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अपनी वैल्यू कैसे बढ़ाएं? ये 6 नियम अपना लिए तो दुनिया आपको सलाम करेगी

Man explaining how to increase self value with six rules for success and respect

Apni Value Kaise Badhaye: क्या आपको अक्सर लगता है कि लोग आपकी बातों को गंभीरता से नहीं लेते? या आप दूसरों के लिए हमेशा उपलब्ध रहते हैं, लेकिन बदले में आपको वह सम्मान नहीं मिलता जिसके आप हकदार हैं? अगर हाँ, तो आपको अपनी ‘वैल्यू’ खुद बनानी होगी।

जीवन में सम्मान और कद्र (Self Respect) मुफ्त में नहीं मिलती, इसे कमाना पड़ता है। आज हम आपको ऐसे 6 मनोवैज्ञानिक नियम बताने जा रहे हैं, जिन्हें अपनाने के बाद लोग न सिर्फ आपकी इज्जत करेंगे बल्कि आपकी गैर-मौजूदगी को महसूस भी करेंगे।

1. खुद को ‘अवेलेबल’ बनाना बंद करें (Don’t be too available)

अक्सर हम जिसे पसंद करते हैं या सम्मान देते हैं, उसे बार-बार कॉल या मैसेज करते हैं। नियम नंबर एक है— “किसी को कॉल करो तो सिर्फ एक बार करो।” अगर सामने वाला फोन नहीं उठा रहा, तो पागलों की तरह दोबारा कॉल न करें। उसकी कॉल आने का इंतजार करें। यह आपके आत्म-सम्मान (Self-Respect) को दर्शाता है कि आप खाली नहीं बैठे हैं।

2. मुफ्त की सलाह देना बंद करें

चाणक्य नीति भी कहती है कि “सलाह उसी को दें, जो मांगे।” आज के दौर में हर कोई खुद को ज्ञानी समझता है। जब आप बिना मांगे सलाह देते हैं, तो लोग आपकी बातों की कद्र नहीं करते। अपनी बुद्धिमानी को बचाकर रखें और तभी बोलें जब आपकी राय मांगी जाए। इससे आपके शब्दों का वजन बढ़ेगा।

3. कम बोलें और प्रभावी बोलें

क्या आप बहुत ज्यादा बोलते हैं? अगर हाँ, तो सावधान हो जाएं। ज्यादा बोलने वाले अक्सर अपनी गरिमा खो देते हैं।

  • जरूरत से ज्यादा बोलना बंद करें।
  • जहाँ जरूरत न हो, वहाँ सिर्फ ‘Hmmm’ या ‘Ok’ में जवाब देना सीखें।
  • रहस्यमयी (Mysterious) बनें। जब आप कम बोलते हैं, तो लोग आपको सुनने के लिए उत्सुक रहते हैं।

4. ‘ना’ (No) कहना सीखें

सबसे बड़ी समस्या यह है कि हम दूसरों को खुश करने के लिए हर काम के लिए ‘हाँ’ कह देते हैं। खुद की वैल्यू बढ़ाने के लिए ‘ना’ कहना बहुत जरूरी है। अगर कोई काम आपके सिद्धांतों के खिलाफ है या आपके पास समय नहीं है, तो उसे विनम्रता से मना करें। जो लोग अपनी सीमाओं (Boundaries) का सम्मान करते हैं, दुनिया भी उन्हीं का सम्मान करती है।

5. अपनी खुशी के मालिक खुद बनें

“जो मन करे, वो कर डालो।” लोगों की परवाह करना छोड़ें कि “लोग क्या कहेंगे”। आप अपनी जिंदगी के ड्राइवर खुद हैं। जब आप दूसरों की राय से डरना छोड़ देते हैं, तो आपके अंदर एक अलग आत्मविश्वास (Confidence) दिखाई देता है, जो लोगों को आपकी ओर आकर्षित करता है।

6. तारीफ करना भी सीखें (Appreciate Others)

खुद की वैल्यू बढ़ाने का मतलब यह नहीं कि आप घमंडी हो जाएं। अगर कोई अच्छा काम करता है, तो उसकी खुलकर तारीफ करें। जब आप दूसरों को अच्छा महसूस कराते हैं, तो वे भी आपको याद रखते हैं। (जैसे: अगर इस आर्टिकल ने आपको कुछ सिखाया हो, तो कमेंट में 2 शब्द जरूर लिखें!)

