
बिहार की राजनीति और अर्थव्यवस्था के लिए फरवरी का महीना बेहद अहम होने जा रहा है। 2 फरवरी 2026 से बिहार विधानसभा का बजट सत्र शुरू हो रहा है, जो 25 फरवरी तक चलेगा। इस बार सभी की निगाहें वरिष्ठ मंत्री और वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव पर टिकी हैं, जो एनडीए (NDA) सरकार का पहला पूर्ण बजट पेश करेंगे।
कुल 19-20 कार्य दिवसों वाले इस सत्र में सरकार न केवल अपना लेखा-जोखा पेश करेगी, बल्कि राज्य के विकास का नया रोडमैप भी सामने रखेगी।
बजट का संभावित आकार: विकास की नई छलांग
वित्तीय वर्ष 2025-26: ₹3.17 लाख करोड़ (पिछला बजट)
वित्तीय वर्ष 2026-27 (अनुमानित): ₹3.20 लाख करोड़ से ₹3.24 लाख करोड़ के बीच।
बजट में यह वृद्धि स्पष्ट करती है कि सरकार विकास कार्यों की गति को धीमा नहीं पड़ने देना चाहती है।
किन क्षेत्रों पर रहेगा सरकार का ‘मेगा फोकस’?
1. बुनियादी ढांचा (Infrastructure)
सड़क, बिजली और सिंचाई हमेशा से सरकार की प्राथमिकता रही है। चूंकि बिजेंद्र यादव लंबे समय तक ऊर्जा मंत्री रहे हैं, इसलिए बिजली क्षेत्र में सुधार और सौर ऊर्जा (Solar Energy) को लेकर नई घोषणाएं संभव हैं।
2. रोजगार और युवा (Employment & Youth)
युवाओं के लिए यह बजट काफी अहम है।
- स्किल डेवलपमेंट: शिक्षा को सीधे रोजगार से जोड़ने (Education-Employment Linkage) के लिए नई योजनाएं आ सकती हैं।
- स्वरोजगार के लिए स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने पर जोर रहेगा।
3. महिला सशक्तिकरण (Women Empowerment)
’जीविका दीदियों’ की सफलता के बाद, सरकार महिलाओं के लिए आर्थिक सहायता और उद्यमिता की नई/विस्तारित योजनाएं ला सकती है।
4. शिक्षा और स्वास्थ्य (Education & Health)
हर बार की तरह, बजट का सबसे बड़ा हिस्सा शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र को जाने की संभावना है। अस्पतालों के आधुनिकीकरण और स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर विशेष प्रावधान हो सकते हैं।
5. कृषि और बाढ़ प्रबंधन (Agriculture & Flood Management)
बिहार के लिए बाढ़ और सूखा दो बड़ी चुनौतियां हैं। वित्त मंत्री ने हाल ही में केंद्र सरकार से जल संसाधन और बाढ़ प्रबंधन के लिए विशेष पैकेज की मांग की है। बजट में कोसी-मेची लिंक परियोजना जैसी योजनाओं के लिए राशि आवंटित की जा सकती है।
डेटा-ड्रिवन प्लानिंग: विकास का नया मंत्र
इस बार के बजट की एक खास बात ‘डेटा-ड्रिवन प्लानिंग’ (Data-Driven Planning) होगी। उद्योग स्थापना और आर्थिक विकास के लिए सरकार अब सिर्फ अनुमानों पर नहीं, बल्कि ठोस आंकड़ों के आधार पर नीतियां बनाएगी। इसका उद्देश्य राज्य में निवेश बढ़ाना और उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल तैयार करना है।
2 फरवरी से शुरू होने वाला यह सत्र न केवल आंकड़ों का खेल होगा, बल्कि यह 2026 और उससे आगे के बिहार की तस्वीर तय करेगा। वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव के अनुभव और केंद्र-राज्य के तालमेल से बिहार की जनता को एक संतुलित और विकासोन्मुखी बजट की उम्मीद है।
नोट: बजट सत्र की पल-पल की अपडेट और वित्त मंत्री के भाषण के मुख्य अंशों के लिए हमारे साथ बने रहें।