खुटौना (मधुबनी): मधुबनी जिले के खुटौना थाना क्षेत्र अंतर्गत सिरसिया गांव में सोमवार की देर रात पारिवारिक विवाद ने उस समय हिंसक रूप ले लिया, जब एक दामाद ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर ससुर के घर पर हमला बोल दिया। हालांकि, ग्रामीणों की तत्परता और पुलिस की त्वरित कार्रवाई से एक बड़ी घटना टल गई।
घटना का विवरण
मिली जानकारी के अनुसार, सोमवार (06 अप्रैल) की रात करीब 1:30 बजे रामदेव महतो के घर पर उनके दामाद अपने दो सहयोगियों के साथ पहुंचे। वहां गाली-गलौज करते हुए आरोपियों ने जानलेवा हमले का प्रयास किया। विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपियों ने देशी पिस्टल निकालकर रामदेव महतो को जान से मारने की धमकी दी।
ग्रामीणों ने दिखाया साहस
देर रात शोर-शराबा सुनकर आसपास के ग्रामीण एकत्रित हो गए। ग्रामीणों ने साहस का परिचय देते हुए घेराबंदी कर तीनों आरोपियों को मौके पर ही दबोच लिया। इसके तुरंत बाद घटना की सूचना डायल-112 को दी गई।
पुलिस की कार्रवाई और बरामदगी
सूचना मिलते ही खुटौना थाना पुलिस मौके पर पहुंची और तीनों को हिरासत में ले लिया। तलाशी के दौरान पुलिस ने अपराधियों के पास से निम्नलिखित सामान बरामद किया है:
हथियार: एक देशी पिस्टल और एक जिंदा कारतूस।
वाहन: दो मोटरसाइकिल।
अन्य: तीन मोबाइल फोन।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
पकड़े गए आरोपियों की पहचान निम्नलिखित रूप में हुई है:
दिनेश महतो
रमेश महतो
राहुल कुमार
ये सभी आरोपी किशनपुर थाना (जिला सुपौल) के निवासी बताए जा रहे हैं।
वर्तमान स्थिति
पुलिस ने इस मामले में संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली है और तीनों अभियुक्तों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस मामले के अन्य पहलुओं की भी गहनता से जांच कर रही है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से गांव में तनावपूर्ण स्थिति अब नियंत्रण में है।
मधेपुर (मधुबनी)। झंझारपुर-मधुबनी पुलिस ने मधेपुर थाना क्षेत्र के एक निजी आवासीय विद्यालय में हुई छात्र की संदिग्ध मौत के मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए स्कूल संचालक को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने यह कार्रवाई सीसीटीवी फुटेज और मृतक के परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों के आधार पर की है।
क्या है पूरा मामला?
बीते 4 अप्रैल 2026 को सुबह करीब 10:00 बजे पुलिस को सूचना मिली कि ‘ज्ञान ज्योति आवासीय विद्यालय’ में एक 12 वर्षीय छात्र, विकेश कुमार, की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। स्कूल प्रशासन छात्र को अस्पताल ले गया था, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की गंभीरता को देखते हुए मधेपुर थाना पुलिस और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी झंझारपुर ने तुरंत मौके पर पहुँचकर जांच शुरू की।
परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप
मृतक छात्र की माँ, सुनीता देवी (निवासी: सुंदरी, थाना: भेजा, मधुबनी), ने थाने में आवेदन देकर स्कूल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत के अनुसार, उनके 12 वर्षीय बेटे विकेश कुमार को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। उन्होंने आरोप लगाया कि एक सोची-समझी साजिश के तहत उनके बेटे की हत्या की गई है।
पुलिस जांच और गिरफ्तारी