हम सब परमात्मा के बच्चे हैं

अंत में याद रखें, हम सब उस परमात्मा के ही अंश हैं। अपने आप को कभी किसी से कम मत समझें। इन 6 नियमों को रटना नहीं है, बल्कि अपने जीवन में उतारना है। अपनी वैल्यू खुद करें, दुनिया आपकी वैल्यू अपने आप करने लगेगी।

क्या आप इन नियमों से सहमत हैं? कमेंट बॉक्स में अपनी राय जरूर दें।

Good News: 5 साल बाद बांका के 30 हजार सरकारी स्कूली छात्र करेंगे बिहार दर्शन, स्कूलों को मिले 20-20 हजार रुपये

बांका (Banka News): बांका जिले के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। करीब 5 साल के लंबे इंतजार के बाद, अब छात्रों को किताबों की दुनिया से निकलकर बिहार के ऐतिहासिक और पौराणिक स्थलों को करीब से देखने का मौका मिलेगा।

शिक्षा विभाग ने ‘मुख्यमंत्री बिहार दर्शन योजना’ (Mukhyamantri Bihar Darshan Yojana) के तहत जिले के स्कूलों के लिए राशि जारी कर दी है। कोरोना काल के बाद यह पहला मौका है जब इतने बड़े स्तर पर बच्चों को शैक्षणिक भ्रमण पर ले जाने की तैयारी की जा रही है।

509 स्कूलों को मिली राशि, जनवरी अंत तक करना होगा भ्रमण

शिक्षा विभाग द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए यह राशि आवंटित की गई है। बांका जिले के कुल 509 मध्य और उच्च विद्यालयों को इस योजना के लिए चुना गया है। विभाग ने प्रत्येक विद्यालय के खाते में 20,000 रुपये की राशि भेज दी है।

विभागीय निर्देश के अनुसार, सभी स्कूलों को जनवरी के अंतिम सप्ताह तक छात्रों का परिभ्रमण पूरा करना अनिवार्य होगा। इस पहल का उद्देश्य बच्चों को बिहार की समृद्ध विरासत, इतिहास और संस्कृति से रूबरू कराना है।

एक नजर आंकड़ों पर:

  • कुल लाभार्थी छात्र: 30,000 से अधिक
  • कुल विद्यालय: 509 (336 मध्य विद्यालय + 173 उच्च विद्यालय)
  • आवंटित राशि: 20,000 रुपये प्रति विद्यालय
  • समय सीमा: जनवरी 2026 के अंत तक

कोरोना के कारण 5 साल से बंद थी योजना

गौरतलब है कि कोरोना महामारी (COVID-19) के कारण पिछले पांच वर्षों से सरकारी स्कूलों में शैक्षणिक भ्रमण कार्यक्रम पूरी तरह से ठप था। छात्र केवल कक्षाओं तक ही सीमित रह गए थे। अब स्थिति सामान्य होने के बाद, शिक्षा विभाग ने फिर से इस योजना को सक्रिय किया है।

इस योजना के तहत छात्रों को बिहार के प्रमुख ऐतिहासिक स्थलों, संग्रहालयों, और पर्यटन स्थलों का दौरा कराया जाएगा। इससे न केवल उनका मनोरंजन होगा, बल्कि उन्हें अपने राज्य के इतिहास को समझने में व्यावहारिक मदद भी मिलेगी।

शिक्षकों और छात्रों में उत्साह

राशि जारी होने की खबर से बांका जिले के शिक्षकों और छात्रों में खुशी की लहर है। स्कूल प्रशासन ने भ्रमण के लिए स्थानों का चयन और रूट चार्ट तैयार करना शुरू कर दिया है। माना जा रहा है कि बांका के मंदार पर्वत, ओढनी डैम के अलावा नालंदा, राजगीर और बोधगया जैसे स्थलों को प्राथमिकता दी जा सकती है।

लौकहा के विकास के लिए उठी 5 बड़ी मांगें: सर्व मंगलम् फाउंडेशन ने विधान पार्षद ललन सर्राफ को सौंपा ज्ञापन, CM तक पहुंचेगी बात

पटना/मधुबनी: लौकहा विधानसभा क्षेत्र के सर्वांगीण विकास और जनता से जुड़ी बुनियादी समस्याओं के समाधान के लिए एक बड़ी पहल की गई है। ‘सर्व मंगलम् फाउंडेशन’ के अध्यक्ष दिनेश प्रसाद गुप्ता ने बिहार विधानमंडल के नेता और विधान पार्षद (MLC) माननीय श्री ललन सर्राफ से मुलाकात कर मुख्यमंत्री के नाम पांच सूत्री मांग पत्र सौंपा है।

इस मुलाकात के दौरान दिनेश प्रसाद गुप्ता ने लौकहा विधानसभा क्षेत्र की उन पांच प्रमुख समस्याओं को पटल पर रखा, जिनसे यहाँ की जनता वर्षों से जूझ रही है।

माननीय ललन सर्राफ ने दिया था आश्वासन

गौरतलब है कि इन मुद्दों पर फाउंडेशन के अध्यक्ष और विधान पार्षद के बीच पूर्व में भी चर्चा हुई थी। उस समय माननीय ललन सर्राफ ने आश्वासन दिया था कि यदि इन समस्याओं को लेकर माननीय मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार जी के नाम विधिवत आवेदन दिया जाए, तो वे स्वयं इसे मुख्यमंत्री तक पहुंचाएंगे और मांगों को पूरा कराने का भरसक प्रयास करेंगे। इसी क्रम में कल (बुधवार) को दिनेश प्रसाद गुप्ता ने उन्हें 5 अलग-अलग आवेदन सुपुर्द किए और नव वर्ष की शुभकामनाओं के साथ बुके भेंट किया।

