मधेपुर: ज्ञान ज्योति आवासीय विद्यालय के छात्र की संदिग्ध मौत, स्कूल संचालक ऋषि कर्ण गिरफ्तार

मधेपुर पुलिस द्वारा छात्र की संदिग्ध मौत मामले में जारी प्रेस विज्ञप्ति और गिरफ्तार आरोपी का विवरण

मधेपुर (मधुबनी)। झंझारपुर-मधुबनी पुलिस ने मधेपुर थाना क्षेत्र के एक निजी आवासीय विद्यालय में हुई छात्र की संदिग्ध मौत के मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए स्कूल संचालक को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने यह कार्रवाई सीसीटीवी फुटेज और मृतक के परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों के आधार पर की है।

क्या है पूरा मामला?

​बीते 4 अप्रैल 2026 को सुबह करीब 10:00 बजे पुलिस को सूचना मिली कि ‘ज्ञान ज्योति आवासीय विद्यालय’ में एक 12 वर्षीय छात्र, विकेश कुमार, की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। स्कूल प्रशासन छात्र को अस्पताल ले गया था, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की गंभीरता को देखते हुए मधेपुर थाना पुलिस और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी झंझारपुर ने तुरंत मौके पर पहुँचकर जांच शुरू की।

परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप

​मृतक छात्र की माँ, सुनीता देवी (निवासी: सुंदरी, थाना: भेजा, मधुबनी), ने थाने में आवेदन देकर स्कूल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत के अनुसार, उनके 12 वर्षीय बेटे विकेश कुमार को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। उन्होंने आरोप लगाया कि एक सोची-समझी साजिश के तहत उनके बेटे की हत्या की गई है।

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पुलिस जांच और गिरफ्तारी

​पुलिस द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार:

​मामले में संलिप्त मुख्य आरोपी और स्कूल संचालक ऋषि कुमार कर्ण (पिता: बिनोद कुमार कर्ण) को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

​घटनास्थल पर FSL की टीम को बुलाया गया और साक्ष्य जुटाए गए।

​स्कूल परिसर में लगे CCTV कैमरों की सघन जांच की गई।

​सीसीटीवी फुटेज में मिले साक्ष्यों और परिजनों के बयान के आधार पर पुलिस ने कांड संख्या 85/26 दर्ज की है।

धाराओं के तहत कार्रवाई

​पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1), 61(2) और 3(5) के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस अन्य अज्ञात स्कूल कर्मियों की भूमिका की भी जांच कर रही है ताकि इस दुखद घटना के पीछे की पूरी सच्चाई सामने आ सके।

कजरा (लखीसराय) में सौर ऊर्जा क्रांति: ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने किया 301 MW सौर परियोजना का निरीक्षण

Kajra Solar Project Inspection by Bijendra Prasad Yadav

बिहार को हरित ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में आज एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। प्रदेश के ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने लखीसराय जिले के कजरा में निर्माणाधीन 301 MW सौर ऊर्जा एवं 523 MWh बैटरी स्टोरेज परियोजना का विस्तृत निरीक्षण किया। यह परियोजना राज्य की सबसे महत्वाकांक्षी रिन्यूएबल एनर्जी पहलों में से एक है।

प्रगति की समीक्षा और कड़े निर्देश

​निरीक्षण के दौरान माननीय मंत्री ने निर्माण कार्य में लगी एजेंसी L&T (Larsen & Toubro) और BSPGCL (बिहार स्टेट पावर जनरेशन कंपनी लिमिटेड) के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की। बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु परियोजना की वर्तमान प्रगति और निर्माण की गुणवत्ता रही।

मंत्री जी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि:

  • ​परियोजना के फेज-2 के कार्यों में तेजी लाई जाए।
  • ​समय-सीमा (Timeline) का सख्ती से पालन करते हुए इसे शीघ्र पूरा किया जाए।
  • ​गुणवत्ता मानकों के साथ कोई समझौता न हो, ताकि भविष्य में ग्रिड स्थिरता सुनिश्चित रहे।
Bijendra Prasad Yadav Solar Power Plant Lakhisarai Battery Storage Project India BSPGCL News

वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति

इस महत्वपूर्ण दौरे के दौरान ऊर्जा विभाग के शीर्ष नेतृत्व की उपस्थिति रही। मंत्री जी के साथ BSPGCL एवं SBPDCL के प्रबंध निदेशक महेंद्र कुमार (IAS) मौजूद थे। उन्होंने मंत्री जी को बैटरी स्टोरेज सिस्टम की तकनीकी बारीकियों और बिजली वितरण नेटवर्क से इसके जुड़ाव के बारे में विस्तृत जानकारी दी। इसके अलावा विभाग के अन्य वरीय अधिकारियों ने भी तकनीकी फीडबैक साझा किया।

