।
- नए हवाई अड्डे और खाद्य प्रसंस्करण संस्थान।
- प्रमुख सिंचाई परियोजनाओं में विशेष वित्तीय मदद।
7. इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी
बिहार के बुनियादी ढांचे को विश्वस्तरीय बनाने के लिए बजट में कई घोषणाएं की गई हैं:
- राज्य में 5 नए एक्सप्रेस-वे (Expressways) का निर्माण।
- सौर ऊर्जा (Solar Energy) का व्यापक विस्तार।
- नदी जोड़ो परियोजनाओं पर काम।
8. कृषि और ग्रामीण विकास (चौथा कृषि रोडमैप)
किसानों की आय बढ़ाने के लिए चौथे कृषि रोडमैप पर जोर दिया गया है:
- मखाना उत्पादन, डेयरी उद्योग और मत्स्य पालन को प्रोत्साहन।
- हाट-बाजारों का विकास ताकि स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा मिले।
9. शिक्षा और स्वास्थ्य
- हर प्रखंड में आदर्श विद्यालय और डिग्री कॉलेज की स्थापना।
- जिला अस्पतालों को सुपर स्पेशलिटी स्तर तक अपग्रेड करना।
10. ईज ऑफ लिविंग (Ease of Living)
बुजुर्गों और आम नागरिकों के लिए जीवन आसान बनाने की पहल:
- वृद्धजनों के लिए घर पर ही स्वास्थ्य सुविधाएं।
- संपत्ति पंजीकरण (Property Registration) की सुविधा घर पर ही उपलब्ध कराने का प्रस्ताव।
निष्कर्ष (Conclusion)
बिहार बजट 2026-27 स्पष्ट रूप से इंफ्रास्ट्रक्चर और रोजगार पर केंद्रित बजट है। 14.9% की विकास दर का अनुमान और 1 करोड़ रोजगार का वादा बिहार के युवाओं के लिए नई उम्मीदें लेकर आया है। अब देखना यह होगा कि धरातल पर ये योजनाएं कितनी जल्दी लागू होती हैं।
आपका क्या मानना है?
क्या यह बजट बिहार की तकदीर बदल पाएगा? हमें कमेंट बॉक्स में अपनी राय जरूर दें।
बहुत अच्छा बजट मंत्री जी …