ये हैं लौकहा की 5 प्रमुख मांगें

सर्व मंगलम् फाउंडेशन द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में निम्नलिखित पांच मुद्दों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की गई है:

1. लौकहा में डिग्री कॉलेज की स्थापना:

लौकहा में उच्च शिक्षा के लिए सरकारी संस्थान की भारी कमी है। आवेदन में मांग की गई है कि ‘वित्तरहित जनता कॉलेज, लौकहा’ को अपग्रेड कर डिग्री कॉलेज का दर्जा दिया जाए, ताकि क्षेत्र के हजारों छात्रों को स्नातक की पढ़ाई के लिए पलायन न करना पड़े।

2. जल-जमाव से मुक्ति:

लौकहा बाजार, लौकही और नरहैया बाजार में जल-जमाव एक गंभीर समस्या है। मांग की गई है कि यहाँ पक्के नाले का निर्माण कर ड्रेनेज सिस्टम को दुरुस्त किया जाए।

3. लौकहा अस्पताल का जीर्णोद्धार:

सीमावर्ती क्षेत्र होने के बावजूद लौकहा का सरकारी अस्पताल जर्जर स्थिति में है। फाउंडेशन ने अस्पताल के भवन के जीर्णोद्धार, डॉक्टरों की नियमित नियुक्ति और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं की मांग की है।

4. रेल सुविधाओं का विस्तार:

रेलवे कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए हैं:

  • लौकहा से अमृत भारत ट्रेन का परिचालन शुरू करना।
  • लंबी दूरी की ट्रेनों का विस्तार लौकहा तक करना।
  • लौकहा स्टेशन पर वाशिंग पिट का निर्माण।

5. बलान नदी तटबंध पर सड़क निर्माण:

भूतही बलान नदी के पूर्वी और पश्चिमी तटबंधों को मजबूत कर उस पर पक्की सड़क बनाने की मांग की गई है। इससे न केवल बाढ़ से सुरक्षा मिलेगी बल्कि आवागमन सुगम होगा और दूरी भी कम होगी।

क्या होगा असर?

दिनेश प्रसाद गुप्ता ने बताया कि ये सभी मुद्दे सीधे तौर पर जनहित से जुड़े हैं। नेपाल सीमा से सटे होने के कारण लौकहा का सामरिक और व्यापारिक महत्व भी है। यदि सरकार इन मांगों को मान लेती है, तो लौकहा विधानसभा क्षेत्र की तस्वीर बदल जाएगी। अब क्षेत्र की निगाहें माननीय ललन सर्राफ और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर टिकी हैं।

झंझारपुर: गणतंत्र दिवस की तैयारी तेज, SDM कुमार गौरव ने अधिकारियों के साथ की अहम बैठक, सुरक्षा पर दिए कड़े निर्देश

झंझारपुर (मधुबनी): मधुबनी जिले के झंझारपुर अनुमंडल में आगामी गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी कड़ी में गुरुवार की दोपहर झंझारपुर अनुमंडल कार्यालय में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता अनुमंडल पदाधिकारी (SDM) कुमार गौरव ने की।

अधिकारियों को मिली जिम्मेदारी

बैठक में झंझारपुर अनुमंडल के अंतर्गत आने वाले तमाम प्रखंडों के प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO), अंचलाधिकारी (CO) और अनुमंडल स्तर के कई वरीय अधिकारी व पदाधिकारी मौजूद रहे। एसडीएम ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि राष्ट्रीय पर्व की गरिमा और प्रोटोकॉल के तहत सभी तैयारियां समय रहते पूरी कर ली जाएं।

सुरक्षा और कार्यक्रम की रूपरेखा तय

अनुमंडल पदाधिकारी कुमार गौरव ने बैठक के दौरान विशेष रूप से सुरक्षा व्यवस्था (Security Arrangements) पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान विधि-व्यवस्था बनाए रखना पहली प्राथमिकता होगी। बैठक में मुख्य रूप से इन बिंदुओं पर चर्चा हुई:

  • झंडोत्तोलन का निर्धारित समय और स्थल।​
  • परेड और सलामी की तैयारी।
  • ​सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रूपरेखा।​
  • भीड़ नियंत्रण और ट्रैफिक व्यवस्था।

एसडीएम ने स्पष्ट किया कि 26 जनवरी के दिन सभी सरकारी कार्यालयों और महादलित टोलों में झंडोत्तोलन सुचारू रूप से होना चाहिए। अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में निगरानी रखने का निर्देश दिया गया है।

बता दें कि झंझारपुर में हर साल गणतंत्र दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। इस बार भी अनुमंडल प्रशासन यह सुनिश्चित करने में जुटा है कि कार्यक्रम भव्य और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो।

Madhubani Court Bomb Threat: मधुबनी कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी, पुलिस छावनी में तब्दील हुआ परिसर, मची अफरा-तफरी

मधुबनी (Madhubani News): बिहार में कानून व्यवस्था को लेकर आज एक बड़ी खबर सामने आई है। मधुबनी व्यवहार न्यायालय (Civil Court) को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद पूरे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। इस धमकी भरी खबर के बाद कोर्ट परिसर की सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है।

क्या है पूरा मामला?

