मधुबनी: PMGSY की ‘हाई-टेक’ सड़क पर PHED का ‘हथौड़ा’, करोड़ों की सरकारी संपत्ति की बर्बादी पर कब जागेगा प्रशासन?

बिहार के मधुबनी जिले में विकास के नाम पर एक विभाग दूसरे विभाग की मेहनत और जनता की गाढ़ी कमाई पर पानी फेर रहा है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY-III) के तहत अत्याधुनिक ‘FDR Technology‘ से बनाई जा रही करोड़ों की सड़क को PHED विभाग द्वारा बिना किसी अनुमति (NOC) के बुरी तरह क्षतिग्रस्त किया जा रहा है। NKSP Infra Pvt. Ltd. और ग्रामीण कार्य विभाग (RWD) की बार-बार चेतावनी के बावजूद PHED झांझरपुर प्रमंडल की मनमानी रुकने का नाम नहीं ले रही है।

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​क्या है पूरा मामला..?

मधुबनी के खुटौना प्रखंड के अंतर्गत T28- बेलहा से ललमनियां वाया खुटौना प्रखंड मुख्यालय तक सड़क का निर्माण कार्य चल रहा है। इस सड़क का निर्माण FDR (Full Depth Reclamation) तकनीक से किया जा रहा है, जो बिहार की सबसे आधुनिक सड़क निर्माण तकनीकों में से एक है।

लेकिन, PHED विभाग द्वारा ‘सात निश्चय योजना’ के तहत पाइप लाइन बिछाने के लिए चैनेज 4600 से 4772 के बीच (गढ़िया गाँव के पास) सड़क को गैर-तकनीकी तरीके से काटा जा रहा है। हैरान करने वाली बात यह है कि इसके लिए PHED ने ग्रामीण कार्य विभाग से कोई अनापत्ति प्रमाण-पत्र (NOC) तक नहीं लिया।

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FDR तकनीक: एक बार टूटी तो मरम्मत नामुमकिन!

विशेषज्ञों और निर्माण कंपनी (NKSP Infra) के अनुसार, FDR तकनीक से बनी सड़क में जॉब मिक्स फॉर्मूला का उपयोग होता है। यदि एक बार यह सड़क बेस से क्षतिग्रस्त हो जाती है, तो इसे सामान्य तरीके से पैच वर्क कर के ठीक नहीं किया जा सकता। इसके पुनर्स्थापन (Restoration) के लिए उन्हीं करोड़ों की मशीनों की जरूरत पड़ती है, जो फिलहाल बिहार में उपलब्ध नहीं हैं। यानी PHED की एक छोटी सी लापरवाही सरकार को करोड़ों का चूना लगा रही है।

चेतावनी को किया गया अनसुना:

दस्तावेजों से पता चलता है कि:

  • 22 नवंबर 2025 को कार्यपालक अभियंता (RWD, फुलपरास) ने PHED को पत्र लिखकर काम रोकने को कहा था।
  • 18 दिसंबर 2025 को दोबारा चेतावनी दी गई कि बगैर NOC के काम करना विभागीय कार्रवाई का आधार बन सकता है।
  • 02 जनवरी 2026 को अभियंता प्रमुख-सह-अपर आयुक्त (बिहार सरकार) ने भी इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए काम को तत्काल स्थगित करने का निर्देश दिया है।

लापरवाही या भ्रष्टाचार?

पूर्व में Bhoomi News Live की रिपोर्ट में भी PHED झांझरपुर प्रमंडल द्वारा राजस्व की क्षति और बिजली चोरी जैसे गंभीर आरोप लग चुके हैं। अब नई सड़क को क्षतिग्रस्त करना यह दर्शाता है कि विभागों के बीच आपसी समन्वय (Coordination) की भारी कमी है, जिसका खामियाजा जनता भुगत रही है।

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मुख्य सवाल:

  • बिना NOC के PHED ने खुदाई कैसे शुरू की?​
  • क्या PHED के पास सड़क मरम्मत के लिए आधुनिक FDR मशीनें हैं? अगर नहीं, तो सड़क कौन ठीक करेगा?​
  • क्या दोषी अधिकारियों पर सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में कार्रवाई होगी?