पुलिस द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार:
मामले में संलिप्त मुख्य आरोपी और स्कूल संचालक ऋषि कुमार कर्ण (पिता: बिनोद कुमार कर्ण) को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
घटनास्थल पर FSL की टीम को बुलाया गया और साक्ष्य जुटाए गए।
स्कूल परिसर में लगे CCTV कैमरों की सघन जांच की गई।
सीसीटीवी फुटेज में मिले साक्ष्यों और परिजनों के बयान के आधार पर पुलिस ने कांड संख्या 85/26 दर्ज की है।
धाराओं के तहत कार्रवाई
पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1), 61(2) और 3(5) के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस अन्य अज्ञात स्कूल कर्मियों की भूमिका की भी जांच कर रही है ताकि इस दुखद घटना के पीछे की पूरी सच्चाई सामने आ सके।
बिहार को हरित ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में आज एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। प्रदेश के ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने लखीसराय जिले के कजरा में निर्माणाधीन 301 MW सौर ऊर्जा एवं 523 MWh बैटरी स्टोरेज परियोजना का विस्तृत निरीक्षण किया। यह परियोजना राज्य की सबसे महत्वाकांक्षी रिन्यूएबल एनर्जी पहलों में से एक है।
प्रगति की समीक्षा और कड़े निर्देश
निरीक्षण के दौरान माननीय मंत्री ने निर्माण कार्य में लगी एजेंसी L&T (Larsen & Toubro) और BSPGCL (बिहार स्टेट पावर जनरेशन कंपनी लिमिटेड) के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की। बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु परियोजना की वर्तमान प्रगति और निर्माण की गुणवत्ता रही।
मंत्री जी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि:
परियोजना के फेज-2 के कार्यों में तेजी लाई जाए।
समय-सीमा (Timeline) का सख्ती से पालन करते हुए इसे शीघ्र पूरा किया जाए।
गुणवत्ता मानकों के साथ कोई समझौता न हो, ताकि भविष्य में ग्रिड स्थिरता सुनिश्चित रहे।
वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति
इस महत्वपूर्ण दौरे के दौरान ऊर्जा विभाग के शीर्ष नेतृत्व की उपस्थिति रही। मंत्री जी के साथ BSPGCL एवं SBPDCL के प्रबंध निदेशक महेंद्र कुमार (IAS) मौजूद थे। उन्होंने मंत्री जी को बैटरी स्टोरेज सिस्टम की तकनीकी बारीकियों और बिजली वितरण नेटवर्क से इसके जुड़ाव के बारे में विस्तृत जानकारी दी। इसके अलावा विभाग के अन्य वरीय अधिकारियों ने भी तकनीकी फीडबैक साझा किया।
परियोजना की मुख्य विशेषताएं
विशेषता
विवरण
कुल क्षमता
301 मेगावाट (MW)
बैटरी स्टोरेज
523 मेगावाट-घंटा (MWh)
स्थान
कजरा, लखीसराय (बिहार)
प्रमुख एजेंसी
L&T एवं BSPGCL
बिहार अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए अब सौर ऊर्जा जैसे स्थायी स्रोतों पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। कजरा परियोजना न केवल बिजली उत्पादन करेगी, बल्कि इसकी विशाल बैटरी स्टोरेज क्षमता पीक ऑवर्स के दौरान ग्रिड को मजबूती प्रदान करेगी।— बिजेंद्र प्रसाद यादव, ऊर्जा मंत्री, बिहार
यह परियोजना पूर्ण होने पर बिहार की ‘क्लीन एनर्जी’ प्रोफाइल में मील का पत्थर साबित होगी। 523 MWh का बैटरी स्टोरेज भारत के सबसे बड़े स्टोरेज केंद्रों में से एक होगा, जो रात के समय भी सौर ऊर्जा की उपलब्धता सुनिश्चित करने में मदद करेगा।
