अंधराठाढ़ी: विकास की नई रफ्तार, 10 करोड़ से अधिक की लागत से बनेंगी सड़कें, विधायक ने किया शिलान्यास

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अंधराठाढ़ी (मधुबनी): प्रखंड क्षेत्र में ग्रामीण विकास और यातायात सुगमता की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। स्थानीय विधायक द्वारा मुख्यमंत्री ग्राम सम्पर्क योजना के तहत 10 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली विभिन्न सड़क परियोजनाओं का शिलान्यास किया गया। इन सड़कों के बनने से क्षेत्र के हजारों लोगों को आवागमन में सुविधा होगी और कनेक्टिविटी बेहतर होगी।

महरैल में मुख्य सड़क का शिलान्यास

इस शिलान्यास कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण महरैल आर.डब्ल्यू.डी. (RWD) सड़क रही। माननीय विधायक ने विधिवत पूजा-अर्चना के साथ नारियल फोड़कर इस कार्य का शुभारंभ किया।

यह महत्वपूर्ण सड़क महरैल आर.डब्ल्यू.डी. से शुरू होकर संस्कृत महाविद्यालय होते हुए महरैल स्टेशन के समीप मुख्य सड़क तक जाएगी। इस पथ के निर्माण से छात्रों, रेल यात्रियों और स्थानीय व्यापारियों को बड़ी राहत मिलेगी।

इन प्रमुख सड़कों की भी मिली सौगात

सिर्फ महरैल ही नहीं, बल्कि अंधराठाढ़ी प्रखंड के अन्य सुदूर क्षेत्रों को भी मुख्यधारा से जोड़ने के लिए कई अन्य सड़कों का भी शिलान्यास किया गया। विधायक द्वारा जिन अन्य महत्वपूर्ण सड़कों की आधारशिला रखी गई, वे इस प्रकार हैं:

  • संस्कृत महाविद्यालय से राम टोल: अंधराठाढ़ी संस्कृत महाविद्यालय से राम टोल तक जाने वाली सड़क।
  • मुख्य सड़क से मरूकिया: मेन रोड से मरूकिया गांव को जोड़ने वाली संपर्क सड़क।
  • रूद्रपुर से भगवतीपुर: रूद्रपुर से भगवतीपुर के बीच नई सड़क का निर्माण।

10 करोड़ से अधिक की लागत से बदलेगी तस्वीर

मिली जानकारी के अनुसार, इन सभी योजनाओं की कुल लागत 10 करोड़ रुपये से अधिक है। यह राशि ‘मुख्यमंत्री ग्राम सम्पर्क योजना’ के अंतर्गत स्वीकृत की गई है।

समारोह के दौरान विधायक ने कहा कि क्षेत्र का विकास उनकी प्राथमिकता है। इन सड़कों के बन जाने से बरसात के दिनों में होने वाली कीचड़ और जलभराव की समस्या से ग्रामीणों को मुक्ति मिलेगी। साथ ही, स्कूल जाने वाले बच्चों और बीमार व्यक्तियों को अस्पताल ले जाने में भी आसानी होगी।

ग्रामीणों में खुशी की लहर

शिलान्यास समारोह के दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधि, पार्टी कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे। वर्षों से जर्जर सड़कों का दंश झेल रहे ग्रामीणों ने इस पहल का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि निर्माण कार्य गुणवत्तापूर्ण और समय सीमा के भीतर पूरा होगा

झंझारपुर: गणतंत्र दिवस पर झंडोत्तोलन को लेकर विवाद, प्रमुख ने लगाया अनदेखी का आरोप, BDO ने दिया प्रोटोकॉल का हवाला

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झंझारपुर: पूरा देश जहां गणतंत्र दिवस के जश्न में डूबा था, वहीं झंझारपुर प्रखंड कार्यालय में झंडोत्तोलन (ध्वजारोहण) के समय और प्रोटोकॉल को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। यहां प्रखंड प्रमुख और प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) के बीच ‘समय’ और ‘सम्मान’ को लेकर ठन गई है।

क्या है प्रमुख का आरोप?

