किशनगंज पुलिस की बड़ी कामयाबी: टॉप-10 वांछित अपराधियों में शामिल मसिरूद्दीन गिरफ्तार

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किशनगंज: बिहार के किशनगंज जिले में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान में पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। जिला पुलिस ने टॉप-10 वांछित अपराधियों की सूची में शामिल कुख्यात अपराधी मसिरूद्दीन उर्फ मसीरू उर्फ मसीर उर्फ मसेर को गिरफ्तार कर लिया है।

सुखानी थाना पुलिस ने बिछाया जाल

इस कुख्यात अपराधी की गिरफ्तारी सुखानी थाना पुलिस द्वारा की गई है। लंबे समय से फरार चल रहे मसिरूद्दीन की तलाश पुलिस को कई गंभीर मामलों में थी। गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर उसे धर दबोचा।

अपराधी का आपराधिक इतिहास

गिरफ्तार अपराधी मसिरूद्दीन मूल रूप से किशनगंज जिले के पाठामारी थाना क्षेत्र का निवासी है। पुलिस के अनुसार, उसके खिलाफ पहले से ही पाठामारी थाने में कई गंभीर मामले दर्ज हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • लूट के संगीन मामले
  • चोरी की बड़ी वारदातें
  • हत्या का प्रयास (Attempt to Murder) जैसे 03 गंभीर कांड

पुलिस अधीक्षक का बयान: जिला पुलिस अपराधियों के विरुद्ध ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम कर रही है। टॉप-10 अपराधियों की गिरफ्तारी से क्षेत्र में अपराध दर में कमी आएगी और जनता में सुरक्षा का भाव मजबूत होगा।

पुलिस की कार्रवाई से अपराधियों में हड़कंप

मसिरूद्दीन की गिरफ्तारी को किशनगंज पुलिस के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। वह काफी समय से पुलिस की नजरों से बचकर अपनी गतिविधियां चला रहा था। इस गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब उससे पूछताछ कर रही है ताकि उसके गिरोह के अन्य सदस्यों और भविष्य की साजिशों का पता लगाया जा सके।

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ऑपरेशन मुस्कान: मधेपुरा पुलिस ने लौटाए 25 चेहरे की खुशियाँ, बरामद किए चोरी और गुम हुए मोबाइल

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मधेपुरा, बिहार: कहते हैं कि आज के दौर में मोबाइल सिर्फ एक उपकरण नहीं, बल्कि इंसान की व्यक्तिगत और पेशेवर जिंदगी का एक अहम हिस्सा है। जब यह खो जाता है या चोरी हो जाता है, तो व्यक्ति न केवल आर्थिक नुकसान झेलता है, बल्कि अपनी जरूरी यादें और डेटा भी खो देता है। इसी चिंता को दूर करने के लिए बिहार पुलिस का ऑपरेशन मुस्कान (Operation Muskan) एक उम्मीद की किरण बनकर उभरा है।

हाल ही में मधेपुरा पुलिस ने इस अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल करते हुए 25 चोरी/गुम हुए मोबाइल फोन बरामद किए और उन्हें उनके वास्तविक स्वामियों को सौंप दिया।

क्या है ऑपरेशन मुस्कान?

बिहार पुलिस द्वारा चलाया जा रहा ऑपरेशन मुस्कान एक विशेष अभियान है जिसका मुख्य उद्देश्य चोरी हुए या खोए हुए मोबाइल फोन, वाहन और अन्य कीमती सामानों को रिकवर कर उनके मालिकों तक पहुँचाना है। इस अभियान का नाम मुस्कान इसलिए रखा गया है क्योंकि जब किसी व्यक्ति का खोया हुआ सामान वापस मिलता है, तो उनके चेहरे पर आई मुस्कुराहट ही इस मुहिम की सफलता की पहचान है।

मधेपुरा पुलिस की कार्रवाई

पुलिस अधीक्षक (SP) मधेपुरा के निर्देशन में गठित विशेष टीम ने तकनीकी सर्विलांस और वैज्ञानिक अनुसंधान की मदद से जिले के विभिन्न क्षेत्रों से गायब हुए मोबाइल हैंडसेटों को ट्रैक किया। बरामद किए गए फोन की कुल संख्या 25 है, जिनकी बाजार में कीमत लाखों में आंकी जा रही है।