लौकहा (मधुबनी): झंझारपुर के सांसद रामप्रीत मंडल के निरंतर प्रयासों और क्षेत्र की जनता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का बड़ा परिणाम आज देखने को मिला है। संसदीय क्षेत्र झंझारपुर अंतर्गत लौकहा बाज़ार (LKQ) से आनंद विहार टर्मिनल (ANVT) के बीच चलने वाली स्पेशल ट्रेन (04013/04014) को अब नियमित (प्रतिदिन) कर दिया गया है।
लौकहा रेलवे स्टेशन पर आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में इस नियमित सेवा का शुभारंभ हुआ। इस दौरान स्थानीय निवासियों ने सांसद की मेहनत की सराहना करते हुए इसे क्षेत्र के विकास में एक मील का पत्थर बताया।
🚉 प्रतीक्षा हुई पूरी, अब दिल्ली की राह आसान
सांसद रामप्रीत मंडल ने लंबे समय से रेल मंत्रालय के समक्ष लौकहा से दिल्ली के लिए सीधी और नियमित ट्रेन की मांग मजबूती से रखी थी। उनकी इस मेहनत का ही नतीजा है कि आज झंझारपुर की जनता की वर्षों पुरानी प्रतीक्षा समाप्त हुई है।
महत्वपूर्ण जानकारी: आज रात्रि 9:30 बजे रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर दिल्ली के लिए रवाना किया जाएगा।
🙌 शीर्ष नेतृत्व के प्रति आभार
इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए सांसद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा का विशेष आभार प्रकट किया है।
कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य व्यक्ति
समारोह के दौरान स्थानीय नेताओं और समाजसेवियों में भारी उत्साह देखा गया। इस अवसर पर मुख्य रूप से उपस्थित रहे:
श्री अजय आजाद जी (जेडीयू नेता)
श्री संपत कलन्त्री जी (प्रसिद्ध समाजसेवी एवं संयोजक, चैंबर ऑफ कॉमर्स)
भूषण साह (स्थानीय जिला परिषद सदस्य)
संजीव साह ( मुखिया, कारमेघ उत्तरी पंचायत)
दिनेश गुप्ता (बीजेपी नेता)
कमला कांत भारती (जेडीयू नेता)
संजय शौर्य ( संवाददाता, दैनिक जागरण)
साथ ही एनडीए (NDA) के बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक।
लौकहा बाज़ार स्टेशन से इस ट्रेन के नियमित परिचालन से न केवल मधुबनी और झंझारपुर के लोगों को यात्रा में आसानी होगी, बल्कि भारत-नेपाल सीमा पर स्थित होने के कारण आर्थिक गतिविधियों और व्यापार को भी नया विस्तार मिलेगा।
घोघरडीहा (मधुबनी): स्थानीय प्रखंड मुख्यालय स्थित प्रसिद्ध दुर्गास्थान के मैदान में शनिवार की रात रात्रिकालीन टेनिस बॉल क्रिकेट टूर्नामेंट का शानदार शुभारंभ हुआ। प्रतियोगिता का उद्घाटन घोघरडीहा नगर पंचायत के पूर्व मुख्य पार्षद श्रवण कुमार ठाकुर ने फीता काटकर किया। दूधिया रोशनी में नहाए मैदान पर खिलाड़ियों और दर्शकों का उत्साह देखते ही बन रहा था।
उद्घाटन मैच का रोमांच: अंतिम ओवर में पलटी बाजी
टूर्नामेंट का पहला मुकाबला शिवराम और एकहत्था की टीमों के बीच खेला गया।
टॉस: शिवराम के कप्तान प्रदीप कुमार ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का निर्णय लिया।
एकहत्था की बल्लेबाजी: कप्तान शहजाद के नेतृत्व में मैदान में उतरी एकहत्था की टीम ने निर्धारित 15 ओवरों में ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करते हुए 157 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया।
शिवराम की जवाबी पारी: लक्ष्य का पीछा करने उतरी शिवराम की टीम ने सधी हुई शुरुआत की। मैच बेहद रोमांचक मोड़ पर पहुंच गया था, लेकिन शिवराम ने 14.3 ओवर में (3 गेंद शेष रहते) 6 विकेट खोकर 158 रन बनाकर जीत दर्ज की और क्वार्टर फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली।
मैन ऑफ द मैच