विवाद की शुरुआत तब हुई जब झंझारपुर प्रखंड प्रमुख और उनके पति (प्रतिनिधि) ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने उनके पहुंचने के बावजूद उनकी अनदेखी की और झंडोत्तोलन कर दिया।

प्रमुख पक्ष का कहना है कि झंडोत्तोलन का समय सुबह 9:50 बजे था। वे ठीक समय पर गेट पर पहुंच चुके थे, लेकिन रास्ते में गणतंत्र दिवस की झांकी (ट्रैक्टर) होने के कारण उनकी गाड़ी को अंदर आने में एक-दो मिनट की देरी हुई।

प्रमुख प्रतिनिधि ने कहा, “हम गेट पर आ गए थे। बीडीओ साहब ने हमारी गाड़ी को और हमें देख लिया था, इसके बावजूद उन्होंने झंडोत्तोलन करवा दिया। यह जनप्रतिनिधि का अपमान है।” उनका दावा है कि बीडीओ ने उन्हें देखते हुए भी कार्यक्रम आगे बढ़ा दिया।

बीडीओ की सफाई: “प्रोटोकॉल सबसे ऊपर है”

इस पूरे मामले पर सफाई देते हुए प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) ने मीडिया के सामने प्रशासनिक पक्ष रखा। उन्होंने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय पर्व पर भावनाओं से ज्यादा नियमों और समय का पालन जरूरी होता है।

बीडीओ ने बताया कि झंडोत्तोलन का कार्यक्रम बेहद व्यस्त और मिनट-टू-मिनट निर्धारित था:

  • 09:50 AM: प्रखंड कार्यालय
  • 09:55 AM: अंचल पदाधिकारी (CO) कार्यालय
  • 10:00 AM: कृषि कार्यालय
  • 10:05 AM: प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी
  • 10:10 AM: स्थानीय विद्यालय

बीडीओ द्वारा दिए गए मुख्य तर्क:

  • इंतजार किया गया: बीडीओ ने कहा कि 9:50 का समय तय था, लेकिन उन्होंने 9:54 बजे तक (4 मिनट अतिरिक्त) इंतजार किया।
  • कोई सूचना नहीं: उस समय तक न तो प्रमुख पहुंची थीं और न ही उनकी तरफ से देरी होने की कोई सूचना (Call) दी गई थी।
  • झंडे का सम्मान: बीडीओ ने तर्क दिया कि निर्धारित समय से ज्यादा विलंब करना राष्ट्रध्वज के प्रति असम्मान को दर्शाता है, इसलिए कार्यक्रम शुरू करना पड़ा।
  • किसने फहराया झंडा? बीडीओ ने इस बात का खंडन किया कि झंडा उन्होंने फहराया। उन्होंने बताया कि प्रमुख की अनुपस्थिति में वहां मौजूद पंचायत समिति सदस्य के हाथों झंडोत्तोलन कराया गया, जिसका वीडियो साक्ष्य मौजूद है।

समृद्धि यात्रा: सीएम नीतीश कुमार ने मधुबनी को दी 391 करोड़ की सौगात, मिथिला हाट और औद्योगिक क्षेत्र समेत 395 योजनाओं का किया शिलान्यास

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मधुबनी (27 जनवरी 2026): बिहार के मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने अपनी ‘समृद्धि यात्रा’ के दौरान आज मिथिला की सांस्कृतिक राजधानी मधुबनी को विकास की बड़ी सौगात दी है। मुख्यमंत्री ने जिले में कुल 391 करोड़ रुपये की लागत से 395 विकासात्मक योजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया।

अररिया संग्राम (झंझारपुर) में आयोजित कार्यक्रम के दौरान सीएम ने न केवल विकास कार्यों का जायजा लिया, बल्कि अधिकारियों को समय सीमा के भीतर काम पूरा करने के कड़े निर्देश भी दिए।

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1. मिथिला हाट और औद्योगिक विकास पर जोर

मुख्यमंत्री ने झंझारपुर प्रखंड के अररिया संग्राम स्थित मिथिला हाट फेज-II (रिवर फ्रंट डेवलपमेंट) का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने सीएम को जिले के प्रमुख प्रोजेक्ट्स की प्रगति रिपोर्ट सौंपी, जिसमें शामिल हैं:

  • औद्योगिक क्षेत्र: लौकही प्रखंड के बनगामा में 450 एकड़ और झंझारपुर के लोहना में 250 एकड़ भूमि पर औद्योगिक केंद्र की स्थापना।
  • पर्यटन: मां सीता और प्रभु श्रीराम के प्रथम मिलन स्थल ‘फुलहर स्थान’ को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करना।
  • इंफ्रास्ट्रक्चर: मधुबनी में अंतर्राज्यीय बस अड्डा, जयनगर शहीद चौक के पास आरओबी (ROB) और मधुबनी रिंग रोड का निर्माण।
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2. जीविका दीदियों और लाभुकों को मिली मदद

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने नवनिर्मित ‘जीविका भवन’ का उद्घाटन किया और इसकी चाबी जीविका दीदियों को सौंपी। महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देते हुए सीएम ने निम्नलिखित वितरण किए:

  • बैंक लिंकेज: 26,312 स्वयं सहायता समूहों को 301 करोड़ रुपये का सांकेतिक चेक।
  • सतत् जीविकोपार्जन योजना: 507 लाभार्थियों को 2 करोड़ 53 लाख रुपये की मदद।
  • ​इसके अलावा, दिव्यांगजनों को बैटरी चालित तिपहिया साइकिल, स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड और आयुष्मान कार्ड भी वितरित किए गए।
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3. तालाब सौंदर्यीकरण पर सीएम का निर्देश

मुख्यमंत्री ने अररिया संग्राम के वार्ड-13 स्थित दुर्गा मंदिर के पास वाले तालाब का निरीक्षण किया और उसमें मछली का जीरा छोड़ा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया:

तालाब का सौंदर्यीकरण अच्छा है, लेकिन सीढ़ीनुमा घाट केवल दो तरफ बने हैं। इसे चारों तरफ बनवाया जाए ताकि छठ पूजा और अन्य कार्यों में लोगों को सहूलियत हो।

4. पंचायत ज्ञान केंद्र में संवर रहा भविष्य

मुख्यमंत्री ने रिमोट के माध्यम से जिन योजनाओं की शुरुआत की, उनका विवरण इस प्रकार है:

| श्रेणी | योजनाओं की संख्या | लागत (करोड़ में)

उद्घाटन | 294 | 93 करोड़

शिलान्यास | 101 | 298 करोड़

कुल | 395 | 391 करोड़ |

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ये गणमान्य रहे उपस्थित

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी, जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा, प्रभारी मंत्री लेशी सिंह, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, डीजीपी विनय कुमार और डीएम आनंद शर्मा समेत कई विधायक और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

Bihar Budget 2026: 2 फरवरी से बजट सत्र, वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव पेश करेंगे NDA सरकार का ‘विजन डॉक्यूमेंट’ – जानिए क्या है खास

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बिहार की राजनीति और अर्थव्यवस्था के लिए फरवरी का महीना बेहद अहम होने जा रहा है। 2 फरवरी 2026 से बिहार विधानसभा का बजट सत्र शुरू हो रहा है, जो 25 फरवरी तक चलेगा। इस बार सभी की निगाहें वरिष्ठ मंत्री और वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव पर टिकी हैं, जो एनडीए (NDA) सरकार का पहला पूर्ण बजट पेश करेंगे।

कुल 19-20 कार्य दिवसों वाले इस सत्र में सरकार न केवल अपना लेखा-जोखा पेश करेगी, बल्कि राज्य के विकास का नया रोडमैप भी सामने रखेगी।

बजट का संभावित आकार: विकास की नई छलांग

वित्तीय वर्ष 2025-26: ₹3.17 लाख करोड़ (पिछला बजट)

वित्तीय वर्ष 2026-27 (अनुमानित): ₹3.20 लाख करोड़ से ₹3.24 लाख करोड़ के बीच।

बजट में यह वृद्धि स्पष्ट करती है कि सरकार विकास कार्यों की गति को धीमा नहीं पड़ने देना चाहती है।

किन क्षेत्रों पर रहेगा सरकार का ‘मेगा फोकस’?