  • बरामदगी: 25 सक्रिय मोबाइल फोन।
  • प्रक्रिया: तकनीकी सेल (Technical Cell) द्वारा लगातार ट्रैकिंग।
  • हस्तांतरण: पुलिस मुख्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान सभी पीड़ितों को उनके फोन वापस किए गए।

पीड़ितों के खिले चेहरे

अपना खोया हुआ फोन वापस पाकर लोगों के चेहरे पर खुशी साफ झलक रही थी। कई पीड़ितों ने बताया कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि उनका फोन कभी वापस मिलेगा, लेकिन मधेपुरा पुलिस की तत्परता ने उनके विश्वास को फिर से जगा दिया है।

मेरा फोन महीनों पहले गुम हो गया था। पुलिस ने न केवल उसे ढूंढ निकाला बल्कि पूरी प्रक्रिया में बहुत सहयोग किया। बिहार पुलिस का यह कार्य वाकई सराहनीय है।— एक स्थानीय नागरिक

पुलिस की अपील

  1. मोबाइल गुम होने पर तुरंत CEIR (Central Equipment Identity Register) पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।
  2. नजदीकी थाने में सनहा (Diary) दर्ज करना न भूलें।
  3. सेकेंड हैंड मोबाइल खरीदते समय सावधानी बरतें और बिल जरूर मांगें।
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बिहार जनगणना 2027: आज से सेल्फ इन्यूमरेशन शुरू, जानिए आपके लिए क्या है खास?

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पटना: बिहार में भविष्य की योजनाओं और विकास का खाका तैयार करने के लिए जनगणना 2027 का शंखनाद हो गया है। आज, 17 अप्रैल 2026 से, जनगणना का पहला चरण शुरू हो रहा है, जो पूरी तरह डिजिटल और जन-भागीदारी पर आधारित है।

1. क्या है Self Enumeration (स्व-गणना)?

सरकार ने इस बार नागरिकों को बड़ी राहत दी है। अब आपको जनगणना कर्मी के घर आने का इंतज़ार करने या उनके सामने घंटों बैठने की ज़रूरत नहीं है। आप खुद अपने मोबाइल या कंप्यूटर से सरकार के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर अपनी जानकारी दर्ज कर सकते हैं। इसे ही सेल्फ इन्यूमरेशन कहा गया है।

2. उन 33 सवालों में क्या होगा?

ऑनलाइन फॉर्म भरते समय आपसे कुल 33 प्रश्न पूछे जाएंगे। रिसर्च के अनुसार, इन जानकारियों को मुख्य रूप से तीन भागों में बांटा गया है:

  • परिवार की जानकारी: सदस्यों के नाम, उम्र, वैवाहिक स्थिति और शिक्षा।
  • आवास की स्थिति: घर कच्चा है या पक्का, कमरों की संख्या और स्वामित्व।
  • सुविधाएं और संपत्ति: पीने के पानी का स्रोत, बिजली, शौचालय, और घर में मौजूद वाहन या गैजेट्स (जैसे मोबाइल, लैपटॉप)।

3. यह प्रक्रिया क्यों महत्वपूर्ण है?

  • सटीक डेटा: जब आप खुद जानकारी भरते हैं, तो गलती की गुंजाइश कम होती है।
  • योजनाओं का लाभ: आपकी दी गई जानकारी के आधार पर ही तय होगा कि आपके क्षेत्र में कितने स्कूल, अस्पताल या सड़कों की ज़रूरत है।
  • गोपनीयता: सरकार का दावा है कि पोर्टल पर दी गई सभी जानकारियां पूरी तरह सुरक्षित और कॉन्फिडेंशियल रहेंगी।

4. आपको क्या करना होगा?

  1. पोर्टल पर जाएं: जनगणना की आधिकारिक वेबसाइट (जो आज लाइव हुई है) पर लॉग इन करें।
  2. रजिस्ट्रेशन: अपने मोबाइल नंबर और आधार (यदि अनिवार्य हो) के जरिए रजिस्टर करें।
  3. फॉर्म भरें: परिवार के मुखिया समेत सभी सदस्यों की जानकारी दर्ज करें।
  4. Reference Number: फॉर्म जमा करने के बाद एक संदर्भ संख्या (Reference Number) मिलेगी, जिसे संभाल कर रखें। बाद में जब प्रगणक (Enumerator) आपके घर आएंगे, तो उन्हें बस यह नंबर दिखाना होगा और आपकी प्रक्रिया पूरी मान ली जाएगी।