परियोजना की मुख्य विशेषताएं

विशेषताविवरण
कुल क्षमता301 मेगावाट (MW)
बैटरी स्टोरेज523 मेगावाट-घंटा (MWh)
स्थानकजरा, लखीसराय (बिहार)
प्रमुख एजेंसीL&T एवं BSPGCL

बिहार अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए अब सौर ऊर्जा जैसे स्थायी स्रोतों पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। कजरा परियोजना न केवल बिजली उत्पादन करेगी, बल्कि इसकी विशाल बैटरी स्टोरेज क्षमता पीक ऑवर्स के दौरान ग्रिड को मजबूती प्रदान करेगी।— बिजेंद्र प्रसाद यादव, ऊर्जा मंत्री, बिहार

यह परियोजना पूर्ण होने पर बिहार की ‘क्लीन एनर्जी’ प्रोफाइल में मील का पत्थर साबित होगी। 523 MWh का बैटरी स्टोरेज भारत के सबसे बड़े स्टोरेज केंद्रों में से एक होगा, जो रात के समय भी सौर ऊर्जा की उपलब्धता सुनिश्चित करने में मदद करेगा।

सांसद रामप्रीत मंडल की मेहनत लाई रंग: लौकहा-आनंद विहार ट्रेन अब चलेगी प्रतिदिन, झंझारपुर को मिला बड़ा तोहफा

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लौकहा (मधुबनी): झंझारपुर के सांसद रामप्रीत मंडल के निरंतर प्रयासों और क्षेत्र की जनता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का बड़ा परिणाम आज देखने को मिला है। संसदीय क्षेत्र झंझारपुर अंतर्गत लौकहा बाज़ार (LKQ) से आनंद विहार टर्मिनल (ANVT) के बीच चलने वाली स्पेशल ट्रेन (04013/04014) को अब नियमित (प्रतिदिन) कर दिया गया है।

​लौकहा रेलवे स्टेशन पर आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में इस नियमित सेवा का शुभारंभ हुआ। इस दौरान स्थानीय निवासियों ने सांसद की मेहनत की सराहना करते हुए इसे क्षेत्र के विकास में एक मील का पत्थर बताया।

​🚉 प्रतीक्षा हुई पूरी, अब दिल्ली की राह आसान

​सांसद रामप्रीत मंडल ने लंबे समय से रेल मंत्रालय के समक्ष लौकहा से दिल्ली के लिए सीधी और नियमित ट्रेन की मांग मजबूती से रखी थी। उनकी इस मेहनत का ही नतीजा है कि आज झंझारपुर की जनता की वर्षों पुरानी प्रतीक्षा समाप्त हुई है।

महत्वपूर्ण जानकारी: आज रात्रि 9:30 बजे रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर दिल्ली के लिए रवाना किया जाएगा।

​🙌 शीर्ष नेतृत्व के प्रति आभार

इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए सांसद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा का विशेष आभार प्रकट किया है।

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​कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य व्यक्ति

समारोह के दौरान स्थानीय नेताओं और समाजसेवियों में भारी उत्साह देखा गया। इस अवसर पर मुख्य रूप से उपस्थित रहे:

श्री अजय आजाद जी (जेडीयू नेता)

श्री संपत कलन्त्री जी (प्रसिद्ध समाजसेवी एवं संयोजक, चैंबर ऑफ कॉमर्स)

भूषण साह (स्थानीय जिला परिषद सदस्य)

संजीव साह ( मुखिया, कारमेघ उत्तरी पंचायत)

दिनेश गुप्ता (बीजेपी नेता)

कमला कांत भारती (जेडीयू नेता)

संजय शौर्य ( संवाददाता, दैनिक जागरण)

साथ ही एनडीए (NDA) के बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक।

लौकहा बाज़ार स्टेशन से इस ट्रेन के नियमित परिचालन से न केवल मधुबनी और झंझारपुर के लोगों को यात्रा में आसानी होगी, बल्कि भारत-नेपाल सीमा पर स्थित होने के कारण आर्थिक गतिविधियों और व्यापार को भी नया विस्तार मिलेगा।

घोघरडीहा: रात्रिकालीन टेनिस बॉल क्रिकेट टूर्नामेंट का भव्य आगाज, उद्घाटन मैच में शिवराम ने एकहत्था को दी मात