1. बुनियादी ढांचा (Infrastructure)

​सड़क, बिजली और सिंचाई हमेशा से सरकार की प्राथमिकता रही है। चूंकि बिजेंद्र यादव लंबे समय तक ऊर्जा मंत्री रहे हैं, इसलिए बिजली क्षेत्र में सुधार और सौर ऊर्जा (Solar Energy) को लेकर नई घोषणाएं संभव हैं।

2. रोजगार और युवा (Employment & Youth)

​युवाओं के लिए यह बजट काफी अहम है।

  • स्किल डेवलपमेंट: शिक्षा को सीधे रोजगार से जोड़ने (Education-Employment Linkage) के लिए नई योजनाएं आ सकती हैं।
  • ​स्वरोजगार के लिए स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने पर जोर रहेगा।

3. महिला सशक्तिकरण (Women Empowerment)

​’जीविका दीदियों’ की सफलता के बाद, सरकार महिलाओं के लिए आर्थिक सहायता और उद्यमिता की नई/विस्तारित योजनाएं ला सकती है।

4. शिक्षा और स्वास्थ्य (Education & Health)

​हर बार की तरह, बजट का सबसे बड़ा हिस्सा शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र को जाने की संभावना है। अस्पतालों के आधुनिकीकरण और स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर विशेष प्रावधान हो सकते हैं।

5. कृषि और बाढ़ प्रबंधन (Agriculture & Flood Management)

​बिहार के लिए बाढ़ और सूखा दो बड़ी चुनौतियां हैं। वित्त मंत्री ने हाल ही में केंद्र सरकार से जल संसाधन और बाढ़ प्रबंधन के लिए विशेष पैकेज की मांग की है। बजट में कोसी-मेची लिंक परियोजना जैसी योजनाओं के लिए राशि आवंटित की जा सकती है।

डेटा-ड्रिवन प्लानिंग: विकास का नया मंत्र

इस बार के बजट की एक खास बात ‘डेटा-ड्रिवन प्लानिंग’ (Data-Driven Planning) होगी। उद्योग स्थापना और आर्थिक विकास के लिए सरकार अब सिर्फ अनुमानों पर नहीं, बल्कि ठोस आंकड़ों के आधार पर नीतियां बनाएगी। इसका उद्देश्य राज्य में निवेश बढ़ाना और उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल तैयार करना है।

​2 फरवरी से शुरू होने वाला यह सत्र न केवल आंकड़ों का खेल होगा, बल्कि यह 2026 और उससे आगे के बिहार की तस्वीर तय करेगा। वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव के अनुभव और केंद्र-राज्य के तालमेल से बिहार की जनता को एक संतुलित और विकासोन्मुखी बजट की उम्मीद है।​

नोट: बजट सत्र की पल-पल की अपडेट और वित्त मंत्री के भाषण के मुख्य अंशों के लिए हमारे साथ बने रहें।

बाघा कुसमार में अपराधियों का तांडव, मास्टर इसराफिल के पुत्र मो० मन्नान की गोली मारकर हत्या; इलाके में तनाव

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मधुबनी: जिले में अपराधियों के हौसले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। ताजा मामला बाघा कुसमार (Bagha Kusmar) इलाके का है, जहाँ बेखौफ अपराधियों ने एक दिल दहला देने वाली घटना को अंजाम दिया है। अपराधियों ने एक युवक को पेट में दो गोलियां मारकर मौत की नींद सुला दिया।

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​इस नृशंस हत्या के बाद से पूरे इलाके में मातम और डर का माहौल है, वहीं स्थानीय लोगों में पुलिस-प्रशासन की सुस्त रवैये को लेकर भारी गुस्सा देखा जा रहा है।

क्या है पूरा मामला?

