
झंझारपुर: स्थानीय ललित नारायण जनता (L.N.J.) महाविद्यालय में 8 जनवरी को खेल सामग्री के वितरण को लेकर एक बड़ा विवाद सामने आया है। महाविद्यालय प्रशासन और खेल विभाग के कर्मचारियों पर छात्रों के साथ भेदभाव और अभद्रता करने का गंभीर आरोप लगा है। इस घटना के बाद कैंपस का माहौल तनावपूर्ण हो गया है।
क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना उस वक्त हुई जब महाविद्यालय के कुछ छात्र खेलने के लिए खेल विभाग में सामग्री (Sports Kit) लेने पहुंचे। छात्रों का आरोप है कि खेल विभाग के कर्मचारियों ने नियम का हवाला देते हुए उनसे सामग्री के बदले 10 छात्रों का आईडेंटिटी कार्ड (ID Card) जमा करने की मांग की।
विवाद तब गहरा गया जब छात्रों ने देखा कि उसी समय महाविद्यालय के कुछ प्रोफेसरों के निजी बच्चों को बिना किसी कड़े नियम के खेल सामग्री दे दी गई और वे उसे लेकर घर जा रहे थे।
स्टाफ पर अभद्रता और धमकी देने का आरोप
जब छात्रों ने इस दोहरे रवैये पर सवाल उठाया, तो आरोप है कि खेल विभाग के स्टाफ ने जवाब देने के बजाय छात्र नेताओं के साथ बदसलूकी शुरू कर दी। मिथिला स्टूडेंट यूनियन (MSU) का कहना है कि स्टाफ ने अभद्र भाषा का प्रयोग किया और कहा, “जहाँ जाना है जाओ, गला पकड़ के बाहर फेंक देंगे।”
वायरल हो रहे वीडियो में भी तीखी नोकझोंक देखी जा सकती है। आरोप है कि इस दौरान महाविद्यालय प्रभारी कुंदन भारती के साथ भी धक्का-मुक्की की गई। MSU ने इसे शिक्षक मर्यादा और शैक्षणिक वातावरण पर गहरा आघात बताया है।
MSU ने दिया 3 दिन का अल्टीमेटम
इस घटना पर कड़ा रुख अपनाते हुए मिथिला स्टूडेंट यूनियन ने कॉलेज प्रशासन को चेतावनी दी है। संगठन ने स्पष्ट किया है कि छात्रों के साथ भेदभाव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
यूनियन ने मांग की है कि:
- पूरे मामले की 3 दिनों के भीतर निष्पक्ष जाँच हो।
- दोषी प्रोफेसर और कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल की चेतावनी
MSU ने ऐलान किया है कि यदि निर्धारित समय-सीमा के भीतर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती है, तो वे 13 जनवरी से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करने के लिए बाध्य होंगे। संगठन ने कहा है कि इसकी पूरी जिम्मेदारी महाविद्यालय प्रशासन की होगी और छात्रों के सम्मान की लड़ाई आखिरी दम तक लड़ी जाएगी।