आरा: नगर निगम के नाम पर ट्रकों से अवैध वसूली का भंडाफोड़, पुलिस ने एक को दबोचा; ठेकेदार का टेंडर रद्द करने की प्रक्रिया शुरू

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आरा (भोजपुर): बिहार में भ्रष्टाचार और अवैध वसूली के खिलाफ पुलिस प्रशासन ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है। भोजपुर जिले के आरा में नगर निगम के नाम पर ट्रकों से अवैध वसूली करने वाले एक सक्रिय गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। मामला नवादा थाना क्षेत्र के बिहारी मिल के पास का है, जहाँ पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गिरोह के एक सदस्य को रंगे हाथों गिरफ्तार किया।

नवादा पुलिस की त्वरित कार्रवाई

मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि नवादा थानांतर्गत बिहारी मिल के समीप कुछ असामाजिक तत्व नगर निगम के नाम पर ट्रक चालकों से अवैध तरीके से पैसों की उगाही कर रहे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम ने मौके पर छापेमारी की। इस दौरान अवैध वसूली में संलिप्त एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया, जबकि गिरोह के अन्य सदस्य भागने में सफल रहे।

8 नामजद आरोपियों पर FIR दर्ज

पुलिस ने इस मामले में केवल गिरफ्तारी ही नहीं की, बल्कि अवैध वसूली के इस बड़े नेटवर्क पर शिकंजा कसते हुए कुल 08 नामजद व्यक्तियों के विरुद्ध प्राथमिकी (FIR) दर्ज की है। पुलिस अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।

ठेकेदार पर गिरेगी गाज, टेंडर रद्द करने की तैयारी

अवैध गतिविधियों और नियमों के घोर उल्लंघन को देखते हुए प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। संबंधित ठेकेदार, जिसके संरक्षण में यह अवैध वसूली का खेल चल रहा था, उसका टेंडर रद्द करने की प्रक्रिया संबंधित विभाग द्वारा शुरू कर दी गई है। इस कार्रवाई से जिले के अन्य अवैध वसूली करने वाले सिंडिकेट्स में हड़कंप मच गया है।

क्या-क्या हुआ बरामद?

पुलिस ने आरोपी के पास से अवैध वसूली से जुड़े पुख्ता सबूत बरामद किए हैं:

  • नकद राशि: ₹1855 (एक हजार आठ सौ पचपन रुपये)।
  • फर्जी रसीदें: आरा नगर निगम के नाम की ₹100 वाली 14 पीस रसीदें।
  • इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य: 01 मोबाइल फोन।

प्रशासन की चेतावनी

भोजपुर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में किसी भी प्रकार की अवैध वसूली या ‘रंगदारी टैक्स’ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि कोई नगर निगम या किसी अन्य विभाग के नाम पर नियमों के विरुद्ध वसूली करता है, तो उसके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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किशनगंज पुलिस की बड़ी कामयाबी: टॉप-10 वांछित अपराधियों में शामिल मसिरूद्दीन गिरफ्तार

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किशनगंज: बिहार के किशनगंज जिले में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान में पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। जिला पुलिस ने टॉप-10 वांछित अपराधियों की सूची में शामिल कुख्यात अपराधी मसिरूद्दीन उर्फ मसीरू उर्फ मसीर उर्फ मसेर को गिरफ्तार कर लिया है।

सुखानी थाना पुलिस ने बिछाया जाल

इस कुख्यात अपराधी की गिरफ्तारी सुखानी थाना पुलिस द्वारा की गई है। लंबे समय से फरार चल रहे मसिरूद्दीन की तलाश पुलिस को कई गंभीर मामलों में थी। गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर उसे धर दबोचा।

अपराधी का आपराधिक इतिहास

गिरफ्तार अपराधी मसिरूद्दीन मूल रूप से किशनगंज जिले के पाठामारी थाना क्षेत्र का निवासी है। पुलिस के अनुसार, उसके खिलाफ पहले से ही पाठामारी थाने में कई गंभीर मामले दर्ज हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • लूट के संगीन मामले
  • चोरी की बड़ी वारदातें
  • हत्या का प्रयास (Attempt to Murder) जैसे 03 गंभीर कांड

