प्रशासन का पक्ष आया सामने: जिसे बंधक और माफी समझा गया, पुलिस ने उसे बताया अपनी बड़ी रणनीति

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मधुबनी (बिहार): सोशल मीडिया के दौर में खबरें जितनी तेजी से फैलती हैं, उतनी ही तेजी से उनके गलत संदर्भ में पेश किए जाने का खतरा भी बना रहता है। हाल ही में घोघरडीहा थाना क्षेत्र का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसे लेकर पुलिस ने अपनी स्थिति स्पष्ट की है। पुलिस का कहना है कि वीडियो को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है।

क्या है पूरा मामला?

​मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना 17 मार्च की है। गश्ती के दौरान पुलिस टीम को एक संदिग्ध वाहन की सूचना मिली थी। जब पुलिस ने कार चालक को रुकने का इशारा किया, तो चालक वाहन रोकने के बजाय उसे तेज गति से गांव की ओर भगा ले गया।

​पुलिस टीम ने पीछा करते हुए वाहन को उसके घर तक ट्रेस कर लिया। जब पुलिसकर्मियों ने तलाशी लेने का प्रयास किया, तो वहां मौजूद कुछ स्थानीय लोग उग्र हो गए। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि भीड़ ने पुलिस टीम के साथ बदसलूकी की और तीन पुलिसकर्मियों को बंधक बना लिया।

थानाध्यक्ष की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा

​घटना की सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष शुभम कुमार अतिरिक्त पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। भीड़ के गुस्से और तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए उन्होंने अत्यंत सूझबूझ का परिचय दिया।

  • रणनीतिक कदम: माहौल को शांत करने के लिए थानाध्यक्ष ने स्थानीय गणमान्य लोगों का सहयोग लिया।
  • मानवीय दृष्टिकोण: उन्होंने भीड़ के सामने स्पष्ट किया कि यदि पुलिस टीम की गलती पाई जाती है, तो जांच के बाद दोषियों पर कार्रवाई होगी।
  • सफलता: इस बातचीत और शांतिपूर्ण रणनीति के कारण किसी भी बड़ी अप्रिय घटना को टाला जा सका और बंधक पुलिसकर्मियों को सुरक्षित छुड़ा लिया गया।

पुलिस की कार्रवाई और अपील

​इस मामले में पुलिस ने कड़ा रुख अपनाते हुए सूरज कुमार यादव समेत पांच नामजद और पांच अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की है। पुलिस का कहना है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।

थानाध्यक्ष शुभम कुमार ने कहा: “यह कदम पूरी तरह से मानवीय सुरक्षा और रणनीति का हिस्सा था ताकि किसी भी तरह की अनहोनी को रोका जा सके। हम आम लोगों से अपील करते हैं कि सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे भ्रामक और बढ़ा-चढ़ाकर पेश किए गए वीडियो पर ध्यान न दें। केवल सत्यापित जानकारी पर ही विश्वास करें।”

ग्रामीणों का पक्ष

​दूसरी ओर, ग्रामीण सूरज कुमार यादव द्वारा कोर्ट में नालसी (Complaint) दायर की गई है। इसमें पुलिस पर महिलाओं के साथ मारपीट और अभद्रता करने का आरोप लगाया गया है। फिलहाल पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है।

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Bhoomi News Live निष्पक्ष पत्रकारिता के सिद्धांतों का पालन करता है। घोघरडीहा मामले में पूर्व में प्रसारित वीडियो केवल ग्रामीण पक्ष और मौके की परिस्थितियों पर आधारित था। अब इस मामले में पुलिस प्रशासन का आधिकारिक पक्ष सामने आया है, जिसे हम अपने पाठकों और दर्शकों के समक्ष पूरी पारदर्शिता के साथ रख रहे हैं। हमारा उद्देश्य किसी भी पक्ष को नीचा दिखाना नहीं, बल्कि घटना की पूरी और सच्ची तस्वीर जनता तक पहुँचाना है।

