पटना यूनिवर्सिटी छात्र संघ चुनाव: छात्र राजद के उपाध्यक्ष उम्मीदवार सुमन शेखर का बड़ा विजन, बुनियादी सुविधाओं और प्लेसमेंट पर जोर

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इस तस्वीर में सुमन शेखर विश्वविद्यालय की समस्याओं और अपने विज़न पर चर्चा कर रहे हैं।

पटना विश्वविद्यालय, जिसे कभी ‘पूर्व में ऑक्सफोर्ड’ कहा जाता था, इन दिनों छात्र संघ चुनाव की सरगर्मियों से सराबोर है। छात्र राजनीति के इस गढ़ में हर उम्मीदवार अपनी धाक जमाने की कोशिश कर रहा है। इसी कड़ी में छात्र राजद (CRJD) के उपाध्यक्ष पद के उम्मीदवार सुमन शेखर ने ‘भूमि न्यूज़’ के साथ विशेष बातचीत में विश्वविद्यालय की बुनियादी समस्याओं और अपने भविष्य के लक्ष्यों पर चर्चा की।

बुनियादी सुविधाओं और प्लेसमेंट सेल पर ज़ोर

सुमन शेखर ने साक्षात्कार के दौरान इस बात पर बल दिया कि उनका मुख्य उद्देश्य विश्वविद्यालय में बुनियादी सुविधाओं (Basic Facilities) में सुधार करना है। उन्होंने अपने घोषणापत्र की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी ‘प्लेसमेंट सेल’ की स्थापना को बताया।

शेखर ने कहा, “पटना विश्वविद्यालय का इतिहास बहुत गौरवशाली रहा है। यहाँ के पूर्व छात्र (Alumni) देश-दुनिया के ऊँचे पदों पर आसीन हैं। यदि हम अपने पूर्व छात्रों के नेटवर्क का सही उपयोग करें, तो विश्वविद्यालय में एक बेहतरीन प्लेसमेंट सेल का निर्माण संभव है, जो छात्रों के भविष्य के लिए क्रांतिकारी साबित होगा।”

महिला कॉलेजों में स्वास्थ्य और स्वच्छता का मुद्दा

सुमन ने छात्राओं की समस्याओं, विशेषकर स्वास्थ्य और स्वच्छता (Hygiene) पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने मगध महिला कॉलेज का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां हॉस्टल में रहने वाली बड़ी संख्या में छात्राओं के बावजूद एक मेडिकल शॉप की अनुपस्थिति चिंताजनक है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि छात्राओं की स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को प्राथमिकता दी जाए।

विश्वविद्यालय की चुनौतियों पर बेबाक राय

साक्षात्कार में उन्होंने विश्वविद्यालय के पिछड़ते सत्रों (Late Sessions) और शिक्षकों की कमी पर भी चिंता व्यक्त की। सुमन शेखर ने सुझाव दिया कि:

  • वरिष्ठ प्रोफेसरों को प्रशासनिक कार्यों के बजाय क्लास वर्क और रिसर्च में अधिक शामिल किया जाना चाहिए।
  • नए प्रोफेसरों को प्रशासनिक जिम्मेदारी दी जानी चाहिए ताकि वे काम को गति दे सकें।
  • विश्वविद्यालय को भ्रष्टाचार मुक्त और पारदर्शी बनाने की आवश्यकता है।

छात्र संघ चुनाव सिर्फ राजनीति नहीं, व्यक्तित्व विकास का माध्यम है

छात्र राजनीति को अक्सर मुख्यधारा की राजनीति की पहली सीढ़ी माना जाता है, लेकिन सुमन शेखर का नज़रिया कुछ अलग है। उनका मानना है कि छात्र संघ चुनाव लड़ने से छात्रों में तनाव प्रबंधन (Stress Management) और निर्णय लेने की क्षमता विकसित होती है। यह ज़रूरी नहीं कि हर छात्र नेता भविष्य में राजनेता ही बने; वे अच्छे ब्यूरोक्रेट्स, लेखक या समाज के ज़िम्मेदार नागरिक भी बन सकते हैं।

छात्रों से अपील

अंत में, सुमन शेखर ने पटना विश्वविद्यालय के सभी छात्र-छात्राओं से अपील की कि वे अपने मत का प्रयोग अवश्य करें। उन्होंने आग्रह किया कि छात्र जाति, धर्म और किसी के प्रभाव में आए बिना उम्मीदवार के विजन (Vision) और ब्लूप्रिंट को देखकर अपना नेता चुनें।

सुमन शेखर का आत्मविश्वास और विश्वविद्यालय की समस्याओं के प्रति उनकी गहरी समझ यह दर्शाती है कि इस बार का चुनाव केवल नारों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक ठोस बदलाव की उम्मीद भी लेकर आया है। अब देखना यह होगा कि विश्वविद्यालय के छात्र उनके विज़न पर कितना भरोसा जताते हैं।

क्या आप पटना विश्वविद्यालय के छात्र हैं? सुमन शेखर के इन वादों पर आपकी क्या राय है? हमें कमेंट में ज़रूर बताएं!

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KARTIK KUMAR
कार्तिक कुमार(Kartik Kumar) एक समर्पित मीडिया पेशेवर हैं जो वर्तमान में Bhoomi News Live में अपनी सेवाएँ दे रहे हैं। डिजिटल मीडिया के बदलते स्वरूप और समाचारों के प्रति अपनी गहरी समझ के साथ, वे जनता तक सटीक, समयबद्ध और प्रभावशाली कहानियाँ पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। कार्तिक पत्रकारिता की अखंडता (Journalistic Integrity) और सिद्धांतों के प्रति पूरी तरह समर्पित हैं। वे जटिल घटनाओं और आम जनता के बीच की दूरी को पाटने का प्रयास करते हैं, ताकि समुदाय स्थानीय और राष्ट्रीय विकास के प्रति जागरूक रहे। हाई-प्रेशर न्यूज़ एनवायरनमेंट में काम करते हुए भी, कार्तिक का दृष्टिकोण "पीपल-फर्स्ट" (जनता प्रथम) रहता है, जहाँ वे सत्यता और गति के बीच संतुलन बनाए रखते हैं।

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