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मधुबनी / लौकही (बिहार): मधुबनी जिले के लौकही प्रखंड अंतर्गत अंधरामठ थाना क्षेत्र के महादेवमठ पंचायत स्थित महथोर वार्ड संख्या 05 से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ 19 वर्षीय युवक कुलदीप साह का शव पेड़ से लटका हुआ मिला, जिससे पूरे इलाके में दहशत और सनसनी फैल गई।
मृतक की पहचान
मृतक की पहचान भगवानी साह के 19 वर्षीय पुत्र कुलदीप साह के रूप में हुई है, जो महथोर वार्ड 05 का निवासी था।
खुटौना (मधुबनी): मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली जनता दल (यूनाइटेड) की जड़ें मजबूत करने के लिए खुटौना प्रखंड में विशाल सदस्यता अभियान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में स्थानीय विधायक ने शिरकत की और बड़ी संख्या में स्थानीय युवाओं व ग्रामीणों को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता दिलाई।
कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह
कार्यक्रम के दौरान प्रखंड के विभिन्न पंचायतों से आए लोगों ने जदयू की नीतियों और बिहार में हो रहे विकास कार्यों में अपनी आस्था जताई। विधायक ने नए सदस्यों का स्वागत करते हुए कहा कि जदयू सिर्फ एक पार्टी नहीं, बल्कि समावेशी विकास का एक विचार है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे सरकार की लोक-कल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुँचाएँ।
दिग्गज नेताओं की रही मौजूदगी
इस अवसर पर पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी मौजूद रहे, जिन्होंने संगठन की मजबूती पर जोर दिया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से निम्नलिखित गणमान्य उपस्थित थे:
सत्येंद्र सिंह: प्रदेश उपाध्यक्ष, किसान सह सहकारिता प्रकोष्ठ (जदयू)
चंद्रभूषण साह: जिला परिषद सदस्य
देवदत्त साह: प्रखंड अध्यक्ष
पार्टी कार्यकर्ता: बड़ी संख्या में स्थानीय कार्यकर्ता और ग्रामीण जनता।
विकास के मुद्दे पर एकजुटता
बैठक को संबोधित करते हुए सत्येंद्र सिंह ने कहा कि किसान और सहकारिता के क्षेत्र में बिहार ने नए आयाम स्थापित किए हैं। वहीं, जिला परिषद सदस्य चंद्रभूषण साह और प्रखंड अध्यक्ष देवदत्त साह ने स्थानीय स्तर पर संगठन को बूथ स्तर तक सक्रिय करने की रणनीति साझा की।कार्यक्रम के अंत में विधायक ने नए सदस्यों को सदस्यता रसीद सौंपी और उन्हें पार्टी के सिद्धांतों पर चलने का संकल्प दिलाया।
स्थानीय डेस्क: स्थानीय संस्कार भारती ग्लोबल स्कूल ने एक बार फिर अपनी गौरवशाली और स्वस्थ परंपरा को जीवंत करते हुए एक भव्य समारोह का आयोजन किया। विद्यालय के संस्थापक निदेशक डॉ. विजय रंजन के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में ‘संस्कारियंस चिल्ड्रेन्स डे’ को बेहद हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।
125 पाउंड का केक और भव्य महाभोज
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण 125 पाउंड का विशाल केक रहा, जिसे काटकर डॉ. विजय रंजन के जन्मदिवस और चिल्ड्रेन्स डे की खुशियां मनाई गईं। इस अवसर पर दसवीं और बारहवीं कक्षा के छात्र-छात्राओं के सम्मान में ‘ग्रेजुएशन फीस्ट-सह-महाभोज’ का आयोजन भी किया गया।
इस महाभोज में न केवल विद्यालय के छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और कर्मचारियों ने हिस्सा लिया, बल्कि शिक्षा जगत, समाज सेवा और मीडिया जगत के सैकड़ों गणमान्य लोगों ने भी शिरकत की।