नोट: यह खबर पुलिस द्वारा जारी आधिकारिक बयान जो अखबार में आए खबर के आधार पर तैयार की गई है। पूर्व में दिखाए गए ग्रामीण पक्ष के वीडियो और इस प्रशासनिक पक्ष के मिलान के बाद ही पाठक अपनी राय बनाएं। हम मामले की निष्पक्ष जांच और न्याय का समर्थन करते हैं।

खुटौना मर्डर केस: पुलिस की दबिश के आगे झुके अपराधी, इश्तहार चिपकने के 24 घंटे के भीतर 2 मुख्य आरोपियों ने किया सरेंडर

इश्तहार चिपकने के 24 घंटे के भीतर 2 मुख्य आरोपियों ने किया सरेंडर

मधुबनी: जिले के खुटौना थाना क्षेत्र में हुए चर्चित अब्दुल मन्नान हत्याकांड में मधुबनी पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस के बढ़ते दबाव और घर पर इश्तहार (कुर्की-जब्ती की पूर्व प्रक्रिया) चस्पा होने के महज 24 घंटे के भीतर इस कांड के दो मुख्य नामजद अभियुक्तों ने माननीय न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया है।

क्या है पूरा मामला?

​घटना 24 जनवरी 2026 की है, जब खुटौना थाना अंतर्गत बाघा कुसमार निवासी अब्दुल मन्नान (पिता- इसराफिल) की अपराधियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस मामले में खुटौना थाना कांड संख्या 14/26 दर्ज किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक (SP), मधुबनी ने अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO), फुलपरास के नेतृत्व में एक SIT (विशेष जांच टीम) का गठन किया था।

​पुलिस की कार्रवाई और सरेंडर

​फरार चल रहे आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए SIT लगातार छापेमारी कर रही थी। जब अपराधी हाथ नहीं आए, तो न्यायालय के आदेश पर उनके घरों पर इश्तहार चिपकाने की कानूनी कार्रवाई की गई। पुलिस की इस सख्त कार्रवाई और भविष्य में होने वाली कुर्की के डर से आरोपियों के पास सरेंडर के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा।

सरेंडर करने वाले मुख्य आरोपी:

  1. जयनारायण यादव, पिता- रामलोचन यादव (साकिन- सिसवा बरही, थाना- फुलपरास)
  2. गुड्डू भिण्डवार, पिता- उमेश भिण्डवार (साकिन- सुगापट्टी, थाना- फुलपरास)

​प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, इस कांड का एक अन्य अभियुक्त पहले ही सरेंडर कर चुका है।

​पुलिस की सक्रियता की चर्चा

​मधुबनी पुलिस द्वारा इश्तहार तामिला के तुरंत बाद मुख्य अभियुक्तों का सरेंडर करना पुलिस की सक्रियता और कानूनी रणनीति की जीत मानी जा रही है। फुलपरास पुलिस अब इन आरोपियों को रिमांड पर लेकर आगे की पूछताछ कर सकती है ताकि हत्या के पीछे के सही कारणों और इसमें शामिल अन्य कड़ियों का पूरी तरह खुलासा हो सके।

मधुबनी: भगवतीपुर हत्याकांड का पुलिस ने किया खुलासा, दो आरोपी हथियार और बाइक के साथ गिरफ्तार

Madhubani Bhagwatipur Murder Case

मधुबनी: जिले के पंडौल थाना क्षेत्र के भगवतीपुर गांव में हुए सनसनीखेज रमनजी यादव हत्याकांड का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर सफल उद्भेदन कर लिया है। पुलिस ने इस मामले में दो मुख्य अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है, जिनके पास से हत्या में प्रयुक्त हथियार और घटनास्थल से जुड़ी मोटरसाइकिलें भी बरामद की गई हैं।

प्रमुख बिंदु: एक नज़र में

  • मृतक: रमनजी यादव (निवासी: लोहना, भैरवस्थान)।
  • गिरफ्तार आरोपी: चंदन यादव और पिताम्बर यादव।
  • बरामदगी: 1 देशी पिस्टल और 2 मोटरसाइकिल।
  • जांच टीम: एसपी योगेंद्र कुमार के निर्देश पर गठित विशेष SIT।

कैसे सुलझी मर्डर मिस्ट्री?

