मधुबनी: रामनवमी और चैती दुर्गा पूजा को लेकर लखनौर थाना में शांति समिति की बैठक, विधि-व्यवस्था पर हुई चर्चा

425955

लखनौर, मधुबनी। आगामी रामनवमी और दैयाखरवार में आयोजित होने वाली नव चैती दुर्गा पूजा के पावन अवसर पर क्षेत्र में शांति और सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखने के लिए मधुबनी जिले के लखनौर थाना परिसर में शांति समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।

प्रशासन ने दिए कड़े निर्देश

​बैठक की अध्यक्षता प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO), लखनौर द्वारा की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य त्योहारों के दौरान क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और विधि-व्यवस्था को चाक-चौबंद रखना था। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि त्योहारों के दौरान किसी भी प्रकार की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और असामाजिक तत्वों पर पैनी नजर रखी जाएगी।

425958

समिति सदस्यों को सौंपी गई जिम्मेदारी

​बैठक में उपस्थित पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने सभी पूजा समितियों और शांति समिति के सदस्यों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। अधिकारियों ने निम्नलिखित बिंदुओं पर जोर दिया:

  • आपसी सहयोग: सभी कमेटी मेंबर आपस में समन्वय बनाकर कार्य करें।
  • भीड़ प्रबंधन: पूजा और जुलूस के दौरान भीड़ को नियंत्रित करने के लिए स्वयंसेवकों की तैनाती।
  • सोशल मीडिया पर नजर: किसी भी प्रकार की भ्रामक खबर या अफवाहों पर ध्यान न देने और तुरंत पुलिस को सूचित करने की अपील।

गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति

​इस महत्वपूर्ण बैठक में क्षेत्र के कई स्थानीय प्रतिनिधि और समाज के प्रबुद्ध लोग शामिल हुए, जिनमें मुख्य रूप से:

  • ​स्थानीय मुखिया एवं सरपंच
  • ​थाना अध्यक्ष एवं अन्य पुलिस पदाधिकारी
  • ​क्षेत्र के विभिन्न गांवों के गणमान्य नागरिक

​बैठक के अंत में सभी उपस्थित सदस्यों ने प्रशासन को पूर्ण सहयोग देने का भरोसा दिया और संकल्प लिया कि रामनवमी और चैती दुर्गा पूजा का पर्व आपसी भाईचारे के साथ हर्षोल्लास से मनाया जाएगा।

बिहार में बड़ी कार्रवाई: महिला अधिकारी ₹12,000 रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार, दफ्तर में ही Vigilance ने दबोचा

Nalanda BPRO Anushka arrested by Bihar Vigilance team for taking bribe

पटना/नालंदा: बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘नीतीश सरकार’ के जीरो टॉलरेंस अभियान के तहत निगरानी अन्वेषण ब्यूरो (Vigilance Investigation Bureau) ने एक और बड़ी सफलता हासिल की है। नालंदा जिले के नगरनौसा प्रखंड में तैनात एक महिला अधिकारी को रिश्वत लेते हुए उनके अपने ही कार्यालय कक्ष से गिरफ्तार किया गया है।

मामला क्या है?

​गिरफ्तार आरोपी की पहचान अनुष्का के रूप में हुई है, जो नगरनौसा प्रखंड (नालंदा) में प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी (BPRO) के पद पर तैनात थीं। निगरानी विभाग की टीम ने शुक्रवार (20 मार्च, 2026) को उन्हें 12,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा।

“छठ घाट निर्माण की सामग्री का भुगतान करने के बदले मांगी गई थी घूस”

शिकायतकर्ता ने खोली पोल

​खबर के अनुसार, अजय कुमार (निवासी: खपुरा, नगरनौसा) ने निगरानी विभाग में शिकायत दर्ज कराई थी। अजय कुमार ने बताया कि उन्होंने छठ घाट के निर्माण के लिए निर्माण सामग्री की आपूर्ति की थी। इस सामग्री के बकाया भुगतान (Payment Clearance) के बदले में अधिकारी श्रीमती अनुष्का द्वारा रिश्वत की मांग की जा रही थी।

Nalanda BPRO Anushka arrested by Bihar Vigilance team for taking bribe

कैसे बिछाया गया जाल?