सेवा का संकल्प: महा-रक्तदान शिविर
उत्सव के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हुए संस्कार नव निर्माण सेवा संस्थान के तत्वावधान में एक महा-रक्तदान शिविर आयोजित किया गया।
प्रतिभागी: विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं के साथ-साथ कई समाजसेवियों और डॉ. रंजन के मित्रमंडली ने सेवाभाव से रक्तदान किया।
प्रमुख उपस्थिति: संस्था अध्यक्ष उपेन्द्र यादव, पोल स्टार मधुबनी के निदेशक श्री कैलाश भारद्वाज और प्रो. डॉ. विजया सिंह जैसे प्रतिष्ठित व्यक्तित्व इस अवसर पर मौजूद रहे।
निदेशक का संदेश: शिक्षा और स्वास्थ्य पर जोर
विद्यालय के निदेशक डॉ. विजय रंजन ने अपने संबोधन में संस्थान के विजन को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा:
हमारा संस्थान समाज के अंतिम और वंचित व्यक्ति के शैक्षिक व सामाजिक उत्थान के लिए कृत संकल्पित है। हम इस दिशा में निरंतर प्रयास जारी रखेंगे।
रक्तदान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने आगे कहा कि एक स्वस्थ व्यक्ति को साल में कम से कम एक बार रक्तदान जरूर करना चाहिए। यह न केवल दूसरों का जीवन बचाता है, बल्कि स्वयं रक्तदाता के स्वास्थ्य के लिए भी अत्यंत लाभकारी है।
कार्यक्रम की मुख्य विशेषताएं (Highlights)
गतिविधि
विवरण
अवसर
डॉ. विजय रंजन का जन्मदिन व चिल्ड्रेन्स डे
मुख्य आकर्षण
125 पाउंड का केक
विशेष आयोजन
कक्षा 10वीं व 12वीं के लिए ग्रेजुएशन फीस्ट
सामाजिक कार्य
स्वैच्छिक रक्तदान शिविर
सहयोग
संस्कार नव निर्माण सेवा संस्थान
निष्कर्ष: संस्कार भारती ग्लोबल स्कूल का यह आयोजन शिक्षा, संस्कार और सामाजिक सेवा का एक अनूठा संगम रहा। विद्यालय की यह पहल समाज के प्रति उनकी संवेदनशीलता और छात्रों के उज्ज्वल भविष्य के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
बिहार के मधुबनी जिले में विकास के नाम पर एक विभाग दूसरे विभाग की मेहनत और जनता की गाढ़ी कमाई पर पानी फेर रहा है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY-III) के तहत अत्याधुनिक ‘FDR Technology‘ से बनाई जा रही करोड़ों की सड़क को PHED विभाग द्वारा बिना किसी अनुमति (NOC) के बुरी तरह क्षतिग्रस्त किया जा रहा है। NKSP Infra Pvt. Ltd. और ग्रामीण कार्य विभाग (RWD) की बार-बार चेतावनी के बावजूद PHED झांझरपुर प्रमंडल की मनमानी रुकने का नाम नहीं ले रही है।
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क्या है पूरा मामला..?
मधुबनी के खुटौना प्रखंड के अंतर्गत T28- बेलहा से ललमनियां वाया खुटौना प्रखंड मुख्यालय तक सड़क का निर्माण कार्य चल रहा है। इस सड़क का निर्माण FDR (Full Depth Reclamation) तकनीक से किया जा रहा है, जो बिहार की सबसे आधुनिक सड़क निर्माण तकनीकों में से एक है।
लेकिन, PHED विभाग द्वारा ‘सात निश्चय योजना’ के तहत पाइप लाइन बिछाने के लिए चैनेज 4600 से 4772 के बीच (गढ़िया गाँव के पास) सड़क को गैर-तकनीकी तरीके से काटा जा रहा है। हैरान करने वाली बात यह है कि इसके लिए PHED ने ग्रामीण कार्य विभाग से कोई अनापत्ति प्रमाण-पत्र (NOC) तक नहीं लिया।
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FDR तकनीक: एक बार टूटी तो मरम्मत नामुमकिन!