​घटना के बाद इलाके में व्याप्त तनाव और मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक (SP) योगेंद्र कुमार ने खुद घटनास्थल का जायजा लिया था। त्वरित कार्रवाई के लिए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (सदर-01) के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया।

​SIT ने तकनीकी अनुसंधान और मानवीय इनपुट (Human Intelligence) का सहारा लेते हुए भैरवस्थान थाना क्षेत्र में छापेमारी की। पुलिस की सख्ती के आगे घुटने टेकते हुए दोनों आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है।

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बरामदगी और कानूनी कार्रवाई

​पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर निम्नलिखित सामान जब्त किया है:

02 मोटरसाइकिल: इसमें से एक बाइक अभियुक्तों की है और दूसरी मृतक रमनजी यादव की, जिसे घटना के बाद पुलिस ने बरामद किया।

01 देशी पिस्टल: जिससे रमनजी यादव पर गोली चलाई गई थी।

मधुबनी पुलिस अपराध नियंत्रण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। SIT की त्वरित कार्रवाई ने यह साबित किया है कि कानून तोड़ने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।— पुलिस प्रशासन, मधुबनी

फिलहाल, गिरफ्तार चंदन यादव और पिताम्बर यादव को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब हत्या के पीछे के सटीक कारणों और किसी अन्य की संलिप्तता की गहराई से जांच कर रही है। इस सफल उद्भेदन से स्थानीय ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है।

मधुबनी: डकैती की बड़ी साजिश नाकाम, हथियार और नशीले पदार्थों के साथ 7 अपराधी गिरफ्तार, एक नाबालिग भी निरुद्ध

Madhubani Police Arrest Criminals

मधुबनी: जिले में अपराधियों के विरुद्ध चलाई जा रही ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत मधुबनी पुलिस को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। लदनियां थाना क्षेत्र के मरनैया गांव में पुलिस ने छापेमारी कर डकैती की योजना बना रहे सात अपराधियों को अवैध हथियारों और नशीले पदार्थों के साथ गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई में एक विधि विरुद्ध बालक (नाबालिग) को भी हिरासत में लिया गया है।

गुप्त सूचना पर हुई त्वरित कार्रवाई

​पुलिस अधीक्षक (SP) योगेंद्र कुमार को मिली गुप्त सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की गई। सूचना मिली थी कि 10 अप्रैल 2026 की रात मरनैया गांव स्थित शंभु कामत के घर पर कुछ अपराधी इकट्ठा हुए हैं और किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की फिराक में हैं। सूचना की गंभीरता को देखते हुए थानाध्यक्ष, लदनियां के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया और चिन्हित स्थान पर घेराबंदी कर छापेमारी की गई।

नशे की हालत में मिले अपराधी, बिछौने के नीचे छिपा था काल

​जब पुलिस टीम ने शंभु कामत के घर पर दस्तक दी, तो वहां एक चौकी पर 8 लोग बैठकर नशा (ब्राउन शुगर) का सेवन कर रहे थे। पुलिस ने सभी को हिरासत में लेकर जब गहन तलाशी ली, तो चौंकाने वाले खुलासे हुए। जिस चौकी पर अपराधी बैठे थे, उसी के पुआल के बिछौने के नीचे से पुलिस ने 01 देशी कट्टा, 02 जिंदा कारतूस और 08 तेज धारदार हथियार बरामद किए।

