लौकहा के विकास के लिए विधायक सतीश कुमार साह की बड़ी पहल: विधानसभा में उठाए सड़क निर्माण के महत्वपूर्ण प्रश्न

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लौकहा, बिहार। लौकहा विधानसभा क्षेत्र के समग्र विकास और ग्रामीण कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करने की दिशा में विधायक सतीश कुमार साह निरंतर सक्रिय हैं। इसी क्रम में, उन्होंने बिहार विधानसभा के 18वें सत्र के दौरान क्षेत्र की जर्जर सड़कों और नई कनेक्टिविटी को लेकर महत्वपूर्ण ‘तारांकित प्रश्न’ (Starred Questions) उठाए हैं।

विधायक की इस पहल का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों को मुख्य मार्गों और बुनियादी सुविधाओं जैसे स्वास्थ्य केंद्रों और रेलवे स्टेशनों से जोड़ना है।

विधानसभा में उठाए गए मुख्य मुद्दे

सतीश कुमार साह ने सदन के माध्यम से ग्रामीण कार्य विभाग का ध्यान निम्नलिखित प्रमुख सड़कों की ओर आकर्षित किया है:

  • माधोपुर से एन.एच-104 तक सड़क निर्माण: खुटौना प्रखंड के अंतर्गत माधोपुर गांव से भुतही बलान के पश्चिमी तटबंध होते हुए NH-104 तक (लगभग 4 किमी) सड़क का निर्माण न होने से स्थानीय जनता को स्वास्थ्य उपकेंद्र और लौकहा रेलवे स्टेशन जाने में भारी कठिनाई हो रही है।
  • सड़कों का सुदृढ़ीकरण एवं मरम्मत: विधायक जी ने उन सड़कों के जीर्णोद्धार की मांग भी की है जो वर्षों पहले बनी थीं और अब पूरी तरह जर्जर हो चुकी हैं। इसमें खुटौना प्रखंड के बघमरिया से बसनिया प्राथमिक विद्यालय तक और NH-104 से बरकोर गांव तक की सड़कें शामिल हैं।

प्रशासनिक सक्रियता और सराहनीय भूमिका

क्षेत्र के विकास कार्यों को धरातल पर उतारने में कार्यपालक अभियंता, ग्रामीण कार्य विभाग (फुलपरास) की भूमिका भी अत्यंत सराहनीय रही है। विभाग और विधायक के बीच का यह बेहतर समन्वय ही लौकहा की बदलती तस्वीर का आधार बन रहा है।

​”मेरा लक्ष्य लौकहा के हर गांव को मुख्य सड़क से जोड़ना है ताकि किसानों, छात्रों और मरीजों को आवागमन में कोई असुविधा न हो। विकास की यह प्रक्रिया रुकने वाली नहीं है।” – सतीश कुमार साह, विधायक (लौकहा)

विकास की ओर बढ़ता लौकहा

विधायक के इन प्रयासों से यह स्पष्ट है कि आने वाले समय में लौकहा विधानसभा क्षेत्र में यातायात की स्थिति में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा। स्थानीय निवासियों ने विधायक जी की इस संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई की सराहना की है।

समृद्धि यात्रा: सीएम नीतीश कुमार ने मधुबनी को दी 391 करोड़ की सौगात, मिथिला हाट और औद्योगिक क्षेत्र समेत 395 योजनाओं का किया शिलान्यास

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मधुबनी (27 जनवरी 2026): बिहार के मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने अपनी ‘समृद्धि यात्रा’ के दौरान आज मिथिला की सांस्कृतिक राजधानी मधुबनी को विकास की बड़ी सौगात दी है। मुख्यमंत्री ने जिले में कुल 391 करोड़ रुपये की लागत से 395 विकासात्मक योजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया।

अररिया संग्राम (झंझारपुर) में आयोजित कार्यक्रम के दौरान सीएम ने न केवल विकास कार्यों का जायजा लिया, बल्कि अधिकारियों को समय सीमा के भीतर काम पूरा करने के कड़े निर्देश भी दिए।

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1. मिथिला हाट और औद्योगिक विकास पर जोर

मुख्यमंत्री ने झंझारपुर प्रखंड के अररिया संग्राम स्थित मिथिला हाट फेज-II (रिवर फ्रंट डेवलपमेंट) का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने सीएम को जिले के प्रमुख प्रोजेक्ट्स की प्रगति रिपोर्ट सौंपी, जिसमें शामिल हैं:

  • औद्योगिक क्षेत्र: लौकही प्रखंड के बनगामा में 450 एकड़ और झंझारपुर के लोहना में 250 एकड़ भूमि पर औद्योगिक केंद्र की स्थापना।
  • पर्यटन: मां सीता और प्रभु श्रीराम के प्रथम मिलन स्थल ‘फुलहर स्थान’ को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करना।
  • इंफ्रास्ट्रक्चर: मधुबनी में अंतर्राज्यीय बस अड्डा, जयनगर शहीद चौक के पास आरओबी (ROB) और मधुबनी रिंग रोड का निर्माण।
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2. जीविका दीदियों और लाभुकों को मिली मदद

