मधुबनी: झंझारपुर में ग्रामीणों का गुस्सा फूटा, आवास सहायक को बनाया बंधक; अवैध उगाही का संगीन आरोप

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​​झंझारपुर (मधुबनी): बिहार के मधुबनी जिले के झंझारपुर प्रखंड अंतर्गत संतनगर पंचायत में शनिवार को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब ग्रामीणों ने भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर पंचायत आवास सहायक और एक अन्य कर्मी को घंटों बंधक बनाए रखा। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के नाम पर पंचायत में बड़े पैमाने पर अवैध वसूली का खेल चल रहा है।

​क्या है पूरा मामला?

मिली जानकारी के अनुसार, आवास सहायक प्रमोद कुमार महतो एक पूर्व कर्मी राजकुमार चौधरी के साथ संतनगर पंचायत के इमादपट्टी गांव में जांच के लिए पहुंचे थे। ग्रामीणों का दावा है कि जांच के नाम पर लाभुकों को डराया जा रहा था कि सर्वेक्षण सूची से करीब 800 लोगों के नाम काटे जा रहे हैं। सूची में नाम बरकरार रखने के एवज में प्रति लाभुक 700 रुपये की मांग की जा रही थी।

25 से 30 लाख की वसूली का आरोप

ग्रामीणों ने तंत्र पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यह भ्रष्टाचार की पहली किस्त नहीं है। उनके अनुसार:

  • ​​सूची निर्माण: शुरुआत में 1,000 रुपये लिए गए।
  • सर्वेक्षण: पंचायत सचिव राम नारायण राम द्वारा 500 रुपये की कथित वसूली।
  • वर्तमान मांग: आवास सहायक द्वारा फिर से 700 रुपये की मांग।

ग्रामीणों का कहना है कि अब तक पूरे पंचायत से आवास योजना के नाम पर 25 से 30 लाख रुपये की अवैध उगाही की जा चुकी है।

पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई

​​स्थिति बिगड़ती देख स्थानीय मुखिया प्रतिनिधि ने पुलिस को सूचना दी। भैरवस्थान थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों को शांत कराया और लिखित आवेदन लेने के बाद बंधक बनाए गए कर्मियों को अपनी सुरक्षा में लेकर थाना पहुंचाया।

​दो पक्षों में बंटा मामला: आरोप बनाम अपहरण

इस घटना के बाद प्रशासन और कर्मियों का रुख ग्रामीणों के आरोपों से बिल्कुल अलग है:

पक्षमुख्य तर्क / बयान
ग्रामीणजांच के नाम पर अवैध वसूली हो रही है, इसलिए बीडीओ को मौके पर बुलाने की मांग की गई।
BDO (प्रखंड विकास पदाधिकारी)वसूली के आरोप निराधार हैं। असामाजिक तत्वों ने सरकारी कर्मी को अगवा कर बंधक बनाया और मारपीट की।
आवास सहायक (पीड़ित)मुझे जबरन मोटरसाइकिल पर बैठाकर अगवा किया गया और जान से मारने की कोशिश की गई।

आवास सहायकों ने दी कार्य बहिष्कार की चेतावनी

इस घटना के विरोध में प्रखंड के अन्य आवास सहायकों ने नाराजगी जताई है। उन्होंने अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जाहिर की है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई न होने पर कार्य बहिष्कार का अल्टीमेटम दिया है। पीड़ित आवास सहायक प्रमोद कुमार महतो ने स्थानीय थाने में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई है।

नोट: फिलहाल पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। एक तरफ जहां भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच होनी है, वहीं दूसरी ओर सरकारी कर्मी के साथ हुई मारपीट पर कानूनी शिकंजा कसना तय है।

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