अपराधियों ने स्वीकार किया डकैती का प्लान

​पुलिस की कड़ी पूछताछ में पकड़े गए अभियुक्तों ने स्वीकार किया कि वे सभी ब्राउन शुगर का सेवन करने के बाद इलाके में गृहभेदन और डकैती की बड़ी वारदात को अंजाम देने की योजना बना रहे थे। हालांकि, वारदात को अंजाम देने से पहले ही पुलिस ने उन्हें दबोच लिया।

Madhubani Police Arrest Criminals

गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरण

​पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए अपराधियों की पहचान इस प्रकार हुई है:

  1. शम्भु कुमार कामत (पिता- बिनोद कामत)
  2. लक्ष्मण साफी (पिता- रामप्रसाद साफी)
  3. परशुराम कामत (पिता- लालबाबू कामत)
  4. सर्जुन कुमार कामत (पिता- स्व० फेकन कामत)
  5. मधुसुधन कुमार कामत (पिता- स्व० कृष्णदेव कामत)
  6. अजय कुमार कामत (पिता- स्व० राजेंद्र कामत)
  7. अतुल कुमार कामत (पिता- दिलीप कामत) (सभी निवासी: मरनैया/मरनैया नवटोली, थाना- लदनिया, जिला- मधुबनी)

पुलिस की बरामदगी एक नजर में

  • हथियार: 01 देशी कट्टा, 08 तेज धारदार चाकू/लोहे के हथियार।
  • कारतूस: 02 जिंदा कारतूस।
  • नशीला पदार्थ: ब्राउन शुगर जैसा पदार्थ।
  • अन्य: 02 मोबाइल फोन।

​लदनियां थाना पुलिस ने इस मामले में NDPS एक्ट और आर्म्स एक्ट की सुसंगत धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है। सभी गिरफ्तार अभियुक्तों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है, जबकि नाबालिग को बाल सुधार गृह भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

मधुबनी से सुमित चौधरी की रिपोर्ट Bhoomi News Live

बलिराजगढ़ में मिली 2500 साल पुरानी सभ्यता: खुदाई में निकले शुंग-कुषाण काल के अवशेष

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बिहार के मधुबनी जिले के बाबूबरही प्रखंड स्थित ऐतिहासिक पुरास्थल बलिराजगढ़ एक बार फिर चर्चा में है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) द्वारा की जा रही खुदाई में यहाँ 2500 साल पुरानी सभ्यता के पुख्ता प्रमाण मिले हैं। इस खोज ने मिथिला के प्राचीन और गौरवशाली इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया है।

​मुख्य झलकियां

  • पुरास्थल का नाम: बलिराजगढ़ (बाबूबरही, मधुबनी)।
  • काल: शुंग-कुषाण काल (Sunga-Kushan Period) से जुड़े अवशेष।
  • प्रमुख खोज: ईंटों से बनी विशाल दीवारें, मिट्टी के बर्तन और प्राचीन किले के अवशेष।
  • क्षेत्रफल: 176 एकड़ में फैला हुआ है यह ऐतिहासिक स्थल।
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क्या मिला खुदाई में?

​ASI पटना सर्किल के अधीक्षण पुरातत्वविद् डॉ. हरि ओम शरण के नेतृत्व में विशेषज्ञों की टीम दो अलग-अलग स्थानों पर खुदाई कर रही है।

ऐतिहासिक खोज: इस स्थल की खोज अंग्रेज अधिकारी एसडीओ जॉर्ज ग्रियर्सन ने की थी। इसके ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए 1938 में ही इसे ‘राष्ट्रीय महत्व का संरक्षित स्थल’ घोषित किया गया था।

किले के अवशेष: खुदाई के दौरान विशाल किले की बाहरी संरचना का हिस्सा और मजबूत दीवारें मिली हैं।

दैनिक जीवन की वस्तुएं: उत्तरी भाग में खुदाई के दौरान मिट्टी के बर्तन, मनके (Beads) और प्राचीन ईंटों की संरचनाएं प्राप्त हुई हैं।