पुलिस अधीक्षक का बयान: जिला पुलिस अपराधियों के विरुद्ध ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम कर रही है। टॉप-10 अपराधियों की गिरफ्तारी से क्षेत्र में अपराध दर में कमी आएगी और जनता में सुरक्षा का भाव मजबूत होगा।

पुलिस की कार्रवाई से अपराधियों में हड़कंप

मसिरूद्दीन की गिरफ्तारी को किशनगंज पुलिस के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। वह काफी समय से पुलिस की नजरों से बचकर अपनी गतिविधियां चला रहा था। इस गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब उससे पूछताछ कर रही है ताकि उसके गिरोह के अन्य सदस्यों और भविष्य की साजिशों का पता लगाया जा सके।

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ऑपरेशन मुस्कान: मधेपुरा पुलिस ने लौटाए 25 चेहरे की खुशियाँ, बरामद किए चोरी और गुम हुए मोबाइल

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मधेपुरा, बिहार: कहते हैं कि आज के दौर में मोबाइल सिर्फ एक उपकरण नहीं, बल्कि इंसान की व्यक्तिगत और पेशेवर जिंदगी का एक अहम हिस्सा है। जब यह खो जाता है या चोरी हो जाता है, तो व्यक्ति न केवल आर्थिक नुकसान झेलता है, बल्कि अपनी जरूरी यादें और डेटा भी खो देता है। इसी चिंता को दूर करने के लिए बिहार पुलिस का ऑपरेशन मुस्कान (Operation Muskan) एक उम्मीद की किरण बनकर उभरा है।

हाल ही में मधेपुरा पुलिस ने इस अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल करते हुए 25 चोरी/गुम हुए मोबाइल फोन बरामद किए और उन्हें उनके वास्तविक स्वामियों को सौंप दिया।

क्या है ऑपरेशन मुस्कान?

बिहार पुलिस द्वारा चलाया जा रहा ऑपरेशन मुस्कान एक विशेष अभियान है जिसका मुख्य उद्देश्य चोरी हुए या खोए हुए मोबाइल फोन, वाहन और अन्य कीमती सामानों को रिकवर कर उनके मालिकों तक पहुँचाना है। इस अभियान का नाम मुस्कान इसलिए रखा गया है क्योंकि जब किसी व्यक्ति का खोया हुआ सामान वापस मिलता है, तो उनके चेहरे पर आई मुस्कुराहट ही इस मुहिम की सफलता की पहचान है।

मधेपुरा पुलिस की कार्रवाई

पुलिस अधीक्षक (SP) मधेपुरा के निर्देशन में गठित विशेष टीम ने तकनीकी सर्विलांस और वैज्ञानिक अनुसंधान की मदद से जिले के विभिन्न क्षेत्रों से गायब हुए मोबाइल हैंडसेटों को ट्रैक किया। बरामद किए गए फोन की कुल संख्या 25 है, जिनकी बाजार में कीमत लाखों में आंकी जा रही है।

  • बरामदगी: 25 सक्रिय मोबाइल फोन।
  • प्रक्रिया: तकनीकी सेल (Technical Cell) द्वारा लगातार ट्रैकिंग।
  • हस्तांतरण: पुलिस मुख्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान सभी पीड़ितों को उनके फोन वापस किए गए।

पीड़ितों के खिले चेहरे

अपना खोया हुआ फोन वापस पाकर लोगों के चेहरे पर खुशी साफ झलक रही थी। कई पीड़ितों ने बताया कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि उनका फोन कभी वापस मिलेगा, लेकिन मधेपुरा पुलिस की तत्परता ने उनके विश्वास को फिर से जगा दिया है।

मेरा फोन महीनों पहले गुम हो गया था। पुलिस ने न केवल उसे ढूंढ निकाला बल्कि पूरी प्रक्रिया में बहुत सहयोग किया। बिहार पुलिस का यह कार्य वाकई सराहनीय है।— एक स्थानीय नागरिक

पुलिस की अपील

  1. मोबाइल गुम होने पर तुरंत CEIR (Central Equipment Identity Register) पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।
  2. नजदीकी थाने में सनहा (Diary) दर्ज करना न भूलें।
  3. सेकेंड हैंड मोबाइल खरीदते समय सावधानी बरतें और बिल जरूर मांगें।
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मधुबनी पुलिस का एक्शन मोड: जिले भर में सघन वाहन चेकिंग अभियान, अपराधियों और नियम तोड़ने वालों में हड़कंप