निष्कर्ष: एक तरफ बिहार सरकार चमचमाती सड़कों का जाल बिछा रही है, वहीं दूसरी तरफ अधिकारियों की आपसी खींचतान और तानाशाही रवैया विकास को गड्ढे में धकेल रहा है। अगर समय रहते प्रशासन नहीं जागा, तो खुटौना की यह ‘मॉडल रोड’ बनने से पहले ही खंडहर में तब्दील हो जाएगी।

अफसरों की नाक के नीचे ‘गायब’ हो गई 21 एकड़ जमीन, सच्चाई जानकर आप भी हैरान रह जाएंगे

मुजफ्फरपुर (बिहार): बिहार में सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे और भू-माफियाओं की सक्रियता का एक बड़ा मामला सामने आया है। मुजफ्फरपुर जिले के मीनापुर अंचल में प्रशासन की नाक के नीचे 21 एकड़ सरकारी जमीन को कागजों में हेरफेर कर निजी (रैयती) घोषित कर दिया गया। ताज्जुब की बात यह है कि इस पूरी प्रक्रिया के दौरान राजस्व विभाग के अधिकारी ‘सोते’ रहे।

21 acres government land scam in Muzaffarpur Meenapur block Bhomi News Live

क्या है पूरा मामला?

मामला मीनापुर अंचल के मदारीपुर कर्ण मौजे का है। यहाँ करीब 21 एकड़ सरकारी जमीन, जो कभी खतियान में दर्ज थी, उसे धीरे-धीरे 150 से अधिक लोगों के नाम पर दर्ज (जमाबंदी) कर दिया गया। शुरुआत एक-दो नामों से हुई और देखते ही देखते करोड़ों की सरकारी जमीन पर निजी मालिकाना हक जता दिया गया। यहाँ तक कि इस जमीन पर कई मकान भी बन चुके हैं।

एक युवक की सजगता ने खोली पोल

इस बड़े भूमि घोटाले का खुलासा गांव के ही एक युवक अमरेंद्र कुमार ने किया। अमरेंद्र ने खुद अनजाने में इसी जमीन का एक हिस्सा (29 डिसमिल) खरीदा था। जब उन्हें पता चला कि यह जमीन सरकारी है, तो उन्होंने पीछे हटने के बजाय व्यवस्था को सुधारने की ठानी।

उन्होंने लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम (Public Grievance Redressal Act) का सहारा लिया और लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी।

DM का सख्त एक्शन

मामले की गंभीरता को देखते हुए मुजफ्फरपुर के जिलाधिकारी (DM) प्रणव कुमार ने सख्त रुख अपनाया है।

  • BLDR एक्ट के तहत कार्रवाई: DM ने करोड़ों की इस जमीन को वापस सरकारी खाते में लाने के लिए डीसीएलआर (DCLR) पूर्वी को बिहार भूमि विवाद निराकरण अधिनियम (BLDR Act) के तहत कार्रवाई का आदेश दिया है।
  • रिपोर्ट में खुलासा: अपर समाहर्ता की जांच में पाया गया कि कैडस्ट्रल सर्वे में यह जमीन सरकारी थी, लेकिन रिविजनल सर्वे के बाद भू-माफियाओं और भ्रष्ट कर्मचारियों की मिलीभगत से इसे निजी व्यक्तियों के नाम कर दिया गया।

मुख्य बिंदु:

  • स्थान: मदारीपुर कर्ण, मीनापुर अंचल, मुजफ्फरपुर।
  • कुल जमीन: 21 एकड़।
  • प्रभावित पक्ष: 150 से अधिक अवैध जमाबंदी।
  • कानूनी जरिया: लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के तहत द्वितीय अपील।