शानदार प्रदर्शन और कुशल कप्तानी के लिए शिवराम के कप्तान प्रदीप कुमार को ‘मैन ऑफ द मैच’ के पुरस्कार से नवाजा गया।
खेल जीवन का अभिन्न हिस्सा: श्रवण कुमार ठाकुर
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि श्रवण कुमार ठाकुर ने कहा:
ग्रामीण क्षेत्रों में इस तरह के रात्रिकालीन मैच का आयोजन अपने आप में रोमांचक है। युवाओं के लिए पढ़ाई जितनी जरूरी है, खेल भी उतना ही आवश्यक है। खेल न केवल शारीरिक स्वास्थ्य सुधारता है, बल्कि अनुशासन भी सिखाता है।
उन्होंने खिलाड़ियों से खेल भावना के साथ अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की अपील की।
टूर्नामेंट की मुख्य बातें
आयोजन समिति के सदस्य सचिन सरस्वती, अभिषेक कुमार झा, राजा सरस्वती और करण कुमार झा ने बताया कि:
इस टूर्नामेंट में कुल 16 टीमें हिस्सा ले रही हैं।
सभी मैच नॉकआउट आधार पर खेले जाएंगे।
क्षेत्र के खेल प्रेमियों में इस आयोजन को लेकर भारी उत्साह है।
इस अवसर पर कन्हैया झा, बिट्टू कुमार, जदयू नेता राजीव रंजन बिहारी, अधिवक्ता मुकेश झा आलोक सहित कई गणमान्य व्यक्ति और बड़ी संख्या में खेल प्रेमी अंत तक मैच का आनंद लेने के लिए मैदान में डटे रहे।
झंझारपुर (मधुबनी): शिक्षा के प्रति समर्पण और बेदाग छवि की मिसाल बनीं प्रधानाध्यापिका अहल्या के सम्मान में मध्य विद्यालय, बलनी मेहथ में आयोजित विदाई समारोह एक ऐतिहासिक पल बन गया। करीब 14 वर्षों के लंबे और गौरवशाली कार्यकाल के बाद जब अहल्या ने विद्यालय से अंतिम विदाई ली, तो उनकी आँखें भर आईं। यह दृश्य देख वहां मौजूद सैकड़ों छात्रों और ग्रामीणों का गला भी भर आया।
विकास की पर्याय बनीं अहल्या: संकुल से प्लस-टू तक का सफर
अहल्या का कार्यकाल बलनी मेहथ स्कूल के लिए ‘स्वर्ण युग’ माना जाएगा। उन्हीं के नेतृत्व में न केवल विद्यालय मध्य विद्यालय से उत्क्रमित प्लस टू हाई स्कूल बना, बल्कि उन्हीं के समय में इस विद्यालय को ‘संकुल’ (Cluster) का दर्जा प्राप्त हुआ। वे स्वयं संकुल संचालक के रूप में अन्य विद्यालयों का मार्गदर्शन करती रहीं। उनके अनुशासन और कार्यकुशलता का ही परिणाम था कि 2012 से 2026 तक के लंबे सफर में उन पर कभी कोई सवाल नहीं उठा।
एक दशक से अधिक का बेदाग सफर
श्रीमती अहल्या ने 14 फरवरी 2012 को इस विद्यालय में अपना योगदान दिया था। तब से लेकर 31 मार्च 2026 तक, उन्होंने अपना पूरा कार्यकाल इसी एक स्कूल को समर्पित कर दिया। उनके कुशल नेतृत्व में ही यह मध्य विद्यालय से ‘उत्क्रमित प्लस टू हाई स्कूल’ के रूप में विकसित हुआ। विशेष बात यह रही कि वे न केवल इस हाई स्कूल की पहली हेडमास्टर बनीं, बल्कि उन्होंने ही इसका उद्घाटन भी किया था। वर्ष 2015 से 2026 तक प्रधानाध्यापिका के पद पर रहते हुए उन पर प्रशासन या समाज की ओर से कोई दाग नहीं लगा, जो उनकी ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा का प्रमाण है।
राकेश कुमार ने संभाली नई जिम्मेदारी
उनकी सेवानिवृत्ति के पश्चात, 1 अप्रैल 2026 से विद्यालय के प्रधानाध्यापक पद का प्रभार राकेश कुमार ने संभाल लिया है। समारोह के दौरान अहल्या ने उन्हें अपनी शुभकामनाएं दीं और विद्यालय के निरंतर विकास की कामना की।
दूर-दराज से पहुंचे पुराने साथी: गुरु-शिष्य परंपरा की दिखी मिसाल
इस समारोह की सबसे खास बात यह रही कि जो शिक्षक यहाँ से तबादला कराकर दूर जा चुके थे, वे भी अपनी पूर्व प्रधानाध्यापिका को सम्मान देने खिंचे चले आए।