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मधुबनी। बिहार सरकार के गृह विभाग और पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार, मधुबनी जिले में विधि व्यवस्था संधारण और आम नागरिकों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है। पुलिस अधीक्षक के दिशा-निर्देश पर जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में सघन वाहन चेकिंग अभियान निरंतर चलाया जा रहा है।

अपराधियों पर लगाम और विधि व्यवस्था पर जोर

इस अभियान का मुख्य उद्देश्य आगामी त्योहारों और क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ संदिग्ध गतिविधियों पर रोक लगाना है। पुलिस के अनुसार, चेकिंग के दौरान केवल कागजातों की ही जांच नहीं की जा रही, बल्कि संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की सघन तलाशी भी ली जा रही है ताकि अवैध हथियारों, शराब या अन्य प्रतिबंधित सामग्री के परिवहन को रोका जा सके।

चौक-चौराहों पर पुलिस की पैनी नजर

मधुबनी नगर थाना सहित झंझारपुर, जयनगर, बेनीपट्टी और घोघरडीहा जैसे प्रमुख क्षेत्रों के मुख्य चौक-चौराहों पर नाकेबंदी कर वाहनों की जांच की गई। अभियान के दौरान:

  • दोपहिया वाहनों की डिक्की की जांच: संदिग्ध वस्तुओं की खोज के लिए वाहनों की सघन तलाशी ली गई।
  • हेल्मेट और कागजात: बिना हेल्मेट बाइक चलाने वालों और बिना वैध लाइसेंस/बीमा के वाहन चलाने वालों से मौके पर ही जुर्माना वसूला गया।
  • ट्रिपल लोडिंग पर सख्ती: एक बाइक पर तीन सवारी बैठाने वाले युवकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई।

आम नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता

मधुबनी पुलिस के एक वरीय अधिकारी ने बताया कि, “हमारा उद्देश्य केवल जुर्माना वसूलना नहीं, बल्कि सड़कों पर अनुशासन बनाए रखना और आम नागरिकों के मन में सुरक्षा का भाव पैदा करना है। सघन चेकिंग से अपराधियों के हौसले पस्त होते हैं और चोरी की घटनाओं में कमी आती है।”

प्रशासन की अपील

पुलिस प्रशासन ने आम जनता से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि वाहन चलाते समय सभी आवश्यक दस्तावेज अपने साथ रखें और यातायात नियमों का पालन करें। पुलिस की इस सक्रियता से जहां नियम तोड़ने वालों में हड़कंप है, वहीं स्थानीय नागरिकों ने इसे सुरक्षित माहौल बनाने की दिशा में एक सराहनीय कदम बताया है।

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मधुबनी: कोचिंग गई नाबालिग हिंदू लड़की का अपहरण, विशेष समुदाय के युवकों पर आरोप; FIR दर्ज

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मधुबनी (बिहार): बिहार के मधुबनी जिले के बाबूबरही थाना क्षेत्र से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ एक 17 वर्षीय नाबालिग हिंदू लड़की के अपहरण को लेकर परिजनों ने स्थानीय थाने में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई है। परिजनों का आरोप है कि लड़की को धर्म परिवर्तन की नीयत से अगवा किया गया है।

​क्या है पूरा मामला?

​घटना 29 मार्च 2026 की है। आवेदन के अनुसार, पीड़िता (प्रीति कुमारी, काल्पनिक नाम) प्रतिदिन की तरह दोपहर करीब 2 बजे ‘DNA साइंस कोचिंग सेंटर, बरैल चौक’ पढ़ने के लिए घर से निकली थी। जब वह शाम 6 बजे तक घर वापस नहीं लौटी, तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की।

​कोचिंग सेंटर में पूछताछ करने पर पता चला कि वह शाम 4 बजे ही वहां से निकल गई थी। खोजबीन के दौरान स्थानीय स्तर पर जानकारी मिली कि दो अज्ञात लड़कों ने उसे मोटरसाइकिल पर जबरन बैठाया और कहीं ले गए।

