लौकहा के विकास के लिए विधायक सतीश कुमार साह की बड़ी पहल: विधानसभा में उठाए सड़क निर्माण के महत्वपूर्ण प्रश्न

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लौकहा, बिहार। लौकहा विधानसभा क्षेत्र के समग्र विकास और ग्रामीण कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करने की दिशा में विधायक सतीश कुमार साह निरंतर सक्रिय हैं। इसी क्रम में, उन्होंने बिहार विधानसभा के 18वें सत्र के दौरान क्षेत्र की जर्जर सड़कों और नई कनेक्टिविटी को लेकर महत्वपूर्ण ‘तारांकित प्रश्न’ (Starred Questions) उठाए हैं।

विधायक की इस पहल का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों को मुख्य मार्गों और बुनियादी सुविधाओं जैसे स्वास्थ्य केंद्रों और रेलवे स्टेशनों से जोड़ना है।

विधानसभा में उठाए गए मुख्य मुद्दे

सतीश कुमार साह ने सदन के माध्यम से ग्रामीण कार्य विभाग का ध्यान निम्नलिखित प्रमुख सड़कों की ओर आकर्षित किया है:

  • माधोपुर से एन.एच-104 तक सड़क निर्माण: खुटौना प्रखंड के अंतर्गत माधोपुर गांव से भुतही बलान के पश्चिमी तटबंध होते हुए NH-104 तक (लगभग 4 किमी) सड़क का निर्माण न होने से स्थानीय जनता को स्वास्थ्य उपकेंद्र और लौकहा रेलवे स्टेशन जाने में भारी कठिनाई हो रही है।
  • सड़कों का सुदृढ़ीकरण एवं मरम्मत: विधायक जी ने उन सड़कों के जीर्णोद्धार की मांग भी की है जो वर्षों पहले बनी थीं और अब पूरी तरह जर्जर हो चुकी हैं। इसमें खुटौना प्रखंड के बघमरिया से बसनिया प्राथमिक विद्यालय तक और NH-104 से बरकोर गांव तक की सड़कें शामिल हैं।

प्रशासनिक सक्रियता और सराहनीय भूमिका

क्षेत्र के विकास कार्यों को धरातल पर उतारने में कार्यपालक अभियंता, ग्रामीण कार्य विभाग (फुलपरास) की भूमिका भी अत्यंत सराहनीय रही है। विभाग और विधायक के बीच का यह बेहतर समन्वय ही लौकहा की बदलती तस्वीर का आधार बन रहा है।

​”मेरा लक्ष्य लौकहा के हर गांव को मुख्य सड़क से जोड़ना है ताकि किसानों, छात्रों और मरीजों को आवागमन में कोई असुविधा न हो। विकास की यह प्रक्रिया रुकने वाली नहीं है।” – सतीश कुमार साह, विधायक (लौकहा)

विकास की ओर बढ़ता लौकहा

विधायक के इन प्रयासों से यह स्पष्ट है कि आने वाले समय में लौकहा विधानसभा क्षेत्र में यातायात की स्थिति में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा। स्थानीय निवासियों ने विधायक जी की इस संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई की सराहना की है।

दरभंगा में भूचाल: 70 ब्राह्मणों पर लगा ‘हरिजन एक्ट’! मजदूरी मांगने पर दलित परिवार के साथ जो हुआ, कांप जाएगी रूह!

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दरभंगा जिले के कुशेश्वरस्थान थाना क्षेत्र के हरिनगर गांव में एक बड़ी घटना सामने आई है। मजदूरी का बकाया पैसा मांगने को लेकर हुए विवाद ने जातीय हिंसा का रूप ले लिया। पीड़ित दलित परिवार का आरोप है कि गांव के 70 नामजद ब्राह्मणों और सैकड़ों अज्ञात लोगों ने उनके घर पर धावा बोल दिया। भीड़ पर घर की महिलाओं के साथ बदसलूकी, मारपीट और लाखों की संपत्ति लूटने का आरोप लगाया गया है।

इस मामले में पीड़ित असर्फी पासवान (पिता स्व. सरयुग पासवान) के बयान पर कुशेश्वरस्थान थाने में 70 नामजद (ज्यादातर झा और मिश्र उपनाम वाले) और 100-150 अज्ञात लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और SC/ST एक्ट की गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।

क्या है पूरा मामला?