मिली जानकारी के अनुसार, गुरुवार को मधुबनी कोर्ट समेत बिहार के कई अन्य जिलों के कोर्ट को भी बम से उड़ाने की धमकी दी गई है। यह धमकी कथित तौर पर ईमेल के जरिए भेजी गई है, जिसमें कोर्ट परिसर में बम प्लांट करने की बात कही गई थी।

जैसे ही यह खबर मधुबनी पुलिस प्रशासन को मिली, आनना-फानन में कोर्ट परिसर को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया। स्थानीय पुलिस और वरीय अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं और सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है।

पुलिस छावनी में तब्दील हुआ कोर्ट परिसर

धमकी की गंभीरता को देखते हुए मधुबनी कोर्ट कैंपस में भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। आने-जाने वाले हर व्यक्ति की गहन तलाशी ली जा रही है। संदिग्ध वस्तुओं की जांच की जा रही है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को टाला जा सके।

  • कोर्ट के मुख्य द्वारों पर सुरक्षा बढ़ाई गई।
  • ​परिसर के अंदर संदिग्धों पर नजर रखी जा रही है।
  • ​वकीलों और आम लोगों के बीच थोड़ी देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

बिहार के अन्य जिलों में भी मिली धमकी

यह घटना केवल मधुबनी तक सीमित नहीं है। सूत्रों के मुताबिक, आज ही के दिन पटना (Patna), गया (Gaya) और किशनगंज (Kishanganj) सिविल कोर्ट को भी इसी तरह की धमकी भरे ईमेल मिले हैं। पटना सिविल कोर्ट में तो डॉग स्क्वायड और बम निरोधक दस्ते ने पहुंचकर जांच शुरू कर दी है।

बिहार प्रशासनिक लिस्ट: 38 जिले, 101 अनुमंडल और 534 प्रखंड – जानिए अपने जिले का पूरा हाल

बिहार में प्रशासनिक व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए राज्य को 9 प्रमंडलों (Divisions), 38 जिलों (Districts), 101 अनुमंडलों (Sub-divisions) और 534 प्रखंडों (Blocks) में बांटा गया है।

अक्सर हमें यह तो पता होता है कि हम किस जिले में हैं, लेकिन यह नहीं पता होता कि हमारे जिले में कुल कितने अनुमंडल हैं या कौन सा ब्लॉक किस अनुमंडल के अधीन आता है।

आज Bhoomi News Live आपके लिए लाया है बिहार का ‘मास्टर प्रशासनिक चार्ट’। इस लिस्ट में आप एक नजर में अपने जिले का पूरा ढांचा देख सकते हैं।

बिहार प्रशासनिक संरचना (एक नजर में)

  • राज्य: बिहार
  • कुल प्रमंडल: 09
  • कुल जिले: 38
  • कुल अनुमंडल: 101
  • कुल प्रखंड (अंचल): 534
  • कुल पंचायत: 8,000+ (लगभग)
  • कुल राजस्व गांव: 45,000+ (लगभग)

📂 बिहार के सभी जिलों और अनुमंडलों की लिस्ट (District & Sub-division Wise List)

नीचे दी गई टेबल में प्रमंडल के अनुसार जिलों और उनके अनुमंडलों का विवरण है।

1. पटना प्रमंडल (Patna Division)

(मुख्यालय: पटना)

क्र.जिला (District)कुल अनुमंडलअनुमंडल के नाम (Sub-divisions)कुल प्रखंड
1.पटना06पटना सदर, पटना सिटी, दानापुर, बाढ़, मसौढ़ी, पालीगंज23
2.नालंदा03बिहार शरीफ, राजगीर, हिलसा20
3.भोजपुर (आरा)03आरा सदर, पीरो, जगदीशपुर14
4.बक्सर02बक्सर सदर, डुमरांव11
5.रोहतास03सासाराम, बिक्रमगंज, डेहरी19
6.कैमूर (भभुआ)02भभुआ, मोहनिया11

2. तिरहुत प्रमंडल (Tirhut Division)

(मुख्यालय: मुजफ्फरपुर)