निष्कर्ष: यह मामला दर्शाता है कि यदि आम नागरिक जागरूक हो और सूचना के अधिकार या लोक शिकायत जैसे कानूनों का सही इस्तेमाल करे, तो बड़े से बड़े भ्रष्टाचार को उजागर किया जा सकता है। अब देखना यह है कि प्रशासन कितनी जल्दी इस जमीन को वापस सरकारी कब्जे में लेता है और दोषी अधिकारियों पर क्या कार्रवाई होती है।

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पटना पुलिस का बड़ा एक्शन: पूर्व DGP के दामाद से रंगदारी मांगने वाला कुख्यात मैनेजर राय एनकाउंटर में घायल

पटना: बिहार की राजधानी पटना में बेखौफ अपराधियों के खिलाफ पुलिस ने अपना शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। शुक्रवार को पटना के खगौल इलाके में पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में कुख्यात अपराधी मैनेजर राय गोली लगने से घायल हो गया। मैनेजर राय वही अपराधी है जिसने हाल ही में बिहार के पूर्व डीजीपी (DGP) गुप्तेश्वर पांडेय के दामाद से रंगदारी की मांग की थी।

पटना के खगौल में पुलिस और अपराधी मैनेजर राय के बीच मुठभेड़ का दृश्य - Bhoomi News Live

मुठभेड़ की पूरी जानकारी

यह घटना खगौल थाना क्षेत्र के खगौल लख के पास की है। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि मैनेजर राय किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में इलाके में मौजूद है। जब पुलिस ने उसे घेरने की कोशिश की, तो उसने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोलियां चलाईं।

  • कुल फायरिंग: पुलिस और अपराधी के बीच लगभग 6 राउंड गोलियां चलीं।
  • घायल: पुलिस की एक गोली मैनेजर राय के पैर में लगी, जिससे वह मौके पर ही गिर पड़ा।
  • बरामदगी: पुलिस ने घटनास्थल से एक देसी कट्टा और दो जिंदा कारतूस बरामद किए हैं।

एम्स में कराया गया भर्ती

एनकाउंटर के तुरंत बाद पुलिस ने घायल अपराधी को इलाज के लिए पटना एम्स (AIIMS) में भर्ती कराया है, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज चल रहा है। पुलिस ने अस्पताल के चारों ओर सुरक्षा कड़ी कर दी है।

मैनेजर राय का क्राइम रिकॉर्ड

मैनेजर राय इलाके का जाना-माना कुख्यात अपराधी है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार:

  1. उस पर हत्या, लूट, और रंगदारी के करीब 20 से ज्यादा मामले दर्ज हैं।
  2. वह काफी समय से पुलिस की हिट लिस्ट में था।
  3. पूर्व डीजीपी के दामाद को धमकी देने के बाद से पुलिस उसकी सरगर्मी से तलाश कर रही थी।

निष्कर्ष:

पटना पुलिस की इस कार्रवाई से अपराधियों में हड़कंप मच गया है। स्थानीय लोगों ने पुलिस के इस त्वरित एक्शन की सराहना की है। पुलिस अब मैनेजर राय के अन्य साथियों और उसके नेटवर्क को खंगालने में जुटी है ताकि गिरोह का पूरी तरह सफाया किया जा सके।

मधुबनी पुलिस की बड़ी कार्रवाई: पीतल के बर्तनों के शौकीन चोर गिरोह का पर्दाफाश, 7 शातिर दबोचे गए; भारी मात्रा में सामान बरामद

मधुबनी: जिले की पुलिस को अपराध नियंत्रण की दिशा में एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने अंधराठाढ़ी और बाबूबरही थाना क्षेत्रों में सक्रिय एक शातिर चोर गिरोह (Madhubani thief gang arrested) का भंडाफोड़ करते हुए कुल 7 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। इस गिरोह के पास से पुलिस ने न केवल चोरी के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, बल्कि भारी मात्रा में पीतल के कीमती बर्तन भी बरामद किए हैं।