पीड़ित असर्फी पासवान द्वारा दिए गए आवेदन के अनुसार, विवाद की जड़ 5 साल पुरानी मजदूरी का बकाया है। पीड़ित के बेटे ने आरोपी हेमकांत झा के यहां मजदूरी की थी, जिसका भुगतान नहीं किया गया था।

  • 30/01/2026: इसी बकाये को लेकर गांव में पंचायत बुलाई गई थी, जिसमें दोनों पक्षों के बीच कहा-सुनी हुई।
  • 31/01/2026 (घटना का दिन): अगली सुबह करीब 7:00 बजे, जब पीड़ित का लड़का विक्रम पासवान सब्जी खरीदकर घर लौट रहा था, तभी आरोपियों ने उसे घेर लिया।

लाठी-डंडे और लोहे की रॉड से हमला

आवेदन में कहा गया है कि हेमकांत झा, शिवजी झा, श्रीनाथ झा, फुलकांत झा, मनोज मिश्र समेत करीब 70 नामजद लोग लाठी, डंडा, लोहे की रॉड, खंती, फरसा और ईंट-पत्थर से लैस होकर आए। आरोप है कि जाति सूचक गालियां देते हुए उन्होंने विक्रम पासवान को दौड़ाया और घर में घुसकर उसे खींच लिया। भीड़ ने विक्रम को अधमरा कर दिया। जब उसके भाई राजगीर पासवान, अविनाश पासवान और अन्य बचाने आए, तो उन्हें भी पत्थरों और रॉड से मारकर घायल कर दिया गया।

महिलाओं से अभद्रता और लूटपाट का आरोप

  • महिलाओं पर हमला: जब घर की महिलाएं (रामतारा देवी और पोती कोमल कुमारी) बीच-बचाव करने आईं, तो उनके साथ मारपीट की गई और कपड़े फाड़ दिए गए। आरोप है कि कोमल कुमारी की कमर पर लाठी मारकर हड्डी तोड़ दी गई।
  • लूटपाट: भीड़ ने घर में रखा 2 लाख रुपये नकद (जो पोती की शादी के लिए रखे थे), सोने-चांदी के जेवर, एलसीडी, फ्रिज और मोबाइल लूट लिए।
  • तोड़फोड़: घर के बाहर खड़ी 4 मोटरसाइकिलों को चकनाचूर कर दिया गया और पीड़ित के “मिथिलांचल ढाबा” (होटल) में भी तोड़फोड़ और लूटपाट की गई।

जाते वक्त आरोपियों ने धमकी दी कि अगर वे गांव में रहे, तो पूरे परिवार को जान से मार दिया जाएगा।

पुलिस कार्रवाई

कुशेश्वरस्थान पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई की है। थाना अध्यक्ष को दिए गए आवेदन पर SI अंकित चौधरी ने मामला दर्ज कर लिया है और वे स्वयं इसकी जांच कर रहे हैं।

दर्ज किए गए केस का विवरण:

  • केस नंबर: Kusheshwarsthan PS Case No. 22/26
  • दिनांक: 31/01/2026
  • धाराएं (BNS): 126(2), 115(2), 109(1), 118(2), 117(2), 74, 303(2), 324(5), 329(4), 191(1)(3), 190, 61(2)
  • SC/ST (POA) Act: 3(1)(r), 3(1)(s), 3(2)

पुलिस ने घायलों को इलाज के लिए भेज दिया है और मामले की छानबीन शुरू कर दी है।

Bihar Budget 2026-27: 1 करोड़ रोजगार, महिलाओं को तोहफा और विकसित बिहार का रोडमैप – जानें बजट की 10 बड़ी बातें