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घोघरडीहा (मधुबनी): स्थानीय प्रखंड मुख्यालय स्थित प्रसिद्ध दुर्गास्थान के मैदान में शनिवार की रात रात्रिकालीन टेनिस बॉल क्रिकेट टूर्नामेंट का शानदार शुभारंभ हुआ। प्रतियोगिता का उद्घाटन घोघरडीहा नगर पंचायत के पूर्व मुख्य पार्षद श्रवण कुमार ठाकुर ने फीता काटकर किया। दूधिया रोशनी में नहाए मैदान पर खिलाड़ियों और दर्शकों का उत्साह देखते ही बन रहा था।

उद्घाटन मैच का रोमांच: अंतिम ओवर में पलटी बाजी

​टूर्नामेंट का पहला मुकाबला शिवराम और एकहत्था की टीमों के बीच खेला गया।

  • टॉस: शिवराम के कप्तान प्रदीप कुमार ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का निर्णय लिया।
  • एकहत्था की बल्लेबाजी: कप्तान शहजाद के नेतृत्व में मैदान में उतरी एकहत्था की टीम ने निर्धारित 15 ओवरों में ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करते हुए 157 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया।
  • शिवराम की जवाबी पारी: लक्ष्य का पीछा करने उतरी शिवराम की टीम ने सधी हुई शुरुआत की। मैच बेहद रोमांचक मोड़ पर पहुंच गया था, लेकिन शिवराम ने 14.3 ओवर में (3 गेंद शेष रहते) 6 विकेट खोकर 158 रन बनाकर जीत दर्ज की और क्वार्टर फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली।

मैन ऑफ द मैच

​शानदार प्रदर्शन और कुशल कप्तानी के लिए शिवराम के कप्तान प्रदीप कुमार को ‘मैन ऑफ द मैच’ के पुरस्कार से नवाजा गया।

​खेल जीवन का अभिन्न हिस्सा: श्रवण कुमार ठाकुर

​समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि श्रवण कुमार ठाकुर ने कहा:

ग्रामीण क्षेत्रों में इस तरह के रात्रिकालीन मैच का आयोजन अपने आप में रोमांचक है। युवाओं के लिए पढ़ाई जितनी जरूरी है, खेल भी उतना ही आवश्यक है। खेल न केवल शारीरिक स्वास्थ्य सुधारता है, बल्कि अनुशासन भी सिखाता है।

उन्होंने खिलाड़ियों से खेल भावना के साथ अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की अपील की।

Ghoghardiha Night Cricket Tournament Inauguration

टूर्नामेंट की मुख्य बातें

​आयोजन समिति के सदस्य सचिन सरस्वती, अभिषेक कुमार झा, राजा सरस्वती और करण कुमार झा ने बताया कि:

  • ​इस टूर्नामेंट में कुल 16 टीमें हिस्सा ले रही हैं।
  • ​सभी मैच नॉकआउट आधार पर खेले जाएंगे।
  • ​क्षेत्र के खेल प्रेमियों में इस आयोजन को लेकर भारी उत्साह है।

इस अवसर पर कन्हैया झा, बिट्टू कुमार, जदयू नेता राजीव रंजन बिहारी, अधिवक्ता मुकेश झा आलोक सहित कई गणमान्य व्यक्ति और बड़ी संख्या में खेल प्रेमी अंत तक मैच का आनंद लेने के लिए मैदान में डटे रहे।

विदाई की बेला में नम हुईं आंखें: बलनी मेहथ स्कूल के स्वर्ण युग की सूत्रधार प्रधानाध्यापिका अहल्या सेवानिवृत्त

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झंझारपुर (मधुबनी): शिक्षा के प्रति समर्पण और बेदाग छवि की मिसाल बनीं प्रधानाध्यापिका अहल्या के सम्मान में मध्य विद्यालय, बलनी मेहथ में आयोजित विदाई समारोह एक ऐतिहासिक पल बन गया। करीब 14 वर्षों के लंबे और गौरवशाली कार्यकाल के बाद जब अहल्या ने विद्यालय से अंतिम विदाई ली, तो उनकी आँखें भर आईं। यह दृश्य देख वहां मौजूद सैकड़ों छात्रों और ग्रामीणों का गला भी भर आया।

विकास की पर्याय बनीं अहल्या: संकुल से प्लस-टू तक का सफर

अहल्या का कार्यकाल बलनी मेहथ स्कूल के लिए ‘स्वर्ण युग’ माना जाएगा। उन्हीं के नेतृत्व में न केवल विद्यालय मध्य विद्यालय से उत्क्रमित प्लस टू हाई स्कूल बना, बल्कि उन्हीं के समय में इस विद्यालय को ‘संकुल’ (Cluster) का दर्जा प्राप्त हुआ। वे स्वयं संकुल संचालक के रूप में अन्य विद्यालयों का मार्गदर्शन करती रहीं। उनके अनुशासन और कार्यकुशलता का ही परिणाम था कि 2012 से 2026 तक के लंबे सफर में उन पर कभी कोई सवाल नहीं उठा।