प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना बाघा कुसमार की है। यहाँ के प्रतिष्ठित मास्टर इसराफिल जी (Master Israfil Ji) के पुत्र मो० मन्नान (Md. Mannan) को अपराधियों ने अपना निशाना बनाया। सूत्रों के मुताबिक, हमलावरों ने मन्नान के पेट में दो गोलियां (Two bullets in the stomach) दाग दीं।

गोली लगते ही मन्नान लहूलुहान होकर गिर पड़े। परिजनों और स्थानीय लोगों ने आनन-फानन में उन्हें उठाया और बेहतर इलाज के लिए दरभंगा (Darbhanga) की ओर दौड़े। लेकिन जख्म इतने गहरे थे कि जिंदगी ने साथ छोड़ दिया और दरभंगा ले जाने के क्रम में रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया।

“बेलगाम अपराधियों का तांडव” – सोशल मीडिया पर गुस्सा

​घटना की खबर फैलते ही सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। लोग इसे जघन्य अपराध बताते हुए इंसाफ की मांग कर रहे हैं।

स्थानीय नागरिक विमल प्रकाश ने सोशल मीडिया पर लिखा:

मन विचलित और व्यथित है… मो० मन्नान को अपराधियों ने गोली मार दिया है। यह बहुत ही जघन्य अपराध है। ये बेलगाम अपराधियों का तांडव है, प्रशासन को कड़ी कार्रवाई करनी होगी।

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वहीं, मो० इजहार ने भी घटना पर दुख जताते हुए पुष्टि की है कि गोली लगने के बाद दरभंगा में मौत हुई है।

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जांच में जुटी पुलिस

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मामले की छानबीन में जुट गई है। हालांकि, अपराधियों ने इस घटना को क्यों अंजाम दिया और इसमें कौन लोग शामिल हैं, इसका खुलासा अभी नहीं हो पाया है। स्थानीय लोग प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि हत्यारों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर कड़ी से कड़ी सजा दी जाए।

फूलपरास: जननायक कर्पूरी ठाकुर की 102वीं जयंती पर याद किए गए समाजवादी विचार, वक्ताओं ने बताया ‘कर्मभूमि’

फूलपरास (मधुबनी): फूलपरास थाना चौक पर शनिवार को जननायक और पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर की 102वीं जयंती समारोह धूमधाम से मनाया गया। इस कार्यक्रम में क्षेत्र के गणमान्य लोगों और समाजवादियों ने हिस्सा लिया और जननायक के तैल चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।

कार्यक्रम की अध्यक्षता फूलपरास के पूर्व प्रमुख देव कृष्ण यादव ने की, जबकि मंच संचालन राजद अनुसूचित जाति के प्रखंड अध्यक्ष धुरन विश्वास द्वारा किया गया।

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फूलपरास है जननायक की कर्मभूमि: ब्रह्मानन्द यादव

समारोह के मुख्य अतिथि और रहिका सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक (मधुबनी) के पूर्व चेयरमैन सह राजद नेता ब्रह्मानन्द यादव ने कर्पूरी ठाकुर के योगदान को याद करते हुए फूलपरास के साथ उनके गहरे रिश्ते का जिक्र किया।

उन्होंने अपने संबोधन में कहा:

फूलपरास विधानसभा चुनाव जननायक कर्पूरी जी यहां से लड़े थे। यहां के लोगों ने उन्हें अपार समर्थन और स्नेह दिया था। फूलपरास समाजवादियों की धरती है और यह जननायक जी की कर्मभूमि रही है। आज फूलपरास अनुमंडल मुख्यालय में जो रेफरल अस्पताल और बिजली पावर सब-स्टेशन मौजूद है, वह उन्हीं की देन है।

​श्री यादव ने जोर देकर कहा कि राजनीति करने वालों को जननायक से सीख लेने की जरूरत है। समानता, सादगी और समाज के अंतिम पायदान पर खड़े लोगों के विकास के बारे में सोचने वाले कर्पूरी जी का अनुकरण करके ही समाज और गांव का असली विकास संभव है।

युवाओं को चलना होगा जननायक के रास्ते पर

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे देव कृष्ण यादव ने अपने संबोधन में युवाओं को प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि आज के दौर में एक समरस समाज का निर्माण तभी संभव है जब युवा वर्ग जननायक कर्पूरी ठाकुर के बताए रास्ते और सिद्धांतों पर चले।

ये गणमान्य लोग रहे उपस्थित

जयंती समारोह में बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे। इनमें प्रमुख रूप से शामिल थे:

  • पंचायत समिति सदस्य: अशोक मुखिया
  • घोगरडीहा समिति: सुशील कामत
  • सरपंच: रमण यादव
  • अन्य प्रमुख लोग: सकल पासवान, मन्नू यादव, वीरेंद्र यादव, अमित रंजन, मनोज यादव, रामविलास यादव, रवि साफी, संजीत राम, महेश यादव, मोनू कामत, निरंजन कामत।
  • पैक्स अध्यक्ष: रविन्द्र यादव, जमुनी राम, अमोद यादव, मोहम्मद दाउद, मिटू कामत, बजरंगी कामत।

​कार्यक्रम के अंत में राजद नेता मनोज कुमार यादव ने सभी आगंतुकों का धन्यवाद ज्ञापन किया।

मधुबनी: धनछीहा पंचायत में रानी कुमारी बनीं शिक्षा समिति की सचिव, निर्विरोध हुआ चयन

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मधुबनी/लौकही: जिले के लौकही प्रखंड क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली धनछीहा पंचायत से एक सकारात्मक खबर सामने आई है। यहाँ शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की दिशा में ग्रामीणों ने एक अहम फैसला लेते हुए नई शिक्षा समिति का गठन किया है।

धनछीहा पंचायत के वार्ड संख्या 08 स्थित NPS (नव प्राथमिक विद्यालय) हरद्वार, लौकहा में हुई एक विशेष बैठक के दौरान शिक्षा समिति के सचिव पद का चुनाव संपन्न हुआ। इस चुनाव में स्थानीय ग्रामीणों और अभिभावकों ने सर्व सम्मति से रानी कुमारी (पति: अप्पु जिवेश) को शिक्षा समिति का सचिव चुना है।

निर्विरोध चुनी गईं रानी कुमारी

सबसे खास बात यह रही कि रानी कुमारी का चयन पूरी तरह से निर्विरोध रहा। बैठक में मौजूद सभी सदस्यों ने एक स्वर में उनके नाम पर सहमति जताई, जो उनके प्रति समाज के विश्वास को दर्शाता है।

विद्यालय के विकास की जगी उम्मीद

शिक्षा समिति के सचिव पद पर रानी कुमारी के चयन के बाद स्थानीय लोगों में हर्ष का माहौल है। ग्रामीणों का मानना है कि नई सचिव के नेतृत्व में विद्यालय की व्यवस्था में सुधार आएगा और बच्चों को बेहतर शिक्षा का माहौल मिल सकेगा। सचिव बनने के बाद रानी कुमारी ने भी विद्यालय के विकास और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए पूरी निष्ठा से काम करने का संकल्प लिया।

इस मौके पर वार्ड 08 के कई गणमान्य व्यक्ति और ग्रामीण उपस्थित थे जिन्होंने नवनिर्वाचित सचिव को बधाई दी।

L.N.J. कॉलेज झंझारपुर: खेल सामग्री आवंटन में भेदभाव का आरोप, MSU छात्र नेताओं के साथ धक्का-मुक्की, 13 से भूख हड़ताल की चेतावनी

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झंझारपुर: स्थानीय ललित नारायण जनता (L.N.J.) महाविद्यालय में 8 जनवरी को खेल सामग्री के वितरण को लेकर एक बड़ा विवाद सामने आया है। महाविद्यालय प्रशासन और खेल विभाग के कर्मचारियों पर छात्रों के साथ भेदभाव और अभद्रता करने का गंभीर आरोप लगा है। इस घटना के बाद कैंपस का माहौल तनावपूर्ण हो गया है।

क्या है पूरा मामला?

प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना उस वक्त हुई जब महाविद्यालय के कुछ छात्र खेलने के लिए खेल विभाग में सामग्री (Sports Kit) लेने पहुंचे। छात्रों का आरोप है कि खेल विभाग के कर्मचारियों ने नियम का हवाला देते हुए उनसे सामग्री के बदले 10 छात्रों का आईडेंटिटी कार्ड (ID Card) जमा करने की मांग की।

विवाद तब गहरा गया जब छात्रों ने देखा कि उसी समय महाविद्यालय के कुछ प्रोफेसरों के निजी बच्चों को बिना किसी कड़े नियम के खेल सामग्री दे दी गई और वे उसे लेकर घर जा रहे थे।