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गृहभेदन की घटनाओं से दहशत में थे ग्रामीण:

प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, मधुबनी के झंझारपुर अनुमंडल अंतर्गत अंधराठाढ़ी थाना क्षेत्र में पिछले कुछ महीनों से लगातार चोरी और गृहभेदन (घर में घुसकर चोरी) की घटनाएं हो रही थीं। विशेष रूप से 14 दिसंबर और 17 दिसंबर 2025 को बाबूबरही थाना क्षेत्र के ग्राम-बेला और ग्राम-पिपरा रामपुर टोल में हुई बड़ी चोरियों ने पुलिस की चुनौती बढ़ा दी थी। इन घटनाओं में चोरों ने घर का ताला तोड़कर लाखों के जेवरात और नकदी पर हाथ साफ किया था।

विशेष टीम ने बिछाया जाल, ऐसे हत्थे चढ़े अपराधी:

बढ़ती वारदातों को देखते हुए पुलिस अधीक्षक, मधुबनी के निर्देशानुसार झंझारपुर के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। गुप्त सूचना और तकनीकी अनुसंधान के आधार पर टीम ने अंधराठाढ़ी थाना क्षेत्र के अलग-अलग स्थानों से 7 अभियुक्तों को चोरी के सामान के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान सभी ने स्वीकार किया कि वे एक संगठित गिरोह के रूप में अंधराठाढ़ी और बाबूबरही क्षेत्र में चोरी की घटनाओं को अंजाम देते थे।

बरामद सामान की सूची (मुख्य अंश):

पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर निम्नलिखित सामान बरामद किया है:

  • इलेक्ट्रॉनिक सामान: 1 बैटरी (टेम्पो की), 4 माइक, 1 यूनिट स्पीकर, 3 माइक वायर, 3 बाजा बजाने वाली मशीन और 1 पानी का मोटर।
  • पीतल के बर्तन (करीब 50 पीस): 12 पीतल के लोटा, 10 थाली, 6 कटोरा, 5 तशला, 5 कठौत, 3 गिलास, 3 कराही, 2 करछुल और 2 छोलनी।
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गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरण:

  1. अनुज कुमार झा (पिता- शैलेंद्र झा, गनौली, अंधराठाढ़ी)
  2. शिवम कुमार (पिता- शुभनारायण मिश्र, नवनगर, बाबूबरही)
  3.  शिवशंकर यादव (पिता- कपिलदेव यादव, बाड़ाघात, खुटौना)
  4.  दिपक साह (पिता- विनोद साह, बाबूबरही)
  5.  मुकेश कुमार (पिता- विनोद साह, बाबूबरही)
  6.  अखलाकुर रहमान (पिता- जियाउर रहमान, अंधरा, अंधराठाढ़ी)
  7.  गोपाल कुमार गोसाई (पिता- स्व० बहादुर गोसाई, बाबूबरही)
पुलिस की आगे की कार्रवाई:

मधुबनी पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्तों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है। विशेष टीम अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों और इनके द्वारा बेचे गए अन्य चोरी के सामानों की बरामदगी के लिए पूछताछ कर रही है। पुलिस का दावा है कि इस गिरफ्तारी से क्षेत्र में चोरी की घटनाओं पर लगाम लगेगी

मधुबनी: झंझारपुर के बेहट गांव में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, देसी पिस्टल और कारतूस के साथ आरोपी गिरफ्तार

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मधुबनी के झंझारपुर में आर.एस. शिविर थाना पुलिस ने बेहट गांव से सुनील मुखिया को अवैध देसी पिस्टल और जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार किया। पुलिस की इस कार्रवाई से इलाके में हड़कंप।

मधुबनी (बिहार): जिले की झंझारपुर पुलिस को अपराध नियंत्रण की दिशा में एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। मधुबनी पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत, आर.एस. शिविर थाना की पुलिस टीम ने बेहट गांव में छापेमारी कर एक आरोपी को अवैध हथियार और जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार किया है।

क्या है पूरा मामला?