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एक दशक से अधिक का बेदाग सफर

​श्रीमती अहल्या ने 14 फरवरी 2012 को इस विद्यालय में अपना योगदान दिया था। तब से लेकर 31 मार्च 2026 तक, उन्होंने अपना पूरा कार्यकाल इसी एक स्कूल को समर्पित कर दिया। उनके कुशल नेतृत्व में ही यह मध्य विद्यालय से ‘उत्क्रमित प्लस टू हाई स्कूल’ के रूप में विकसित हुआ। विशेष बात यह रही कि वे न केवल इस हाई स्कूल की पहली हेडमास्टर बनीं, बल्कि उन्होंने ही इसका उद्घाटन भी किया था। वर्ष 2015 से 2026 तक प्रधानाध्यापिका के पद पर रहते हुए उन पर प्रशासन या समाज की ओर से कोई दाग नहीं लगा, जो उनकी ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा का प्रमाण है।

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राकेश कुमार ने संभाली नई जिम्मेदारी

उनकी सेवानिवृत्ति के पश्चात, 1 अप्रैल 2026 से विद्यालय के प्रधानाध्यापक पद का प्रभार राकेश कुमार ने संभाल लिया है। समारोह के दौरान अहल्या ने उन्हें अपनी शुभकामनाएं दीं और विद्यालय के निरंतर विकास की कामना की।

दूर-दराज से पहुंचे पुराने साथी: गुरु-शिष्य परंपरा की दिखी मिसाल

इस समारोह की सबसे खास बात यह रही कि जो शिक्षक यहाँ से तबादला कराकर दूर जा चुके थे, वे भी अपनी पूर्व प्रधानाध्यापिका को सम्मान देने खिंचे चले आए।

​गया के सिद्धार्थ नारायण और भागलपुर की रंजीता कुमारी, जो यहाँ से ट्रांसफर लेकर जा चुकी हैं, विशेष रूप से समारोह में शामिल हुईं।

​उत्तर प्रदेश के शिक्षक प्रदीप कुमार, जो वर्तमान में यूपी बॉर्डर के पास कार्यरत हैं, उन्होंने भी लंबी दूरी तय कर इस विदाई समारोह में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। यह अहल्या देवी के प्रति उनके सहकर्मियों के प्रेम और सम्मान को दर्शाता है।

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जनप्रतिनिधियों और गणमान्य लोगों का लगा तांता

समारोह में शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ-साथ पंचायत के प्रतिनिधियों ने भी शिरकत की। कार्यक्रम में सरपंच के साथ-साथ अन्य प्रमुख लोग भी उपस्थित रहे।

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उपस्थित प्रमुख व्यक्ति एवं शिक्षक:

प्रवीण कुमार प्रभाकर (BPRO सह BEO, झंझारपुर), जितेन्द्र झा (मुखिया), रामाकान्त चतुर्वेदी (संचालक), शंभू नाथ झा (समन्वयक), प्रफुल्ल कुमार सिंह, अनिल कुमार झा, मनोज कुमार सिंह, घनश्याम ठाकुर, बच्चन पासवान, विद्यापति, रमेश कुमार ठाकुर, रास बिहारी कामत, रणधीर सिंह, उपेंद्र ना. शर्मा, अरुण कुमार भंडारी, किशोर पासवान, कौशिक आलम, जितेंद्र पाल, प्रफुल्ल सिंह, लेखपाल कौशल यादव, नीलू कुमारी, शालू कुमारी, महालक्ष्मी कुमारी, मुकेश कुमार, दिनेश झा, त्रिवेणी पंडित और विद्यानंद पासवान, सोहन चौपाल, जितेंद्र पाल, सीमा दास एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

समारोह में बलनी मेहथ संकुल के साथ-साथ कोठिया संकुल के शिक्षकों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि अहल्या मैडम का जाना विद्यालय के लिए एक युग के अंत जैसा है, जिन्होंने शिक्षा के स्तर को सुधारने में अपनी पूरी ऊर्जा लगा दी।

मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव: बिहार में जीएसटी और वैट संग्रह ने बनाया नया रिकॉर्ड, 43 हजार करोड़ के पार

Minister Bijendra Prasad Yadav announcing record Bihar GST revenue collection of 43,324 crores for FY 2025-26.