स्टाफ पर अभद्रता और धमकी देने का आरोप

जब छात्रों ने इस दोहरे रवैये पर सवाल उठाया, तो आरोप है कि खेल विभाग के स्टाफ ने जवाब देने के बजाय छात्र नेताओं के साथ बदसलूकी शुरू कर दी। मिथिला स्टूडेंट यूनियन (MSU) का कहना है कि स्टाफ ने अभद्र भाषा का प्रयोग किया और कहा, “जहाँ जाना है जाओ, गला पकड़ के बाहर फेंक देंगे।”

वायरल हो रहे वीडियो में भी तीखी नोकझोंक देखी जा सकती है। आरोप है कि इस दौरान महाविद्यालय प्रभारी कुंदन भारती के साथ भी धक्का-मुक्की की गई। MSU ने इसे शिक्षक मर्यादा और शैक्षणिक वातावरण पर गहरा आघात बताया है।

MSU ने दिया 3 दिन का अल्टीमेटम

इस घटना पर कड़ा रुख अपनाते हुए मिथिला स्टूडेंट यूनियन ने कॉलेज प्रशासन को चेतावनी दी है। संगठन ने स्पष्ट किया है कि छात्रों के साथ भेदभाव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

यूनियन ने मांग की है कि:

  • ​पूरे मामले की 3 दिनों के भीतर निष्पक्ष जाँच हो।
  • ​दोषी प्रोफेसर और कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।

अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल की चेतावनी

MSU ने ऐलान किया है कि यदि निर्धारित समय-सीमा के भीतर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती है, तो वे 13 जनवरी से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करने के लिए बाध्य होंगे। संगठन ने कहा है कि इसकी पूरी जिम्मेदारी महाविद्यालय प्रशासन की होगी और छात्रों के सम्मान की लड़ाई आखिरी दम तक लड़ी जाएगी।

Jhanjharpur News: वीबी जी राम जी योजना में राम के नाम से विपक्ष को लग रही मिर्ची NDA ने गिनाई खूबियां

भाजपा

झंझारपुर (मधुबनी): भाजपा जिला कार्यालय झंझारपुर में एनडीए (NDA) की ओर से आयोजित एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस में विपक्षी दलों पर जमकर निशाना साधा गया। भाजपा जिला अध्यक्ष बच्चा बाबू कामत ने कहा कि विपक्ष के पास अब कोई मुद्दा नहीं बचा है, इसलिए उनका एकमात्र कार्य सिर्फ विरोध करना रह गया है।

प्रेस वार्ता के दौरान केंद्र सरकार की नई पहल ‘वीबी जी राम जी’ (विकसित भारत गारंटी रोजगार और आजीविका मिशन ग्रामीण) कार्यक्रम पर चर्चा करते हुए एनडीए नेताओं ने इसे गेम चेंजर बताया।

​’राम’ के नाम से विपक्ष को परेशानी

भाजपा जिला अध्यक्ष बच्चा बाबू कामत ने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि विपक्षी दल अब ‘वीबी जी राम जी’ कार्यक्रम का विरोध सिर्फ इसलिए कर रहे हैं क्योंकि इसमें भगवान ‘राम’ का नाम जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा, “योजना के नाम में राम शब्द देखकर विपक्ष को मिर्ची लग रही है, जबकि यह योजना गरीबों के कल्याण के लिए है।”

मनरेगा से बेहतर: अब 125 दिन काम की गारंटी

योजना की खूबियों को गिनाते हुए श्री कामत ने बताया कि पहले मनरेगा के तहत 100 दिनों के रोजगार का प्रावधान था, लेकिन ‘वीबी जी राम जी’ के तहत अब इसे बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है। यह ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की गारंटी को और मजबूत करेगा।

सप्ताहिक भुगतान और प्रशासनिक व्यय में वृद्धि

प्रेस कॉन्फ्रेंस में रालोमो (RLM) के जिला अध्यक्ष रंजीत कामत ने विपक्ष द्वारा फैलाए जा रहे भ्रम को दूर किया। उन्होंने कहा:

  • विपक्ष इस योजना का गलत प्रचार कर रहा है।
  • ​योजना में प्रशासनिक व्यय को 6% से बढ़ाकर 9% कर दिया गया है।
  • ​मजदूरों का साप्ताहिक भुगतान (Weekly Payment) अनिवार्य रूप से तय किया गया है, जिससे श्रमिकों को आर्थिक तंगी का सामना नहीं करना पड़ेगा।