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बिहार के वित्त मंत्री श्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने आज विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया। लाल रंग के ब्रीफकेस में लाया गया यह बजट राज्य को ‘विकसित बिहार’ और ‘आत्मनिर्भर’ बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम बताया जा रहा है।

इस बजट का कुल आकार 3,47,589.76 करोड़ रुपये है, जो पिछले वर्ष की तुलना में काफी अधिक है। सरकार ने इस बजट में रोजगार, महिला सशक्तिकरण और बुनियादी ढांचे (Infrastructure) पर सबसे ज्यादा जोर दिया है।

आइये जानते हैं इस बजट की मुख्य विशेषताएं और आम जनता के लिए इसमें क्या खास है।

1. बजट का आकार और आर्थिक विकास दर

वित्त मंत्री ने बताया कि वर्ष 2026-27 के लिए बिहार का कुल बजट 3.47 लाख करोड़ रुपये से अधिक का है।

  • विकास दर: बिहार की अर्थव्यवस्था 2025-26 के लिए 14.9% की दर से आगे बढ़ने का अनुमान है, जो देश के कई बड़े राज्यों से अधिक है।
  • राजकोषीय घाटा (Fiscal Deficit): इसे सकल घरेलू उत्पाद (GSDP) के 2.99% पर सीमित रखने का लक्ष्य रखा गया है, जो वित्तीय अनुशासन को दर्शाता है।

2. मुख्यमंत्री के नेतृत्व के “5 तत्व”

बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री ने मुख्यमंत्री के नेतृत्व की सराहना करते हुए 5 प्रमुख तत्वों का जिक्र किया जो बिहार के विकास का आधार बनेंगे:

  1. ज्ञान (Knowledge)
  2. ईमान (Integrity)
  3. विज्ञान (Science)
  4. अरमान (Aspirations)
  5. सम्मान (Respect)

3. रोजगार पर सबसे बड़ा वार: ‘सात निश्चय-3’ का आगाज

सरकार ने ‘सात निश्चय-3’ के संकल्प के साथ बिहार को विकसित राज्यों की श्रेणी में लाने का लक्ष्य रखा है।

  • 1 करोड़ रोजगार: सरकार ने राज्य में 1 करोड़ रोजगार के अवसर पैदा करने का लक्ष्य रखा है।
  • प्रति व्यक्ति आय: राज्य की प्रति व्यक्ति आय (Per Capita Income) को दोगुना करने का संकल्प लिया गया है।

4. महिला सशक्तिकरण: लखपति दीदी और आर्थिक मदद

बिहार बजट 2026-27 में महिलाओं के लिए खजाना खोल दिया गया है:

  • आर्थिक सहायता: अब तक 1 करोड़ 56 लाख से अधिक महिला सदस्यों को 10-10 हजार रुपये की सहायता दी जा चुकी है।
  • बिजनेस के लिए मदद: महिलाओं को अपना व्यवसाय बढ़ाने के लिए 2 लाख रुपये तक की अतिरिक्त सहायता राशि उपलब्ध कराई जाएगी।

5. गरीबी उन्मूलन और लघु उद्यमी योजना

जाति आधारित गणना के आंकड़ों के आधार पर सरकार गरीबों की मदद के लिए प्रतिबद्ध है।

  • चिन्हित 94 लाख गरीब परिवारों को ‘लघु उद्यमी योजना’ के माध्यम से सशक्त बनाया जाएगा।
  • शहरी गरीबों के लिए सस्ते आवास उपलब्ध कराने का प्रावधान भी बजट में शामिल है।

6. केंद्र सरकार का सहयोग और बड़ी परियोजनाएं

वित्त मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार के सहयोग की सराहना की। बजट में इन केंद्रीय परियोजनाओं का जिक्र किया गया:

  • बिहार में मखाना बोर्ड की स्थापना।
  • आईटीआई (ITI) पटना का विस्तार।
  • नए हवाई अड्डे और खाद्य प्रसंस्करण संस्थान।
  • प्रमुख सिंचाई परियोजनाओं में विशेष वित्तीय मदद।

7. इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी

बिहार के बुनियादी ढांचे को विश्वस्तरीय बनाने के लिए बजट में कई घोषणाएं की गई हैं:

  • राज्य में 5 नए एक्सप्रेस-वे (Expressways) का निर्माण।
  • सौर ऊर्जा (Solar Energy) का व्यापक विस्तार।
  • नदी जोड़ो परियोजनाओं पर काम।

8. कृषि और ग्रामीण विकास (चौथा कृषि रोडमैप)

किसानों की आय बढ़ाने के लिए चौथे कृषि रोडमैप पर जोर दिया गया है:

  • मखाना उत्पादन, डेयरी उद्योग और मत्स्य पालन को प्रोत्साहन।
  • हाट-बाजारों का विकास ताकि स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा मिले।

9. शिक्षा और स्वास्थ्य

  • हर प्रखंड में आदर्श विद्यालय और डिग्री कॉलेज की स्थापना।
  • जिला अस्पतालों को सुपर स्पेशलिटी स्तर तक अपग्रेड करना।

10. ईज ऑफ लिविंग (Ease of Living)

बुजुर्गों और आम नागरिकों के लिए जीवन आसान बनाने की पहल:

  • वृद्धजनों के लिए घर पर ही स्वास्थ्य सुविधाएं।
  • संपत्ति पंजीकरण (Property Registration) की सुविधा घर पर ही उपलब्ध कराने का प्रस्ताव।

निष्कर्ष (Conclusion)

बिहार बजट 2026-27 स्पष्ट रूप से इंफ्रास्ट्रक्चर और रोजगार पर केंद्रित बजट है। 14.9% की विकास दर का अनुमान और 1 करोड़ रोजगार का वादा बिहार के युवाओं के लिए नई उम्मीदें लेकर आया है। अब देखना यह होगा कि धरातल पर ये योजनाएं कितनी जल्दी लागू होती हैं।

आपका क्या मानना है?

क्या यह बजट बिहार की तकदीर बदल पाएगा? हमें कमेंट बॉक्स में अपनी राय जरूर दें।

अपूर्णीय क्षति: समाजसेवी और नहरी पंचायत के पूर्व मुखिया चंद्रकिशोर सल्हैता नहीं रहे, नम आंखों से दी गई विदाई

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खुटौना: मधुबनी जिले के खुटौना प्रखंड अंतर्गत नहरी पंचायत के पूर्व मुखिया और क्षेत्र के प्रतिष्ठित समाजसेवी चंद्रकिशोर सल्हैता का निधन हो गया है। उनके निधन की खबर मिलते ही पूरे पंचायत और आसपास के इलाकों में शोक की लहर दौड़ गई। वह एक कुशल जनप्रतिनिधि होने के साथ-साथ एक मिलनसार और मृदुभाषी व्यक्ति भी थे।

समाज सेवा को समर्पित रहा जीवन चंद्रकिशोर सल्हैता का पूरा जीवन समाज सेवा के लिए समर्पित रहा। नहरी पंचायत के मुखिया के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने पंचायत के विकास और जनहित के मुद्दों को लेकर कई महत्वपूर्ण कार्य किए। उनकी कार्यशैली और लोगों के प्रति उनके स्नेह ने उन्हें हर दिल अजीज बना दिया था। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने हमेशा दलगत राजनीति से ऊपर उठकर समाज के हर वर्ग की मदद की।

एक अपूर्णीय क्षति उनके निधन को क्षेत्र के लोगों ने एक व्यक्तिगत और सामाजिक क्षति बताया है। उनके निकटतम लोगों और शुभचिंतकों ने कहा कि “आदरणीय मुखिया जी” का जाना हम सभी के लिए अत्यंत दुखद है। उनका मार्गदर्शन और समाज के प्रति उनका योगदान सदैव याद किया जाएगा। उनका व्यक्तित्व ऐसा था कि वे लोगों के दिलों में अपनी एक अलग पहचान बनाने में सफल रहे।