बिहार के वाणिज्य कर विभाग ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में राजस्व संग्रह के मामले में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। विभागीय मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने गुरुवार को पटना स्थित ‘कर भवन’ में पत्रकारों को संबोधित करते हुए इस ऐतिहासिक उपलब्धि की जानकारी साझा की।

​मुख्य आकर्षण: एक नजर में

​विभाग ने इस वित्तीय वर्ष में न केवल अपने पिछले रिकॉर्ड तोड़े हैं, बल्कि राष्ट्रीय औसत से बेहतर प्रदर्शन करते हुए देश के शीर्ष राज्यों में अपनी जगह बनाई है।

  • कुल राजस्व संग्रह: ₹43,324.79 करोड़
  • पिछले वर्ष के मुकाबले वृद्धि: 4.09%
  • जीएसटी संग्रह में वृद्धि: 9.20% (राष्ट्रीय औसत 6% से अधिक)
  • जीएसटी वृद्धि में स्थान: देश में चौथा

राजस्व संग्रह का विस्तृत विवरण

सचिव संजय कुमार सिंह ने आंकड़ों का विश्लेषण करते हुए बताया कि कुल संग्रह में सबसे बड़ी हिस्सेदारी वस्तु एवं सेवा कर (GST) की रही है।

जीएसटी (GST) संग्रह की स्थिति

​विभाग ने अकेले जीएसटी मद में ₹32,801 करोड़ जुटाए, जो पिछले साल की तुलना में 11.7% अधिक था। हालांकि, केंद्र सरकार द्वारा आईजीएसटी (IGST) बैलेंस समायोजन के कारण ₹724 करोड़ की कटौती की गई, जिसके बाद शुद्ध जीएसटी संग्रह ₹32,077.22 करोड़ रहा।

मदविवरण
कुल संग्रह (2025-26)₹43,324.79 करोड़
कुल संग्रह (2024-25)₹41,623.96 करोड़
नकद संग्रह वृद्धि (SGST, CGST, IGST)10.60%

राष्ट्रीय स्तर पर बिहार का प्रदर्शन

​मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने गर्व के साथ बताया कि उपभोक्ता वस्तुओं पर जीएसटी स्लैब में कटौती के बावजूद बिहार ने शानदार प्रदर्शन किया है:

राष्ट्रीय औसत को पछाड़ा: जहां देश की औसत जीएसटी वृद्धि 6% रही, वहीं बिहार ने इसे काफी पीछे छोड़ दिया है।

जीएसटी वृद्धि दर: बिहार 9.20% की वृद्धि के साथ देश में चौथे स्थान पर है।

नकद संग्रह: सभी नकद संग्रहों (SGST, CGST, IGST और उपकर) के मामले में बिहार, कर्नाटक के बाद देश में दूसरे स्थान पर रहा है।

यह विभाग की कार्यकुशलता और राज्य में बेहतर आर्थिक गतिविधियों का परिणाम है। अभी ये आंकड़े अनंतिम (Provisional) हैं, क्योंकि ‘पेशा कर’ (Professional Tax) के आंकड़े जुड़ने के बाद संग्रह में और बढ़ोतरी होने की संभावना है।— बिजेंद्र प्रसाद यादव, मंत्री, वाणिज्य कर विभाग

बिहार सरकार के लिए यह आंकड़े उत्साहजनक हैं। विभाग का मानना है कि पारदर्शी कर प्रणाली और बेहतर निगरानी के कारण राजस्व में यह उछाल देखने को मिला है। आने वाले दिनों में पेशा कर के अंतिम आंकड़े आने के बाद यह रिकॉर्ड और भी बेहतर हो सकता है।

न्याय का चीरहरण: थाने में अनसुनी हुई चीखें, वायरल ऑडियो ने खोली सिस्टम की पोल

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मधुबनी (बिहार): जब रक्षक ही भक्षक बन जाए और सत्ता की हनक मानवीय संवेदनाओं पर हावी हो जाए, तो लोकतंत्र का चौथा स्तंभ ही अंतिम उम्मीद बचता है। बिहार के मधुबनी जिले के ललमनियां थाना क्षेत्र से आई खबर सभ्य समाज को शर्मसार करने वाली है। यहाँ एक 43 वर्षीय दलित महिला, ललिता देवी को न केवल खंभे से बांधकर पीटा गया, बल्कि सार्वजनिक रूप से उनके कपड़े फाड़कर उनका मान-मर्दन किया गया।