पोर्ट यार्ड: खुदाई में 20 फीट चौड़ाई और 30 फीट लंबाई के पोर्ट यार्ड भी मिले हैं, जिनका अध्ययन बारीकी से किया जा रहा है।

पौराणिक संबंध: कहा जाता है कि भगवान विष्णु के नरसिंह अवतार के समय, भक्त प्रह्लाद के पुत्र विरोचन और पौत्र दानवीर राजा बलि का यह गढ़ था।

पंचतत्व में विलीन हुए राजद के स्तंभ विनोद कुमार गोईत: पूर्व मंत्री और पूर्व विधायकों ने सोनवर्षा पहुँचकर दी अंतिम विदाई

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​​लौकही/मधुबनी: बिहार की राजनीति और समाजवाद के एक समर्पित सिपाही, राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के संस्थापक सदस्य और मधुबनी के प्रथम जिला अध्यक्ष विनोद कुमार गोईत (यादव) अब हमारे बीच नहीं रहे। शुक्रवार को पटना के एक निजी अस्पताल में अंतिम सांस लेने के बाद, कल उनका पार्थिव शरीर पंचतत्व में विलीन हो गया। उनके निधन की खबर से पूरे मिथिलांचल में शोक की लहर दौड़ गई है।

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दिग्गज नेताओं ने दी श्रद्धांजलि

​विनोद बाबू के निधन के बाद आज उनके पैतृक निवास लौकही प्रखंड अंतर्गत सोनवर्षा गांव में श्रद्धांजलि देने वालों का तांता लगा रहा।

  • पूर्व आपदा मंत्री लक्ष्मेश्वर राय: पूर्व मंत्री सह राजद नेता लक्ष्मेश्वर राय ने परिजनों से मिलकर शोक संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि विनोद बाबू का जाना राजद परिवार के लिए एक अपूरणीय क्षति है और ईश्वर परिजनों को यह दुख सहने की शक्ति दें।
  • पूर्व विधायक भारत भूषण मंडल: लौकहा विधानसभा के पूर्व विधायक भारत भूषण मंडल भी अंतिम यात्रा में शामिल होने पहुँचे। उन्होंने विनोद बाबू को याद करते हुए भावुक स्वर में कहा, “विनोद गोईत जी राजद के एक सच्चे और निष्ठावान सिपाही थे। पार्टी चाहे कितने भी कठिन दौर से गुजरी हो या कितनी भी कमजोर स्थिति में रही हो, उन्होंने कभी पार्टी का दामन नहीं छोड़ा। उनका समर्पण नए कार्यकर्ताओं के लिए मिसाल रहेगा।”

संघर्षों से भरा रहा राजनीतिक सफर

​2 अप्रैल 1956 को जन्मे विनोद कुमार गोईत एक प्रतिष्ठित जमींदार परिवार से थे। उनके पिता स्वर्गीय राजदेव गोईत थे और वे लौकहा के पूर्व विधायक कुलदेव गोईत के भतीजे थे।

  • शिक्षा: वे पटना साइंस कॉलेज के छात्र रहे और B.Sc. जूलॉजी ऑनर्स की डिग्री ली।
  • क्रांतिकारी जीवन: 1974 के जेपी आंदोलन के दौरान सक्रियता के कारण वे ‘मीसा’ के निशाने पर रहे और नेपाल में रहकर आंदोलन की लौ जलाए रखी।
  • लालू यादव के विश्वसनीय: राजद की स्थापना के समय से ही वे लालू प्रसाद यादव के बेहद करीब रहे। वर्तमान में वे प्रदेश राजकीय कार्यकारिणी सदस्य और ‘घोषिण मंच भारत-नेपाल‘ के मुख्य सभापति थे।
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सोनबर्षा में हुआ अंतिम संस्कार

