नेपाल के वीरगंज में विरोध की आग: बांग्लादेश में हिंदू युवक दीपु चंद्र दास की हत्या पर भड़के छात्र!

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वीरगंज (नेपाल): पड़ोसी देश बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमलों और हिंसा की लहर अब नेपाल तक पहुँच गई है। हाल ही में बांग्लादेश के मयमनसिंह जिले में एक हिंदू युवक, दीपु चंद्र दास, की नृशंस हत्या के विरोध में नेपाल के वीरगंज में छात्रों ने जोरदार प्रदर्शन किया।पड़ोसी देश बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमलों और हिंसा की लहर अब नेपाल तक पहुँच गई है। हाल ही में बांग्लादेश के मयमनसिंह जिले में एक हिंदू युवक, दीपु चंद्र दास, की नृशंस हत्या के विरोध में नेपाल के वीरगंज में छात्रों ने जोरदार प्रदर्शन किया।

चराचर खबर (Charachar Khabar) की रिपोर्ट: प्रदर्शन की मुख्य बातें

नेपाल के प्रमुख डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘चराचर खबर’ (Charachar Khabar) द्वारा साझा किए गए वीडियो के अनुसार, वीरगंज स्थित ठाकुरराम बहुमुखी कैंपस के छात्र सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शनकारी छात्रों ने हाथों में तख्तियां और बांग्लादेशी झंडे पर क्रॉस के निशान वाले पोस्टर लेकर अपना विरोध दर्ज कराया।

प्रदर्शन के दौरान लगे प्रमुख नारे:

  • बांग्लादेशी जिहादी मुर्दाबाद!
  • हिंदुओं को मारना बंद करो!
  • Human Rights मुर्दाबाद! (मानवाधिकार संगठनों की चुप्पी पर सवाल)
  • Justice for Bangladesh Hindus

क्या है पूरा मामला?

घटना बांग्लादेश के मयमनसिंह जिले के भालुका की है। मीडिया रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया पर वायरल जानकारी के अनुसार, दीपु चंद्र दास पर धर्म के अपमान का आरोप लगाकर एक उग्र भीड़ ने उनकी पीट-पीट कर हत्या कर दी। इतना ही नहीं, मानवता को शर्मसार करते हुए हत्या के बाद उनके शव को पेड़ से बाँधकर आग लगा दी गई।

इस घटना की वीभत्सता ने पूरी दुनिया को झकझोर कर रख दिया है। नेपाल के छात्र समुदाय ने इस घटना को “नरसंहार” करार देते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से दखल देने की मांग की है।

सरकार और प्रशासन की प्रतिक्रिया:

चराचर खबर की रिपोर्ट के मुताबिक, इस घटना के बाद चौतरफा दबाव को देखते हुए बांग्लादेश सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने घटना की निंदा की है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है। हालांकि, प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि सिर्फ बयानों से काम नहीं चलेगा; जमीन पर अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित होनी चाहिए।

निष्कर्ष: वीरगंज में हुआ यह विरोध प्रदर्शन यह दर्शाता है कि मानवाधिकारों का हनन और सांप्रदायिक हिंसा किसी एक देश की सीमा तक सीमित नहीं रहती। नेपाल के युवाओं ने स्पष्ट संदेश दिया है कि वे अपने पड़ोसी देश में हो रहे अन्याय के खिलाफ चुप नहीं बैठेंगे।

स्रोत: चराचर खबर (Charachar Khabar), नेपाल।

शहीद परमेश्वर की 70वीं जयंती: वीरता और बलिदान की अमर गाथा

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फुलपरास (मधुबनी): “शहीद परमेश्वर जी वीरता, त्याग और साहस की अद्वितीय प्रतिमूर्ति थे। उनका जीवन केवल इतिहास का एक अध्याय नहीं, बल्कि संघर्ष और बलिदान की एक जीवंत गाथा है।” यह विचार बिहार सरकार के पूर्व मंत्री लक्ष्मेश्वर राय ने शहीद परमेश्वर जी की 70वीं जयंती के अवसर पर व्यक्त किए।​शनिवार को मधुबनी जिले के फुलपरास स्थित ‘शहीद परमेश्वर चौक’ पर शहीद परमेश्वर स्मारक समिति के तत्वावधान में एक भव्य जयंती समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में क्षेत्र के विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और प्रबुद्धजीवियों ने हिस्सा लेकर शहीद को नमन किया।