प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिनांक 25 दिसंबर 2025 को कांड संख्या 120/25 के अनुसंधान के दौरान पुलिस टीम बेहट गांव पहुंची थी। वहां एक महिला ने पुलिस को सूचना दी कि सुनील मुखिया नाम के व्यक्ति ने पूर्व में फायरिंग की थी जिसमें वह घायल हो गई थी। महिला ने यह भी बताया कि घर में हुई एक संदिग्ध मौत के बाद से आरोपी और भी हिंसक हो गया है, जिससे ग्रामीणों में डर का माहौल था।

सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए सुनील मुखिया के घर पर छापेमारी की। शुरुआत में पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की गई, लेकिन कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपी ने हथियार छिपाने की बात स्वीकार कर ली।

बरामदगी और गिरफ्तारी

पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर घर की तलाशी ली, जहां से निम्नलिखित अवैध सामान बरामद किया गया:

  • देसी पिस्टल: 01
  • जिंदा कारतूस: 02 (मैगजीन के अंदर)

गिरफ्तार आरोपी की पहचान सुनील मुखिया (पिता- रामप्रसाद मुखिया), साकिन- बेहट, थाना- आर.एस. शिविर, जिला- मधुबनी के रूप में हुई है।

कानूनी कार्रवाई

पुलिस ने मौके पर गवाहों की उपस्थिति में हथियार को जब्त कर लिया है। आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट (Arms Act) की सुसंगत धाराओं (25(1-बी)ए/26/35/27) के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। थाना प्रभारी ने बताया कि मामले में विधि-सम्मत अग्रिम कार्रवाई की जा रही है।

विशेष रिपोर्ट: खुटौना में PHED और बिजली विभाग की ‘जुगलबंदी’ से सरकार को करोड़ों का चूना..?

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टोका फंसाकर चल रहा नल-जल: खुटौना में PHED विभाग की सरेआम डकैती, क्या सो रहा है प्रशासन?

खुटौना, मधुबनी। बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाएं भ्रष्टाचार और विभागीय सांठगांठ की भेंट कैसे चढ़ती हैं, इसका ज्वलंत उदाहरण मधुबनी जिले के खुटौना प्रखंड में देखने को मिल रहा है। ताज़ा मामला PHED विभाग (झंझारपुर प्रमंडल) द्वारा पंचायतों में नल-जल योजना के संचालन के लिए खुलेआम की जा रही बिजली चोरी का है।

क्या है पूरा मामला?

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो और स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता सुबोध कुमार के दावों ने विभाग में खलबली मचा दी है। प्रखंड के चतुर्भुज पिपराही गाँव सहित कई पंचायतों में PHED विभाग द्वारा बिना किसी वैध बिजली कनेक्शन के “टोका” फंसाकर मोटरों का संचालन किया जा रहा है।

वीडियो में PHED के कामगारों को यह स्वीकार करते सुना जा सकता है कि वे कनीय अभियंता (JE), PHED खुटौना के निर्देश पर अवैध तरीके से बिजली का उपयोग कर रहे हैं। हैरत की बात यह है कि इसी वीडियो में बिजली विभाग के JE भी PHED के मुंशी को बिजली चोरी की बात कहते सुने जा रहे हैं, लेकिन कोई कानूनी कार्रवाई करने के बजाय मामला आपसी “समझौते” जैसा प्रतीत होता है।

राजस्व क्षति का बड़ा खेल

जानकारों का मानना है कि यह केवल एक प्रखंड का मामला नहीं बल्कि पूरे प्रमंडल में फैला एक बड़ा सिंडिकेट हो सकता है।

  • करोड़ों की चपत: नल-जल योजनाओं के लिए आवंटित बिजली बजट का पैसा आखिर किसकी जेब में जा रहा है?
  • सड़कों की बर्बादी: कामगारों का कहना है कि वे बिजली चोरी के साथ-साथ सड़क तोड़ने का काम भी विभागीय निर्देश पर कर रहे हैं।
  • विभागीय मिलीभगत: बिजली विभाग के अधिकारी चोरी पकड़ने के बावजूद प्राथमिकी (FIR) दर्ज क्यों नहीं कर रहे? क्या यह करोड़ों के राजस्व की बंदरबांट का हिस्सा है?