​कल शाम 3:00 बजे मधुबनी के सोनबर्षा में हजारों की संख्या में समर्थकों, परिजनों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में उनका अंतिम संस्कार संपन्न हुआ। उपस्थित जनसमूह ने नम आँखों से “विनोद बाबू अमर रहें” के नारों के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी।

राजद को लगा बड़ा झटका: लालू यादव के करीबी और RJD के संस्थापक सदस्य विनोद कुमार गोईत का निधन, पटना में ली अंतिम सांस

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पटना/मधुबनी: बिहार की राजनीति से एक अत्यंत दुखद खबर सामने आ रही है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के सबसे भरोसेमंद साथियों में से एक और राजद के संस्थापक सदस्य विनोद कुमार गोईट का आज शुक्रवार (10 अप्रैल 2026) को पटना के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया।

लालू प्रसाद यादव के संकटमोचक और विश्वसनीय साथी

विनोद कुमार गोईत की गिनती लालू प्रसाद यादव के उन चुनिंदा करीबियों में होती थी, जिन्होंने पार्टी के गठन से लेकर संघर्ष के हर दौर में कंधे से कंधा मिलाकर साथ दिया। उन्हें राजद मधुबनी का प्रथम जिला अध्यक्ष बनाकर लालू यादव ने उन पर अपना अटूट विश्वास जताया था। वर्तमान में भी वे प्रदेश राजकीय कार्यकारिणी सदस्य के रूप में पार्टी की मजबूती के लिए सक्रिय थे।

पटना साइंस कॉलेज से शुरू हुआ था सफर

साधारण व्यक्तित्व और असाधारण प्रतिभा के धनी विनोद बाबू पटना साइंस कॉलेज के छात्र रहे थे, जहाँ से उन्होंने B.Sc. जूलॉजी ऑनर्स की डिग्री ली। शिक्षा के दौरान ही वे जेपी आंदोलन से जुड़ गए। आपातकाल के समय गिरफ्तारी से बचने के लिए उन्होंने नेपाल में रहकर आंदोलन का नेतृत्व किया, जिसने उनके राजनीतिक कद को और ऊँचा कर दिया।

प्रतिष्ठित पारिवारिक और राजनीतिक पृष्ठभूमि

जमींदार परिवार: वे मधुबनी के एक संपन्न जमींदार परिवार से थे और स्वर्गीय रासदेव गोईत के बड़े पुत्र थे।

विरासत: वे लौकहा के पूर्व विधायक स्वर्गीय कुलदेव गोईत के भतीजे थे। कुलदेव जी के दौर में उन्होंने एक युवा नेता के रूप में अपनी सांगठनिक क्षमता का परिचय दिया था।

चुनावी रण: 1985 में उन्होंने लौकहा विधानसभा से निर्दलीय चुनाव लड़कर अपनी मजबूत लोकप्रियता का प्रमाण दिया था।

अंतरराष्ट्रीय भूमिका: वे घोषिण मंच भारत-नेपाल के मुख्य सभापति के रूप में दोनों देशों के रिश्तों की अहम कड़ी थे।

आज शाम 3 बजे होगा अंतिम संस्कार

आज दोपहर पटना में अंतिम सांस लेने के बाद उनके पार्थिव शरीर को उनके पैतृक गांव ले जाया जा रहा है। उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए राजद कार्यकर्ताओं ने इसे एक युग का अंत बताया है।

​​अंतिम विदाई: आज शाम 3:00 बजे, मधुबनी के लौकही प्रखंड के सोनबर्षा में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

लौकही बाज़ार की ऐतिहासिक हवेली: 100 साल पुराना वैभव और अनसुलझे रहस्य | Bhoomi News Live

Laukahi Bazar Haveli Madhubani

मधुबनी (लौकही): मिथिला की धरती न सिर्फ अपनी संस्कृति के लिए, बल्कि यहाँ के ज़मींदारों द्वारा बनवाई गई भव्य इमारतों के लिए भी जानी जाती है। मधुबनी जिले के लौकही बाज़ार में स्थित एक ऐसी ही विशाल हवेली आज भी सिर उठाए खड़ी है, जिसे स्थानीय लोग गया प्रसाद की हवेली के नाम से जानते हैं। लगभग एक सदी पुरानी यह इमारत आज अपनी बदहाली पर आंसू बहा रही है।