कार्यक्रम की मुख्य बातें:

  • पुष्पांजलि अर्पित: समारोह की शुरुआत शहीद परमेश्वर जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण और पुष्पांजलि के साथ हुई।​
  • प्रेरणास्रोत जीवन: वक्ताओं ने उनके संघर्षमय जीवन और राष्ट्र के प्रति उनके समर्पण पर विस्तार से प्रकाश डाला।​
  • युवाओं को संदेश: पूर्व मंत्री लक्ष्मेश्वर राय ने कहा कि सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी जब आज की युवा पीढ़ी उनके विचारों को अपनाकर सामाजिक न्याय और राष्ट्रहित के मार्ग पर चले।

​”एक महान व्यक्तित्व” पुस्तक का जिक्र

समारोह के दौरान हरियाणा के पूर्व राज्यपाल श्रद्धेय धनिक लाल मंडल द्वारा शहीद परमेश्वर के जीवन पर आधारित लिखित पुस्तक ‘एक महान व्यक्तित्व‘ की चर्चा की गई। यह पुस्तक उनके व्यक्तित्व और कृतित्व को गहराई से समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

सामाजिक न्याय का संकल्प

बुद्धिजीवियों और उपस्थित अतिथियों ने शहीद के सपनों का भारत बनाने और समाज में समानता, न्याय एवं भाईचारे को मजबूत करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के अंत में दो मिनट का मौन रखकर शांति की प्रार्थना की गई।

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उपस्थित गणमान्य व्यक्ति:

समारोह में मुख्य रूप से निम्नलिखित हस्तियां मौजूद रहीं:

  • लक्ष्मेश्वर राय (पूर्व मंत्री, बिहार सरकार)​
  • रामसुंदर यादव (वरिष्ठ भाजपा नेता)​
  • अनिल मंडल (मुख्य पार्षद, नगर पंचायत घोघरडीहा)
  • ​राम पुकार यादव (प्रखंड प्रमुख)​
  • सुशील कामत (पंसस)
  • रूपेश कुमार, रोहित नारायण यादव, देवकृष्ण यादव एवं अन्य।

​I Support Bihar: बिहार की आवाज़, आपकी अपनी पहचान

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​​I Support Bihar एक स्वतंत्र और जिम्मेदार डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म है, जिसका मुख्य उद्देश्य बिहार की आवाज़ को मजबूती देना और यहाँ के लोगों का समर्थन करना है। हम बिहार से जुड़ी हर अहम खबर, मुद्दा और उपलब्धि को पूरी ईमानदारी और सच्चाई के साथ जनता तक पहुँचाते हैं।

हमारा मिशन: ज़मीनी हकीकत से रूबरू कराना

हमारा चैनल केवल खबरें ही नहीं दिखाता, बल्कि बिहार की ज़मीनी हकीकत को सामने लाता है। हम प्राथमिकता के साथ निम्नलिखित वर्गों की आवाज़ बुलंद करते हैं:

  • आम लोगों की समस्याएँ: रोज़मर्रा की चुनौतियों को प्रशासन तक पहुँचाना।​
  • युवाओं की उम्मीदें: करियर और शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा।​
  • किसान और श्रमिक: खेत-खलिहान से लेकर मजदूरों के हक की बात।
  • ​छात्र: उनकी शिक्षा और भविष्य से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियाँ।

इसके साथ-साथ, हम देश-विदेश की ट्रेंडिंग और विश्वसनीय खबरें भी अत्यंत सरल और समझने योग्य भाषा में प्रस्तुत करते हैं ताकि आप हमेशा अपडेट रहें।

सिर्फ खबर नहीं, एक बदलाव का मंच

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  • सकारात्मक छवि: बिहार की गौरवशाली संस्कृति और सकारात्मक छवि को दुनिया के सामने बढ़ाता है।​
  • निष्पक्ष पत्रकारिता: सच, निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता को बढ़ावा देता है।
  • ​सेतु का कार्य: जनता और प्रशासन के बीच एक मजबूत पुल (Setu) बनने का काम करता है ताकि समस्याओं का समाधान हो सके।

आपका भरोसा, हमारी ताकत

हमारा मानना है कि एक जागरूक नागरिक ही समाज को बदल सकता है। आपका भरोसा और समर्थन ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है। हम भविष्य में भी इसी निष्ठा के साथ बिहार की सेवा करते रहेंगे।​

