बिहार के स्वर्णिम काल के रूप में याद किया जाएगा नीतीश कुमार का कार्यकाल: ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव

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सुपौल, बिहार: बिहार सरकार के कद्दावर नेता कोशी के विश्वकर्मा और ऊर्जा मंत्री श्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व की जमकर सराहना की है। सुपौल जिले के निर्मली में आयोजित ‘समृद्धि यात्रा 2026’ के दौरान एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने राज्य में हुए बुनियादी ढांचागत बदलावों को ऐतिहासिक बताया।

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आजाद बिहार का स्वर्णिम युग

​मंत्री बिजेंद्र यादव ने अपने संबोधन में कहा कि साल 2005 से 2025 तक का कालखंड बिहार के इतिहास में “स्वर्ण अक्षरों” में लिखा जाएगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य की तस्वीर बदलने का जो संकल्प लिया था, वह आज धरातल पर दिख रहा है।

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14 घंटे का सफर अब सिर्फ 40 मिनट में

​विकास का उदाहरण देते हुए उन्होंने पुराने दिनों की याद ताजा की। उन्होंने बताया:

  • अतीत की चुनौती: एक समय था जब सुपौल से निर्मली पहुंचने में लोगों को 14 घंटे का समय लग जाता था। यातायात की स्थिति अत्यंत दयनीय थी।
  • आज की उपलब्धि: नीतीश कुमार सरकार के रोड कनेक्टिविटी और पुल निर्माण कार्यों की बदौलत आज यही दूरी मात्र 40 मिनट में तय की जा रही है।
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विपक्ष पर तीखा तंज

​गठबंधन की राजनीति और विपक्ष के हमलों पर बोलते हुए बिजेंद्र यादव ने कहा कि जब मुख्यमंत्री ने एनडीए (NDA) के साथ जाने का निर्णय लिया, तो विपक्ष के कई बड़े नेताओं के फोन आए। उन्होंने स्पष्ट किया कि नीतीश कुमार हमारे सर्वमान्य नेता हैं और उनके निर्णय के साथ पूरी पार्टी और राज्य की जनता मजबूती से खड़ी है।

​”हमारे नेता जो कहते हैं, वह करके दिखाते हैं। कोसी क्षेत्र में रेल पुल से लेकर सड़कों के जाल तक, आज जो कायापलट हुआ है, वह नीतीश कुमार की दूरदर्शिता का परिणाम है।” — बिजेंद्र प्रसाद यादव

​समृद्धि यात्रा के माध्यम से सरकार अपनी उपलब्धियों को जनता के बीच ले जा रही है। बिजेंद्र यादव का यह बयान न केवल कोसी क्षेत्र के विकास को रेखांकित करता है, बल्कि आगामी राजनीतिक समीकरणों के लिए भी एक मजबूत संदेश देता है।

JDU में भीतरघात: बाबूबरही विधायक मीना कुमारी का लेटर बम, भारती मेहता और बासुदेव कुशवाहा समेत 4 बड़े नेताओं पर लगाए गंभीर आरोप

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पटना/मधुबनी: बिहार की राजनीति में विधानसभा चुनाव के बाद भी सरगर्मी कम नहीं हुई है। बाबूबरही विधानसभा क्षेत्र (Babubarhi Assembly Seat) से जदयू विधायक मीना कुमारी (Meena Kumari) ने अपनी ही पार्टी के बड़े नेताओं पर चुनाव में भीतरघात (Anti-party activities) करने का सनसनीखेज आरोप लगाया है।

विधायक मीना कुमारी ने जनता दल यूनाइटेड (JDU) के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा को एक लिखित शिकायत भेजी है। दिनांक 26/11/25 को लिखे गए इस पत्र में उन्होंने पार्टी के चार प्रमुख नेताओं पर विपक्ष (RJD) के उम्मीदवार की मदद करने और उन्हें चुनाव हराने की साजिश रचने का दावा किया है।

इन 4 नेताओं पर लगाए गंभीर आरोप

विधायक मीना कुमारी ने अपने पत्र में जिन चार नेताओं का जिक्र किया है, वे पार्टी के कद्दावर पदों पर आसीन हैं। पत्र के अनुसार:

श्रीमती भारती मेहता (प्रदेश अध्यक्ष, जदयू महिला प्रकोष्ठ): विधायक ने आरोप लगाया है कि भारती मेहता ने उन्हें चुनाव हराने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा दी। पत्र में लिखा गया है कि भारती मेहता अपनी स्वजातीय लोगों से कह रही थीं कि “जब मीना कामत (कुमारी) हारेगी, तभी मुझे टिकट मिलेगा। अगर मीना कामत जीत जाएगी तो मुझे टिकट नहीं मिलेगा।” आरोप है कि इस स्वार्थ के चलते उन्होंने राजद प्रत्याशी के पक्ष में काम किया।

श्री बासुदेव कुशवाहा (प्रदेश महासचिव, जदयू): बासुदेव कुशवाहा, जो प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा के बेहद करीबी माने जाते हैं और मुख्यालय प्रभारी भी हैं, उन पर भी गंभीर आरोप लगे हैं। मीना कुमारी का कहना है कि उनका घर बाबूबरही विधानसभा क्षेत्र में ही है, लेकिन उन्होंने राजद प्रत्याशी अरुण सिंह उर्फ अरुण कुशवाहा को जिताने के लिए पूरी ताकत झोंक दी।

श्रीनारायण भंडारी उर्फ फूले भंडारी (जदयू जिला अध्यक्ष, मधुबनी): मधुबनी जिला अध्यक्ष पर आरोप है कि उन्होंने चुनाव से ठीक पहले विधायक के अनुकूल बने बाबूबरही प्रखंड अध्यक्ष को हटा दिया और एक विरोधी को अध्यक्ष बना दिया। पत्र के मुताबिक, फूले भंडारी ने कामत समाज में राजद प्रत्याशी के पक्ष में वोट मांगे और जदयू समर्थकों को भड़काने का काम किया।

सत्यनारायण साफी (जिला बीस सूत्री सदस्य): चौथा नाम सत्यनारायण साफी का है, जो लदनियां के प्रमुख हैं। पत्र में दावा किया गया है कि उन्होंने चुनाव के दौरान राजद प्रत्याशी अरुण सिंह के समक्ष खुलकर राजद का दामन थाम लिया और उनके पक्ष में कार्य किया।

कार्यवाई की मांग

विधायक मीना कुमारी ने प्रदेश अध्यक्ष से आग्रह किया है कि पार्टी विरोधी कार्य करने वाले इन नेताओं पर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। यह पत्र अब सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है और इससे मधुबनी जदयू के अंदरूनी कलह खुलकर सामने आ गई है।

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