गया के सिद्धार्थ नारायण और भागलपुर की रंजीता कुमारी, जो यहाँ से ट्रांसफर लेकर जा चुकी हैं, विशेष रूप से समारोह में शामिल हुईं।
उत्तर प्रदेश के शिक्षक प्रदीप कुमार, जो वर्तमान में यूपी बॉर्डर के पास कार्यरत हैं, उन्होंने भी लंबी दूरी तय कर इस विदाई समारोह में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। यह अहल्या देवी के प्रति उनके सहकर्मियों के प्रेम और सम्मान को दर्शाता है।
जनप्रतिनिधियों और गणमान्य लोगों का लगा तांता
समारोह में शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ-साथ पंचायत के प्रतिनिधियों ने भी शिरकत की। कार्यक्रम में सरपंच के साथ-साथ अन्य प्रमुख लोग भी उपस्थित रहे।
उपस्थित प्रमुख व्यक्ति एवं शिक्षक:
प्रवीण कुमार प्रभाकर (BPRO सह BEO, झंझारपुर), जितेन्द्र झा (मुखिया), रामाकान्त चतुर्वेदी (संचालक), शंभू नाथ झा (समन्वयक), प्रफुल्ल कुमार सिंह, अनिल कुमार झा, मनोज कुमार सिंह, घनश्याम ठाकुर, बच्चन पासवान, विद्यापति, रमेश कुमार ठाकुर, रास बिहारी कामत, रणधीर सिंह, उपेंद्र ना. शर्मा, अरुण कुमार भंडारी, किशोर पासवान, कौशिक आलम, जितेंद्र पाल, प्रफुल्ल सिंह, लेखपाल कौशल यादव, नीलू कुमारी, शालू कुमारी, महालक्ष्मी कुमारी, मुकेश कुमार, दिनेश झा, त्रिवेणी पंडित और विद्यानंद पासवान, सोहन चौपाल, जितेंद्र पाल, सीमा दास एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
समारोह में बलनी मेहथ संकुल के साथ-साथ कोठिया संकुल के शिक्षकों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि अहल्या मैडम का जाना विद्यालय के लिए एक युग के अंत जैसा है, जिन्होंने शिक्षा के स्तर को सुधारने में अपनी पूरी ऊर्जा लगा दी।
बिहार के वाणिज्य कर विभाग ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में राजस्व संग्रह के मामले में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। विभागीय मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने गुरुवार को पटना स्थित ‘कर भवन’ में पत्रकारों को संबोधित करते हुए इस ऐतिहासिक उपलब्धि की जानकारी साझा की।
मुख्य आकर्षण: एक नजर में
विभाग ने इस वित्तीय वर्ष में न केवल अपने पिछले रिकॉर्ड तोड़े हैं, बल्कि राष्ट्रीय औसत से बेहतर प्रदर्शन करते हुए देश के शीर्ष राज्यों में अपनी जगह बनाई है।
कुल राजस्व संग्रह: ₹43,324.79 करोड़
पिछले वर्ष के मुकाबले वृद्धि: 4.09%
जीएसटी संग्रह में वृद्धि: 9.20% (राष्ट्रीय औसत 6% से अधिक)
जीएसटी वृद्धि में स्थान: देश में चौथा
राजस्व संग्रह का विस्तृत विवरण
सचिव संजय कुमार सिंह ने आंकड़ों का विश्लेषण करते हुए बताया कि कुल संग्रह में सबसे बड़ी हिस्सेदारी वस्तु एवं सेवा कर (GST) की रही है।
जीएसटी (GST) संग्रह की स्थिति
विभाग ने अकेले जीएसटी मद में ₹32,801 करोड़ जुटाए, जो पिछले साल की तुलना में 11.7% अधिक था। हालांकि, केंद्र सरकार द्वारा आईजीएसटी (IGST) बैलेंस समायोजन के कारण ₹724 करोड़ की कटौती की गई, जिसके बाद शुद्ध जीएसटी संग्रह ₹32,077.22 करोड़ रहा।
मद
विवरण
कुल संग्रह (2025-26)
₹43,324.79 करोड़
कुल संग्रह (2024-25)
₹41,623.96 करोड़
नकद संग्रह वृद्धि (SGST, CGST, IGST)
10.60%
राष्ट्रीय स्तर पर बिहार का प्रदर्शन
मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने गर्व के साथ बताया कि उपभोक्ता वस्तुओं पर जीएसटी स्लैब में कटौती के बावजूद बिहार ने शानदार प्रदर्शन किया है:
राष्ट्रीय औसत को पछाड़ा: जहां देश की औसत जीएसटी वृद्धि 6% रही, वहीं बिहार ने इसे काफी पीछे छोड़ दिया है।
जीएसटी वृद्धि दर: बिहार 9.20% की वृद्धि के साथ देश में चौथे स्थान पर है।
नकद संग्रह: सभी नकद संग्रहों (SGST, CGST, IGST और उपकर) के मामले में बिहार, कर्नाटक के बाद देश में दूसरे स्थान पर रहा है।
यह विभाग की कार्यकुशलता और राज्य में बेहतर आर्थिक गतिविधियों का परिणाम है। अभी ये आंकड़े अनंतिम (Provisional) हैं, क्योंकि ‘पेशा कर’ (Professional Tax) के आंकड़े जुड़ने के बाद संग्रह में और बढ़ोतरी होने की संभावना है।— बिजेंद्र प्रसाद यादव, मंत्री, वाणिज्य कर विभाग
बिहार सरकार के लिए यह आंकड़े उत्साहजनक हैं। विभाग का मानना है कि पारदर्शी कर प्रणाली और बेहतर निगरानी के कारण राजस्व में यह उछाल देखने को मिला है। आने वाले दिनों में पेशा कर के अंतिम आंकड़े आने के बाद यह रिकॉर्ड और भी बेहतर हो सकता है।
मधुबनी (बिहार): जब रक्षक ही भक्षक बन जाए और सत्ता की हनक मानवीय संवेदनाओं पर हावी हो जाए, तो लोकतंत्र का चौथा स्तंभ ही अंतिम उम्मीद बचता है। बिहार के मधुबनी जिले के ललमनियां थाना क्षेत्र से आई खबर सभ्य समाज को शर्मसार करने वाली है। यहाँ एक 43 वर्षीय दलित महिला, ललिता देवी को न केवल खंभे से बांधकर पीटा गया, बल्कि सार्वजनिक रूप से उनके कपड़े फाड़कर उनका मान-मर्दन किया गया।
घटना का क्रम: भूमि विवाद और ‘दबंगई’ का नंगा नाच
15 मार्च 2026 की दोपहर, जब ललिता देवी अपने ससुर की खतियानी जमीन पर फूस का घर बनवा रही थीं, तब गांव के ही दबंगों (अविनाश पंडित व अन्य) ने उन पर हमला बोल दिया। पीड़िता का आरोप है कि:
उन्हें जातिसूचक गालियां दी गईं।
खंभे से बांधकर बेरहमी से पिटाई की गई।
भीड़ के सामने उनकी साड़ी और ब्लाउज फाड़ दिए गए, जो किसी भी स्त्री की गरिमा पर सबसे गहरा प्रहार है।
सबसे दुर्भाग्यपूर्ण पहलू यह है कि ग्राम कचहरी पहले ही इस भूमि पर पीड़िता के पक्ष में फैसला सुना चुकी है। इसके बावजूद, न्यायिक आदेशों को ठेंगा दिखाते हुए इस बर्बरता को अंजाम दिया गया।
पुलिस की भूमिका: फरियादी ही बना अपराधी?
इस मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठे। पीड़िता के अनुसार:
प्राथमिकी दर्ज करने में आनाकानी: थाने पहुंचने पर न्याय देने के बजाय उन्हें टालमटोल का सामना करना पड़ा।
पक्षपात का आरोप: पुलिस ने कथित तौर पर आरोपियों को हिरासत से छोड़ दिया, जबकि पीड़िता पक्ष को ही थाने में रोके रखा।
वायरल ऑडियो: थानाध्यक्ष और पीड़िता के बीच की कथित बातचीत का ऑडियो पुलिसिया संवेदनहीनता की पुष्टि करता है, जिसमें न्याय की गुहार लगाती महिला को प्रशासनिक दुत्कार मिल रही है।
प्रेस का दृष्टिकोण: क्या यह सिर्फ जमीन का विवाद है?
यह मामला महज दो गुटों के बीच जमीन की लड़ाई नहीं है। यह जातिगत वर्चस्व और पितृसत्तात्मक दमन का मिश्रण है। दलित समुदाय की महिलाओं को सॉफ्ट टारगेट बनाना और उन्हें सार्वजनिक रूप से अपमानित करना, सामाजिक पदानुक्रम को बनाए रखने का एक पुराना और क्रूर हथियार रहा है।
”जब पुलिस प्रशासन ‘शक्ति’ के आगे नतमस्तक हो जाता है, तो कानून की धाराएं सिर्फ कागजों का हिस्सा बनकर रह जाती हैं।”
मुख्य सवाल जो जवाब मांगते हैं:
वायरल ऑडियो में दिख रही संवेदनहीनता पर क्या उच्चाधिकारियों ने संज्ञान लिया है?
क्या बिहार में SC/ST एक्ट और महिलाओं की सुरक्षा के दावे केवल कागजी हैं?