बिहार की यह जनगणना केवल गिनती नहीं, बल्कि राज्य के अगले दशक का भविष्य तय करने वाली प्रक्रिया है। आज से शुरू हुई ऑनलाइन सुविधा का लाभ उठाकर आप न केवल समय बचा सकते हैं, बल्कि राज्य के विकास में अपना सक्रिय योगदान भी दे सकते हैं।

मधुबनी पुलिस का एक्शन मोड: जिले भर में सघन वाहन चेकिंग अभियान, अपराधियों और नियम तोड़ने वालों में हड़कंप

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मधुबनी। बिहार सरकार के गृह विभाग और पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार, मधुबनी जिले में विधि व्यवस्था संधारण और आम नागरिकों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है। पुलिस अधीक्षक के दिशा-निर्देश पर जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में सघन वाहन चेकिंग अभियान निरंतर चलाया जा रहा है।

अपराधियों पर लगाम और विधि व्यवस्था पर जोर

इस अभियान का मुख्य उद्देश्य आगामी त्योहारों और क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ संदिग्ध गतिविधियों पर रोक लगाना है। पुलिस के अनुसार, चेकिंग के दौरान केवल कागजातों की ही जांच नहीं की जा रही, बल्कि संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की सघन तलाशी भी ली जा रही है ताकि अवैध हथियारों, शराब या अन्य प्रतिबंधित सामग्री के परिवहन को रोका जा सके।

चौक-चौराहों पर पुलिस की पैनी नजर

मधुबनी नगर थाना सहित झंझारपुर, जयनगर, बेनीपट्टी और घोघरडीहा जैसे प्रमुख क्षेत्रों के मुख्य चौक-चौराहों पर नाकेबंदी कर वाहनों की जांच की गई। अभियान के दौरान:

  • दोपहिया वाहनों की डिक्की की जांच: संदिग्ध वस्तुओं की खोज के लिए वाहनों की सघन तलाशी ली गई।
  • हेल्मेट और कागजात: बिना हेल्मेट बाइक चलाने वालों और बिना वैध लाइसेंस/बीमा के वाहन चलाने वालों से मौके पर ही जुर्माना वसूला गया।
  • ट्रिपल लोडिंग पर सख्ती: एक बाइक पर तीन सवारी बैठाने वाले युवकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई।

आम नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता

मधुबनी पुलिस के एक वरीय अधिकारी ने बताया कि, “हमारा उद्देश्य केवल जुर्माना वसूलना नहीं, बल्कि सड़कों पर अनुशासन बनाए रखना और आम नागरिकों के मन में सुरक्षा का भाव पैदा करना है। सघन चेकिंग से अपराधियों के हौसले पस्त होते हैं और चोरी की घटनाओं में कमी आती है।”

प्रशासन की अपील

पुलिस प्रशासन ने आम जनता से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि वाहन चलाते समय सभी आवश्यक दस्तावेज अपने साथ रखें और यातायात नियमों का पालन करें। पुलिस की इस सक्रियता से जहां नियम तोड़ने वालों में हड़कंप है, वहीं स्थानीय नागरिकों ने इसे सुरक्षित माहौल बनाने की दिशा में एक सराहनीय कदम बताया है।

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मधुबनी: डीआईजी (यातायात) का आगमन, i-RAD और e-Challan जैसे डिजिटल सुधारों पर हुई समीक्षा बैठक

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मधुबनी। बिहार पुलिस में यातायात व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ और तकनीक-अनुकूल बनाने के उद्देश्य से कल मधुबनी जिले में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक और प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

भव्य स्वागत और गार्ड ऑफ ऑनर

दिनांक 16 अप्रैल 2026 को पुलिस उप-महानिरीक्षक (DIG), यातायात, बिहार (पटना) का मधुबनी जिला आगमन हुआ। इस अवसर पर मधुबनी के पुलिस अधीक्षक (SP) द्वारा उन्हें पुष्पगुच्छ भेंट कर जिले में उनका आत्मीय स्वागत किया गया। इसके उपरांत, मधुबनी पुलिस के जवानों द्वारा डीआईजी साहब को गार्ड ऑफ ऑनर देकर सम्मानित किया गया।