क्र.जिला (District)कुल अनुमंडलअनुमंडल के नाम (Sub-divisions)कुल प्रखंड
7.मुजफ्फरपुर02मुजफ्फरपुर पूर्वी, मुजफ्फरपुर पश्चिमी16
8.पूर्वी चंपारण06मोतिहारी सदर, अरेराज, चकिया, रक्सौल, सिकरहना, पकड़ीदयाल27
9.पश्चिमी चंपारण03बेतिया सदर, नरकटियागंज, बगहा18
10.सीतामढ़ी03सीतामढ़ी सदर, पुपरी, बेलसंड17
11.वैशाली03हाजीपुर, महुआ, महनार16
12.शिवहर01शिवहर सदर05

3. सारण प्रमंडल (Saran Division)

(मुख्यालय: छपरा)

क्र.जिला (District)कुल अनुमंडलअनुमंडल के नाम (Sub-divisions)कुल प्रखंड
13.सारण (छपरा)03छपरा सदर, मढ़ौरा, सोनपुर20
14.सीवान02सीवान सदर, महाराजगंज19
15.गोपालगंज02गोपालगंज सदर, हथुआ14

4. दरभंगा प्रमंडल (Darbhanga Division)

(मुख्यालय: दरभंगा)

क्र.जिला (District)कुल अनुमंडलअनुमंडल के नाम (Sub-divisions)कुल प्रखंड
16.दरभंगा03दरभंगा सदर, बेनीपुर, बिरौल18
17.मधुबनी05मधुबनी सदर, झंझारपुर, बेनीपट्टी, जयनगर, फुलपरास21
18.समस्तीपुर04समस्तीपुर सदर, रोसड़ा, दलसिंहसराय, पटोरी20

5. कोसी प्रमंडल (Kosi Division)

(मुख्यालय: सहरसा)

क्र.जिला (District)कुल अनुमंडलअनुमंडल के नाम (Sub-divisions)कुल प्रखंड
19.सहरसा02सहरसा सदर, सिमरी बख्तियारपुर10
20.मधेपुरा02मधेपुरा सदर, उदाकिशुनगंज13
21.सुपौल04सुपौल सदर, बीरपुर, त्रिवेणीगंज, निर्मली11

6. पूर्णिया प्रमंडल (Purnia Division)

(मुख्यालय: पूर्णिया)

क्र.जिला (District)कुल अनुमंडलअनुमंडल के नाम (Sub-divisions)कुल प्रखंड
22.पूर्णिया04पूर्णिया सदर, बनमनखी, धमदाहा, बायसी14
23.कटिहार03कटिहार सदर, बारसोई, मनिहारी16
24.अररिया02अररिया सदर, फारबिसगंज09
25.किशनगंज01किशनगंज सदर07

7. भागलपुर प्रमंडल (Bhagalpur Division)

(मुख्यालय: भागलपुर)

क्र.जिला (District)कुल अनुमंडलअनुमंडल के नाम (Sub-divisions)कुल प्रखंड
26.भागलपुर03भागलपुर सदर, कहलगांव, नौगछिया16
27.बांका01बांका सदर11

8. मुंगेर प्रमंडल (Munger Division)

(मुख्यालय: मुंगेर)

क्र.जिला (District)कुल अनुमंडलअनुमंडल के नाम (Sub-divisions)कुल प्रखंड
28.मुंगेर03मुंगेर सदर, खड़गपुर, तारापुर09
29.बेगूसराय05बेगूसराय, मंझौल, तेघड़ा, बलिया, बखरी18
30.खगड़िया02खगड़िया सदर, गोगरी07
31.जमुई01जमुई सदर10
32.लखीसराय01लखीसराय सदर07
33.शेखपुरा01शेखपुरा सदर06

9. मगध प्रमंडल (Magadh Division)

(मुख्यालय: गया)

क्र.जिला (District)कुल अनुमंडलअनुमंडल के नाम (Sub-divisions)कुल प्रखंड
34.गया04गया सदर, शेरघाटी, टेकारी, नीमचक बथानी24
35.औरंगाबाद02औरंगाबाद सदर, दाउदनगर11
36.नवादा02नवादा सदर, रजौली14
37.जहानाबाद01जहानाबाद सदर07
38.अरवल01अरवल सदर05

📝 नोट: विस्तृत प्रखंड लिस्ट (Block List)

ऊपर दी गई लिस्ट में अनुमंडलों के नाम दिए गए हैं। यदि आप यह जानना चाहते हैं कि किस अनुमंडल में कौन-कौन से प्रखंड (Blocks) आते हैं, तो कृपया हमारी वेबसाइट पर उस विशेष “प्रमंडल” (Division) के आर्टिकल को पढ़ें। वहां आपको हर गांव और पंचायत स्तर की जानकारी मिल जाएगी।

(बिहार प्रशासन और भूमि सुधार से जुड़ी हर अपडेट के लिए Bhoomi News Live को फॉलो करें)