मधुबनी: पेड़ से लटका मिला 19 वर्षीय युवक का शव, क्षेत्र में फैली सनसनी

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मधुबनी / लौकही (बिहार): मधुबनी जिले के लौकही प्रखंड अंतर्गत अंधरामठ थाना क्षेत्र के महादेवमठ पंचायत स्थित महथोर वार्ड संख्या 05 से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ 19 वर्षीय युवक कुलदीप साह का शव पेड़ से लटका हुआ मिला, जिससे पूरे इलाके में दहशत और सनसनी फैल गई।

मृतक की पहचान

मृतक की पहचान भगवानी साह के 19 वर्षीय पुत्र कुलदीप साह के रूप में हुई है, जो महथोर वार्ड 05 का निवासी था।

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खुटौना में जदयू का सदस्यता अभियान: विधायक ने कार्यकर्ताओं के साथ भरी हुंकार, बड़ी संख्या में लोगों ने ली पार्टी की सदस्यता

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खुटौना (मधुबनी): मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली जनता दल (यूनाइटेड) की जड़ें मजबूत करने के लिए खुटौना प्रखंड में विशाल सदस्यता अभियान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में स्थानीय विधायक ने शिरकत की और बड़ी संख्या में स्थानीय युवाओं व ग्रामीणों को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता दिलाई।

कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह

कार्यक्रम के दौरान प्रखंड के विभिन्न पंचायतों से आए लोगों ने जदयू की नीतियों और बिहार में हो रहे विकास कार्यों में अपनी आस्था जताई। विधायक ने नए सदस्यों का स्वागत करते हुए कहा कि जदयू सिर्फ एक पार्टी नहीं, बल्कि समावेशी विकास का एक विचार है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे सरकार की लोक-कल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुँचाएँ।

दिग्गज नेताओं की रही मौजूदगी

इस अवसर पर पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी मौजूद रहे, जिन्होंने संगठन की मजबूती पर जोर दिया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से निम्नलिखित गणमान्य उपस्थित थे:

  • सत्येंद्र सिंह: प्रदेश उपाध्यक्ष, किसान सह सहकारिता प्रकोष्ठ (जदयू)​
  • चंद्रभूषण साह: जिला परिषद सदस्य
  • ​देवदत्त साह: प्रखंड अध्यक्ष​
  • पार्टी कार्यकर्ता: बड़ी संख्या में स्थानीय कार्यकर्ता और ग्रामीण जनता।

विकास के मुद्दे पर एकजुटता

बैठक को संबोधित करते हुए सत्येंद्र सिंह ने कहा कि किसान और सहकारिता के क्षेत्र में बिहार ने नए आयाम स्थापित किए हैं। वहीं, जिला परिषद सदस्य चंद्रभूषण साह और प्रखंड अध्यक्ष देवदत्त साह ने स्थानीय स्तर पर संगठन को बूथ स्तर तक सक्रिय करने की रणनीति साझा की।​कार्यक्रम के अंत में विधायक ने नए सदस्यों को सदस्यता रसीद सौंपी और उन्हें पार्टी के सिद्धांतों पर चलने का संकल्प दिलाया।

संस्कार भारती ग्लोबल स्कूल में ‘संस्कारियंस चिल्ड्रेन्स डे’ और ग्रेजुएशन फीस्ट की धूम; महा-रक्तदान शिविर का भी हुआ आयोजन

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स्थानीय डेस्क: स्थानीय संस्कार भारती ग्लोबल स्कूल ने एक बार फिर अपनी गौरवशाली और स्वस्थ परंपरा को जीवंत करते हुए एक भव्य समारोह का आयोजन किया। विद्यालय के संस्थापक निदेशक डॉ. विजय रंजन के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में ‘संस्कारियंस चिल्ड्रेन्स डे’ को बेहद हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।

125 पाउंड का केक और भव्य महाभोज

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण 125 पाउंड का विशाल केक रहा, जिसे काटकर डॉ. विजय रंजन के जन्मदिवस और चिल्ड्रेन्स डे की खुशियां मनाई गईं। इस अवसर पर दसवीं और बारहवीं कक्षा के छात्र-छात्राओं के सम्मान में ‘ग्रेजुएशन फीस्ट-सह-महाभोज’ का आयोजन भी किया गया।

​इस महाभोज में न केवल विद्यालय के छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और कर्मचारियों ने हिस्सा लिया, बल्कि शिक्षा जगत, समाज सेवा और मीडिया जगत के सैकड़ों गणमान्य लोगों ने भी शिरकत की।