जनता की गाढ़ी कमाई पर डाका

एक तरफ बिजली विभाग आम जनता पर बकाया होने पर तुरंत कनेक्शन काट देता है और “टोका” फंसाने पर भारी जुर्माना लगाता है। वहीं दूसरी ओर, एक सरकारी विभाग (PHED) द्वारा खुलेआम बिजली चोरी करना सुशासन के दावों पर सवालिया निशान खड़ा करता है।

यह गंभीर जांच का विषय है। अगर सरकारी विभाग ही बिजली चोरी करेंगे, तो आम जनता से ईमानदारी की उम्मीद कैसे की जा सकती है? हम इस मामले को जिलाधिकारी और सतर्कता विभाग तक ले जाएंगे। — सुबोध कुमार, सामाजिक कार्यकर्ता

निष्कर्ष और मांग: यह मामला जिला प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती है। क्या जिलाधिकारी मधुबनी और PHED के उच्च अधिकारी इस ‘करोड़ों के खेल‘ पर संज्ञान लेंगे? जनता की मांग है कि:

  • खुटौना की सभी पंचायतों में PHED कनेक्शनों की उच्च स्तरीय जांच हो।
  • दोषी अधिकारियों और बिचौलियों पर अविलंब प्राथमिकी दर्ज की जाए।
  • राजस्व की हुई क्षति का आकलन कर संबंधित अधिकारियों के वेतन से इसकी वसूली हो।

बड़ी खबर: झंझारपुर-लौकाहा रेल खंड की समय सारणी में बड़ा बदलाव, यहाँ देखें नया टाइम टेबल

पूर्व मध्य रेलवे (ECR) ने यात्रियों की सुविधा को देखते हुए झंझारपुर – लौकाहा बाजार – झंझारपुर पैसेंजर ट्रेनों के समय में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। यदि आप इस रूट पर नियमित यात्रा करते हैं, तो नई समय सारणी को नोट कर लें, क्योंकि पुरानी समय सारणी अब मान्य नहीं होगी।

​यह नया शेड्यूल 1 जनवरी 2026 से प्रभावी रूप से लागू कर दिया जाएगा।

​​🚂 झंझारपुर से लौकाहा बाजार (गाड़ी संख्या 55503)

झंझारपुर से सुबह के समय प्रस्थान करने वाली ट्रेन का नया समय चार्ट नीचे दिया गया है:

झंझारपुर (प्रस्थान)04:05 AM
झंझारपुर बाजार हॉल्ट04:15 AM
महरैल04:23 AM
चन्देश्वरस्थान04:33 AM
वाचस्पतली नगर04:43 AM
बड़हारा04:56 AM
सरदार वल्लभ भाई पटेल हॉल्ट05:03 AM
खुटौना05:12 AM
लौकाहा बाजार (आगमन)05:35 AM

🚂 लौकाहा बाजार से झंझारपुर (गाड़ी संख्या 55504)

लौकाहा से सुबह वापसी के लिए ट्रेन का नया समय इस प्रकार रहेगा:

लौकाहा बाजार (प्रस्थान)06:30 AM
खुटौना06:47 AM
सरदार वल्लभ भाई पटेल हॉल्ट06:55 AM
बड़हारा07:02 AM
वाचस्पतली नगर07:16 AM
चन्देश्वरस्थान07:26 AM
महरैल07:36 AM
झंझारपुर बाजार हॉल्ट07:43 AM
झंझारपुर (आगमन)08:00 AM