Madhubani Police: साल की पहली क्राइम मीटिंग में SDPO सुबोध कुमार सिन्हा के कड़े निर्देश, स्पीडी ट्रायल और चोरी पर विशेष नजर

मधुबनी (Madhubani) में साल 2026 की पहली क्राइम मीटिंग आयोजित। SDPO सुबोध कुमार सिन्हा ने स्पीडी ट्रायल (Speedy Trial) और ठंड में चोरी की घटनाओं को रोकने के लिए दिए कड़े निर्देश। जानें पुलिस की नई रणनीति।

मधुबनी (Bhoomi News Live): अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) सुबोध कुमार सिन्हा ने साल 2026 की पहली मासिक अपराध गोष्ठी (Crime Meeting) की अध्यक्षता की। इस बैठक में पिछले साल के कार्यों की समीक्षा की गई और नए साल के लिए पुलिसिंग को और बेहतर बनाने की रणनीति तैयार की गई।

SDPO सुबोध कुमार सिन्हा ने सभी थानाध्यक्षों को सख्त निर्देश दिए कि पेंडिंग मामलों का जल्द से जल्द निपटारा किया जाए और अपराधियों को सजा दिलाने के लिए ‘स्पीडी ट्रायल’ (Speedy Trial) पर जोर दिया जाए।

बैठक के मुख्य बिंदु (Key Highlights)

क्राइम मीटिंग के दौरान SDPO ने कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की:

  • पिछले साल की समीक्षा: बैठक में पिछले एक साल में हुए कार्यों का लेखा-जोखा लिया गया। यह देखा गया कि किन क्षेत्रों में पुलिसिंग में कमी रही और कहां सुधार की आवश्यकता है।
  • केस डिस्पोजल (Case Disposal): थानों द्वारा कितने मामलों का निष्पादन किया गया, इसकी समीक्षा की गई और आगे के लिए टार्गेट सेट किए गए।
  • ​तकनीकी पुलिसिंग: पुलिस मुख्यालय के आदेशानुसार CCTNS (Crime and Criminal Tracking Network & Systems) और अन्य तकनीकी पक्षों पर विशेष ध्यान देने को कहा गया।

स्पीडी ट्रायल से मिलेगी अपराधियों को सजा

SDPO ने बताया कि इस बार स्पीडी ट्रायल पर विशेष फोकस रहेगा।

​”प्रत्येक पुलिस ऑफिसर कुछ विशेष कांडों का चयन करेंगे, जिनका स्पीडी ट्रायल कराकर अपराधियों को सजा (Conviction) दिलाई जाएगी। इसके लिए पुलिस अधिकारियों की जिम्मेदारी और जवाबदेही तय की जाएगी।” – सुबोध कुमार सिन्हा, SDPO

ठंड में चोरी की घटनाओं पर पुलिस की अपील

बढ़ती ठंड और कोहरे के कारण चोरी की घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है। इस पर बात करते हुए SDPO ने बताया कि पुलिस गश्ती बढ़ा रही है, लेकिन आम जनता को भी सतर्क रहने की जरूरत है।

उन्होंने आम लोगों से एक विशेष अपील की है:

  • ​यदि आप अपना घर खाली करके कई दिनों या महीनों के लिए बाहर जा रहे हैं, तो इसकी सूचना स्थानीय थाना या चौकीदार को जरूर दें।​
  • बंद घरों को चोर अक्सर निशाना बनाते हैं, इसलिए पुलिस को सूचना देने से उस क्षेत्र में निगरानी बढ़ाई जा सकती है।

निष्कर्ष​: आने वाले पर्व-त्योहारों और विधि-व्यवस्था को लेकर भी पुलिस पूरी तरह सतर्क है। SDPO ने साफ किया कि अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की पहली प्राथमिकता है।

सावधान! Google पर गलती से भी सर्च न करें ये 6 चीजें, वरना सीधे जाना पड़ सकता है जेल

क्या आप जानते हैं कि Google पर अनजाने में की गई कुछ सर्च आपको जेल की हवा खिला सकती हैं? भारत में इन 6 चीजों को सर्च करना कानूनी अपराध है। जानिए पूरी लिस्ट और सुरक्षित रहें।

सावधान चेतावनी वाला थंबनेल जिसमें लिखा है गूगल पर गलती से भी ये 6 चीजें मत करना सर्च वरना हो जाएगी जेल और पीछे पुलिस अधिकारी दिख रहा है

आज के डिजिटल दौर में, हमारे दिमाग में कोई भी सवाल आता है तो हम सबसे पहले अपना फोन उठाते हैं और ‘गूगल’ (Google) करते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह आदत आपको बड़ी मुसीबत में डाल सकती है?

