मधुबनी पुलिस की बड़ी कार्रवाई: मोटरसाइकिल लूट गिरोह का भंडाफोड़, देसी कट्टा और कारतूस के साथ एक गिरफ्तार

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मधुबनी (बिहार): जिले की फुलपरास थाना पुलिस ने अपराध नियंत्रण की दिशा में एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने क्षेत्र में सक्रिय मोटरसाइकिल लूट गिरोह के एक सदस्य को अवैध हथियारों के साथ गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इस कार्रवाई से इलाके के अपराधियों में हड़कंप मच गया है।

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हथियार और लूट की बाइक बरामद

मिली जानकारी के अनुसार, फुलपरास थाना पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर धौसी गांव निवासी नीतीश कुमार को दबोचा। पुलिस ने अभियुक्त के पास से निम्नलिखित सामान बरामद किया है:

  • ​01 देसी कट्टा (अवैध हथियार)​
  • 01 जिंदा कारतूस
  • ​01 लूटी हुई मोटरसाइकिल​
  • 01 मोबाइल फोन

10 अपराधियों का गिरोह चिन्हित

पुलिस की पूछताछ में इस गिरोह के नेटवर्क का बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस ने इस मोटरसाइकिल लूट गिरोह में शामिल कुल 10 अपराधियों को चिन्हित किया है। ये अपराधी जिले के विभिन्न क्षेत्रों में लूटपाट की घटनाओं को अंजाम देते थे।

थानाध्यक्ष का बयान: “हमने गिरोह के एक सदस्य को गिरफ्तार कर लिया है। अन्य 9 अपराधियों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की विशेष टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। जल्द ही पूरा गिरोह सलाखों के पीछे होगा।”

क्षेत्र में पुलिस की सक्रियता बढ़ी

नीतीश कुमार की गिरफ्तारी के बाद पुलिस उससे मिले इनपुट के आधार पर गिरोह के अन्य ठिकानों पर दबिश दे रही है। स्थानीय निवासियों ने पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की सराहना की है, क्योंकि पिछले कुछ समय से मोटरसाइकिल चोरी और लूट की घटनाओं में वृद्धि देखी जा रही थी।

बिहार प्रशासनिक हलचल: पदभार संभालने के चंद दिनों बाद ही BSSC अध्यक्ष आलोक राज का इस्तीफा

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बिहार की प्रशासनिक गलियारे से एक बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। बिहार के पूर्व पुलिस महानिदेशक (DGP) और 1989 बैच के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी आलोक राज ने बिहार कर्मचारी चयन आयोग (BSSC) के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है।

हैरानी की बात यह है कि उन्होंने यह जिम्मेदारी संभाली अभी जुम्मा-जुम्मा आठ दिन भी नहीं हुए थे। इस अचानक आए फैसले ने राज्य के राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में कई तरह की चर्चाओं को जन्म दे दिया है।

नियुक्ति से इस्तीफे तक का सफर

आलोक राज 31 दिसंबर 2025 को बिहार के डीजीपी पद से सेवानिवृत्त हुए थे। उनकी कार्यक्षमता और अनुभव को देखते हुए बिहार सरकार ने उन्हें रिटायरमेंट के अगले ही दिन, यानी 1 जनवरी 2026 से BSSC के नए अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया था।

  • नियुक्ति तिथि: 1 जनवरी 2026
  • कार्यकाल: 5 वर्ष के लिए प्रस्तावित​
  • इस्तीफा: पदभार ग्रहण करने के मात्र 2 से 5 दिनों के भीतर

इस्तीफे का कारण: निजी या कुछ और?

विभिन्न समाचार स्रोतों के अनुसार, आलोक राज ने अपना इस्तीफा सामान्य प्रशासन विभाग को सौंप दिया है। आधिकारिक तौर पर उन्होंने “निजी कारणों” का हवाला देते हुए पद छोड़ने की बात कही है। हालांकि, इतनी जल्दी इस्तीफा देने के फैसले ने सबको सोच में डाल दिया है कि क्या इसके पीछे कोई अन्य प्रशासनिक दबाव या तालमेल की कमी रही है।

कौन हैं आलोक राज?