​शिकायत मिलने के बाद निगरानी विभाग ने मामले का सत्यापन कराया। आरोप सही पाए जाने पर पुलिस उपाध्यक्ष श्री पवन कुमार-II के नेतृत्व में एक विशेष धावादल (Raid Team) का गठन किया गया। शुक्रवार को जैसे ही अजय कुमार ने अधिकारी को रिश्वत के पैसे दिए, टीम ने उन्हें उनके चैंबर में ही दबोच लिया।

2026 में भ्रष्टाचार पर ‘निगरानी’ का प्रहार (Statistics)

​निगरानी विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, इस साल भ्रष्टाचार के खिलाफ यह 34वीं प्राथमिकी (FIR) है।

  • कुल ट्रैप केस: 29
  • रंगे हाथ गिरफ्तार अभियुक्त: 23
  • कुल बरामद राशि: ₹8,84,000

अगर आपसे भी कोई मांगे रिश्वत, तो यहाँ करें शिकायत:

​निगरानी ब्यूरो ने जनता से अपील की है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाएं। आप इन नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं:

  • लैंडलाइन: 0612-2215030, 2215036
  • हेल्पलाइन: 0612-2215344
  • मोबाइल/व्हाट्सएप: 9473494167, 7765953261
  • ईमेल: spvig-bih@nic.in

गोपालगंज: हत्या मामले में राजू सिंह और विनय मिश्र को आजीवन कारावास, कोर्ट ने लगाया 50 हजार का जुर्माना

Gopalganj Court Sentence Raju Singh Vinay Mishra

गोपालगंज। बिहार के गोपालगंज जिले से न्याय की एक बड़ी खबर सामने आ रही है। भोरे थाना क्षेत्र के एक पुराने हत्या कांड (कांड सं.- 205/19) में माननीय न्यायालय ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो मुख्य अभियुक्तों को कड़ी सजा सुनाई है।

मामले का विवरण

​गोपालगंज पुलिस द्वारा कोर्ट में पेश किए गए पुख्ता सबूतों और समय पर दाखिल की गई चार्जशीट के आधार पर, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-02 ने अभियुक्तों को दोषी करार दिया। पुलिस की जांच में यह साबित हुआ कि इन दोनों ने हत्या की घटना को अंजाम दिया था।

Gopalganj Court Sentence Raju Singh Vinay Mishra

सजा का ऐलान

​न्यायालय ने निम्नलिखित अभियुक्तों को धारा-302 भा.दं.वि. (IPC Section 302) और आर्म्स एक्ट के तहत दोषी पाते हुए सजा सुनाई:

  1. राजू सिंह (साकिन- भोरे)
  2. विनय मिश्र (साकिन- भदवही)

न्यायालय द्वारा दी गई सजा:

  • आजीवन कारावास: दोनों दोषियों को जीवन भर जेल की सजा।
  • अर्थदण्ड: दोनों पर 50,000/- रुपये का आर्थिक जुर्माना भी लगाया गया है।

पुलिस की बड़ी कामयाबी

​इस मामले में गोपालगंज पुलिस की प्रभावी पैरवी और ठोस साक्ष्य संकलन की सराहना की जा रही है। पुलिस द्वारा कोर्ट में समय पर साक्ष्य प्रस्तुत करने के कारण ही अपराधियों को उनके अंजाम तक पहुँचाया जा सका। इस फैसले से समाज में कानून के प्रति विश्वास बढ़ा है और अपराधियों के बीच कड़ा संदेश गया है।

भ्रष्टाचार का हाई वोल्टेज: लाइनमैन से बना करोड़पति, आर्थिक अपराध इकाई (EOU) के रडार पर दरभंगा का ओम प्रकाश