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सेवा का संकल्प: महा-रक्तदान शिविर

उत्सव के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हुए संस्कार नव निर्माण सेवा संस्थान के तत्वावधान में एक महा-रक्तदान शिविर आयोजित किया गया।

  • प्रतिभागी: विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं के साथ-साथ कई समाजसेवियों और डॉ. रंजन के मित्रमंडली ने सेवाभाव से रक्तदान किया।​
  • प्रमुख उपस्थिति: संस्था अध्यक्ष उपेन्द्र यादव, पोल स्टार मधुबनी के निदेशक श्री कैलाश भारद्वाज और प्रो. डॉ. विजया सिंह जैसे प्रतिष्ठित व्यक्तित्व इस अवसर पर मौजूद रहे।
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निदेशक का संदेश: शिक्षा और स्वास्थ्य पर जोर

विद्यालय के निदेशक डॉ. विजय रंजन ने अपने संबोधन में संस्थान के विजन को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा:

हमारा संस्थान समाज के अंतिम और वंचित व्यक्ति के शैक्षिक व सामाजिक उत्थान के लिए कृत संकल्पित है। हम इस दिशा में निरंतर प्रयास जारी रखेंगे।

रक्तदान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने आगे कहा कि एक स्वस्थ व्यक्ति को साल में कम से कम एक बार रक्तदान जरूर करना चाहिए। यह न केवल दूसरों का जीवन बचाता है, बल्कि स्वयं रक्तदाता के स्वास्थ्य के लिए भी अत्यंत लाभकारी है।

कार्यक्रम की मुख्य विशेषताएं (Highlights)

गतिविधिविवरण
अवसर डॉ. विजय रंजन का जन्मदिन व चिल्ड्रेन्स डे
मुख्य आकर्षण125 पाउंड का केक
विशेष आयोजनकक्षा 10वीं व 12वीं के लिए ग्रेजुएशन फीस्ट
सामाजिक कार्यस्वैच्छिक रक्तदान शिविर
सहयोगसंस्कार नव निर्माण सेवा संस्थान

निष्कर्ष: संस्कार भारती ग्लोबल स्कूल का यह आयोजन शिक्षा, संस्कार और सामाजिक सेवा का एक अनूठा संगम रहा। विद्यालय की यह पहल समाज के प्रति उनकी संवेदनशीलता और छात्रों के उज्ज्वल भविष्य के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

निर्भया कांड की 13वीं बरसी: 6 दरिंदे, एक चलती बस और वो चीखें जो आज भी दिल्ली की सड़कों पर गूँजती हैं!

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नई दिल्ली: 16 दिसंबर 2012—भारतीय इतिहास का वो काला दिन जिसे कोई भी देशवासी कभी नहीं भूल सकता। आज इस वीभत्स घटना को पूरे 13 साल बीत चुके हैं। दिल्ली की सड़कों पर एक चलती बस में जो दरिंदगी हुई थी, उसने न केवल एक बेटी की जान ली, बल्कि पूरे देश के सिस्टम और कानून को कटघरे में खड़ा कर दिया था। आज 13वीं बरसी पर देश एक बार फिर अपनी उस बेटी को याद कर रहा है और सवाल पूछ रहा है कि क्या वाकई महिलाएं अब सुरक्षित हैं?

वो खौफनाक रात: क्या हुआ था 16 दिसंबर को..?

13 साल पहले आज ही के दिन, एक पैरामेडिकल छात्रा अपने दोस्त के साथ फिल्म देखकर घर लौट रही थी। मुनिरका से बस लेने के बाद, बस में सवार 6 दरिंदों ने उसके साथ जो हैवानियत की, उसने इंसानियत को शर्मसार कर दिया। गंभीर हालत में उसे इलाज के लिए सिंगापुर ले जाया गया, जहां 29 दिसंबर को उसने दम तोड़ दिया।

लंबी कानूनी लड़ाई और इंसाफ

निर्भया के माता-पिता ने अपनी बेटी को न्याय दिलाने के लिए लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी। इस मामले में:

  • कुल आरोपी: 6 (राम सिंह, मुकेश सिंह, विनय शर्मा, अक्षय ठाकुर, पवन गुप्ता और एक नाबालिग)।
  • सजा: मुख्य आरोपी राम सिंह ने जेल में आत्महत्या कर ली थी। नाबालिग को 3 साल सुधार गृह में रखने के बाद रिहा कर दिया गया।
  • फांसी: 20 मार्च 2020 को तिहाड़ जेल में चारों दोषियों (मुकेश, विनय, अक्षय और पवन) को फांसी दी गई।

कानून में क्या हुए बदलाव..?