​घटना का क्रम: भूमि विवाद और ‘दबंगई’ का नंगा नाच

​15 मार्च 2026 की दोपहर, जब ललिता देवी अपने ससुर की खतियानी जमीन पर फूस का घर बनवा रही थीं, तब गांव के ही दबंगों (अविनाश पंडित व अन्य) ने उन पर हमला बोल दिया। पीड़िता का आरोप है कि:

  • ​उन्हें जातिसूचक गालियां दी गईं।
  • ​खंभे से बांधकर बेरहमी से पिटाई की गई।
  • ​भीड़ के सामने उनकी साड़ी और ब्लाउज फाड़ दिए गए, जो किसी भी स्त्री की गरिमा पर सबसे गहरा प्रहार है।

​सबसे दुर्भाग्यपूर्ण पहलू यह है कि ग्राम कचहरी पहले ही इस भूमि पर पीड़िता के पक्ष में फैसला सुना चुकी है। इसके बावजूद, न्यायिक आदेशों को ठेंगा दिखाते हुए इस बर्बरता को अंजाम दिया गया।

​पुलिस की भूमिका: फरियादी ही बना अपराधी?

​इस मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठे। पीड़िता के अनुसार:

  1. प्राथमिकी दर्ज करने में आनाकानी: थाने पहुंचने पर न्याय देने के बजाय उन्हें टालमटोल का सामना करना पड़ा।
  2. पक्षपात का आरोप: पुलिस ने कथित तौर पर आरोपियों को हिरासत से छोड़ दिया, जबकि पीड़िता पक्ष को ही थाने में रोके रखा।
  3. वायरल ऑडियो: थानाध्यक्ष और पीड़िता के बीच की कथित बातचीत का ऑडियो पुलिसिया संवेदनहीनता की पुष्टि करता है, जिसमें न्याय की गुहार लगाती महिला को प्रशासनिक दुत्कार मिल रही है।

​प्रेस का दृष्टिकोण: क्या यह सिर्फ जमीन का विवाद है?

​यह मामला महज दो गुटों के बीच जमीन की लड़ाई नहीं है। यह जातिगत वर्चस्व और पितृसत्तात्मक दमन का मिश्रण है। दलित समुदाय की महिलाओं को सॉफ्ट टारगेट बनाना और उन्हें सार्वजनिक रूप से अपमानित करना, सामाजिक पदानुक्रम को बनाए रखने का एक पुराना और क्रूर हथियार रहा है।

​”जब पुलिस प्रशासन ‘शक्ति’ के आगे नतमस्तक हो जाता है, तो कानून की धाराएं सिर्फ कागजों का हिस्सा बनकर रह जाती हैं।”

​मुख्य सवाल जो जवाब मांगते हैं:

​वायरल ऑडियो में दिख रही संवेदनहीनता पर क्या उच्चाधिकारियों ने संज्ञान लिया है?

​क्या बिहार में SC/ST एक्ट और महिलाओं की सुरक्षा के दावे केवल कागजी हैं?

​ग्राम कचहरी के फैसले के बावजूद पुलिस ने पीड़िता को सुरक्षा क्यों नहीं मुहैया कराई?

मधुबनी: BDO की निजी दुश्मनी ने लोकतंत्र को किया शर्मसार! पैक्स चुनाव में रची गई हार की साजिश? मलखान सिंह का बड़ा धमाका

Malkhan Singh exposing PACS election rigging in Laukhahi

लौकही, मधुबनी: मधुबनी जिले के लौकही प्रखंड में पैक्स चुनाव अब सिर्फ एक चुनावी प्रक्रिया नहीं, बल्कि ‘बदले की राजनीति‘ का अखाड़ा बन गया है। जिला पार्षद सदस्य मलखान सिंह ने प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) पर बेहद गंभीर और चौंकाने वाले आरोप लगाए हैं। मलखान सिंह का दावा है कि उनके पिता को हराने के लिए प्रशासन ने न केवल नियमों की धज्जियां उड़ाईं, बल्कि रंजिश निकालने के लिए पूरे तंत्र का दुरुपयोग किया।

1. एक वोटर, दो पंचायत: नियम-कानूनों की उड़ी धज्जियां

​मलखान सिंह ने दस्तावेजी सबूतों के साथ खुलासा किया है कि तीन ऐसे लोग पाए गए हैं जिनका नाम दो अलग-अलग पंचायतों की मतदाता सूची में शामिल है। इतना ही नहीं, एक व्यक्ति का नाम तो सहकारी समितियों के नरेंद्रपुर में भी दर्ज है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि एक व्यक्ति ने दो-दो पंचायतों में जाकर अपना वोट गिराया, जो सीधे तौर पर चुनावी प्रक्रिया की शुचिता का उल्लंघन है।

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इन नामों ने खोली धांधली की पोल (सबूत के साथ)

हीरा देवी (पति: स्वर्गीय रामचंद्र यादव): इनका नाम भी अवैध तरीके से दो सूचियों में दर्ज पाया गया है।

विदेश्वर सहाय (पिता: लक्ष्मी सहाय): इनका नाम दो पंचायतों की मतदाता सूची में शामिल है।

अनीता देवी (पति: राधेश्याम यादव): इनका नाम भी दो जगह है और ये महिला सहकारी समिति, नरेंद्रपुर में सदस्य भी हैं।

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2. 18 साल से कम उम्र के बच्चों से डलवाए वोट!