तकनीक और यातायात सुरक्षा पर केंद्रित बैठक

स्वागत समारोह के पश्चात, समाहरणालय स्थित सभागार कक्ष में एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। डीआईजी (यातायात) के निर्देशानुसार आयोजित इस बैठक का मुख्य उद्देश्य यातायात प्रबंधन में उपयोग हो रहे डिजिटल पोर्टल्स की समीक्षा करना था।

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मधुबनी: कोचिंग गई नाबालिग हिंदू लड़की का अपहरण, विशेष समुदाय के युवकों पर आरोप; FIR दर्ज

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मधुबनी (बिहार): बिहार के मधुबनी जिले के बाबूबरही थाना क्षेत्र से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ एक 17 वर्षीय नाबालिग हिंदू लड़की के अपहरण को लेकर परिजनों ने स्थानीय थाने में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई है। परिजनों का आरोप है कि लड़की को धर्म परिवर्तन की नीयत से अगवा किया गया है।

​क्या है पूरा मामला?

​घटना 29 मार्च 2026 की है। आवेदन के अनुसार, पीड़िता (प्रीति कुमारी, काल्पनिक नाम) प्रतिदिन की तरह दोपहर करीब 2 बजे ‘DNA साइंस कोचिंग सेंटर, बरैल चौक’ पढ़ने के लिए घर से निकली थी। जब वह शाम 6 बजे तक घर वापस नहीं लौटी, तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की।

​कोचिंग सेंटर में पूछताछ करने पर पता चला कि वह शाम 4 बजे ही वहां से निकल गई थी। खोजबीन के दौरान स्थानीय स्तर पर जानकारी मिली कि दो अज्ञात लड़कों ने उसे मोटरसाइकिल पर जबरन बैठाया और कहीं ले गए।

​सोशल मीडिया और इंस्टाग्राम रील से मिला सुराग

​परिजनों ने पुलिस को दिए आवेदन में बताया कि 03 अप्रैल 2026 को इंस्टाग्राम पर एक फोटो और रील देखी गई। यह इंस्टाग्राम आईडी ak_fashion_boy (अहसान अली) के नाम से बताई जा रही है। सोशल मीडिया पर मिले इन सुरागों के आधार पर परिजनों को विश्वास हो गया कि उनकी बेटी का अपहरण साजिश के तहत किया गया है।

​इन लोगों पर लगा है आरोप

​पीड़ित परिवार ने इस मामले में मो० चाँद, मो० निहाल (दोनों के पिता मो० मुस्तफा), मो० मुस्तफा (पिता मो० मंसूर) और यासमीन खातून के खिलाफ नामजद शिकायत दर्ज कराई है। परिजनों का स्पष्ट आरोप है कि आरोपियों ने धर्म परिवर्तन कराने के उद्देश्य से उनकी नाबालिग बेटी को बहला-फुसलाकर अगवा किया है और इस कृत्य में पूरा परिवार शामिल है।

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​पुलिस की कार्रवाई

​प्राप्त जानकारी के अनुसार, बाबूबरही पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए FIR No. 189/26 दर्ज कर ली है। पुलिस ने BNS (भारतीय न्याय संहिता) की विभिन्न धाराओं (137(2), 96, 3(5)) के तहत मामला पंजीकृत किया है।

  • जांच अधिकारी: S.I. लाल बाबू राय को इस केस की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
  • वर्तमान स्थिति: पुलिस तकनीकी साक्ष्यों और सोशल मीडिया इनपुट्स के आधार पर लड़की की बरामदगी के लिए छापेमारी कर रही है।

​स्थानीय लोगों में आक्रोश

​इस घटना के बाद से क्षेत्र में तनावपूर्ण शांति देखी जा रही है। स्थानीय ग्रामीणों और हिंदू संगठनों ने दोषियों की जल्द गिरफ्तारी और लड़की की सुरक्षित वापसी की मांग की है। सोशल मीडिया पर भी इस घटना को लेकर काफी चर्चा हो रही है।

नोट: प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। आधिकारिक पुष्टि के बिना किसी भी सूचना को साझा न करें।

महाराष्ट्र में लव जिहाद का महा-खुलासा: अयान ने 180 बेटियों की जिंदगी से किया खिलवाड़, 350 वीडियो बनाकर किया ब्लैकमेल