​सोशल मीडिया और इंस्टाग्राम रील से मिला सुराग

​परिजनों ने पुलिस को दिए आवेदन में बताया कि 03 अप्रैल 2026 को इंस्टाग्राम पर एक फोटो और रील देखी गई। यह इंस्टाग्राम आईडी ak_fashion_boy (अहसान अली) के नाम से बताई जा रही है। सोशल मीडिया पर मिले इन सुरागों के आधार पर परिजनों को विश्वास हो गया कि उनकी बेटी का अपहरण साजिश के तहत किया गया है।

​इन लोगों पर लगा है आरोप

​पीड़ित परिवार ने इस मामले में मो० चाँद, मो० निहाल (दोनों के पिता मो० मुस्तफा), मो० मुस्तफा (पिता मो० मंसूर) और यासमीन खातून के खिलाफ नामजद शिकायत दर्ज कराई है। परिजनों का स्पष्ट आरोप है कि आरोपियों ने धर्म परिवर्तन कराने के उद्देश्य से उनकी नाबालिग बेटी को बहला-फुसलाकर अगवा किया है और इस कृत्य में पूरा परिवार शामिल है।

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​पुलिस की कार्रवाई

​प्राप्त जानकारी के अनुसार, बाबूबरही पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए FIR No. 189/26 दर्ज कर ली है। पुलिस ने BNS (भारतीय न्याय संहिता) की विभिन्न धाराओं (137(2), 96, 3(5)) के तहत मामला पंजीकृत किया है।

  • जांच अधिकारी: S.I. लाल बाबू राय को इस केस की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
  • वर्तमान स्थिति: पुलिस तकनीकी साक्ष्यों और सोशल मीडिया इनपुट्स के आधार पर लड़की की बरामदगी के लिए छापेमारी कर रही है।

​स्थानीय लोगों में आक्रोश

​इस घटना के बाद से क्षेत्र में तनावपूर्ण शांति देखी जा रही है। स्थानीय ग्रामीणों और हिंदू संगठनों ने दोषियों की जल्द गिरफ्तारी और लड़की की सुरक्षित वापसी की मांग की है। सोशल मीडिया पर भी इस घटना को लेकर काफी चर्चा हो रही है।

नोट: प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। आधिकारिक पुष्टि के बिना किसी भी सूचना को साझा न करें।

महाराष्ट्र में लव जिहाद का महा-खुलासा: अयान ने 180 बेटियों की जिंदगी से किया खिलवाड़, 350 वीडियो बनाकर किया ब्लैकमेल

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अमरावती (परतवाड़ा): महाराष्ट्र के अमरावती जिले से एक ऐसी रूह कंपा देने वाली खबर सामने आई है, जिसने पूरे देश के अल्पसंख्यकों और बहुसंख्यक समाज के बीच के विश्वास पर सवालिया निशान लगा दिया है। पुलिस ने 19 वर्षीय दरिंदे अयान अहमद तनवीर को गिरफ्तार किया है, जिसने ‘लव जिहाद’ के जरिए करीब 180 नाबालिग लड़कियों को अपनी हवस का शिकार बनाया।

350 गंदे वीडियो और ब्लैकमेलिंग का गंदा खेल

आरोपी अयान अहमद पर आरोप है कि वह सोशल मीडिया पर अपनी पहचान छिपाकर या हिंदू लड़कियों को प्रेम जाल में फंसाकर उनसे दोस्ती करता था। इसके बाद वह उन्हें नशीला पदार्थ पिलाकर या शादी का झांसा देकर उनके साथ दुष्कर्म करता और आपत्तिजनक वीडियो बना लेता था। पुलिस की जांच में अब तक 350 से ज्यादा अश्लील वीडियो बरामद हुए हैं, जिनमें से कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल भी कर दिए गए हैं।

मुस्लिम संगठनों की चुप्पी पर उठ रहे सवाल

इस घटना के बाद जहां पूरा महाराष्ट्र उबल रहा है, वहीं हिंदू संगठनों ने मुस्लिम समाज और उनके संगठनों की चुप्पी पर तीखे सवाल खड़े किए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि:

जब भी कोई मुस्लिम युवक इस तरह के जघन्य अपराध में लिप्त पाया जाता है, तो बड़े मुस्लिम संगठन और धर्मगुरु चुप्पी साध लेते हैं। आखिर क्यों इन संगठनों की ओर से अयान जैसे अपराधियों का सामाजिक बहिष्कार नहीं किया जाता?