दरभंगा करोड़पति लाइनमैन ओम प्रकाश आलीशान मकान जांच
प्रतीकात्मक चित्र (AI द्वारा निर्मित)

दरभंगा। बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही ‘जीरो टॉलरेंस’ की मुहिम के बीच एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। बिजली विभाग के बहादुरपुर सेक्शन में तैनात एक साधारण सा लाइनमैन, ओम प्रकाश, आज अपनी अकूत संपत्ति और आलीशान जीवनशैली के कारण आर्थिक अपराध इकाई (EOU) के निशाने पर है। आरोप है कि लाइनमैन की वर्दी की आड़ में ओम प्रकाश ने लाइजनिंग और उगाही का ऐसा साम्राज्य खड़ा किया, जिसने उसे रातों-रात करोड़पति बना दिया।

लाइनमैन की आड़ में ‘सिंडिकेट’ का संचालन

सूत्रों के मुताबिक, ओम प्रकाश केवल बिजली के खंभों तक सीमित नहीं था। विभाग के भीतर उसकी पहचान एक ऐसे ‘लाइजनर’ के रूप में थी, जो बड़े अधिकारियों और ठेकेदारों के बीच सेतु का काम करता था। आरोप है कि वह बिजली विभाग के बड़े पदाधिकारियों के लिए उगाही और लाइजनिंग (Liaisoning) का सारा खेल मैनेज करता था। इसी प्रभाव का इस्तेमाल कर उसने ठेकेदारी और अवैध वसूली के जरिए करोड़ों की काली कमाई जमा की है।

दोनार गंज का ‘सफेद महल’ चर्चा का केंद्र

दरभंगा शहर के दोनार गंज इलाके में स्थित ओम प्रकाश का आलीशान मकान इन दिनों पूरे शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है। एक लाइनमैन के वेतन से इतना भव्य और कीमती मकान बनाना नामुमकिन माना जा रहा है। स्थानीय लोगों और विभागीय सूत्रों की मानें तो यह मकान भ्रष्टाचार की नींव पर खड़ा है। EOU की टीम अब इस संपत्ति के साथ-साथ अन्य निवेशों का भी ब्योरा खंगाल रही है।

EOU की रडार पर बड़ा नेटवर्क

आर्थिक अपराध इकाई को शक है कि ओम प्रकाश महज एक मोहरा है। इसके पीछे बिजली विभाग के कई बड़े सफेदपोश अधिकारियों का हाथ हो सकता है। जांच के केंद्र में मुख्य रूप से ये बिंदु हैं:

  • अवैध ठेकेदारी: क्या सरकारी पद पर रहते हुए उसने अपने करीबियों के नाम पर ठेके लिए?
  • लाइजनिंग का खेल: किन-किन बड़े अधिकारियों तक उगाही की रकम पहुंचाई जाती थी?
  • बेनामी संपत्ति: दरभंगा और उसके आसपास अन्य कितनी संपत्तियां ओम प्रकाश और उसके परिजनों के नाम पर हैं?

जीरो टॉलरेंस के तहत होगी कार्रवाई

राज्य सरकार और विभाग ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि भ्रष्टाचार में लिप्त किसी भी कर्मचारी या अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा। ओम प्रकाश के खिलाफ सबूत जुटाए जा रहे हैं और जल्द ही उसकी संपत्तियों को कुर्क करने की प्रक्रिया भी शुरू हो सकती है। इस खुलासे के बाद बिजली विभाग के गलियारों में हड़कंप मचा हुआ है, क्योंकि जांच की आंच कई वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंच सकती है।

“साधारण वेतन पाने वाला एक लाइनमैन आखिर कैसे करोड़ों का मालिक बन गया? यह जांच का विषय है। आर्थिक अपराध इकाई इस नेटवर्क की जड़ों तक पहुंचेगी।” – (विभागीय सूत्र)

डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी प्राप्त सूत्रों और सोशल मीडिया पर प्रसारित सूचनाओं पर आधारित है। संबंधित विभाग या आर्थिक अपराध इकाई (EOU) द्वारा जांच अभी जारी है। किसी भी व्यक्ति पर लगे आरोपों की पुष्टि केवल कानूनी प्रक्रिया और अदालत के माध्यम से ही संभव है। हमारा उद्देश्य केवल सूचना साझा करना है, किसी की छवि को धूमिल करना नहीं।

बिहार के कुबेर बिजली इंजीनियर का खुलासा: 100 करोड़ का साम्राज्य, नेपाल में प्रेमिका के लिए बंगला और दार्जिलिंग में चाय बागान

414096

मधुबनी/पटना: बिहार में भ्रष्टाचार की जड़ें कितनी गहरी हैं, इसका अंदाजा आप मधुबनी के जयनगर में तैनात बिजली विभाग के कार्यपालक अभियंता (Executive Engineer) मनोज कुमार रजक की कुंडली देखकर लगा सकते हैं। आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की छापेमारी में जो सच सामने आया है, उसने पूरे महकमे में हड़कंप मचा दिया है। साहब ने जनता की गाढ़ी कमाई से ‘काली संपत्ति’ का ऐसा पहाड़ खड़ा किया है कि जांच अधिकारियों के भी होश उड़ गए हैं।

414080

⚡ सरहद पार ‘इश्क’ और ‘अय्याशी’ का साम्राज्य

​खबरों के मुताबिक, इंजीनियर साहब का रसूख सिर्फ बिहार तक सीमित नहीं था। उन्होंने पड़ोसी देश नेपाल के सुनसरी में अपनी एक महिला रिश्तेदार (प्रेमिका) के लिए आलीशान बंगला बनवा रखा था। हद तो तब हो गई जब यह पता चला कि उस बंगले को बनवाने के लिए मजदूर भी साहब अपने गांव से ही भेजते थे।

📌 छापेमारी के वो 5 बड़े खुलासे जो आपको हैरान कर देंगे:

  1. 100 करोड़ की काली कमाई: शुरुआती जांच में साहब की कुल संपत्ति 100 करोड़ के आसपास आंकी जा रही है। सरकारी फाइलों में आय से 62.66% अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया गया है।
  2. जमीन का अंबार (17 कीमती प्लॉट): अररिया, सुपौल, दरभंगा और पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में कुल 17 कीमती प्लॉट के दस्तावेज मिले हैं। कागजों पर कीमत 1 करोड़ है, लेकिन मार्केट वैल्यू 3 करोड़ से भी ज्यादा है।
  3. दार्जिलिंग में चाय बागान और पेट्रोल पंप: साहब को चाय का इतना शौक था कि उन्होंने दार्जिलिंग में पार्टनरशिप में चाय बागान ही खरीद लिया। साथ ही, पत्नी वीणाश्री भारती के नाम पर पेट्रोल पंप और भाई के नाम पर गैस एजेंसी खोलने की पूरी तैयारी थी।
  4. सरकारी तंत्र से ‘महा-जालसाजी’: भ्रष्टाचार का गजब नमूना देखिए! साहब ने अपनी ही निजी स्कॉर्पियो गाड़ी को अपने ही सरकारी दफ्तर में किराए पर लगवा रखा था और उसका भाड़ा खुद ही डकार रहे थे।
  5. पूरा परिवार लपेटे में: EOU ने इस काले खेल में इंजीनियर के भाई संजय रजक और पिता बद्रीनारायण रजक को भी सह-अभियुक्त बनाया है।

💸 जनता अंधेरे में, साहब का साम्राज्य ‘रोशन’

​एक तरफ बिहार की जनता बिजली के बढ़ते बिल और अघोषित कटौती से त्रस्त है, वहीं दूसरी तरफ विभाग के ये ‘कुबेर’ अपनी काली कमाई से नेपाल तक साम्राज्य रोशन कर रहे थे। 10 ठिकानों पर हुई 7 घंटे की छापेमारी में भारी कैश, गहने और महंगी गाड़ियां (स्विफ्ट डिजायर और स्कॉर्पियो) बरामद हुई हैं।

भ्रष्ट अधिकारियों पर आपका क्या कहना है?