विशेषज्ञों और निर्माण कंपनी (NKSP Infra) के अनुसार, FDR तकनीक से बनी सड़क में जॉब मिक्स फॉर्मूला का उपयोग होता है। यदि एक बार यह सड़क बेस से क्षतिग्रस्त हो जाती है, तो इसे सामान्य तरीके से पैच वर्क कर के ठीक नहीं किया जा सकता। इसके पुनर्स्थापन (Restoration) के लिए उन्हीं करोड़ों की मशीनों की जरूरत पड़ती है, जो फिलहाल बिहार में उपलब्ध नहीं हैं। यानी PHED की एक छोटी सी लापरवाही सरकार को करोड़ों का चूना लगा रही है।
चेतावनी को किया गया अनसुना:
दस्तावेजों से पता चलता है कि:
22 नवंबर 2025 को कार्यपालक अभियंता (RWD, फुलपरास) ने PHED को पत्र लिखकर काम रोकने को कहा था।
18 दिसंबर 2025 को दोबारा चेतावनी दी गई कि बगैर NOC के काम करना विभागीय कार्रवाई का आधार बन सकता है।
02 जनवरी 2026 को अभियंता प्रमुख-सह-अपर आयुक्त (बिहार सरकार) ने भी इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए काम को तत्काल स्थगित करने का निर्देश दिया है।
लापरवाही या भ्रष्टाचार?
पूर्व में Bhoomi News Live की रिपोर्ट में भी PHED झांझरपुर प्रमंडल द्वारा राजस्व की क्षति और बिजली चोरी जैसे गंभीर आरोप लग चुके हैं। अब नई सड़क को क्षतिग्रस्त करना यह दर्शाता है कि विभागों के बीच आपसी समन्वय (Coordination) की भारी कमी है, जिसका खामियाजा जनता भुगत रही है।
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मुख्य सवाल:
बिना NOC के PHED ने खुदाई कैसे शुरू की?
क्या PHED के पास सड़क मरम्मत के लिए आधुनिक FDR मशीनें हैं? अगर नहीं, तो सड़क कौन ठीक करेगा?
क्या दोषी अधिकारियों पर सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में कार्रवाई होगी?
निष्कर्ष: एक तरफ बिहार सरकार चमचमाती सड़कों का जाल बिछा रही है, वहीं दूसरी तरफ अधिकारियों की आपसी खींचतान और तानाशाही रवैया विकास को गड्ढे में धकेल रहा है। अगर समय रहते प्रशासन नहीं जागा, तो खुटौना की यह ‘मॉडल रोड’ बनने से पहले ही खंडहर में तब्दील हो जाएगी।
मुजफ्फरपुर (बिहार): बिहार में सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे और भू-माफियाओं की सक्रियता का एक बड़ा मामला सामने आया है। मुजफ्फरपुर जिले के मीनापुर अंचल में प्रशासन की नाक के नीचे 21 एकड़ सरकारी जमीन को कागजों में हेरफेर कर निजी (रैयती) घोषित कर दिया गया। ताज्जुब की बात यह है कि इस पूरी प्रक्रिया के दौरान राजस्व विभाग के अधिकारी ‘सोते’ रहे।
क्या है पूरा मामला?