बुलडोजर से इंसाफ, इलाके में भारी तनाव

इस घटना के विरोध में परतवाड़ा और अचलपुर पूरी तरह बंद रहे। आक्रोश को देखते हुए प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की है। आरोपी के अवैध ठिकानों पर बुलडोजर चलाकर उन्हें जमींदोज कर दिया गया है। बीजेपी सांसद अनिल बोंडे ने इसे एक बड़ी साजिश करार देते हुए मांग की है कि ऐसे अपराधियों को सरेआम फांसी दी जानी चाहिए।

यह मामला केवल एक अपराधी का नहीं, बल्कि समाज के उस गिरते स्तर का है जहां मासूमों की सुरक्षा दांव पर है। अगर समाज के भीतर से इन अपराधियों के खिलाफ आवाज नहीं उठी, तो खाई और गहरी होगी।

लौकहा पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 198 लीटर अवैध शराब पर चला बुलडोजर, थाना परिसर में किया गया विनष्टीकरण

Laukaha Thana Liquor Vinastikaran

मधुबनी (लौकहा): बिहार में पूर्ण शराबबंदी कानून को सख्ती से लागू करने की दिशा में मधुबनी पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। लौकहा थाना पुलिस द्वारा विभिन्न छापों के दौरान जब्त की गई भारी मात्रा में देशी और विदेशी शराब को सोमवार को वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में नष्ट कर दिया गया।

​प्रशासन की मौजूदगी में हुई कार्रवाई

​लौकहा थाना परिसर में आयोजित इस विनष्टीकरण प्रक्रिया के दौरान स्थानीय अंचलाधिकारी (CO) और थानाध्यक्ष मुख्य रूप से उपस्थित रहे। पुलिस के अनुसार, शराब के 01 कांड से जुड़ी कुल 198 लीटर शराब को विनष्ट किया गया है। इसमें भारी मात्रा में टेट्रा पैक, बोतलें और देशी शराब के पाउच शामिल थे।

सार्वजनिक संदेश और पारदर्शिता

​तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि पुलिस और प्रशासनिक टीम की निगरानी में शराब की बोतलों को जमीन पर फैलाकर नष्ट किया गया। इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य शराब तस्करों के बीच कड़ा संदेश भेजना और पुलिस द्वारा जब्त माल के निपटारे में पारदर्शिता बनाए रखना है।

उद्देश्य: शराबबंदी कानून का कड़ाई से पालन।

स्थान: लौकहा थाना परिसर, मधुबनी।

कुल मात्रा: 198 लीटर (देशी एवं विदेशी)।

मुख्य उपस्थिति: अंचलाधिकारी एवं थानाध्यक्ष।

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प्रशासन का पक्ष आया सामने: जिसे बंधक और माफी समझा गया, पुलिस ने उसे बताया अपनी बड़ी रणनीति

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मधुबनी (बिहार): सोशल मीडिया के दौर में खबरें जितनी तेजी से फैलती हैं, उतनी ही तेजी से उनके गलत संदर्भ में पेश किए जाने का खतरा भी बना रहता है। हाल ही में घोघरडीहा थाना क्षेत्र का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसे लेकर पुलिस ने अपनी स्थिति स्पष्ट की है। पुलिस का कहना है कि वीडियो को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है।

क्या है पूरा मामला?

​मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना 17 मार्च की है। गश्ती के दौरान पुलिस टीम को एक संदिग्ध वाहन की सूचना मिली थी। जब पुलिस ने कार चालक को रुकने का इशारा किया, तो चालक वाहन रोकने के बजाय उसे तेज गति से गांव की ओर भगा ले गया।

​पुलिस टीम ने पीछा करते हुए वाहन को उसके घर तक ट्रेस कर लिया। जब पुलिसकर्मियों ने तलाशी लेने का प्रयास किया, तो वहां मौजूद कुछ स्थानीय लोग उग्र हो गए। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि भीड़ ने पुलिस टीम के साथ बदसलूकी की और तीन पुलिसकर्मियों को बंधक बना लिया।

थानाध्यक्ष की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा

​घटना की सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष शुभम कुमार अतिरिक्त पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। भीड़ के गुस्से और तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए उन्होंने अत्यंत सूझबूझ का परिचय दिया।

  • रणनीतिक कदम: माहौल को शांत करने के लिए थानाध्यक्ष ने स्थानीय गणमान्य लोगों का सहयोग लिया।
  • मानवीय दृष्टिकोण: उन्होंने भीड़ के सामने स्पष्ट किया कि यदि पुलिस टीम की गलती पाई जाती है, तो जांच के बाद दोषियों पर कार्रवाई होगी।
  • सफलता: इस बातचीत और शांतिपूर्ण रणनीति के कारण किसी भी बड़ी अप्रिय घटना को टाला जा सका और बंधक पुलिसकर्मियों को सुरक्षित छुड़ा लिया गया।

पुलिस की कार्रवाई और अपील

​इस मामले में पुलिस ने कड़ा रुख अपनाते हुए सूरज कुमार यादव समेत पांच नामजद और पांच अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की है। पुलिस का कहना है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।

थानाध्यक्ष शुभम कुमार ने कहा: “यह कदम पूरी तरह से मानवीय सुरक्षा और रणनीति का हिस्सा था ताकि किसी भी तरह की अनहोनी को रोका जा सके। हम आम लोगों से अपील करते हैं कि सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे भ्रामक और बढ़ा-चढ़ाकर पेश किए गए वीडियो पर ध्यान न दें। केवल सत्यापित जानकारी पर ही विश्वास करें।”

ग्रामीणों का पक्ष

​दूसरी ओर, ग्रामीण सूरज कुमार यादव द्वारा कोर्ट में नालसी (Complaint) दायर की गई है। इसमें पुलिस पर महिलाओं के साथ मारपीट और अभद्रता करने का आरोप लगाया गया है। फिलहाल पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है।

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Bhoomi News Live निष्पक्ष पत्रकारिता के सिद्धांतों का पालन करता है। घोघरडीहा मामले में पूर्व में प्रसारित वीडियो केवल ग्रामीण पक्ष और मौके की परिस्थितियों पर आधारित था। अब इस मामले में पुलिस प्रशासन का आधिकारिक पक्ष सामने आया है, जिसे हम अपने पाठकों और दर्शकों के समक्ष पूरी पारदर्शिता के साथ रख रहे हैं। हमारा उद्देश्य किसी भी पक्ष को नीचा दिखाना नहीं, बल्कि घटना की पूरी और सच्ची तस्वीर जनता तक पहुँचाना है।

नोट: यह खबर पुलिस द्वारा जारी आधिकारिक बयान जो अखबार में आए खबर के आधार पर तैयार की गई है। पूर्व में दिखाए गए ग्रामीण पक्ष के वीडियो और इस प्रशासनिक पक्ष के मिलान के बाद ही पाठक अपनी राय बनाएं। हम मामले की निष्पक्ष जांच और न्याय का समर्थन करते हैं।

खुटौना मर्डर केस: पुलिस की दबिश के आगे झुके अपराधी, इश्तहार चिपकने के 24 घंटे के भीतर 2 मुख्य आरोपियों ने किया सरेंडर

इश्तहार चिपकने के 24 घंटे के भीतर 2 मुख्य आरोपियों ने किया सरेंडर

मधुबनी: जिले के खुटौना थाना क्षेत्र में हुए चर्चित अब्दुल मन्नान हत्याकांड में मधुबनी पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस के बढ़ते दबाव और घर पर इश्तहार (कुर्की-जब्ती की पूर्व प्रक्रिया) चस्पा होने के महज 24 घंटे के भीतर इस कांड के दो मुख्य नामजद अभियुक्तों ने माननीय न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया है।

क्या है पूरा मामला?