निर्भया कांड के बाद देशभर में हुए विरोध प्रदर्शनों के कारण सरकार को ‘जस्टिस वर्मा कमेटी’ बनानी पड़ी। इसके बाद ‘क्रिमिनल लॉ (अमेंडमेंट) एक्ट 2013’ पास हुआ, जिसमें:

  • बलात्कार के लिए कड़ी सजा और कुछ मामलों में मृत्युदंड का प्रावधान किया गया।
  • ​’निर्भया फंड‘ की स्थापना की गई ताकि महिला सुरक्षा के प्रोजेक्ट्स को फंड मिल सके।
  • फास्ट ट्रैक कोर्ट्स का गठन हुआ।

आज की जमीनी हकीकत

13 साल बीत जाने के बाद भी क्या हालात बदले हैं? हाल ही में कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज की घटना हो या देश के अन्य हिस्सों से आने वाली खबरें, ये साबित करती हैं कि कानून सख्त होने के बावजूद अपराधी बेखौफ हैं। ‘निर्भया फंड’ के सही इस्तेमाल और पुलिस व्यवस्था में सुधार को लेकर आज भी विशेषज्ञ सवाल उठाते हैं।

निर्भया की 13वीं बरसी हमें याद दिलाती है कि न्याय केवल फांसी की सजा तक सीमित नहीं होना चाहिए। असली न्याय तब होगा जब देश की हर सड़क, हर दफ्तर और हर घर महिलाओं के लिए पूरी तरह सुरक्षित होगा। निर्भया आज एक नाम नहीं, बल्कि महिला सुरक्षा के लिए चल रही एक कभी न खत्म होने वाली जंग का प्रतीक बन चुकी है।

Note: This script is curated based on the reporting trends of Patrika and general news standards for digital platforms.

मधुबनी: PMGSY की ‘हाई-टेक’ सड़क पर PHED का ‘हथौड़ा’, करोड़ों की सरकारी संपत्ति की बर्बादी पर कब जागेगा प्रशासन?

बिहार के मधुबनी जिले में विकास के नाम पर एक विभाग दूसरे विभाग की मेहनत और जनता की गाढ़ी कमाई पर पानी फेर रहा है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY-III) के तहत अत्याधुनिक ‘FDR Technology‘ से बनाई जा रही करोड़ों की सड़क को PHED विभाग द्वारा बिना किसी अनुमति (NOC) के बुरी तरह क्षतिग्रस्त किया जा रहा है। NKSP Infra Pvt. Ltd. और ग्रामीण कार्य विभाग (RWD) की बार-बार चेतावनी के बावजूद PHED झांझरपुर प्रमंडल की मनमानी रुकने का नाम नहीं ले रही है।

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​क्या है पूरा मामला..?

मधुबनी के खुटौना प्रखंड के अंतर्गत T28- बेलहा से ललमनियां वाया खुटौना प्रखंड मुख्यालय तक सड़क का निर्माण कार्य चल रहा है। इस सड़क का निर्माण FDR (Full Depth Reclamation) तकनीक से किया जा रहा है, जो बिहार की सबसे आधुनिक सड़क निर्माण तकनीकों में से एक है।

लेकिन, PHED विभाग द्वारा ‘सात निश्चय योजना’ के तहत पाइप लाइन बिछाने के लिए चैनेज 4600 से 4772 के बीच (गढ़िया गाँव के पास) सड़क को गैर-तकनीकी तरीके से काटा जा रहा है। हैरान करने वाली बात यह है कि इसके लिए PHED ने ग्रामीण कार्य विभाग से कोई अनापत्ति प्रमाण-पत्र (NOC) तक नहीं लिया।

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FDR तकनीक: एक बार टूटी तो मरम्मत नामुमकिन!