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अमरावती (परतवाड़ा): महाराष्ट्र के अमरावती जिले से एक ऐसी रूह कंपा देने वाली खबर सामने आई है, जिसने पूरे देश के अल्पसंख्यकों और बहुसंख्यक समाज के बीच के विश्वास पर सवालिया निशान लगा दिया है। पुलिस ने 19 वर्षीय दरिंदे अयान अहमद तनवीर को गिरफ्तार किया है, जिसने ‘लव जिहाद’ के जरिए करीब 180 नाबालिग लड़कियों को अपनी हवस का शिकार बनाया।

350 गंदे वीडियो और ब्लैकमेलिंग का गंदा खेल

आरोपी अयान अहमद पर आरोप है कि वह सोशल मीडिया पर अपनी पहचान छिपाकर या हिंदू लड़कियों को प्रेम जाल में फंसाकर उनसे दोस्ती करता था। इसके बाद वह उन्हें नशीला पदार्थ पिलाकर या शादी का झांसा देकर उनके साथ दुष्कर्म करता और आपत्तिजनक वीडियो बना लेता था। पुलिस की जांच में अब तक 350 से ज्यादा अश्लील वीडियो बरामद हुए हैं, जिनमें से कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल भी कर दिए गए हैं।

मुस्लिम संगठनों की चुप्पी पर उठ रहे सवाल

इस घटना के बाद जहां पूरा महाराष्ट्र उबल रहा है, वहीं हिंदू संगठनों ने मुस्लिम समाज और उनके संगठनों की चुप्पी पर तीखे सवाल खड़े किए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि:

जब भी कोई मुस्लिम युवक इस तरह के जघन्य अपराध में लिप्त पाया जाता है, तो बड़े मुस्लिम संगठन और धर्मगुरु चुप्पी साध लेते हैं। आखिर क्यों इन संगठनों की ओर से अयान जैसे अपराधियों का सामाजिक बहिष्कार नहीं किया जाता?

बुलडोजर से इंसाफ, इलाके में भारी तनाव

इस घटना के विरोध में परतवाड़ा और अचलपुर पूरी तरह बंद रहे। आक्रोश को देखते हुए प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की है। आरोपी के अवैध ठिकानों पर बुलडोजर चलाकर उन्हें जमींदोज कर दिया गया है। बीजेपी सांसद अनिल बोंडे ने इसे एक बड़ी साजिश करार देते हुए मांग की है कि ऐसे अपराधियों को सरेआम फांसी दी जानी चाहिए।

यह मामला केवल एक अपराधी का नहीं, बल्कि समाज के उस गिरते स्तर का है जहां मासूमों की सुरक्षा दांव पर है। अगर समाज के भीतर से इन अपराधियों के खिलाफ आवाज नहीं उठी, तो खाई और गहरी होगी।

बिहार में पोर्टफोलियो का बंटवारा: सम्राट चौधरी सुपर सीएम की भूमिका में, विजय चौधरी और बिजेन्द्र यादव को मिली बड़ी जिम्मेदारी

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पटना: बिहार सरकार ने नई कैबिनेट के बीच विभागों का बँटवारा कर दिया है। बुधवार, 15 अप्रैल 2026 को जारी आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शासन पर अपनी मजबूत पकड़ बनाए रखते हुए गृह, सामान्य प्रशासन और स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण विभागों सहित कुल 29 मंत्रालयों की जिम्मेदारी अपने पास रखी है।

​राज्य में दो उप-मुख्यमंत्री बनाए गए हैं— विजय कुमार चौधरी और बिजेन्द्र प्रसाद यादव। राज्यपाल के आदेश से जारी इस अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि वे सभी विभाग जो किसी अन्य मंत्री को आवंटित नहीं हैं, वे मुख्यमंत्री के अधीन रहेंगे।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के पास भारी-भरकम पोर्टफोलियो

​मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सबसे अधिक विभागों की जिम्मेदारी संभाली है। उनके पास गृह, सामान्य प्रशासन, मंत्रिमंडल सचिवालय, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, पथ निर्माण, नगर विकास एवं आवास, पंचायती राज, और राजस्व एवं भूमि सुधार जैसे जनता से सीधे जुड़े विभाग रहेंगे। इसके अलावा उद्योग, खान एवं भूतत्व, और पर्यटन जैसे विभाग भी उन्हीं के पास हैं।