आलोक राज बिहार कैडर के 1989 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। पुलिस सेवा के दौरान उनकी छवि एक सुलझे हुए और कड़क अधिकारी की रही है। डीजीपी के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने राज्य की कानून व्यवस्था में कई महत्वपूर्ण सुधार किए थे। यही कारण था कि सरकार ने युवाओं के भविष्य से जुड़े ‘बिहार कर्मचारी चयन आयोग’ जैसी महत्वपूर्ण संस्था की कमान उन्हें सौंपी थी।

अब आगे क्या?

  • नई नियुक्ति: अब बिहार सरकार को जल्द से जल्द एक नए और विश्वसनीय चेहरे की तलाश करनी होगी।​
  • अभ्यर्थियों की चिंता: लाखों छात्र जो BSSC परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, उनके मन में नियुक्तियों की पारदर्शिता और गति को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

नोट: फिलहाल सरकार की ओर से नए अध्यक्ष के नाम की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

​क्या आपको लगता है कि प्रशासनिक अधिकारियों का राजनीति या आयोगों में जाना सही है? अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं।

सुपौल: प्रेम प्रसंग मामले में 4 साल से फरार अभियुक्त गिरफ्तार, आंध्रामठ पुलिस ने देर रात छातापुर में मारा छापा

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सुपौल/मधुबनी: अंधरामठ थाना पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने करीब चार साल से फरार चल रहे एक वारंटी को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी प्रेम प्रसंग से जुड़े एक पुराने मामले में की गई है।

क्या है पूरा मामला..?

मिली जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान मिथिलेश कुमार दास (27 वर्ष), पिता- महेंद्र लाल दास के रूप में हुई है, जो सुपौल जिले के छातापुर थाना अंतर्गत छातापुर गांव का निवासी है।

थाना अध्यक्ष ने बताया कि वर्ष 2020 में मिथिलेश कुमार दास पर प्रेम प्रसंग के एक मामले में साधारण उपद्रव और अशांति फैलाने को लेकर प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई थी। मामला दर्ज होने के बाद से ही अभियुक्त गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार फरार चल रहा था।

देर रात हुई कार्रवाई

बीते कई सालों से पुलिस को चकमा दे रहे मिथिलेश की तलाश में आंध्रामठ पुलिस लगातार छापेमारी कर रही थी। अंततः कोर्ट द्वारा जारी आदेश के बाद, पुलिस की एक विशेष टीम ने अभियुक्त के पैतृक आवास (छातापुर, सुपौल) पर देर रात दबिश दी और उसे गिरफ्तार कर लिया।

न्यायिक हिरासत में भेजा गया जेल

पुलिस की कागजी कार्रवाई पूरी होने के बाद अभियुक्त को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। थाना अध्यक्ष ने पुष्टि की है कि अभियुक्त को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

अंधराठाढ़ी: डॉ. पवन कुमार बने जदयू युवा प्रकोष्ठ के जिला सचिव, कार्यकर्ताओं में उत्साह की लहर

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मधुबनी। अंधराठाढ़ी की राजनीति में अपनी समाजसेवा के दम पर बेहद कम समय में एक उभरते सितारे के रूप में पहचान बनाने वाले डॉ. पवन कुमार को एक बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है। मधुबनी युवा जनता दल (यू) के जिलाध्यक्ष संतोष साह ने डॉ. पवन की कार्यकुशलता, पार्टी के प्रति उनकी गहरी आस्था और निष्ठा को देखते हुए उन्हें जदयू युवा प्रकोष्ठ का जिला सचिव मनोनीत किया है।

युवाओं और समर्थकों में भारी उत्साह

​डॉ. पवन कुमार के मनोनयन की खबर मिलते ही न केवल जदयू खेमे में, बल्कि सामाजिक और राजनीतिक गलियारों में भी खुशी की लहर दौड़ गई है। स्थानीय युवाओं ने इसे “सही व्यक्ति को सही जिम्मेदारी” करार दिया है। डॉ. पवन अपने सुलझे हुए स्वभाव और शानदार व्यक्तित्व के लिए जाने जाते हैं।

रणनीति और नेतृत्व के धनी हैं डॉ. पवन

​डॉ. पवन कुमार की पहचान एक कुशल रणनीतिकार के रूप में रही है। उनके सोच, सिद्धांत और टीम वर्क का जलवा पिछले चुनावों में भी देखने को मिला था। पार्टी के प्रति उनके समर्पण और सेवा भाव को देखते हुए नेतृत्व ने उन पर भरोसा जताया है।