इंटरनेट पर हर चीज सर्च करने की आजादी नहीं है। भारत में साइबर कानून (Cyber Laws) बेहद सख्त हैं। सुरक्षा एजेंसियां और साइबर सेल संदिग्ध कीवर्ड्स पर नजर रखते हैं। अनजाने में की गई एक गलती आपको पुलिस थाने या जेल तक पहुंचा सकती है।

यहाँ हम आपको उन 6 चीजों के बारे में बता रहे हैं, जिन्हें गूगल पर सर्च करना या शेयर करना भारत में अपराध माना जाता है।

1. बम बनाने का तरीका (Making of Weapons/Bombs)

यह सबसे संवेदनशील मुद्दा है। अगर आप गूगल पर बम बनाने की प्रक्रिया या हथियारों से जुड़ी जानकारी सर्च करते हैं, तो आपका IP एड्रेस तुरंत सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर आ सकता है। देश की सुरक्षा के मद्देनजर इसे गंभीर अपराध माना जाता है और आपको बिना वारंट के हिरासत में लिया जा सकता है।

2. चाइल्ड पोर्नोग्राफी (Child Pornography)

भारत सरकार बच्चों के प्रति अपराधों को लेकर ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति पर काम करती है। गूगल पर ‘चाइल्ड पोर्नोग्राफी’ सर्च करना, देखना या शेयर करना POCSO एक्ट और IT एक्ट के तहत गैर-जमानती अपराध है। ऐसा करने पर 5 से 7 साल तक की जेल हो सकती है।

3. गर्भपात के अवैध तरीके (Illegal Abortion Details)

भारत में गर्भपात (Abortion) को लेकर Medical Termination of Pregnancy Act लागू है। डॉक्टर की सलाह के बिना गर्भपात के तरीके खोजना या लिंग परीक्षण (Gender Selection) से जुड़ी जानकारी गूगल पर ढूंढना गैरकानूनी है।

4. रेप पीड़िता की पहचान (Identity of Victim)

सुप्रीम कोर्ट के सख्त आदेश हैं कि किसी भी रेप या यौन शोषण पीड़िता का नाम, फोटो या पहचान उजागर नहीं की जा सकती। अगर आप गूगल पर पीड़िता की पहचान जानने की कोशिश करते हैं या उसे सोशल मीडिया पर शेयर करते हैं, तो यह दंडनीय अपराध है।

5. पाइरेटेड फिल्में और कंटेंट (Pirated Movies)

फिल्म रिलीज से पहले उसे लीक करना या पाइरेटेड (चोरी की हुई) फिल्में डाउनलोड करना कॉपीराइट एक्ट 1957 का उल्लंघन है। कई बार लोग टोरेंट या अवैध साइट्स पर फिल्में सर्च करते हैं, जो उन्हें कानूनी पचड़े में डाल सकता है। पाइरेसी को बढ़ावा देना एक जुर्म है।

6. निजी फोटो/वीडियो लीक (Private Photo/Video)

किसी व्यक्ति की मर्जी के बिना उसकी प्राइवेट फोटो या वीडियो गूगल पर सर्च करना या उसे अपलोड करना निजता के अधिकार (Right to Privacy) का हनन है। यह साइबर क्राइम की श्रेणी में आता है और इसके लिए आपको जेल की सजा हो सकती है।

इंटरनेट ज्ञान का सागर है, लेकिन इसका इस्तेमाल जिम्मेदारी से करना जरूरी है। आपके ब्राउज़र का ‘Incognito Mode’ आपको पुलिस या साइबर सेल से नहीं बचा सकता। इसलिए, जिज्ञासा में भी इन प्रतिबंधित चीजों को सर्च करने से बचें।

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बिहार की सियासत में ‘दही-चूड़ा’ डिप्लोमेसी: तेज प्रताप यादव का बड़ा दांव, तेजस्वी और नीतीश कुमार को भेजा न्योता

Tej Pratap Yadav dahi chura plan thumbnail with Tejashwi Yadav Nitish Kumar Samrat Chaudhary and Vijay Sinha on one stage

पटना: बिहार में मकर संक्रांति केवल एक पर्व नहीं, बल्कि सियासी समीकरणों को साधने का एक बड़ा मौका होता है। इस बार जनशक्ति जनता दल (जेजेडी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने इस परंपरा को आगे बढ़ाते हुए सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है।

तेज प्रताप यादव ने घोषणा की है कि वे 14 जनवरी (मकर संक्रांति) के अवसर पर अपने आवास पर भव्य ‘दही-चूड़ा भोज’ का आयोजन करेंगे। खास बात यह है कि इस भोज में सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों के दिग्गजों को एक मंच पर लाने की तैयारी है।

छोटे भाई तेजस्वी को खास निमंत्रण

राजनीतिक मतभेदों और अलग राह चुनने के बाद यह पहला मौका होगा जब तेज प्रताप यादव अपने छोटे भाई और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को औपचारिक रूप से आमंत्रित कर रहे हैं। तेज प्रताप ने स्पष्ट किया है कि वे खुद तेजस्वी को न्योता देंगे। सियासी जानकारों का मानना है कि यह आयोजन दोनों भाइयों के बीच जमी बर्फ को पिघलाने की एक कोशिश हो सकता है।