🚂 झंझारपुर से लौकाहा बाजार: दोपहर की ट्रेन (गाड़ी संख्या 55501)

झंझारपुर से दोपहर में प्रस्थान करने वाली ट्रेन अब नए निर्धारित समय पर चलेगी:

झंझारपुर (प्रस्थान) सरदार 02:35 PM
झंझारपुर बाजार हॉल्ट02:45 PM
महरैल02:53 PM
चन्देश्वरस्थान03:03 PM
वाचस्पतली नगर 03:17 PM
बड़हारा03:30 PM
वल्लभ भाई पटेल हॉल्ट03:37 PM
खुटौना03:42 PM
लौकाहा बाजार (आगमन) 04:05 PM

🚂 लौकाहा बाजार से झंझारपुर: शाम की ट्रेन (गाड़ी संख्या 55502)

लौकाहा बाजार से वापस झंझारपुर आने के लिए शाम की ट्रेन का समय इस प्रकार रहेगा:

लौकाहा बाजार (प्रस्थान) 05:00 PM
खुटौना05:17 PM
सरदार वल्लभ भाई पटेल हॉल्ट05:25 PM
बड़हारा05:32 PM
वाचस्पतली नगर 05:46 PM
चन्देश्वरस्थान05:56 PM
महरैल06:06 PM
झंझारपुर बाजार हॉल्ट06:13 PM
झंझारपुर (आगमन) 06:30 PM

यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण अपडेट:

  1. बदलाव की वजह: रेलवे ने परिचालन संबंधी कारणों और यात्रियों की मांग को देखते हुए समय में यह सुधार किया है।
  2. प्रभावी तिथि: यह नया टाइम टेबल 01 जनवरी 2026 की सुबह से लागू हो जाएगा।
  3. कनेक्टिविटी: दोपहर की ट्रेन (55501) और शाम की वापसी ट्रेन (55502) से उन लोगों को सबसे ज्यादा फायदा होगा जो बाजार या दफ्तर के काम से यात्रा करते हैं।

सलाह: किसी भी तकनीकी समस्या या अंतिम समय में बदलाव की जानकारी के लिए यात्री NTES ऐप या रेलवे के हेल्पलाइन नंबर 139 पर संपर्क कर सकते हैं।

अररिया संग्राम थाना में एसपी योगेन्द्र कुमार ने लगाया ‘जनता दरबार’, मौके पर ही हुआ शिकायतों का निपटारा

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मधुबनी/झंझारपुर: बिहार के मधुबनी जिले के अररिया संग्राम थाना में पुलिस और जनता के बीच की दूरी कम करने के उद्देश्य से एक विशेष ‘संवाद कार्यक्रम‘ का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता मधुबनी के पुलिस अधीक्षक (SP) योगेन्द्र कुमार ने की।

इस संवाद कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों की समस्याओं को सीधे सुनना और पुलिस प्रशासन की कार्यशैली को अधिक पारदर्शी बनाना था।

त्वरित न्याय: मौके पर हुआ शिकायतों का निष्पादन

एसपी योगेन्द्र कुमार ने खुद एक-एक कर फरियादियों से मुलाकात की और उनकी समस्याओं को विस्तार से सुना। इस दौरान भूमि विवाद, आपसी रंजिश और लंबित मामलों से जुड़ी कई शिकायतें सामने आईं।

कार्यक्रम की मुख्य बातें:

  • त्वरित कार्रवाई: एसपी ने मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए और कई शिकायतों का ऑन-द-स्पॉट (त्वरित) निपटारा किया।​
  • महिला सुरक्षा: महिलाओं की शिकायतों को प्राथमिकता दी गई और उन्हें सुरक्षा का भरोसा दिलाया गया।​
  • पारदर्शिता: एसपी ने स्पष्ट किया कि पुलिसिंग में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