​”डॉ. पवन कुमार का जदयू से जुड़ना और इस पद को संभालना पार्टी के संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूती प्रदान करेगा।” — वरिष्ठ पार्टी कार्यकर्ता

दिग्गज नेताओं के माने जाते हैं करीबी

राजनीतिक हलकों में डॉ. पवन कुमार को जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा और माननीय सांसद रामप्रीत मंडल के बेहद करीबी सहयोगियों में गिना जाता है। माना जा रहा है कि उनके आने से जिले में युवाओं के बीच पार्टी की पकड़ और मजबूत होगी।

बधाई देने वालों का लगा तांता

इस नई जिम्मेदारी के लिए डॉ. पवन कुमार को बधाई देने वालों में जिले के कई वरिष्ठ और सक्रिय नेता शामिल हैं, जिनमें मुख्य रूप से:

  • फुले भंडारी (जिलाध्यक्ष)​
  • संतोष साह (युवा जिलाध्यक्ष)
  • ​महानारायण राय और शिव कुमार राय​
  • मनोज झा और रामचंद्र राय (जिला सचिव)
  • ​गुलाबचंद झा और दिलीप चौधरी (जिला उपाध्यक्ष)​
  • राजनारायण (मुखिया जी)​
  • ब्रह्मदेव राय, टुनटुन शर्मा और कमलेश चौधरी (प्रखंड अध्यक्ष)

​डॉ. पवन कुमार ने अपनी इस नियुक्ति पर शीर्ष नेतृत्व का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे पार्टी की विचारधारा को जन-जन तक पहुँचाने और युवाओं को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास करेंगे।

बिहार में भूमि विवादों का होगा अंत: डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर, दलालों पर कसेगा शिकंजा

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बिहार में भूमि संबंधी समस्याओं और भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ी पहल की है। ‘भूमि सुधार जनकल्याण संवाद’ कार्यक्रम के माध्यम से उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा सीधे आम जनता से जुड़ रहे हैं। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य भूमि विवादों का त्वरित निपटारा करना और विभाग में सक्रिय दलालों के प्रभाव को पूरी तरह समाप्त करना है।

जन-संवाद के जरिए समाधान की कोशिश

हाल ही में भागलपुर, सहरसा और अन्य जिलों में आयोजित जन-संवाद कार्यक्रमों में मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने स्पष्ट किया कि सरकार की प्राथमिकता पारदर्शिता लाना है। उन्होंने कहा कि अक्सर आम नागरिक म्यूटेशन (दाखिल-खारिज) और जमाबंदी जैसे कार्यों के लिए बिचौलियों के चक्कर में फंस जाते हैं, जिसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

शिकायत के लिए जारी हुआ टॉल-फ्री नंबर

आम जनता की सहूलियत के लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने एक विशेष हेल्पलाइन नंबर जारी किया है। नागरिक अब घर बैठे अपनी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं:

  • टॉल-फ्री हेल्पलाइन नंबर: 1800-345-6215​
  • किन समस्याओं के लिए करें कॉल: दाखिल-खारिज (Mutation) में देरी।
    • जमाबंदी (Jamabandi) में सुधार।​
    • भूमि मापी और सीमा विवाद।​
    • राजस्व कर्मियों या बिचौलियों द्वारा अवैध मांग।

कैसे काम करेगी यह व्यवस्था?

यह हेल्पलाइन नंबर पहले से ही अस्तित्व में था, लेकिन अब इसे विशेष रूप से प्रचारित किया जा रहा है ताकि अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक इसकी जानकारी पहुँच सके।

  • ऑनलाइन पंजीकरण: जैसे ही कोई नागरिक हेल्पलाइन पर कॉल करता है, उसकी शिकायत डिजिटल पोर्टल पर दर्ज हो जाती है।​
  • त्वरित कार्रवाई: शिकायत दर्ज होने के बाद संबंधित जिले के अधिकारियों को ऑनलाइन निर्देश भेजे जाते हैं।​
  • ट्रैकिंग: शिकायतकर्ता अपनी शिकायत की स्थिति (Status) को ट्रैक कर सकते हैं, जिससे जवाबदेही सुनिश्चित होती है।