बिहार के इस ‘पावरफुल’ इंजीनियर की काली करतूतों पर आपकी क्या राय है? क्या ऐसे अधिकारियों की संपत्ति तुर कुर्क कर जेल भेज देना चाहिए?

​अपनी प्रतिक्रिया नीचे कमेंट बॉक्स में जरूर दें और भ्रष्टाचार के खिलाफ इस खबर को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें!

b

मधुबनी में LPG की किल्लत नहीं, अफवाह फैलाने और जमाखोरी करने वालों पर होगी जेल: DM आनंद शर्मा

DM Anand Sharma and SP Yogendra Kumar press conference Madhubani.

मधुबनी। जिले में पिछले कुछ दिनों से रसोई गैस (LPG) को लेकर फैल रही अफवाहों और उपभोक्ताओं के बीच मची अफरातफरी पर जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। आज जिलाधिकारी आनंद शर्मा एवं पुलिस अधीक्षक योगेंद्र कुमार ने संयुक्त रूप से प्रेस वार्ता कर जिले में गैस की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था की वर्तमान स्थिति साझा की।

आपूर्ति सामान्य, घबराने की जरूरत नहीं

​जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने स्पष्ट किया कि मधुबनी जिले में लगभग 10 लाख एलपीजी उपभोक्ता हैं और उनके लिए पर्याप्त मात्रा में गैस का स्टॉक उपलब्ध है। उन्होंने कहा, आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है। आम जनता अफवाहों पर ध्यान न दें और पैनिक होकर अनावश्यक बुकिंग न करें। घरों में सिलेंडर का भंडारण करना न केवल गैर-कानूनी है, बल्कि सुरक्षा के लिहाज से भी खतरनाक है।”

जमाखोरों पर प्रशासन का ‘हंटर’

​कालाबाजारी और अवैध भंडारण की शिकायतों पर पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। पुलिस अधीक्षक योगेंद्र कुमार ने बताया कि:

  • ​अब तक जिले के विभिन्न क्षेत्रों में छापेमारी कर 3 प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई हैं।
  • ​दोषियों को पकड़कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है।
  • ​इन मामलों में स्पीडी ट्रायल चलाकर जल्द से जल्द सजा दिलाई जाएगी ताकि कालाबाजारी करने वालों को कड़ा संदेश मिले।

आमजन के लिए प्रशासन की अपील:

  1. अफवाहों से बचें: सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से फैल रही कमी की खबरों पर भरोसा न करें।
  2. सहयोग करें: गैस एजेंसियां सुचारू रूप से वितरण कर रही हैं, व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का साथ दें।
  3. भंडारण न करें: जरूरत से ज्यादा सिलेंडर घर में न रखें, ताकि वास्तविक जरूरतमंदों को परेशानी न हो।

प्रशासन का संदेश साफ है: आपूर्ति में कोई बाधा नहीं है, लेकिन यदि कोई वेंडर या व्यक्ति कालाबाजारी में संलिप्त पाया गया, तो उस पर सख्त कानूनी कार्रवाई निश्चित है।

मधुबनी: फुलपरास में मवेशी चोर गिरोह सक्रिय, ब्रह्मानंद यादव ने प्रशासन से की सख्त कार्रवाई की माँग

397926

मधुबनी (बिहार): फुलपरास नगर पंचायत में अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि अब वे सरेआम मवेशियों की चोरी करने से भी नहीं हिचक रहे हैं। ताजा मामला परमेश्वर चौक का है, जहाँ मंगलवार तड़के तीन-चार अज्ञात चोरों ने एक सांड को जबरन पिकअप वैन में लादकर चोरी करने का प्रयास किया।