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उप-मुख्यमंत्रियों को मिली अहम जिम्मेदारी

​कैबिनेट में शक्ति संतुलन बनाए रखते हुए दोनों उप-मुख्यमंत्रियों को भी महत्वपूर्ण पोर्टफोलियो दिए गए हैं:

  • विजय कुमार चौधरी (उप-मुख्यमंत्री): इन्हें जल संसाधन, संसदीय कार्य, भवन निर्माण, परिवहन, ग्रामीण विकास और उच्च शिक्षा जैसे 10 विभागों की कमान सौंपी गई है।
  • बिजेन्द्र प्रसाद यादव (उप-मुख्यमंत्री): इन्हें वित्त, ऊर्जा, योजना एवं विकास, मद्य निषेध, और समाज कल्याण सहित कुल 8 विभागों का जिम्मा मिला है।

प्रशासनिक आदेश जारी

​यह आदेश भारत के संविधान के अनुच्छेद 166(3) के तहत राज्यपाल की सहमति के बाद मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत द्वारा जारी किया गया है। सरकार के इस कदम से स्पष्ट है कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी विकास और कानून-व्यवस्था से जुड़े प्रमुख मोर्चों का नेतृत्व स्वयं करेंगे, जबकि अनुभवी साथियों को बुनियादी ढांचे और आर्थिक नियोजन की जिम्मेदारी दी गई है।

राजभवन में जब जय-वीरू की जोड़ी ने बटोरी सुर्खियां, बिजय चौधरी बने गूगल मैप और मिल गई नजरें

Bijendra Yadav and Nitish Kumar smiling at Raj Bhavan Patna

पटना। बिहार की राजनीति में 14 अप्रैल 2026 का दिन इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया। एक तरफ नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देकर सबको चौंकाया, तो दूसरी तरफ राजभवन में हुए शपथ ग्रहण समारोह में दोस्ती और भरोसे का एक ऐसा वीडियो सामने आया जिसने सबका दिल जीत लिया। यह कहानी है बिजेंद्र प्रसाद यादव और नीतीश कुमार की, जिसमें विजय कुमार चौधरी ने तड़का लगा दिया।

शपथ ली, हस्ताक्षर किए… फिर शुरू हुई तलाश

सफेद कुर्ते-पाजामे में सजे बिजेंद्र प्रसाद यादव जैसे ही मंच पर शपथ लेने पहुंचे, पूरा हॉल तालियों से गूंज उठा। शपथ पूरी हुई, उन्होंने कागजों पर दस्तखत किए और फिर जो हुआ वह किसी फिल्मी सीन से कम नहीं था। विजेंद्र बाबू अपनी जगह पर ठिठक गए। वे अपनी गर्दन घुमाकर इधर-उधर देखने लगे। प्रोटोकॉल कहता है कि शपथ के बाद मुख्यमंत्री का अभिवादन करना होता है, लेकिन विजेंद्र यादव को भीड़ में अपने पुराने दोस्त नीतीश कुमार नजर नहीं आ रहे थे।

विजय चौधरी का ‘इशारा’ और खिलखिला उठे नीतीश

बिजेंद्र यादव की यह बेचैनी वहां पास ही बैठे विजय कुमार चौधरी की नजरों से नहीं छुपी। विजय चौधरी ने तुरंत मोर्चा संभाला और मुस्कुराते हुए इशारों-इशारों में बिजेंद्र बाबू को रास्ता दिखाया। उन्होंने हाथ से इशारा किया— “साहब वहां बैठे हैं!”

विजय चौधरी का इशारा मिलते ही बिजेंद्र यादव की नजरें नीतीश कुमार से जा टकराईं। जैसे ही नजर से नजर मिली, दोनों नेताओं के चेहरे पर एक ऐसी चमक और मुस्कान आई जैसे सालों बाद दो बिछड़े दोस्त मिले हों। बिजेंद्र यादव ने प्रणाम किया और नीतीश कुमार ने भी बड़े प्यार से उनका अभिवादन स्वीकार किया।

दोस्ती की वो केमिस्ट्री, जो कुर्सी से ऊपर है

बिहार की राजनीति में नीतीश, बिजेंद्र और विजय चौधरी की यह तिकड़ी दशकों पुरानी है। सोशल मीडिया पर लोग कह रहे हैं कि:

  • बिजेंद्र यादव: वो अटूट विश्वास जो नीतीश के साथ हर तूफान में खड़ा रहा।
  • विजय चौधरी: वो संकटमोचक जो हमेशा पुल का काम करते हैं।

क्यों वायरल हो रहा है यह पल?