ग्राम कचहरी के फैसले के बावजूद पुलिस ने पीड़िता को सुरक्षा क्यों नहीं मुहैया कराई?
बिहार बोर्ड (BSEB) एक बार फिर इतिहास रचने की दहलीज पर है। इंटरमीडिएट (12वीं) का रिजल्ट 23 मार्च को सफलतापूर्वक घोषित करने के बाद, अब बिहार विद्यालय परीक्षा समिति मैट्रिक यानी 10वीं के नतीजों को लेकर अपनी अंतिम तैयारी में जुट गई है।
अगर आप भी इस साल मैट्रिक की परीक्षा में शामिल हुए हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
रिजल्ट को लेकर क्या है ताजा अपडेट?
बोर्ड के विश्वसनीय सूत्रों की मानें तो उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन (Copy Evaluation) का कार्य पूरी तरह संपन्न हो चुका है। वर्तमान में टॉपर्स के वेरिफिकेशन और इंटरव्यू की प्रक्रिया चल रही है।
नोट: बिहार बोर्ड की यह खास परंपरा है कि रिजल्ट जारी करने से पहले टॉप-10 में आने वाले मेधावी छात्रों का फिजिकल वेरिफिकेशन किया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य परीक्षा की पारदर्शिता और विश्वसनीयता को बनाए रखना है।
कब घोषित होंगे नतीजे?
पिछले साल (2025) के आंकड़ों पर नजर डालें तो मैट्रिक का रिजल्ट 29 मार्च को दोपहर 12:15 बजे जारी किया गया था। इस साल भी उम्मीद जताई जा रही है कि बोर्ड मार्च के आखिरी हफ्ते (संभवतः 30 या 31 मार्च) तक नतीजे घोषित कर देगा। हालांकि, सोशल मीडिया पर चर्चा है कि बोर्ड आज भी चौंकाने वाला फैसला ले सकता है।
एक नजर परीक्षा के आंकड़ों पर
विवरण
आंकड़े
परीक्षा की तिथि
15 फरवरी से 23 फरवरी 2026
कुल परीक्षार्थी
लगभग 16 लाख से अधिक
रिजल्ट की संभावित तिथि
30-31 मार्च 2026
आधिकारिक वेबसाइट
results.biharboardonline.com
रिजल्ट कैसे चेक करें? (Step-by-Step Guide)
जैसे ही रिजल्ट का लिंक एक्टिव होगा, छात्र नीचे दिए गए चरणों का पालन कर अपना स्कोरकार्ड देख सकते हैं:
बिहार बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
होमपेज पर ‘Annual Secondary Examination Result 2026’ के लिंक पर क्लिक करें।
अपना Roll Code और Roll Number दर्ज करें।
कैप्चा कोड भरकर ‘View’ बटन पर क्लिक करें।
आपका रिजल्ट स्क्रीन पर दिख जाएगा, इसे भविष्य के लिए डाउनलोड या प्रिंट कर लें।
छात्रों के लिए जरूरी सलाह
अफवाहों से बचें: केवल आधिकारिक घोषणा पर ही विश्वास करें।
एडमिट कार्ड तैयार रखें: रिजल्ट देखते समय हड़बड़ी न हो, इसलिए अपना एडमिट कार्ड पास रखें।
मार्कशीट की जानकारी: ऑनलाइन डाउनलोड की गई मार्कशीट प्रोविजनल होगी। आपकी ओरिजिनल मार्कशीट और सर्टिफिकेट कुछ दिनों बाद आपके संबंधित स्कूल से प्राप्त होंगे।
बिहार बोर्ड मैट्रिक रिजल्ट 2026: डायरेक्ट लिंक सूची
रिजल्ट जारी होते ही भारी ट्रैफिक के कारण आधिकारिक वेबसाइट स्लो हो सकती है, इसलिए आप इन वैकल्पिक लिंक्स का उपयोग कर सकते हैं:
लौकही, मधुबनी: मधुबनी जिले के लौकही प्रखंड में पैक्स चुनाव अब सिर्फ एक चुनावी प्रक्रिया नहीं, बल्कि ‘बदले की राजनीति‘ का अखाड़ा बन गया है। जिला पार्षद सदस्य मलखान सिंह ने प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) पर बेहद गंभीर और चौंकाने वाले आरोप लगाए हैं। मलखान सिंह का दावा है कि उनके पिता को हराने के लिए प्रशासन ने न केवल नियमों की धज्जियां उड़ाईं, बल्कि रंजिश निकालने के लिए पूरे तंत्र का दुरुपयोग किया।