दलालों पर अंकुश और पारदर्शिता

​मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने चेतावनी दी है कि जो भी कर्मचारी या बिचौलिया आम जनता को परेशान करेगा, उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। ऑनलाइन सिस्टम और हेल्पलाइन के सक्रिय होने से:

  • कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत कम होगी।​
  • भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी पर लगाम लगेगी।​
  • लंबित मामलों का तेजी से निपटारा होगा।

मंत्री का संदेश: “भूमि सुधार विभाग अब जनता के द्वार पर है। हमारा लक्ष्य है कि किसी भी गरीब या लाचार व्यक्ति की जमीन पर कोई भू-माफिया नजर न डाल सके और सरकारी प्रक्रियाएं सरल व पारदर्शी हों।”

बिहार सरकार की यह पहल राज्य में भूमि विवादों के कारण होने वाली हिंसक घटनाओं को कम करने में मील का पत्थर साबित हो सकती है। यदि आप भी भूमि संबंधी किसी समस्या से जूझ रहे हैं, तो तुरंत 1800-345-6215 पर संपर्क करें।

नागिन घर-घर के: नई मैथिली फिल्म यूट्यूब पर रिलीज, जानें स्टार कास्ट और पूरी जानकारी

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मैथिली सिनेमा के दर्शकों के लिए आज का दिन बेहद खास है। बहुप्रतीक्षित मैथिली फिल्म “नागिन घर-घर के” (Nagin Ghar Ghar Ke) अब आधिकारिक तौर पर यूट्यूब पर रिलीज हो गई है। यह फिल्म ‘ग्रीन लीफ मोशन पिक्चर्स’ के बैनर तले तैयार की गई है और इसे पारिवारिक ड्रामा श्रेणी में एक बड़ी फिल्म माना जा रहा है।

फिल्म की कहानी और मुख्य विषय

​”नागिन घर-घर के” महज एक फिल्म नहीं, बल्कि हर मध्यवर्गीय परिवार की एक झलक है। फिल्म की कहानी मुखिया महेश यादव के परिवार के इर्द-गिर्द घूमती है। कहानी में मोड़ तब आता है जब घर की शांति संपत्ति के बंटवारे और आपसी कलह की भेंट चढ़ने लगती है।

फिल्म का शीर्षक ‘नागिन’ प्रतीकात्मक रूप से घर में पनपने वाली ईर्ष्या और नफरत को दर्शाता है, जो हंसते-खेलते परिवार को जहर की तरह डस लेती है।

फिल्म की मुख्य कास्ट और क्रू (Cast & Crew)

फिल्म की सफलता के पीछे एक बड़ी टीम का हाथ है, जिसकी पूरी जानकारी यहाँ दी गई है:

  • मुख्य कलाकार: फिल्म में सोनू राज, सोनू झा, सुधांशु सिंह, पूजा सिंह, तुलिका भारती, रूपा सिंह, रूपेश चंद यादव(पूर्व प्रखंड प्रमुख, फूलपुरास) और आरती जैसे कलाकारों ने मुख्य भूमिकाएँ निभाई हैं।
  • निर्देशक: अभिषेक रंजन।
  • निर्माता: राज कुमार राजा।
  • ​लेखक: भरत प्रसाद गुप्ता और राज कुमार राजा।
  • संगीत: ब्रजेश भारती और रोहित भास्कर।
  • ​गीतकार: देव कृष्ण यादव।
  • ​गायक: कुंज बिहारी मिश्र, सन्नू कुमार, राजीव रंजन, कल्पना मंडल, नेहा झा, टी प्रणव प्रियंक और देव कृष्ण यादव।

तकनीकी टीम

  • पटकथा और संवाद: सोनू राज और रवि रोशन।
  • ​संपादक: शिव थारू।
  • ​कोरियोग्राफर: विक्रांत कुमार।
  • ​बैकग्राउंड म्यूजिक: शिवम लाल यादव.​साउंड इंजीनियर: पीयूष प्रभाकर।

फिल्म की कहानी का सार

​”नागिन घर-घर के” एक सशक्त पारिवारिक कहानी है जो घर-घर की समस्याओं, रिश्तों में आती कड़वाहट और फिर उनके समाधान को दर्शाती है। फिल्म में दिखाया गया है कि कैसे छोटे-छोटे विवाद एक खुशहाल परिवार के लिए ‘नागिन’ की तरह घातक साबित होते हैं और अंततः संस्कारों की जीत होती है।

फिल्म कहाँ देखें?