विकसित भारत 2047 का लक्ष्य

भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य अनुरंजन झा ने कहा कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य गांवों और गरीबों को सबल बनाना है। यह पहल भारत को 2047 तक ‘विकसित भारत’ बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी। वहीं, हम पार्टी (HAM) की जिला अध्यक्ष विमला देवी ने भी इस नए कानून का स्वागत किया।

ये रहे उपस्थित

इस मौके पर भाजपा जिला अध्यक्ष बच्चा बाबू कामत, रालोमो जिला अध्यक्ष रंजीत कामत, हम पार्टी जिला अध्यक्ष विमला कुमारी, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य अनुरंजन झा एवं सत्यनारायण अग्रवाल, भाजपा महिला प्रकोष्ठ जिला अध्यक्ष कामिनी देवी, दीपक कुमार झा, संदीप दास, पंकज चौधरी, ललन कान्त मिश्रा, विप्लेश ठाकुर, कुमार राजा, बजरंगी दास, प्रदीप ठाकुर, संजय राय, ललन पासवान, वरुण ठाकुर और दीपु मंडल समेत एनडीए के कई वरिष्ठ कार्यकर्ता उपस्थित थे।

केंद्रीय विद्यालय झंझारपुर का पहला सत्र अप्रैल से शुरू, शिक्षा के क्षेत्र में खुलेगा नया अध्याय

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झंझारपुर: शिक्षा के क्षेत्र में झंझारपुर और आसपास के निवासियों के लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी है। केंद्रीय विद्यालय झंझारपुर (Kendriya Vidyalaya Jhanjharpur) में शिक्षा का एक नया अध्याय शुरू होने जा रहा है। विद्यालय प्रशासन और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, विद्यालय का पहला शैक्षणिक सत्र (First Academic Session) इसी साल अप्रैल माह से शुरू होने जा रहा है।

इस घोषणा के बाद से ही क्षेत्र के अभिभावकों और छात्रों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। यह विद्यालय न केवल झंझारपुर बल्कि पूरे मिथिला क्षेत्र के लिए शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ी सौगात साबित होगा।

उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा अब घर के पास

केंद्रीय विद्यालय अपने उच्च शैक्षणिक मानकों और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए पूरे देश में जाने जाते हैं। KV Jhanjharpur के खुलने से अब यहाँ के बच्चों को उच्च गुणवत्ता की केंद्रीय शिक्षा (Central Education) प्राप्त करने के लिए बड़े शहरों या दूर-दराज के इलाकों में नहीं जाना पड़ेगा।

अप्रैल से सत्र शुरू होने का सीधा मतलब है कि स्थानीय छात्र अब सीबीएसई (CBSE) पाठ्यक्रम आधारित आधुनिक शिक्षा अपने ही इलाके में प्राप्त कर सकेंगे।

अभिभावकों और छात्रों में भारी उत्साह

विद्यालय का सत्र अप्रैल से शुरू होने की खबर जंगल में आग की तरह फैल गई है। अभिभावकों का कहना है कि यह उनके बच्चों के भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।

  • सस्ती और अच्छी शिक्षा: केंद्रीय विद्यालय में कम फीस में बेहतरीन सुविधाएं और शिक्षा मिलती है।
  • सर्वांगीण विकास: यहाँ पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद और अन्य गतिविधियों पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है।

झंझारपुर के लिए एक बड़ी उपलब्धि

  • विद्यालय का नाम: केंद्रीय विद्यालय झंझारपुर (KV Jhanjharpur)
  • सत्र शुरू होने का समय: अप्रैल (आगामी सत्र)
  • लाभ: स्थानीय छात्रों को गुणवत्तापूर्ण केंद्रीय शिक्षा
  • बोर्ड: सीबीएसई (CBSE)

जल्द ही नामांकन (Admission) से जुड़ी विस्तृत जानकारी और आधिकारिक अधिसूचना जारी होने की उम्मीद है। अभिभावकों को सलाह दी जाती है कि वे ताजा अपडेट के लिए आधिकारिक घोषणाओं पर नजर बनाए रखें।