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने नवनिर्मित ‘जीविका भवन’ का उद्घाटन किया और इसकी चाबी जीविका दीदियों को सौंपी। महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देते हुए सीएम ने निम्नलिखित वितरण किए:

  • बैंक लिंकेज: 26,312 स्वयं सहायता समूहों को 301 करोड़ रुपये का सांकेतिक चेक।
  • सतत् जीविकोपार्जन योजना: 507 लाभार्थियों को 2 करोड़ 53 लाख रुपये की मदद।
  • ​इसके अलावा, दिव्यांगजनों को बैटरी चालित तिपहिया साइकिल, स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड और आयुष्मान कार्ड भी वितरित किए गए।
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3. तालाब सौंदर्यीकरण पर सीएम का निर्देश

मुख्यमंत्री ने अररिया संग्राम के वार्ड-13 स्थित दुर्गा मंदिर के पास वाले तालाब का निरीक्षण किया और उसमें मछली का जीरा छोड़ा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया:

तालाब का सौंदर्यीकरण अच्छा है, लेकिन सीढ़ीनुमा घाट केवल दो तरफ बने हैं। इसे चारों तरफ बनवाया जाए ताकि छठ पूजा और अन्य कार्यों में लोगों को सहूलियत हो।

4. पंचायत ज्ञान केंद्र में संवर रहा भविष्य

मुख्यमंत्री ने रिमोट के माध्यम से जिन योजनाओं की शुरुआत की, उनका विवरण इस प्रकार है:

| श्रेणी | योजनाओं की संख्या | लागत (करोड़ में)

उद्घाटन | 294 | 93 करोड़

शिलान्यास | 101 | 298 करोड़

कुल | 395 | 391 करोड़ |

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ये गणमान्य रहे उपस्थित

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी, जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा, प्रभारी मंत्री लेशी सिंह, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, डीजीपी विनय कुमार और डीएम आनंद शर्मा समेत कई विधायक और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

लौकहा के विकास के लिए उठी 5 बड़ी मांगें: सर्व मंगलम् फाउंडेशन ने विधान पार्षद ललन सर्राफ को सौंपा ज्ञापन, CM तक पहुंचेगी बात

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पटना/मधुबनी: लौकहा विधानसभा क्षेत्र के सर्वांगीण विकास और जनता से जुड़ी बुनियादी समस्याओं के समाधान के लिए एक बड़ी पहल की गई है। ‘सर्व मंगलम् फाउंडेशन’ के अध्यक्ष दिनेश प्रसाद गुप्ता ने बिहार विधानमंडल के नेता और विधान पार्षद (MLC) माननीय श्री ललन सर्राफ से मुलाकात कर मुख्यमंत्री के नाम पांच सूत्री मांग पत्र सौंपा है।

इस मुलाकात के दौरान दिनेश प्रसाद गुप्ता ने लौकहा विधानसभा क्षेत्र की उन पांच प्रमुख समस्याओं को पटल पर रखा, जिनसे यहाँ की जनता वर्षों से जूझ रही है।

माननीय ललन सर्राफ ने दिया था आश्वासन

गौरतलब है कि इन मुद्दों पर फाउंडेशन के अध्यक्ष और विधान पार्षद के बीच पूर्व में भी चर्चा हुई थी। उस समय माननीय ललन सर्राफ ने आश्वासन दिया था कि यदि इन समस्याओं को लेकर माननीय मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार जी के नाम विधिवत आवेदन दिया जाए, तो वे स्वयं इसे मुख्यमंत्री तक पहुंचाएंगे और मांगों को पूरा कराने का भरसक प्रयास करेंगे। इसी क्रम में कल (बुधवार) को दिनेश प्रसाद गुप्ता ने उन्हें 5 अलग-अलग आवेदन सुपुर्द किए और नव वर्ष की शुभकामनाओं के साथ बुके भेंट किया।

ये हैं लौकहा की 5 प्रमुख मांगें

सर्व मंगलम् फाउंडेशन द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में निम्नलिखित पांच मुद्दों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की गई है:

1. लौकहा में डिग्री कॉलेज की स्थापना:

लौकहा में उच्च शिक्षा के लिए सरकारी संस्थान की भारी कमी है। आवेदन में मांग की गई है कि ‘वित्तरहित जनता कॉलेज, लौकहा’ को अपग्रेड कर डिग्री कॉलेज का दर्जा दिया जाए, ताकि क्षेत्र के हजारों छात्रों को स्नातक की पढ़ाई के लिए पलायन न करना पड़े।

2. जल-जमाव से मुक्ति:

लौकहा बाजार, लौकही और नरहैया बाजार में जल-जमाव एक गंभीर समस्या है। मांग की गई है कि यहाँ पक्के नाले का निर्माण कर ड्रेनेज सिस्टम को दुरुस्त किया जाए।

3. लौकहा अस्पताल का जीर्णोद्धार:

सीमावर्ती क्षेत्र होने के बावजूद लौकहा का सरकारी अस्पताल जर्जर स्थिति में है। फाउंडेशन ने अस्पताल के भवन के जीर्णोद्धार, डॉक्टरों की नियमित नियुक्ति और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं की मांग की है।

4. रेल सुविधाओं का विस्तार:

रेलवे कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए हैं:

  • लौकहा से अमृत भारत ट्रेन का परिचालन शुरू करना।
  • लंबी दूरी की ट्रेनों का विस्तार लौकहा तक करना।
  • लौकहा स्टेशन पर वाशिंग पिट का निर्माण।

5. बलान नदी तटबंध पर सड़क निर्माण:

भूतही बलान नदी के पूर्वी और पश्चिमी तटबंधों को मजबूत कर उस पर पक्की सड़क बनाने की मांग की गई है। इससे न केवल बाढ़ से सुरक्षा मिलेगी बल्कि आवागमन सुगम होगा और दूरी भी कम होगी।

क्या होगा असर?

दिनेश प्रसाद गुप्ता ने बताया कि ये सभी मुद्दे सीधे तौर पर जनहित से जुड़े हैं। नेपाल सीमा से सटे होने के कारण लौकहा का सामरिक और व्यापारिक महत्व भी है। यदि सरकार इन मांगों को मान लेती है, तो लौकहा विधानसभा क्षेत्र की तस्वीर बदल जाएगी। अब क्षेत्र की निगाहें माननीय ललन सर्राफ और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर टिकी हैं।

बिहार की सियासत में ‘दही-चूड़ा’ डिप्लोमेसी: तेज प्रताप यादव का बड़ा दांव, तेजस्वी और नीतीश कुमार को भेजा न्योता

Tej Pratap Yadav dahi chura plan thumbnail with Tejashwi Yadav Nitish Kumar Samrat Chaudhary and Vijay Sinha on one stage

पटना: बिहार में मकर संक्रांति केवल एक पर्व नहीं, बल्कि सियासी समीकरणों को साधने का एक बड़ा मौका होता है। इस बार जनशक्ति जनता दल (जेजेडी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने इस परंपरा को आगे बढ़ाते हुए सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है।

तेज प्रताप यादव ने घोषणा की है कि वे 14 जनवरी (मकर संक्रांति) के अवसर पर अपने आवास पर भव्य ‘दही-चूड़ा भोज’ का आयोजन करेंगे। खास बात यह है कि इस भोज में सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों के दिग्गजों को एक मंच पर लाने की तैयारी है।

छोटे भाई तेजस्वी को खास निमंत्रण

राजनीतिक मतभेदों और अलग राह चुनने के बाद यह पहला मौका होगा जब तेज प्रताप यादव अपने छोटे भाई और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को औपचारिक रूप से आमंत्रित कर रहे हैं। तेज प्रताप ने स्पष्ट किया है कि वे खुद तेजस्वी को न्योता देंगे। सियासी जानकारों का मानना है कि यह आयोजन दोनों भाइयों के बीच जमी बर्फ को पिघलाने की एक कोशिश हो सकता है।

इन दिग्गजों को भेजा जाएगा बुलावा

तेज प्रताप यादव ने अपनी पार्टी की ओर से आयोजित इस भोज को ‘सर्वदलीय’ रूप देने की कोशिश की है। उन्होंने जिन प्रमुख चेहरों को आमंत्रित करने की बात कही है, उनमें शामिल हैं:

  • नीतीश कुमार (मुख्यमंत्री, बिहार)
  • सम्राट चौधरी (उपमुख्यमंत्री)
  • विजय कुमार सिन्हा (उपमुख्यमंत्री)
  • आरिफ मोहम्मद खान (राज्यपाल)

लालू यादव की परंपरा को आगे बढ़ाने की कोशिश?

गौरतलब है कि बिहार विधानसभा चुनाव में राजद (RJD) की हार के बाद, राबड़ी आवास पर लालू प्रसाद यादव की पारंपरिक और मशहूर ‘दही-चूड़ा पार्टी’ को लेकर संशय बना हुआ है। ऐसे में तेज प्रताप का यह कदम उस सियासी शून्य को भरने की कोशिश माना जा रहा है।

सियासी मायने: सत्ता और विपक्ष के बीच सेतु?

राजनीतिक विश्लेषक इस आयोजन को केवल एक भोज नहीं मान रहे। विश्लेषकों का कहना है कि तेज प्रताप यादव इस आयोजन के जरिए खुद को एक परिपक्व नेता के रूप में स्थापित करना चाहते हैं जो दलगत राजनीति से ऊपर उठकर संवाद (Communication) में विश्वास रखता है। सत्ता पक्ष के शीर्ष नेताओं को बुलाकर वे यह संदेश देना चाहते हैं कि विरोध अपनी जगह है, लेकिन शिष्टाचार और संवाद अपनी जगह।

अब देखना दिलचस्प होगा कि 14 जनवरी को तेज प्रताप के आवास पर कौन-कौन से दिग्गज जुटते हैं और क्या बिहार की राजनीति में ‘दही-चूड़ा’ की मिठास नए समीकरणों को जन्म देती है?