यह फिल्म अब ‘Bharti Series’ के यूट्यूब चैनल पर उपलब्ध है। आप इसे मुफ्त में देख सकते हैं और मैथिली सिनेमा का समर्थन कर सकते हैं।

यह फिल्म अब ‘Bharti Series’ के यूट्यूब चैनल पर उपलब्ध है। आप इसे मुफ्त में देख सकते हैं और मैथिली सिनेमा का समर्थन कर सकते हैं।

फिल्म देखने के लिए यहाँ क्लिक करें: नागिन घर-घर के – Full Movie

समाज सेवा की मिसाल: जिला पार्षद चंद्रभूषण साह ने 1500 जरूरतमंदों के बीच किया कंबल वितरण

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मधुबनी: भीषण ठंड और शीतलहर के प्रकोप को देखते हुए मानवता की सेवा में एक बार फिर जिला पार्षद चंद्रभूषण शाह आगे आए हैं। मधुबनी जिले के खुंटौना प्रखंड (क्षेत्र संख्या 38) के वर्तमान जिला पार्षद चंद्रभूषण साह ने अपनी सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हुए इस वर्ष भी भारी संख्या में गरीब और असहाय लोगों के बीच कंबल का वितरण किया।

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8 वर्षों से निरंतर जारी है सेवा का संकल्प

चंद्रभूषण शाह पिछले 8 सालों से लगातार समाज के अंतिम पायदान पर खड़े लोगों की मदद करते आ रहे हैं। इस वर्ष भी उन्होंने क्षेत्र के लगभग 1500 गरीब, वृद्ध और असहाय लोगों को चिन्हित कर उन्हें कंबल भेंट किए।

वितरण कार्यक्रम के दौरान जिला पार्षद ने कहा कि “गरीबों की सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है। कड़ाके की ठंड में किसी जरूरतमंद को राहत पहुँचाना आत्मिक शांति देता है।” उन्होंने यह भी संकल्प दोहराया कि क्षेत्र के विकास के साथ-साथ वह व्यक्तिगत स्तर पर भी लोगों के दुख-सुख में हमेशा खड़े रहेंगे।

स्थानीय लोगों ने की सराहना

खुंटौना प्रखंड के ग्रामीणों ने पार्षद के इस कार्य की भूरी-भूरी प्रशंसा की। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब भी क्षेत्र में कोई आपदा या कठिन समय आता है, चंद्रभूषण शाह बिना किसी भेदभाव के लोगों की मदद के लिए तैयार रहते हैं।

इस अवसर पर जिला पार्षद आरती सहित कई स्थानीय प्रतिनिधि और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे, जिन्होंने इस नेक पहल की सराहना की।

मुख्य हाइलाइट्स:

  • स्थान: खुंटौना प्रखंड, क्षेत्र संख्या 38 (मधुबनी)।
  • सेवा का रिकॉर्ड: पिछले 8 वर्षों से निरंतर जारी।
  • कुल लाभार्थी: इस वर्ष 1500 से अधिक लोगों को मिली राहत।
  • आयोजक: जिला पार्षद चंद्रभूषण साह।

मधुबनी पुलिस हुई हाई-टेक: SP ने किया मोबाइल FSL वैन का निरीक्षण, अब मौके पर ही होगी वैज्ञानिक जांच

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मधुबनी: जिले में अपराध नियंत्रण और कांडों के त्वरित निष्पादन (Disposal) की दिशा में मधुबनी पुलिस ने एक और बड़ा कदम बढ़ाया है। अब आपराधिक वारदातों के बाद फॉरेंसिक जांच के लिए लंबी प्रतीक्षा नहीं करनी पड़ेगी। मधुबनी पुलिस के बेड़े में अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस ‘चलंत विधि विज्ञान प्रयोगशाला’ (Mobile Forensic Science Laboratory) शामिल हो गई है।

शनिवार को मधुबनी के पुलिस अधीक्षक (SP) योगेंद्र कुमार ने पुलिस केंद्र परिसर में इस नई वैन का बारीकी से निरीक्षण किया और इसकी कार्यप्रणाली को समझा।

​SP ने जांची वैन की तकनीकी खूबियां:

एसपी योगेंद्र कुमार ने वैन के अंदर मौजूद फॉरेंसिक किट्स और उपकरणों का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि यह वाहन आधुनिक तकनीक से लैस है। इसमें घटना स्थल से ही साक्ष्य (Evidence) जुटाने की पूरी व्यवस्था है।

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वैन की मुख्य विशेषताएं:

  • ब्लड सैम्पल कलेक्शन: खून के धब्बों की जांच और नमूने लेने की किट।
  • फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट: उंगलियों के निशान उठाने और सुरक्षित रखने के उपकरण।
  • DNA टेस्टिंग किट: जैविक साक्ष्यों को सुरक्षित रखने की व्यवस्था।
  • क्राइम सीन फोटोग्राफी: घटनास्थल की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी के लिए हाई-टेक कैमरे।

​अब अपराधियों का बचना होगा मुश्किल:

​अब तक, किसी बड़ी घटना (जैसे हत्या, लूट, या डकैती) के बाद फॉरेंसिक टीम को मुजफ्फरपुर या पटना से बुलाना पड़ता था, जिससे साक्ष्य मिटने का खतरा रहता था और समय भी बर्बाद होता था।

इस मोबाइल वैन के आने से:

  1. ​घटना के तुरंत बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंचकर वैज्ञानिक साक्ष्य जुटा सकेगी।
  2. कोर्ट में पुख्ता सबूत पेश किए जा सकेंगे, जिससे सजा की दर (Conviction Rate) बढ़ेगी।
  3. ​ब्लाइंड केस (जिनमें कोई सुराग नहीं होता) को सुलझाने में मदद मिलेगी।

​CM ने दी थी सौगात:

​गौरतलब है कि हाल ही में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य की पुलिसिंग को स्मार्ट बनाने के लिए पटना से 34 मोबाइल फॉरेंसिक वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। इसी के तहत मधुबनी जिले को भी यह सौगात मिली है। एसपी ने जिले की फॉरेंसिक टीम और पुलिस पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि सूचना मिलते ही वैन के साथ घटनास्थल पर पहुंचना सुनिश्चित करें।

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रोमांचक फाइनल में झंझारपुर को हराकर बेनीपट्टी बनी लौकहा चैम्पियंस ट्रॉफी (LCC) की विजेता

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लौकहा (मधुबनी): खेल और उत्साह के महाकुंभ ‘लौकहा चैम्पियंस ट्रॉफी’ का आज भव्य समापन हो गया। फाइनल मुकाबले में बेनीपट्टी की टीम ने अपने शानदार प्रदर्शन के दम पर झंझारपुर को हराकर विजेता ट्रॉफी पर कब्जा जमाया। रोमांच से भरे इस मैच में दर्शकों को क्रिकेट का बेहतरीन रोमांच देखने को मिला।

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मैच का लेखा-जोखा: बेनीपट्टी का दबदबा

फाइनल मुकाबले में बेनीपट्टी ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का निर्णय लिया। निर्धारित 20 ओवरों में बेनीपट्टी की टीम ने 9 विकेट खोकर 201 रनों का विशाल लक्ष्य झंझारपुर के सामने रखा।

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जवाब में लक्ष्य का पीछा करने उतरी झंझारपुर की टीम शुरुआत से ही दबाव में दिखी। हालांकि टीम ने संघर्ष किया, लेकिन बेनीपट्टी की सटीक गेंदबाजी के आगे झंझारपुर की पूरी टीम 18.4 ओवर में 168 रन बनाकर ऑलआउट हो गई। इस तरह बेनीपट्टी ने एक शानदार जीत दर्ज कर खिताब अपने नाम किया।

निशांत मिश्रा के बल्ले ने उगली आग

​पूरे टूर्नामेंट में बेजोड़ प्रदर्शन करने वाले निशांत मिश्रा को ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट‘ चुना गया। उन्होंने मात्र तीन मैचों में शानदार बल्लेबाजी करते हुए 210 रन बनाए, जो उनकी टीम की जीत में निर्णायक साबित हुए।

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दिग्गजों ने बढ़ाया खिलाड़ियों का उत्साह

समापन समारोह के दौरान मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित स्थानीय मुखिया संजीव साह और जिला परिषद सदस्य चंद्र भूषण साह ने विजेता टीम को कप और पुरस्कार राशि प्रदान की। वहीं, उपविजेता टीम को पुरस्कार राशि और कप के प्रायोजक प्रमोद कुमार पंजीयार के हाथों सम्मानित किया गया। टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी (प्लेयर ऑफ द सीरीज) का पुरस्कार खुटौना निवासी सोनू के सौजन्य से दिया गया।