पुलिस और जनता के बीच बेहतर समन्वय

संवाद कार्यक्रम के दौरान एसपी योगेन्द्र कुमार ने लोगों से अपील की कि वे निडर होकर अपनी बात पुलिस के सामने रखें। उन्होंने कहा कि “पुलिस जनता की सेवा के लिए है और इस तरह के संवाद कार्यक्रमों से लोगों का पुलिस पर विश्वास बढ़ता है।”

​”हमारा उद्देश्य है कि किसी भी फरियादी को न्याय के लिए भटकना न पड़े। अररिया संग्राम थाना में आयोजित इस कार्यक्रम का लक्ष्य लंबित मामलों को सुलझाना और अपराध नियंत्रण में जनता का सहयोग प्राप्त करना है।” – योगेन्द्र कुमार, एसपी मधुबनी

अधिकारियों को सख्त निर्देश

एसपी ने थाना प्रभारी और अन्य पुलिस कर्मियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि थाने में आने वाले हर व्यक्ति के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाए और उनकी शिकायतों को गंभीरता से दर्ज कर जांच की जाए। उन्होंने केस डायरी और अन्य अभिलेखों के रख-रखाव का भी जायजा लिया।

निष्कर्ष:

अररिया संग्राम थाना में आयोजित इस जन संवाद कार्यक्रम की स्थानीय लोगों ने काफी सराहना की है। लोगों का मानना है कि एसपी के सीधे हस्तक्षेप से न केवल न्याय मिलने की प्रक्रिया तेज हुई है, बल्कि पुलिस के प्रति आम जन का नजरिया भी सकारात्मक हुआ है।

लौकहा: हाजी मो. हामिद रजा की पहल पर फ्री मेडिकल कैंप आयोजित, डॉ. अलख ने किया सैकड़ों मरीजों का मुफ्त इलाज

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लौकहा (मधुबनी): जनसेवा की मिसाल पेश करते हुए लौकहा के प्रमुख समाजसेवी हाजी मो. हामिद रजा के सौजन्य से एक दिवसीय निःशुल्क चिकित्सा शिविर (Free Medical Camp) का सफल आयोजन किया गया। यह शिविर नूरी मस्जिद के पास स्थित उनके निजी आवास ‘आशियाना भवन’ में संपन्न हुआ।

​डॉ. अलख ने दी अपनी विशेषज्ञ सेवाएं

इस कैंप में क्षेत्र के सुप्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. अलख ने अपनी सेवाएं दीं। उन्होंने कैंप में आए मरीजों की स्वास्थ्य जांच की और उन्हें उचित परामर्श दिया। डॉ. अलख की विशेषज्ञता का लाभ उठाने के लिए सुबह से ही लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।

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निःशुल्क जांच के साथ मुफ्त दवाइयों का वितरण

इस मेडिकल कैंप की सबसे खास बात यह रही कि यहाँ परामर्श के साथ-साथ मरीजों को मुफ्त दवाइयां (Free Medicines) भी वितरित की गईं। हाजी मो. हामिद रजा के इस प्रयास से उन गरीब परिवारों को बड़ी राहत मिली, जो आर्थिक कारणों से बेहतर इलाज और महंगी दवाइयां खरीदने में असमर्थ थे।

समाजसेवी हाजी मो. हामिद रजा का संकल्प

आयोजन के बारे में बात करते हुए हाजी मो. हामिद रजा ने कहा कि, “इंसानियत की सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव को देखते हुए हमने डॉ. अलख के सहयोग से यह छोटा सा प्रयास किया है ताकि जरूरतमंदों को उनके घर के पास ही बेहतर इलाज मिल सके।”

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स्थानीय लोगों में खुशी की लहर

​नूरी मस्जिद के पास आयोजित इस कैंप में लौकहा और आसपास के गांवों से आए बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों ने स्वास्थ्य लाभ लिया। स्थानीय ग्रामीणों ने हाजी मो. हामिद रजा और डॉ. अलख के इस नेक कार्य की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से समाज के पिछड़े तबके को नई उम्मीद मिलती है।