398212

घटना का विवरण

स्वतंत्र पत्रकार और पूर्व अध्यक्ष ब्रह्मानंद यादव द्वारा थाना अध्यक्ष को लिखे गए पत्र के अनुसार, यह घटना 10 मार्च 2026 की सुबह करीब 3 से 4 बजे के बीच की है। बताया जा रहा है कि चोरों ने सांड के गले में रस्सी बाँधकर उसे घसीटते हुए पिकअप वैन पर लादने की कोशिश की।

इसी बीच सांड गाड़ी से कूदकर भागने लगा। चोरों ने गाड़ी से उसका पीछा भी किया, लेकिन तभी वहाँ मौजूद एक सब्जी विक्रेता, मोहम्मद सोवराती, जाग गए। उनकी सजगता और शोर मचाने के कारण चोर घबरा गए और सांड को छोड़कर पिकअप वैन लेकर मौके से फरार हो गए।

397820

सीसीटीवी फुटेज से हो सकती है पहचान

ब्रह्मानंद यादव ने अपने पत्र में प्रशासन का ध्यान इस ओर खींचा है कि फुलपरास नगर पंचायत के विभिन्न गाँवों से लगातार सांड और पाड़ा (भैंस का बच्चा) चोरी होने की खबरें आ रही हैं। उन्होंने पुलिस से माँग की है कि:

  • परमेश्वर चौक, हटिया चौक और लोहिया चौक पर लगे सीसीटीवी कैमरों की जाँच की जाए।
  • संदिग्ध पिकअप वैन का नंबर निकालकर अपराधियों की पहचान की जाए।
  • क्षेत्र में गश्त बढ़ाई जाए ताकि ऐसी घटनाओं पर रोक लग सके।

प्रशासन से न्यायोचित कार्रवाई की अपील

इस मामले की प्रतिलिपि कार्यपालक पदाधिकारी (नगर पंचायत फुलपरास) और अनुमंडल पदाधिकारी को भी भेजी गई है। स्थानीय निवासियों में इस घटना को लेकर काफी आक्रोश है और उन्होंने पुलिस प्रशासन से जल्द से जल्द दोषियों को गिरफ्तार करने की माँग की है।

सोशल मीडिया पर कट्टा लहराना पड़ा भारी! मधुबनी के अंधराठाढ़ी में पुलिस ने दो युवकों को भेजा जेल

अंधराठाढ़ी थाना पुलिस कार्रवाई: अवैध हथियार के साथ गिरफ्तारी

मधुबनी (बिहार): सोशल मीडिया पर हथियार लहराकर दहशत फैलाना अब अपराधियों के लिए गले की फांस बनता जा रहा है। ताज़ा मामला मधुबनी जिले के अंधराठाढ़ी थाना क्षेत्र का है, जहाँ पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए महज 4 घंटे के भीतर दो युवकों को गिरफ्तार कर लिया है।

क्या है पूरा मामला?

​मिली जानकारी के अनुसार, 03 मार्च 2026 को सुबह लगभग 10:00 बजे पुलिस को एक वीडियो प्राप्त हुआ था। इस वीडियो में दो युवक अवैध हथियार लहराते हुए दिखाई दे रहे थे। वीडियो के संज्ञान में आते ही पुलिस अधीक्षक (SP) मधुबनी ने इसे गंभीरता से लिया और संबंधित थाना को तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई और गिरफ्तारी

​अंधराठाढ़ी पुलिस ने मानवीय और तकनीकी सूचना के आधार पर त्वरित छापेमारी की। पुलिस ने वीडियो में दिख रहे दोनों युवकों की पहचान कर उन्हें हिरासत में ले लिया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान इस प्रकार है:

  1. नीरज कुमार चौधरी, पिता- धर्मेन्द्र चौधरी
  2. राहुल कुमार चौधरी, पिता- स्व. विक्रम चौधरी

