डिजिटल इंडिया में 16 वर्षों से बंद पड़ा है यह स्कूल, ग्रामीणों ने शुरू किया आमरण अनशन

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खुटौना (मधुबनी): शिक्षा के अधिकार की बातें कागजों पर भले ही सुनहरी लगें, लेकिन धरातल पर स्थिति कुछ और ही बयां करती है। खुटौना प्रखंड के चतुर्भुज पिपराही पंचायत स्थित खिलही के नोनिया टोल में पिछले 16 वर्षों से बंद पड़े प्राथमिक विद्यालय को फिर से शुरू करवाने के लिए ग्रामीणों का धैर्य जवाब दे गया है। प्रशासन की बेरुखी से नाराज ग्रामीणों ने अब आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है।

प्रमुख के नेतृत्व में अनिश्चितकालीन अनशन शुरू

​विद्यालय के अस्तित्व को बचाने और बच्चों के भविष्य को संवारने के लिए खुटौना के पूर्व प्रमुख सह वर्तमान पंचायत समिति सदस्य संजीव भिंडवार के नेतृत्व में अनिश्चितकालीन आमरण अनशन शुरू किया गया है। यह आंदोलन उसी बंद पड़े विद्यालय के परिसर में शुरू किया गया है, जो कभी बच्चों की खिलखिलाहट से गूंजता था।

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क्यों फूटा ग्रामीणों का आक्रोश?

​आंदोलनकारियों का कहना है कि विद्यालय बंद होने के कारण सबसे ज्यादा मार गरीब परिवारों और छोटे बच्चों पर पड़ रही है।

प्रशासनिक अनदेखी: ग्रामीणों के अनुसार, शिक्षा विभाग के अधिकारियों को बार-बार सूचित करने के बाद भी अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।

दूरी की समस्या: बच्चों को प्राथमिक शिक्षा के लिए लंबी दूरी तय कर दूसरे गांवों में जाना पड़ता है।

सुरक्षा का डर: छोटे बच्चों को दूर भेजने में अभिभावक हमेशा आशंकित रहते हैं।

​जब तक विद्यालय को पुनः चालू करने के लिए विभाग की ओर से कोई ठोस लिखित निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक हमारा अनशन जारी रहेगा। यह बच्चों के भविष्य का सवाल है।

संजीव भिंडवार, आंदोलनकारी नेतृत्वकर्ता

अनशन पर बैठे 12 सत्याग्रही

​इस आंदोलन में संजीव भिंडवार के साथ कुल 12 लोग आमरण अनशन पर बैठे हैं। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:

  • ​रामेश्वर महतो, रामकृष्ण महतो, विष्णु देव महतो, यशोधर महतो।
  • ​रविंद्र महतो, शोभित महतो, सूर्य नारायण महतो, जुगत लाल महतो।
  • ​रामस्वरूप महतो, राम प्रकाश महतो और बलराम महतो।

क्षेत्र में चर्चा का विषय

​जैसे-जैसे अनशन का समय बढ़ रहा है, आस-पास के गांवों के लोगों का समर्थन भी बढ़ता जा रहा है। भारी संख्या में ग्रामीण अनशन स्थल पर पहुंचकर एकजुटता दिखा रहे हैं। अब देखना यह है कि कुंभकर्णी नींद में सोया शिक्षा विभाग इस जन आक्रोश के बाद जागता है या नोनिया टोल के बच्चों का भविष्य अंधेरे में ही रहेगा।

Author: KARTIK KUMAR

कार्तिक कुमार(Kartik Kumar) एक समर्पित मीडिया पेशेवर हैं जो वर्तमान में Bhoomi News Live में अपनी सेवाएँ दे रहे हैं। डिजिटल मीडिया के बदलते स्वरूप और समाचारों के प्रति अपनी गहरी समझ के साथ, वे जनता तक सटीक, समयबद्ध और प्रभावशाली कहानियाँ पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। कार्तिक पत्रकारिता की अखंडता (Journalistic Integrity) और सिद्धांतों के प्रति पूरी तरह समर्पित हैं। वे जटिल घटनाओं और आम जनता के बीच की दूरी को पाटने का प्रयास करते हैं, ताकि समुदाय स्थानीय और राष्ट्रीय विकास के प्रति जागरूक रहे। हाई-प्रेशर न्यूज़ एनवायरनमेंट में काम करते हुए भी, कार्तिक का दृष्टिकोण "पीपल-फर्स्ट" (जनता प्रथम) रहता है, जहाँ वे सत्यता और गति के बीच संतुलन बनाए रखते हैं।

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