मामला मीनापुर अंचल के मदारीपुर कर्ण मौजे का है। यहाँ करीब 21 एकड़ सरकारी जमीन, जो कभी खतियान में दर्ज थी, उसे धीरे-धीरे 150 से अधिक लोगों के नाम पर दर्ज (जमाबंदी) कर दिया गया। शुरुआत एक-दो नामों से हुई और देखते ही देखते करोड़ों की सरकारी जमीन पर निजी मालिकाना हक जता दिया गया। यहाँ तक कि इस जमीन पर कई मकान भी बन चुके हैं।
एक युवक की सजगता ने खोली पोल
इस बड़े भूमि घोटाले का खुलासा गांव के ही एक युवक अमरेंद्र कुमार ने किया। अमरेंद्र ने खुद अनजाने में इसी जमीन का एक हिस्सा (29 डिसमिल) खरीदा था। जब उन्हें पता चला कि यह जमीन सरकारी है, तो उन्होंने पीछे हटने के बजाय व्यवस्था को सुधारने की ठानी।
उन्होंने लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम (Public Grievance Redressal Act) का सहारा लिया और लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी।
DM का सख्त एक्शन
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुजफ्फरपुर के जिलाधिकारी (DM) प्रणव कुमार ने सख्त रुख अपनाया है।
BLDR एक्ट के तहत कार्रवाई: DM ने करोड़ों की इस जमीन को वापस सरकारी खाते में लाने के लिए डीसीएलआर (DCLR) पूर्वी को बिहार भूमि विवाद निराकरण अधिनियम (BLDR Act) के तहत कार्रवाई का आदेश दिया है।
रिपोर्ट में खुलासा: अपर समाहर्ता की जांच में पाया गया कि कैडस्ट्रल सर्वे में यह जमीन सरकारी थी, लेकिन रिविजनल सर्वे के बाद भू-माफियाओं और भ्रष्ट कर्मचारियों की मिलीभगत से इसे निजी व्यक्तियों के नाम कर दिया गया।
मुख्य बिंदु:
स्थान: मदारीपुर कर्ण, मीनापुर अंचल, मुजफ्फरपुर।
कुल जमीन: 21 एकड़।
प्रभावित पक्ष: 150 से अधिक अवैध जमाबंदी।
कानूनी जरिया: लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के तहत द्वितीय अपील।
निष्कर्ष: यह मामला दर्शाता है कि यदि आम नागरिक जागरूक हो और सूचना के अधिकार या लोक शिकायत जैसे कानूनों का सही इस्तेमाल करे, तो बड़े से बड़े भ्रष्टाचार को उजागर किया जा सकता है। अब देखना यह है कि प्रशासन कितनी जल्दी इस जमीन को वापस सरकारी कब्जे में लेता है और दोषी अधिकारियों पर क्या कार्रवाई होती है।
पटना: बिहार की राजधानी पटना में बेखौफ अपराधियों के खिलाफ पुलिस ने अपना शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। शुक्रवार को पटना के खगौल इलाके में पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में कुख्यात अपराधी मैनेजर राय गोली लगने से घायल हो गया। मैनेजर राय वही अपराधी है जिसने हाल ही में बिहार के पूर्व डीजीपी (DGP) गुप्तेश्वर पांडेय के दामाद से रंगदारी की मांग की थी।
मुठभेड़ की पूरी जानकारी
यह घटना खगौल थाना क्षेत्र के खगौल लख के पास की है। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि मैनेजर राय किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में इलाके में मौजूद है। जब पुलिस ने उसे घेरने की कोशिश की, तो उसने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोलियां चलाईं।
कुल फायरिंग: पुलिस और अपराधी के बीच लगभग 6 राउंड गोलियां चलीं।
घायल: पुलिस की एक गोली मैनेजर राय के पैर में लगी, जिससे वह मौके पर ही गिर पड़ा।
बरामदगी: पुलिस ने घटनास्थल से एक देसी कट्टा और दो जिंदा कारतूस बरामद किए हैं।
एम्स में कराया गया भर्ती
एनकाउंटर के तुरंत बाद पुलिस ने घायल अपराधी को इलाज के लिए पटना एम्स (AIIMS) में भर्ती कराया है, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज चल रहा है। पुलिस ने अस्पताल के चारों ओर सुरक्षा कड़ी कर दी है।
मैनेजर राय का क्राइम रिकॉर्ड
मैनेजर राय इलाके का जाना-माना कुख्यात अपराधी है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार:
उस पर हत्या, लूट, और रंगदारी के करीब 20 से ज्यादा मामले दर्ज हैं।
वह काफी समय से पुलिस की हिट लिस्ट में था।
पूर्व डीजीपी के दामाद को धमकी देने के बाद से पुलिस उसकी सरगर्मी से तलाश कर रही थी।
निष्कर्ष:
पटना पुलिस की इस कार्रवाई से अपराधियों में हड़कंप मच गया है। स्थानीय लोगों ने पुलिस के इस त्वरित एक्शन की सराहना की है। पुलिस अब मैनेजर राय के अन्य साथियों और उसके नेटवर्क को खंगालने में जुटी है ताकि गिरोह का पूरी तरह सफाया किया जा सके।