राजनीति अक्सर कड़वाहट और दांव-पेंच के लिए जानी जाती है। ऐसे में राजभवन के गंभीर माहौल के बीच यह अजब-गजब वाकया बताता है कि पद आते-जाते रहते हैं, लेकिन जो साथ संघर्षों में बना रहता है, वही असली दौलत है।

​Elected बनाम Selected: तेजस्वी यादव का सम्राट चौधरी पर तीखा हमला, विकास के आंकड़ों पर घेरा

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पटना: बिहार की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत के साथ ही वार-पलटवार का दौर तेज हो गया है। बीजेपी नेता सम्रट चौधरी के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद, बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक बेहद तल्ख और कटाक्षपूर्ण पोस्ट साझा की है। तेजस्वी ने सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री बनने पर बधाई तो दी, लेकिन उनके कार्यकाल की चुनौतियों और बिहार की मौजूदा स्थिति को लेकर सरकार को आईना दिखाने में कोई कसर नहीं छोड़ी।

निर्वाचित और चयनित का राजनीतिक खेल

​तेजस्वी यादव ने अपने पोस्ट की शुरुआत में ही नीतीश कुमार को Elected (निर्वाचित) और सम्राट चौधरी को Selected (चयनित) मुख्यमंत्री बताकर बड़ा राजनीतिक कटाक्ष किया। उन्होंने सम्राट चौधरी को नीतीश कुमार को गद्दी से उतारने की उनकी प्रतिज्ञा पूर्ण करने पर बधाई दी, लेकिन साथ ही यह भी संकेत दिया कि वे जनता के सीधे जनादेश से नहीं बल्कि गठबंधन की जोड़-तोड़ से इस कुर्सी तक पहुँचे हैं।

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नीति आयोग के आंकड़ों से सरकार को घेरा

​तेजस्वी ने बिहार के पिछड़ेपन का मुद्दा उठाते हुए 21 वर्षों के NDA शासन पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने नए मुख्यमंत्री को याद दिलाया कि बिहार आज भी कई राष्ट्रीय मानकों पर सबसे निचले पायदान पर है। तेजस्वी ने अपने पोस्ट में निम्नलिखित प्रमुख मुद्दों का जिक्र किया:

  • शिक्षा और स्वास्थ्य: गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था का भारी अभाव।
  • अर्थव्यवस्था: निवेश की कमी, आय में गिरावट और खपत के घटते आंकड़े।
  • बेरोजगारी और पलायन: युवाओं को नौकरी न मिलना और राज्य से लगातार होता पलायन।
  • विधि व्यवस्था: राज्य में ध्वस्त हो चुकी कानून व्यवस्था और असुरक्षा का माहौल।

‘बिहारी स्वाभिमान’ को बताया सर्वोच्च

​तेजस्वी यादव ने सम्राट चौधरी को सचेत करते हुए कहा कि वे “बाहरियों के दिशा-निर्देशों” के आगे बिहारियों के स्वाभिमान को गिरवी न रखें। उनका इशारा स्पष्ट रूप से केंद्र सरकार के हस्तक्षेप की ओर था। उन्होंने आशा व्यक्त की कि मुख्यमंत्री बिहार की उन्नति और शांति के लिए सशक्त तरीके से काम करेंगे।

प्रादुर्भाव से समाजवादी श्री सम्राट चौधरी जी को पुनः हार्दिक शुभकामनाएं।तेजस्वी यादव

सियासी गलियारों में हलचल

​सम्राट चौधरी, जिन्होंने कभी नीतीश कुमार को सत्ता से हटाने तक अपना साफा (मुरेठा) न खोलने की कसम खाई थी, अब खुद मुख्यमंत्री की कुर्सी पर आसीन हैं। ऐसे में तेजस्वी यादव का यह पोस्ट न केवल एक चुनौती है, बल्कि आने वाले विधानसभा चुनावों के लिए विपक्ष के एजेंडे की एक झलक भी है। अब देखना यह होगा कि नई सरकार इन तीखे सवालों का जवाब अपने काम से किस तरह देती है।