अनियमितता की हद तो तब पार हो गई जब मतदाता सूची में नाबालिगों के नाम भी सामने आए। मलखान सिंह ने दो विशिष्ट नाम सार्वजनिक किए हैं:

गुंजा कुमारी (पिता: जितेंद्र कुमार सिंह): जन्मतिथि 02/05/2010 (उम्र 18 से कम)।

अनिकेत कुमार सिंह (पिता: जितेंद्र कुमार सिंह): जन्मतिथि 05/05/2013 (मात्र 12-13 साल की उम्र)।

क्यों निशाने पर आए मलखान सिंह? ‘आवास योजना’ का सच

जब पत्रकारों ने मलखान सिंह से पूछा कि आखिर BDO साहब ने उनके साथ ही ऐसा क्यों किया, तो उन्होंने जो जवाब दिया उसने प्रखंड कार्यालय में चल रहे भ्रष्टाचार की परतें खोल दीं। मलखान सिंह ने बताया:

पंचायत में प्रधानमंत्री आवास योजना के नाम पर भारी लूट मची थी। गरीब जनता से 5,000 से लेकर 15,000 रुपये तक की अवैध उगाही की जा रही थी। मैंने एक जनप्रतिनिधि होने के नाते इसका खुलकर विरोध किया और भ्रष्टाचार को रोका। इसी का बदला लेने के लिए BDO साहब ने मेरे पिता को चुनाव हराने की साजिश रची और लोकतंत्र को तार-तार कर दिया।

लोकतंत्र की हत्या या प्रशासनिक तानाशाही?

मलखान सिंह का आरोप है कि एक प्रत्याशी को जबरन हराने के लिए BDO ने अपने पद का दुरुपयोग किया और बल प्रयोग कर चुनाव को प्रभावित किया। यह मामला अब केवल एक पंचायत का नहीं रह गया है, बल्कि पूरे मधुबनी जिले में चर्चा का विषय बन गया है कि क्या एक ईमानदार विरोध की कीमत चुनाव में धांधली सहकर चुकानी पड़ेगी?

क्या होगा आगे?

इन ठोस सबूतों के पेश होने के बाद अब जनता और विपक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। क्या जिला प्रशासन इन अधिकारियों और फर्जी वोटरों पर कार्रवाई करेगा? या फिर लोकतंत्र के इस उत्सव में हुई धांधली को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा?

Disclaimer: उपरोक्त खबर जिला पार्षद सदस्य मलखान सिंह द्वारा मीडिया के सामने दिए गए बयानों और पेश किए गए दस्तावेजों पर आधारित है। ‘भूमि न्यूज लाइव’ इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है। हमारा उद्देश्य केवल जनप्रतिनिधियों के पक्ष को जनता तक पहुँचाना है। इस मामले में संबंधित अधिकारी (BDO) या प्रशासन का पक्ष आने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

मधुबनी पुलिस मुस्तैद: रामनवमी पर शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए एसपी के नेतृत्व में निकला फ्लैग मार्च

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मधुबनी | आगामी रामनवमी पर्व को देखते हुए मधुबनी जिला प्रशासन और पुलिस पूरी तरह से अलर्ट मोड पर है। जिले में शांति, सौहार्द और सुरक्षा का वातावरण बनाए रखने के लिए पुलिस अधीक्षक (SP), मधुबनी के नेतृत्व में जिले के विभिन्न संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले इलाकों में सघन फ्लैग मार्च निकाला गया।

सुरक्षा व्यवस्था का जायजा और पैदल गश्त

​इस फ्लैग मार्च के दौरान पुलिस अधीक्षक के साथ विभिन्न थानों के थानाध्यक्ष, पुलिस पदाधिकारी और भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहे। पुलिस की टीम ने सड़क पर उतरकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य त्योहार के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोकना और आम जनता के बीच सुरक्षा का भाव पैदा करना है।

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फ्लैग मार्च के मुख्य केंद्र:

  • राजनगर थाना क्षेत्र: यहाँ पुलिस बल ने सड़कों पर पैदल गश्त की।
  • नगर थाना क्षेत्र: शहरी इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को परखा गया।
  • कोतवाली चौक: प्रमुख चौराहों पर पुलिस की तैनाती सुनिश्चित की गई।
  • जिला कंट्रोल रूम: सीसीटीवी के जरिए पूरे शहर की निगरानी की जा रही है।

अफवाहों से बचने की अपील

​फ्लैग मार्च के दौरान मधुबनी पुलिस ने आम नागरिकों से सीधा संवाद किया और उनसे अपील की कि:

  • पर्व को आपसी भाईचारे और शांतिपूर्ण ढंग से मनाएं।
  • ​सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से फैलने वाली किसी भी प्रकार की भ्रामक अफवाहों पर ध्यान न दें।
  • ​किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत नजदीकी थाना या कंट्रोल रूम को दें।

चेतावनी: पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था भंग करने वालों और शांति बिगाड़ने की कोशिश करने वाले असमाजिक तत्वों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

तकनीकी निगरानी और हाई अलर्ट

​जिला कंट्रोल रूम में बैठकर वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा पूरे जिले की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। जगह-जगह लगे सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के माध्यम से भीड़भाड़ वाले इलाकों की मॉनिटरिंग की जा रही है ताकि रामनवमी का जुलूस और अन्य धार्मिक कार्यक्रम सुरक्षित एवं व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो सकें।

रामनवमी को लेकर महरैल में शांति समिति की बैठक संपन्न, सौहार्दपूर्ण वातावरण में पर्व मनाने की अपील

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झंझारपुर (बिहार): आगामी रामनवमी के पावन अवसर पर विधि-व्यवस्था बनाए रखने और आपसी भाईचारे के साथ पर्व मनाने को लेकर झंझारपुर अनुमंडल के पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की।

​यह बैठक महरैल रेलवे स्टेशन के समीप स्थित महावीर बजरंगबली ट्रस्ट के प्रांगण में आयोजित की गई।

प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी

​बैठक में प्रशासन की ओर से कई आला अधिकारी उपस्थित रहे, जिन्होंने सुरक्षा और शांति व्यवस्था पर विशेष जोर दिया। मौके पर उपस्थित मुख्य अधिकारियों में शामिल थे:

  • सुबोध कुमार सिन्हा (झंझारपुर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी)
  • बी. ब्रजेश (झंझारपुर सर्किल इंस्पेक्टर)
  • सुनील सिंह (झंझारपुर थानाध्यक्ष)
  • मंजुला मिश्रा (रुद्रपुर थानाध्यक्ष)
  • कुंदन कुमार (अपर थानाध्यक्ष)
  • राकेश रौशन (प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंधराठाढी)

शांति और सद्भाव पर जोर

​बैठक के दौरान अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सुबोध कुमार सिन्हा ने कहा कि रामनवमी का पर्व श्रद्धा और उल्लास का प्रतीक है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें और पुलिस प्रशासन का सहयोग करें। रुद्रपुर की थानाध्यक्ष मंजुला मिश्रा ने भी शांति व्यवस्था को लेकर कड़े निर्देश दिए और असामाजिक तत्वों पर पैनी नजर रखने की बात कही।

जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की सहभागिता

​बैठक में भारी संख्या में स्थानीय गणमान्य लोग और शांति समिति के सदस्य मौजूद रहे। इन सभी ने प्रशासन को आश्वस्त किया कि क्षेत्र में पर्व के दौरान पूर्ण शांति बनी रहेगी। उपस्थित सदस्यों में प्रमुख थे:

  • ​मिहीर ठाकुर, अखिलेश ठाकुर, सुनील चौधरी
  • ​सतीश झा, अजय झा, श्याम लाल साफी
  • ​भोगी झा, अभिषेक चौधरी
  • ​रामवतार मंडल और पंडित मोहन शास्त्री

महत्वपूर्ण निर्णय

​बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि जुलूस और शोभायात्रा के दौरान निर्धारित रूट का पालन किया जाएगा। साथ ही, डीजे और भड़काऊ नारों पर पूर्णतः प्रतिबंध रहेगा। महावीर बजरंगबली ट्रस्ट के सदस्यों ने भी मंदिर परिसर और आसपास की व्यवस्थाओं को लेकर अपनी योजना साझा की।

प्रशासन और जनता के बीच इस संवाद से यह स्पष्ट है कि झंझारपुर और आसपास के क्षेत्रों में रामनवमी का त्यौहार पूरी श्रद्धा और सांप्रदायिक सौहार्द के साथ मनाया जाएगा।