​दोनों आरोपी ग्राम-सिजौल, थाना-अंधराठाढ़ी, जिला-मधुबनी के निवासी बताए जा रहे हैं।

सरस्वती पूजा के दौरान बनाया गया था वीडियो

​पूछताछ के दौरान आरोपियों ने स्वीकार किया कि वायरल वीडियो सरस्वती पूजा के विसर्जन के समय का है। पुलिस द्वारा कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपियों की निशानदेही पर गंगद्वार ढाला के पास से 01 देसी कट्टा बरामद किया गया है।

पुलिस का बयान: “ये युवक हथियार दिखाकर आम जनता को डराने-धमकाने का काम करते थे और पूर्व में भी जेल जा चुके हैं। गांव में दहशत पैदा करने के उद्देश्य से ये हथियारों के साथ फोटो और वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करते थे।”

अवैध हथियार बरामद और कानूनी कार्रवाई

​पुलिस ने आरोपियों के पास से एक देसी कट्टा बरामद किया है। अंधराठाढ़ी थाना द्वारा इस संबंध में आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। दोनों अभियुक्तों को न्यायिक हिरासत में जेल भेजा जा रहा है और पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई में जुट गई है।

मधुबनी पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई ने अपराधियों को सख्त संदेश दिया है कि सोशल मीडिया पर हथियारों का प्रदर्शन करना कानूनन अपराध है और पुलिस ऐसी गतिविधियों पर पैनी नजर रखे हुए है।

मधुबनी: संदीप यूनिवर्सिटी में हथियार लहराने वाला छात्र गिरफ्तार, पुलिस ने भेजा जेल

370483

मधुबनी (बिहार): जिले में अवैध हथियारों के प्रदर्शन और अपराध पर लगाम लगाने के लिए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर लगातार कार्रवाई जारी है। इसी कड़ी में अंधराठाढ़ी थाना क्षेत्र स्थित संदीप यूनिवर्सिटी में पिस्टल लहराकर दहशत फैलाने वाले एक युवक को पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार कर लिया है।

क्या है पूरा मामला?

​घटना बीते शुक्रवार (27 फरवरी 2026) की रात करीब 7:30 बजे की है। जानकारी के अनुसार, संदीप यूनिवर्सिटी के सुरक्षा प्रभारी (Security Incharge) रूटीन गश्त पर थे। इसी दौरान उन्होंने एक छात्र को हाथ में हथियार लहराते हुए देखा। सुरक्षाकर्मियों को देखते ही युवक हथियार फेंककर बाउंड्री फांदकर अंधेरे का फायदा उठाते हुए भाग निकला।

​सुरक्षाकर्मियों ने तत्काल इसकी सूचना अंधराठाढ़ी थाना को दी और फेंके गए हथियार को अपनी अभिरक्षा में ले लिया। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी।

370518

पुलिस की त्वरित कार्रवाई और गिरफ्तारी

​मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने मानवीय आसूचना (Human Intelligence) और तकनीकी इनपुट का सहारा लिया। अंधराठाढ़ी थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी युवक को भैरवस्थान थाना क्षेत्र के काको ग्राम से धर दबोचा।

पुलिस पूछताछ में खुलासा: गिरफ्तार युवक ने पूछताछ के दौरान यूनिवर्सिटी कैंपस में हथियार लहराने की बात स्वीकार कर ली है। पुलिस ने उसके पास से 01 अवैध देशी कट्टा बरामद किया है।

अभियुक्त का विवरण

​गिरफ्तार किए गए युवक की पहचान निम्नलिखित रूप में हुई है:

  • नाम: विकाश सिंह
  • पिता: चंद्रप्रकाश सिंह
  • निवासी: ग्राम- सिजौल, थाना- अंधराठाढ़ी, जिला- मधुबनी।

कानूनी कार्रवाई

​मधुबनी पुलिस के अनुसार, आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेजा जा रहा है। पुलिस इस मामले में अन्य कानूनी पहलुओं की भी जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि युवक के पास अवैध हथियार कहाँ से आया।