1. एक वोटर, दो पंचायत: नियम-कानूनों की उड़ी धज्जियां
मलखान सिंह ने दस्तावेजी सबूतों के साथ खुलासा किया है कि तीन ऐसे लोग पाए गए हैं जिनका नाम दो अलग-अलग पंचायतों की मतदाता सूची में शामिल है। इतना ही नहीं, एक व्यक्ति का नाम तो सहकारी समितियों के नरेंद्रपुर में भी दर्ज है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि एक व्यक्ति ने दो-दो पंचायतों में जाकर अपना वोट गिराया, जो सीधे तौर पर चुनावी प्रक्रिया की शुचिता का उल्लंघन है।
इन नामों ने खोली धांधली की पोल (सबूत के साथ)
हीरा देवी (पति: स्वर्गीय रामचंद्र यादव): इनका नाम भी अवैध तरीके से दो सूचियों में दर्ज पाया गया है।
विदेश्वर सहाय (पिता: लक्ष्मी सहाय): इनका नाम दो पंचायतों की मतदाता सूची में शामिल है।
अनीता देवी (पति: राधेश्याम यादव): इनका नाम भी दो जगह है और ये महिला सहकारी समिति, नरेंद्रपुर में सदस्य भी हैं।
2. 18 साल से कम उम्र के बच्चों से डलवाए वोट!
अनियमितता की हद तो तब पार हो गई जब मतदाता सूची में नाबालिगों के नाम भी सामने आए। मलखान सिंह ने दो विशिष्ट नाम सार्वजनिक किए हैं:
गुंजा कुमारी (पिता: जितेंद्र कुमार सिंह): जन्मतिथि 02/05/2010 (उम्र 18 से कम)।
अनिकेत कुमार सिंह (पिता: जितेंद्र कुमार सिंह): जन्मतिथि 05/05/2013 (मात्र 12-13 साल की उम्र)।
क्यों निशाने पर आए मलखान सिंह? ‘आवास योजना’ का सच
जब पत्रकारों ने मलखान सिंह से पूछा कि आखिर BDO साहब ने उनके साथ ही ऐसा क्यों किया, तो उन्होंने जो जवाब दिया उसने प्रखंड कार्यालय में चल रहे भ्रष्टाचार की परतें खोल दीं। मलखान सिंह ने बताया:
पंचायत में प्रधानमंत्री आवास योजना के नाम पर भारी लूट मची थी। गरीब जनता से 5,000 से लेकर 15,000 रुपये तक की अवैध उगाही की जा रही थी। मैंने एक जनप्रतिनिधि होने के नाते इसका खुलकर विरोध किया और भ्रष्टाचार को रोका। इसी का बदला लेने के लिए BDO साहब ने मेरे पिता को चुनाव हराने की साजिश रची और लोकतंत्र को तार-तार कर दिया।
लोकतंत्र की हत्या या प्रशासनिक तानाशाही?
मलखान सिंह का आरोप है कि एक प्रत्याशी को जबरन हराने के लिए BDO ने अपने पद का दुरुपयोग किया और बल प्रयोग कर चुनाव को प्रभावित किया। यह मामला अब केवल एक पंचायत का नहीं रह गया है, बल्कि पूरे मधुबनी जिले में चर्चा का विषय बन गया है कि क्या एक ईमानदार विरोध की कीमत चुनाव में धांधली सहकर चुकानी पड़ेगी?
क्या होगा आगे?
इन ठोस सबूतों के पेश होने के बाद अब जनता और विपक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। क्या जिला प्रशासन इन अधिकारियों और फर्जी वोटरों पर कार्रवाई करेगा? या फिर लोकतंत्र के इस उत्सव में हुई धांधली को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा?
Disclaimer: उपरोक्त खबर जिला पार्षद सदस्य मलखान सिंह द्वारा मीडिया के सामने दिए गए बयानों और पेश किए गए दस्तावेजों पर आधारित है। ‘भूमि न्यूज लाइव’ इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है। हमारा उद्देश्य केवल जनप्रतिनिधियों के पक्ष को जनता तक पहुँचाना है। इस मामले में संबंधित अधिकारी (BDO) या प्रशासन का पक्ष आने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।