ब्रिटिश और भारतीय कला का अनूठा संगम

इस हवेली का निर्माण 1920 से 1940 के बीच माना जाता है। उस समय के प्रतिष्ठित ज़मींदार और व्यापारी गया प्रसाद ने इसे बनवाया था। इसकी सबसे बड़ी खासियत इसकी वास्तुकला है। इसमें भारतीय पारंपरिक शैली के साथ-साथ ब्रिटिश दौर की झलक भी साफ दिखती है। हवेली की दीवारों पर लगी विदेशी नीली टाइल्स और बारीक नक्काशी आज भी इसकी भव्यता की गवाही देती है।

क्षेत्र का ‘पावर सेंटर’ और रहस्यों की चर्चा

बुजुर्ग बताते हैं कि आज़ादी से पहले और उसके कुछ समय बाद तक, यह हवेली इस पूरे क्षेत्र का पावर सेंटर हुआ करती थी। इलाके के बड़े सामाजिक और व्यापारिक फैसले इसी हवेली के आंगन में लिए जाते थे। स्थानीय पुरानी कहानियों के अनुसार, इस हवेली के भीतर गुप्त गलियारे (Secret Passages) और भूलभुलैया जैसे कमरे भी हैं, जिनका उपयोग सुरक्षा या गुप्त कार्यों के लिए किया जाता था।

संरक्षण की दरकार: जीर्ण-शीर्ण हो रही है धरोहर

देख-रेख के अभाव में अब यह ऐतिहासिक इमारत कमज़ोर होती जा रही है। छत से पानी टपकना और दीवारों का दरकना शुरू हो गया है। यदि समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया गया, तो लौकही के इतिहास का यह जीता-जागता पन्ना हमेशा के लिए बंद हो सकता है।

झंझारपुर क्राइम मीटिंग: 50 बड़े कांडों की फाइल खुली, लखनौर और झंझारपुर थाना निकले सबसे आगे

एसडीपीओ सुबोध कुमार सिन्हा

झंझारपुर (मधुबनी): अनुमंडल क्षेत्र में बढ़ते अपराधों पर लगाम लगाने और कानून व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने के लिए एसडीपीओ (SDPO) सुबोध कुमार सिन्हा ने सभी थानाध्यक्षों के साथ उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। इस बैठक में डीएसपी का सख्त तेवर देखने को मिला, जहाँ उन्होंने कर्तव्य में लापरवाही बरतने वाले पुलिस अधिकारियों को सीधे तौर पर चेतावनी दी।

50 गंभीर मामलों की हुई गहन पड़ताल

बैठक के दौरान हत्या, लूट, बलात्कार, पॉक्सो (POCSO) और एससी-एसटी एक्ट जैसे 50 सबसे संवेदनशील और गंभीर मामलों की फाइलें खंगाली गईं। डीएसपी ने एक-एक केस की प्रगति रिपोर्ट ली और जांच में देरी पर नाराजगी जताई। उन्होंने सख्त निर्देश दिए कि अपराधियों को सलाखों के पीछे भेजने में कोई कोताही न बरती जाए।

अंधराठाढ़ी और भेजा थाना के प्रदर्शन पर नाराजगी

कार्यशैली के आधार पर थानों की रैंकिंग भी सामने आई। समीक्षा में पाया गया कि:

  • अव्वल: झंझारपुर और लखनौर थाना कांडों के निष्पादन (Disposal) में सबसे आगे रहे।
  • फिसड्डी: अंधराठाढ़ी और भेजा थाना का प्रदर्शन सबसे खराब रहा।