मधुबनी पुलिस का संदेश: “पुलिस आपकी सेवा में सदैव तत्पर है और अवैध हथियारों या अपराध में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।”

मधुबनी: झंझारपुर में ग्रामीणों का गुस्सा फूटा, आवास सहायक को बनाया बंधक; अवैध उगाही का संगीन आरोप

352025 1

​​झंझारपुर (मधुबनी): बिहार के मधुबनी जिले के झंझारपुर प्रखंड अंतर्गत संतनगर पंचायत में शनिवार को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब ग्रामीणों ने भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर पंचायत आवास सहायक और एक अन्य कर्मी को घंटों बंधक बनाए रखा। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के नाम पर पंचायत में बड़े पैमाने पर अवैध वसूली का खेल चल रहा है।

​क्या है पूरा मामला?

मिली जानकारी के अनुसार, आवास सहायक प्रमोद कुमार महतो एक पूर्व कर्मी राजकुमार चौधरी के साथ संतनगर पंचायत के इमादपट्टी गांव में जांच के लिए पहुंचे थे। ग्रामीणों का दावा है कि जांच के नाम पर लाभुकों को डराया जा रहा था कि सर्वेक्षण सूची से करीब 800 लोगों के नाम काटे जा रहे हैं। सूची में नाम बरकरार रखने के एवज में प्रति लाभुक 700 रुपये की मांग की जा रही थी।

25 से 30 लाख की वसूली का आरोप

ग्रामीणों ने तंत्र पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यह भ्रष्टाचार की पहली किस्त नहीं है। उनके अनुसार:

  • ​​सूची निर्माण: शुरुआत में 1,000 रुपये लिए गए।
  • सर्वेक्षण: पंचायत सचिव राम नारायण राम द्वारा 500 रुपये की कथित वसूली।
  • वर्तमान मांग: आवास सहायक द्वारा फिर से 700 रुपये की मांग।

ग्रामीणों का कहना है कि अब तक पूरे पंचायत से आवास योजना के नाम पर 25 से 30 लाख रुपये की अवैध उगाही की जा चुकी है।

पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई

​​स्थिति बिगड़ती देख स्थानीय मुखिया प्रतिनिधि ने पुलिस को सूचना दी। भैरवस्थान थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों को शांत कराया और लिखित आवेदन लेने के बाद बंधक बनाए गए कर्मियों को अपनी सुरक्षा में लेकर थाना पहुंचाया।

​दो पक्षों में बंटा मामला: आरोप बनाम अपहरण

इस घटना के बाद प्रशासन और कर्मियों का रुख ग्रामीणों के आरोपों से बिल्कुल अलग है:

पक्षमुख्य तर्क / बयान
ग्रामीणजांच के नाम पर अवैध वसूली हो रही है, इसलिए बीडीओ को मौके पर बुलाने की मांग की गई।
BDO (प्रखंड विकास पदाधिकारी)वसूली के आरोप निराधार हैं। असामाजिक तत्वों ने सरकारी कर्मी को अगवा कर बंधक बनाया और मारपीट की।
आवास सहायक (पीड़ित)मुझे जबरन मोटरसाइकिल पर बैठाकर अगवा किया गया और जान से मारने की कोशिश की गई।

आवास सहायकों ने दी कार्य बहिष्कार की चेतावनी

इस घटना के विरोध में प्रखंड के अन्य आवास सहायकों ने नाराजगी जताई है। उन्होंने अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जाहिर की है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई न होने पर कार्य बहिष्कार का अल्टीमेटम दिया है। पीड़ित आवास सहायक प्रमोद कुमार महतो ने स्थानीय थाने में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई है।

नोट: फिलहाल पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। एक तरफ जहां भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच होनी है, वहीं दूसरी ओर सरकारी कर्मी के साथ हुई मारपीट पर कानूनी शिकंजा कसना तय है।