हम उन सभी सात प्रायोजकों का विशेष आभार व्यक्त करते हैं जिन्होंने टूर्नामेंट के सातों मैचों को सफल बनाने में अपना सहयोग दिया। साथ ही, आयोजन समिति के सदस्यों, अंपायरों, कमेंटेटरों और स्कोररों की मेहनत ने ही इस आयोजन को यादगार बनाया है।— दिनेश गुप्ता, अध्यक्ष, लौकहा क्रिकेट क्लब (LCC)

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दिनेश गुप्ता

LCC ने जताया सबका आभार

टूर्नामेंट की सफलता पर LCC के अध्यक्ष दिनेश गुप्ता ने मैनेजमेंट कमेटी के सभी पदाधिकारियों, सदस्यों और खिलाड़ियों को बधाई दी। उन्होंने स्थानीय प्रशासन के साथ-साथ प्रिंट और सोशल मीडिया के साथियों का भी शुक्रिया अदा किया, जिन्होंने इस खेल महोत्सव को जन-जन तक पहुँचाया।

शहीद परमेश्वर की 70वीं जयंती: वीरता और बलिदान की अमर गाथा

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फुलपरास (मधुबनी): “शहीद परमेश्वर जी वीरता, त्याग और साहस की अद्वितीय प्रतिमूर्ति थे। उनका जीवन केवल इतिहास का एक अध्याय नहीं, बल्कि संघर्ष और बलिदान की एक जीवंत गाथा है।” यह विचार बिहार सरकार के पूर्व मंत्री लक्ष्मेश्वर राय ने शहीद परमेश्वर जी की 70वीं जयंती के अवसर पर व्यक्त किए।​शनिवार को मधुबनी जिले के फुलपरास स्थित ‘शहीद परमेश्वर चौक’ पर शहीद परमेश्वर स्मारक समिति के तत्वावधान में एक भव्य जयंती समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में क्षेत्र के विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और प्रबुद्धजीवियों ने हिस्सा लेकर शहीद को नमन किया।

कार्यक्रम की मुख्य बातें:

  • पुष्पांजलि अर्पित: समारोह की शुरुआत शहीद परमेश्वर जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण और पुष्पांजलि के साथ हुई।​
  • प्रेरणास्रोत जीवन: वक्ताओं ने उनके संघर्षमय जीवन और राष्ट्र के प्रति उनके समर्पण पर विस्तार से प्रकाश डाला।​
  • युवाओं को संदेश: पूर्व मंत्री लक्ष्मेश्वर राय ने कहा कि सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी जब आज की युवा पीढ़ी उनके विचारों को अपनाकर सामाजिक न्याय और राष्ट्रहित के मार्ग पर चले।

​”एक महान व्यक्तित्व” पुस्तक का जिक्र

समारोह के दौरान हरियाणा के पूर्व राज्यपाल श्रद्धेय धनिक लाल मंडल द्वारा शहीद परमेश्वर के जीवन पर आधारित लिखित पुस्तक ‘एक महान व्यक्तित्व‘ की चर्चा की गई। यह पुस्तक उनके व्यक्तित्व और कृतित्व को गहराई से समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

सामाजिक न्याय का संकल्प

बुद्धिजीवियों और उपस्थित अतिथियों ने शहीद के सपनों का भारत बनाने और समाज में समानता, न्याय एवं भाईचारे को मजबूत करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के अंत में दो मिनट का मौन रखकर शांति की प्रार्थना की गई।

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उपस्थित गणमान्य व्यक्ति:

समारोह में मुख्य रूप से निम्नलिखित हस्तियां मौजूद रहीं:

  • लक्ष्मेश्वर राय (पूर्व मंत्री, बिहार सरकार)​
  • रामसुंदर यादव (वरिष्ठ भाजपा नेता)​
  • अनिल मंडल (मुख्य पार्षद, नगर पंचायत घोघरडीहा)
  • ​राम पुकार यादव (प्रखंड प्रमुख)​
  • सुशील कामत (पंसस)
  • रूपेश कुमार, रोहित नारायण यादव, देवकृष्ण यादव एवं अन्य।