इन थानों के थानाध्यक्षों को कड़ी फटकार लगाते हुए डीएसपी ने कहा कि अगर जल्द ही सुधार नहीं दिखा, तो विभागीय कार्रवाई के लिए तैयार रहें।

जेल से बाहर आए अपराधियों पर ‘स्पेशल नजर’

डीएसपी सुबोध कुमार सिन्हा ने बताया कि पुलिस ने क्षेत्र के 8-10 ऐसे अपराधियों को चिह्नित किया है जो लगातार वारदातों को अंजाम देते हैं। इसके अलावा, जो अपराधी हाल ही में जेल से छूटकर बाहर आए हैं, उनकी दैनिक गतिविधियों की निगरानी के लिए विशेष निर्देश दिए गए हैं।

मार्च महीने का रिपोर्ट कार्ड

  • कुल दर्ज मामले: 156
  • निष्पादित मामले: 186 (पुराने मामलों को मिलाकर)
  • रणनीति: वाहन जांच, रोको-टोको अभियान और रात में गश्त बढ़ाने के निर्देश।

बैठक में सर्किल इंस्पेक्टर बीके बृजेश समेत अररिया संग्राम, भैरवस्थान, झंझारपुर आरएस, लखनौर, रुद्रपुर, मधेपुर और भेजा के थानाध्यक्ष मुख्य रूप से उपस्थित थे।

मधेपुर: ज्ञान ज्योति आवासीय विद्यालय के छात्र की संदिग्ध मौत, स्कूल संचालक ऋषि कर्ण गिरफ्तार

मधेपुर पुलिस द्वारा छात्र की संदिग्ध मौत मामले में जारी प्रेस विज्ञप्ति और गिरफ्तार आरोपी का विवरण

मधेपुर (मधुबनी)। झंझारपुर-मधुबनी पुलिस ने मधेपुर थाना क्षेत्र के एक निजी आवासीय विद्यालय में हुई छात्र की संदिग्ध मौत के मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए स्कूल संचालक को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने यह कार्रवाई सीसीटीवी फुटेज और मृतक के परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों के आधार पर की है।

क्या है पूरा मामला?

​बीते 4 अप्रैल 2026 को सुबह करीब 10:00 बजे पुलिस को सूचना मिली कि ‘ज्ञान ज्योति आवासीय विद्यालय’ में एक 12 वर्षीय छात्र, विकेश कुमार, की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। स्कूल प्रशासन छात्र को अस्पताल ले गया था, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की गंभीरता को देखते हुए मधेपुर थाना पुलिस और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी झंझारपुर ने तुरंत मौके पर पहुँचकर जांच शुरू की।

परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप

​मृतक छात्र की माँ, सुनीता देवी (निवासी: सुंदरी, थाना: भेजा, मधुबनी), ने थाने में आवेदन देकर स्कूल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत के अनुसार, उनके 12 वर्षीय बेटे विकेश कुमार को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। उन्होंने आरोप लगाया कि एक सोची-समझी साजिश के तहत उनके बेटे की हत्या की गई है।

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पुलिस जांच और गिरफ्तारी

​पुलिस द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार:

​मामले में संलिप्त मुख्य आरोपी और स्कूल संचालक ऋषि कुमार कर्ण (पिता: बिनोद कुमार कर्ण) को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

​घटनास्थल पर FSL की टीम को बुलाया गया और साक्ष्य जुटाए गए।

​स्कूल परिसर में लगे CCTV कैमरों की सघन जांच की गई।

​सीसीटीवी फुटेज में मिले साक्ष्यों और परिजनों के बयान के आधार पर पुलिस ने कांड संख्या 85/26 दर्ज की है।

धाराओं के तहत कार्रवाई

​पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1), 61(2) और 3(5) के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस अन्य अज्ञात स्कूल कर्मियों की भूमिका की भी जांच कर रही है ताकि इस दुखद घटना के पीछे की पूरी सच्चाई सामने आ सके।