विशेषज्ञों और निर्माण कंपनी (NKSP Infra) के अनुसार, FDR तकनीक से बनी सड़क में जॉब मिक्स फॉर्मूला का उपयोग होता है। यदि एक बार यह सड़क बेस से क्षतिग्रस्त हो जाती है, तो इसे सामान्य तरीके से पैच वर्क कर के ठीक नहीं किया जा सकता। इसके पुनर्स्थापन (Restoration) के लिए उन्हीं करोड़ों की मशीनों की जरूरत पड़ती है, जो फिलहाल बिहार में उपलब्ध नहीं हैं। यानी PHED की एक छोटी सी लापरवाही सरकार को करोड़ों का चूना लगा रही है।

चेतावनी को किया गया अनसुना:

दस्तावेजों से पता चलता है कि:

  • 22 नवंबर 2025 को कार्यपालक अभियंता (RWD, फुलपरास) ने PHED को पत्र लिखकर काम रोकने को कहा था।
  • 18 दिसंबर 2025 को दोबारा चेतावनी दी गई कि बगैर NOC के काम करना विभागीय कार्रवाई का आधार बन सकता है।
  • 02 जनवरी 2026 को अभियंता प्रमुख-सह-अपर आयुक्त (बिहार सरकार) ने भी इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए काम को तत्काल स्थगित करने का निर्देश दिया है।

लापरवाही या भ्रष्टाचार?

पूर्व में Bhoomi News Live की रिपोर्ट में भी PHED झांझरपुर प्रमंडल द्वारा राजस्व की क्षति और बिजली चोरी जैसे गंभीर आरोप लग चुके हैं। अब नई सड़क को क्षतिग्रस्त करना यह दर्शाता है कि विभागों के बीच आपसी समन्वय (Coordination) की भारी कमी है, जिसका खामियाजा जनता भुगत रही है।

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मुख्य सवाल:

  • बिना NOC के PHED ने खुदाई कैसे शुरू की?​
  • क्या PHED के पास सड़क मरम्मत के लिए आधुनिक FDR मशीनें हैं? अगर नहीं, तो सड़क कौन ठीक करेगा?​
  • क्या दोषी अधिकारियों पर सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में कार्रवाई होगी?

निष्कर्ष: एक तरफ बिहार सरकार चमचमाती सड़कों का जाल बिछा रही है, वहीं दूसरी तरफ अधिकारियों की आपसी खींचतान और तानाशाही रवैया विकास को गड्ढे में धकेल रहा है। अगर समय रहते प्रशासन नहीं जागा, तो खुटौना की यह ‘मॉडल रोड’ बनने से पहले ही खंडहर में तब्दील हो जाएगी।

अफसरों की नाक के नीचे ‘गायब’ हो गई 21 एकड़ जमीन, सच्चाई जानकर आप भी हैरान रह जाएंगे

मुजफ्फरपुर (बिहार): बिहार में सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे और भू-माफियाओं की सक्रियता का एक बड़ा मामला सामने आया है। मुजफ्फरपुर जिले के मीनापुर अंचल में प्रशासन की नाक के नीचे 21 एकड़ सरकारी जमीन को कागजों में हेरफेर कर निजी (रैयती) घोषित कर दिया गया। ताज्जुब की बात यह है कि इस पूरी प्रक्रिया के दौरान राजस्व विभाग के अधिकारी ‘सोते’ रहे।

21 acres government land scam in Muzaffarpur Meenapur block Bhomi News Live

क्या है पूरा मामला?

मामला मीनापुर अंचल के मदारीपुर कर्ण मौजे का है। यहाँ करीब 21 एकड़ सरकारी जमीन, जो कभी खतियान में दर्ज थी, उसे धीरे-धीरे 150 से अधिक लोगों के नाम पर दर्ज (जमाबंदी) कर दिया गया। शुरुआत एक-दो नामों से हुई और देखते ही देखते करोड़ों की सरकारी जमीन पर निजी मालिकाना हक जता दिया गया। यहाँ तक कि इस जमीन पर कई मकान भी बन चुके हैं।

एक युवक की सजगता ने खोली पोल

इस बड़े भूमि घोटाले का खुलासा गांव के ही एक युवक अमरेंद्र कुमार ने किया। अमरेंद्र ने खुद अनजाने में इसी जमीन का एक हिस्सा (29 डिसमिल) खरीदा था। जब उन्हें पता चला कि यह जमीन सरकारी है, तो उन्होंने पीछे हटने के बजाय व्यवस्था को सुधारने की ठानी।

उन्होंने लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम (Public Grievance Redressal Act) का सहारा लिया और लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी।

DM का सख्त एक्शन

मामले की गंभीरता को देखते हुए मुजफ्फरपुर के जिलाधिकारी (DM) प्रणव कुमार ने सख्त रुख अपनाया है।