​घटना 24 जनवरी 2026 की है, जब खुटौना थाना अंतर्गत बाघा कुसमार निवासी अब्दुल मन्नान (पिता- इसराफिल) की अपराधियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस मामले में खुटौना थाना कांड संख्या 14/26 दर्ज किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक (SP), मधुबनी ने अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO), फुलपरास के नेतृत्व में एक SIT (विशेष जांच टीम) का गठन किया था।

​पुलिस की कार्रवाई और सरेंडर

​फरार चल रहे आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए SIT लगातार छापेमारी कर रही थी। जब अपराधी हाथ नहीं आए, तो न्यायालय के आदेश पर उनके घरों पर इश्तहार चिपकाने की कानूनी कार्रवाई की गई। पुलिस की इस सख्त कार्रवाई और भविष्य में होने वाली कुर्की के डर से आरोपियों के पास सरेंडर के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा।

सरेंडर करने वाले मुख्य आरोपी:

  1. जयनारायण यादव, पिता- रामलोचन यादव (साकिन- सिसवा बरही, थाना- फुलपरास)
  2. गुड्डू भिण्डवार, पिता- उमेश भिण्डवार (साकिन- सुगापट्टी, थाना- फुलपरास)

​प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, इस कांड का एक अन्य अभियुक्त पहले ही सरेंडर कर चुका है।

​पुलिस की सक्रियता की चर्चा

​मधुबनी पुलिस द्वारा इश्तहार तामिला के तुरंत बाद मुख्य अभियुक्तों का सरेंडर करना पुलिस की सक्रियता और कानूनी रणनीति की जीत मानी जा रही है। फुलपरास पुलिस अब इन आरोपियों को रिमांड पर लेकर आगे की पूछताछ कर सकती है ताकि हत्या के पीछे के सही कारणों और इसमें शामिल अन्य कड़ियों का पूरी तरह खुलासा हो सके।

मधुबनी: भगवतीपुर हत्याकांड का पुलिस ने किया खुलासा, दो आरोपी हथियार और बाइक के साथ गिरफ्तार

Madhubani Bhagwatipur Murder Case

मधुबनी: जिले के पंडौल थाना क्षेत्र के भगवतीपुर गांव में हुए सनसनीखेज रमनजी यादव हत्याकांड का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर सफल उद्भेदन कर लिया है। पुलिस ने इस मामले में दो मुख्य अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है, जिनके पास से हत्या में प्रयुक्त हथियार और घटनास्थल से जुड़ी मोटरसाइकिलें भी बरामद की गई हैं।

प्रमुख बिंदु: एक नज़र में

  • मृतक: रमनजी यादव (निवासी: लोहना, भैरवस्थान)।
  • गिरफ्तार आरोपी: चंदन यादव और पिताम्बर यादव।
  • बरामदगी: 1 देशी पिस्टल और 2 मोटरसाइकिल।
  • जांच टीम: एसपी योगेंद्र कुमार के निर्देश पर गठित विशेष SIT।

कैसे सुलझी मर्डर मिस्ट्री?

​घटना के बाद इलाके में व्याप्त तनाव और मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक (SP) योगेंद्र कुमार ने खुद घटनास्थल का जायजा लिया था। त्वरित कार्रवाई के लिए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (सदर-01) के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया।

​SIT ने तकनीकी अनुसंधान और मानवीय इनपुट (Human Intelligence) का सहारा लेते हुए भैरवस्थान थाना क्षेत्र में छापेमारी की। पुलिस की सख्ती के आगे घुटने टेकते हुए दोनों आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है।

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बरामदगी और कानूनी कार्रवाई

​पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर निम्नलिखित सामान जब्त किया है:

02 मोटरसाइकिल: इसमें से एक बाइक अभियुक्तों की है और दूसरी मृतक रमनजी यादव की, जिसे घटना के बाद पुलिस ने बरामद किया।

01 देशी पिस्टल: जिससे रमनजी यादव पर गोली चलाई गई थी।

मधुबनी पुलिस अपराध नियंत्रण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। SIT की त्वरित कार्रवाई ने यह साबित किया है कि कानून तोड़ने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।— पुलिस प्रशासन, मधुबनी

फिलहाल, गिरफ्तार चंदन यादव और पिताम्बर यादव को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब हत्या के पीछे के सटीक कारणों और किसी अन्य की संलिप्तता की गहराई से जांच कर रही है। इस सफल उद्भेदन से स्थानीय ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है।