इन दिग्गजों को भेजा जाएगा बुलावा

तेज प्रताप यादव ने अपनी पार्टी की ओर से आयोजित इस भोज को ‘सर्वदलीय’ रूप देने की कोशिश की है। उन्होंने जिन प्रमुख चेहरों को आमंत्रित करने की बात कही है, उनमें शामिल हैं:

  • नीतीश कुमार (मुख्यमंत्री, बिहार)
  • सम्राट चौधरी (उपमुख्यमंत्री)
  • विजय कुमार सिन्हा (उपमुख्यमंत्री)
  • आरिफ मोहम्मद खान (राज्यपाल)

लालू यादव की परंपरा को आगे बढ़ाने की कोशिश?

गौरतलब है कि बिहार विधानसभा चुनाव में राजद (RJD) की हार के बाद, राबड़ी आवास पर लालू प्रसाद यादव की पारंपरिक और मशहूर ‘दही-चूड़ा पार्टी’ को लेकर संशय बना हुआ है। ऐसे में तेज प्रताप का यह कदम उस सियासी शून्य को भरने की कोशिश माना जा रहा है।

सियासी मायने: सत्ता और विपक्ष के बीच सेतु?

राजनीतिक विश्लेषक इस आयोजन को केवल एक भोज नहीं मान रहे। विश्लेषकों का कहना है कि तेज प्रताप यादव इस आयोजन के जरिए खुद को एक परिपक्व नेता के रूप में स्थापित करना चाहते हैं जो दलगत राजनीति से ऊपर उठकर संवाद (Communication) में विश्वास रखता है। सत्ता पक्ष के शीर्ष नेताओं को बुलाकर वे यह संदेश देना चाहते हैं कि विरोध अपनी जगह है, लेकिन शिष्टाचार और संवाद अपनी जगह।

अब देखना दिलचस्प होगा कि 14 जनवरी को तेज प्रताप के आवास पर कौन-कौन से दिग्गज जुटते हैं और क्या बिहार की राजनीति में ‘दही-चूड़ा’ की मिठास नए समीकरणों को जन्म देती है?

कपकपाती ठंड में बुजुर्गों को मिला सहारा: प्रो. रामदेव भंडारी की जयंती पर अमेरिका से आए सहयोग से बंटे कम्बल

झंझारपुर: पूर्व राज्यसभा सांसद और प्रकांड विद्वान प्रोफेसर रामदेव भंडारी की जयंती के अवसर पर झंझारपुर थाना चौक स्थित उनकी आदमकद प्रतिमा स्थल पर एक भव्य श्रद्धांजलि और सेवा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर जहां एक ओर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया गया, वहीं दूसरी ओर भीषण ठंड को देखते हुए समाज के जरूरतमंद और असहाय बुजुर्गों के बीच कम्बल का वितरण किया गया।

गरीबों के सच्चे रहनुमा थे प्रोफेसर भंडारी: दीपक कुमार शर्मा

कार्यक्रम का नेतृत्व कर रहे युवा सामाजिक कार्यकर्ता दीपक कुमार शर्मा ने प्रोफेसर भंडारी को याद करते हुए उन्हें पिछड़ा, अतिपिछड़ा, दलित, शोषित और वंचित समाज का सच्चा हितैषी बताया। दीपक शर्मा ने कहा, “प्रोफेसर रामदेव भंडारी भले ही आज हमारे बीच सशरीर उपस्थित नहीं हैं, लेकिन उनके विचार और आदर्श आज भी हम सभी को प्रेरित कर रहे हैं।”

उन्होंने आगे कहा कि समाज में एकता, समरसता और भाईचारा बनाए रखने के लिए प्रोफेसर भंडारी की विचारधारा पर चलना अत्यंत आवश्यक है। उनके विचारों को समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुँचाना ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि होगी, ताकि वे अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हो सकें।

अमेरिका से आया सहयोग, गांव में खिली मुस्कान

इस पुनीत कार्य के पीछे एक विशेष भावनात्मक पहलू भी जुड़ा है। बताया गया कि प्रोफेसर भंडारी के तीन पुत्र हैं, जिनमें से उनके सबसे छोटे पुत्र, जो अमेरिका के वॉशिंगटन डीसी में रहते हैं, उनके द्वारा ही इस कम्बल वितरण कार्यक्रम का आयोजन करवाया गया। उनकी अनुपस्थिति में दीपक कुमार शर्मा के नेतृत्व में यह सेवा कार्य संपन्न हुआ।

प्रोफेसर भंडारी: एक नजर में

  • जन्म: 5 जनवरी 1940​
  • निधन: 21 सितंबर 2018
  • ​विशेष: उनकी प्रतिमा का अनावरण बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव के कर-कमलों द्वारा किया गया था। वे जीवन भर शोषितों और गरीबों की आवाज बनकर उभरे।