  • BLDR एक्ट के तहत कार्रवाई: DM ने करोड़ों की इस जमीन को वापस सरकारी खाते में लाने के लिए डीसीएलआर (DCLR) पूर्वी को बिहार भूमि विवाद निराकरण अधिनियम (BLDR Act) के तहत कार्रवाई का आदेश दिया है।
  • रिपोर्ट में खुलासा: अपर समाहर्ता की जांच में पाया गया कि कैडस्ट्रल सर्वे में यह जमीन सरकारी थी, लेकिन रिविजनल सर्वे के बाद भू-माफियाओं और भ्रष्ट कर्मचारियों की मिलीभगत से इसे निजी व्यक्तियों के नाम कर दिया गया।

मुख्य बिंदु:

  • स्थान: मदारीपुर कर्ण, मीनापुर अंचल, मुजफ्फरपुर।
  • कुल जमीन: 21 एकड़।
  • प्रभावित पक्ष: 150 से अधिक अवैध जमाबंदी।
  • कानूनी जरिया: लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के तहत द्वितीय अपील।

निष्कर्ष: यह मामला दर्शाता है कि यदि आम नागरिक जागरूक हो और सूचना के अधिकार या लोक शिकायत जैसे कानूनों का सही इस्तेमाल करे, तो बड़े से बड़े भ्रष्टाचार को उजागर किया जा सकता है। अब देखना यह है कि प्रशासन कितनी जल्दी इस जमीन को वापस सरकारी कब्जे में लेता है और दोषी अधिकारियों पर क्या कार्रवाई होती है।

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पटना पुलिस का बड़ा एक्शन: पूर्व DGP के दामाद से रंगदारी मांगने वाला कुख्यात मैनेजर राय एनकाउंटर में घायल

पटना: बिहार की राजधानी पटना में बेखौफ अपराधियों के खिलाफ पुलिस ने अपना शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। शुक्रवार को पटना के खगौल इलाके में पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में कुख्यात अपराधी मैनेजर राय गोली लगने से घायल हो गया। मैनेजर राय वही अपराधी है जिसने हाल ही में बिहार के पूर्व डीजीपी (DGP) गुप्तेश्वर पांडेय के दामाद से रंगदारी की मांग की थी।

पटना के खगौल में पुलिस और अपराधी मैनेजर राय के बीच मुठभेड़ का दृश्य - Bhoomi News Live

मुठभेड़ की पूरी जानकारी

यह घटना खगौल थाना क्षेत्र के खगौल लख के पास की है। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि मैनेजर राय किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में इलाके में मौजूद है। जब पुलिस ने उसे घेरने की कोशिश की, तो उसने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोलियां चलाईं।

  • कुल फायरिंग: पुलिस और अपराधी के बीच लगभग 6 राउंड गोलियां चलीं।
  • घायल: पुलिस की एक गोली मैनेजर राय के पैर में लगी, जिससे वह मौके पर ही गिर पड़ा।
  • बरामदगी: पुलिस ने घटनास्थल से एक देसी कट्टा और दो जिंदा कारतूस बरामद किए हैं।

एम्स में कराया गया भर्ती

एनकाउंटर के तुरंत बाद पुलिस ने घायल अपराधी को इलाज के लिए पटना एम्स (AIIMS) में भर्ती कराया है, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज चल रहा है। पुलिस ने अस्पताल के चारों ओर सुरक्षा कड़ी कर दी है।

मैनेजर राय का क्राइम रिकॉर्ड

मैनेजर राय इलाके का जाना-माना कुख्यात अपराधी है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार:

  1. उस पर हत्या, लूट, और रंगदारी के करीब 20 से ज्यादा मामले दर्ज हैं।
  2. वह काफी समय से पुलिस की हिट लिस्ट में था।
  3. पूर्व डीजीपी के दामाद को धमकी देने के बाद से पुलिस उसकी सरगर्मी से तलाश कर रही थी।

निष्कर्ष:

पटना पुलिस की इस कार्रवाई से अपराधियों में हड़कंप मच गया है। स्थानीय लोगों ने पुलिस के इस त्वरित एक्शन की सराहना की है। पुलिस अब मैनेजर राय के अन्य साथियों और उसके नेटवर्क को खंगालने में जुटी है ताकि गिरोह का पूरी तरह सफाया किया जा सके।