श्रद्धांजलि और अंतिम प्रार्थना इस दु:खद घड़ी में क्षेत्र के गणमान्य लोगों और आम नागरिकों ने शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त की हैं। सभी ने ईश्वर से प्रार्थना की है कि वे दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोकाकुल परिवार को इस असहनीय दुख को सहने की शक्ति प्रदान करें।

उनके निधन से नहरी पंचायत ने अपना एक सच्चा हितेषी खो दिया है।

क्राइम अपडेट: ओझौल में हुई लूट का खुलासा, पुलिस ने लूटी गई बाइक और मोबाइल के साथ 3 को दबोचा

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मधुबनी (भैरवस्थान): जिले की भैरवस्थान थाना पुलिस ने 19 जनवरी को HDFC बैंक के सेल्स ऑफिसर के साथ हुई लूट की घटना का सफल उद्भेदन कर लिया है। पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस और गुप्त सूचना के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए घटना में शामिल तीन अपराधियों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से लूटी गई मोटरसाइकिल, मोबाइल और घटना में प्रयुक्त बाइक भी बरामद कर ली गई है।

क्या थी पूरी घटना?

​घटना 19 जनवरी 2026 की है। वादी ब्रजेश कुमार (25 वर्ष), जो HDFC बैंक झंझारपुर में सेल्स ऑफिसर के पद पर कार्यरत हैं, अपनी पल्सर 220cc बाइक (MP04AM-8214) से क्षेत्र भ्रमण पर थे। दोपहर करीब 1:00 बजे जब वे रामखेतारी गांव से ग्राहक से मिलकर कमला तटबंध होते हुए झंझारपुर लौट रहे थे, तभी ओझौल के पीछे पानी टंकी के पास एक बाइक पर सवार तीन अपराधियों ने उन्हें ओवरटेक किया।

​अपराधियों ने हथियार का भय दिखाकर ब्रजेश कुमार को रोका और उनकी बाइक सहित मोबाइल (जिसमें दो सिम कार्ड लगे थे) छीनकर फरार हो गए। इस संबंध में भैरवस्थान थाना में काण्ड संख्या- 13/26 दर्ज किया गया था।

​पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी

​घटना के बाद पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण और मुखबिरों के नेटवर्क को सक्रिय किया। 31 जनवरी 2026 को पुलिस को सूचना मिली कि अपराधी पश्चिमी कमला तटबंध पर ग्राम गढ़िया के पास मौजूद हैं। पुलिस टीम ने घेराबंदी कर तीनों अपराधियों को धर दबोचा।

​पूछताछ के दौरान गिरफ्तार अभियुक्तों ने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली है। पुलिस ने उनकी निशानदेही पर लूटी गई बाइक और मोबाइल बरामद कर लिया है।

गिरफ्तार अपराधियों का विवरण

​गिरफ्तार किए गए अपराधियों की पहचान निम्नलिखित रूप में हुई है:

  • ​विक्रम कुमार (19 वर्ष): पिता- गौरी चौधरी, सा०- झंझारपुर, वार्ड नं०- [वार्ड नंबर], थाना- झंझारपुर।
  • ​धीरज कुमार पाठक उर्फ नटवर (21 वर्ष): पिता- दयानंद पाठक, सा०- जलसैन, थाना- रूद्रपुर।
  • ​राकेश कुमार (19 वर्ष): पिता- शिवनाथ राय, सा०- झंझारपुर (राय जी टोला), वार्ड नं० 04।

​आपराधिक इतिहास:

गिरफ्तार अभियुक्त राकेश कुमार का पूर्व में भी आपराधिक इतिहास रहा है। वह झंझारपुर थाना काण्ड संख्या- 55/25 (धारा- 126(2)/115(2)/109/351(2)/352 BNS 2023) में भी आरोपी रहा है। पुलिस अन्य अभियुक्तों के आपराधिक इतिहास को खंगाल रही है।

​बरामद सामान की सूची

​पुलिस ने अपराधियों के पास से निम्नलिखित सामान जब्त किया है:

  • ​लूटी गई मोटरसाइकिल (Pulsar 220 cc) – 01
  • ​घटना को अंजाम देने में प्रयुक्त मोटरसाइकिल – 01
  • ​मोबाइल फोन – 03

आगे की कार्रवाई

​पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों और संपर्कों का पता लगाने में जुटी है। सभी गिरफ्तार अभियुक्तों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है।

अंधराठाढ़ी: विकास की नई रफ्तार, 10 करोड़ से अधिक की लागत से बनेंगी सड़कें, विधायक ने किया शिलान्यास

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अंधराठाढ़ी (मधुबनी): प्रखंड क्षेत्र में ग्रामीण विकास और यातायात सुगमता की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। स्थानीय विधायक द्वारा मुख्यमंत्री ग्राम सम्पर्क योजना के तहत 10 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली विभिन्न सड़क परियोजनाओं का शिलान्यास किया गया। इन सड़कों के बनने से क्षेत्र के हजारों लोगों को आवागमन में सुविधा होगी और कनेक्टिविटी बेहतर होगी।

महरैल में मुख्य सड़क का शिलान्यास

इस शिलान्यास कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण महरैल आर.डब्ल्यू.डी. (RWD) सड़क रही। माननीय विधायक ने विधिवत पूजा-अर्चना के साथ नारियल फोड़कर इस कार्य का शुभारंभ किया।

यह महत्वपूर्ण सड़क महरैल आर.डब्ल्यू.डी. से शुरू होकर संस्कृत महाविद्यालय होते हुए महरैल स्टेशन के समीप मुख्य सड़क तक जाएगी। इस पथ के निर्माण से छात्रों, रेल यात्रियों और स्थानीय व्यापारियों को बड़ी राहत मिलेगी।

इन प्रमुख सड़कों की भी मिली सौगात

सिर्फ महरैल ही नहीं, बल्कि अंधराठाढ़ी प्रखंड के अन्य सुदूर क्षेत्रों को भी मुख्यधारा से जोड़ने के लिए कई अन्य सड़कों का भी शिलान्यास किया गया। विधायक द्वारा जिन अन्य महत्वपूर्ण सड़कों की आधारशिला रखी गई, वे इस प्रकार हैं:

  • संस्कृत महाविद्यालय से राम टोल: अंधराठाढ़ी संस्कृत महाविद्यालय से राम टोल तक जाने वाली सड़क।
  • मुख्य सड़क से मरूकिया: मेन रोड से मरूकिया गांव को जोड़ने वाली संपर्क सड़क।
  • रूद्रपुर से भगवतीपुर: रूद्रपुर से भगवतीपुर के बीच नई सड़क का निर्माण।

10 करोड़ से अधिक की लागत से बदलेगी तस्वीर

मिली जानकारी के अनुसार, इन सभी योजनाओं की कुल लागत 10 करोड़ रुपये से अधिक है। यह राशि ‘मुख्यमंत्री ग्राम सम्पर्क योजना’ के अंतर्गत स्वीकृत की गई है।

समारोह के दौरान विधायक ने कहा कि क्षेत्र का विकास उनकी प्राथमिकता है। इन सड़कों के बन जाने से बरसात के दिनों में होने वाली कीचड़ और जलभराव की समस्या से ग्रामीणों को मुक्ति मिलेगी। साथ ही, स्कूल जाने वाले बच्चों और बीमार व्यक्तियों को अस्पताल ले जाने में भी आसानी होगी।

ग्रामीणों में खुशी की लहर

शिलान्यास समारोह के दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधि, पार्टी कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे। वर्षों से जर्जर सड़कों का दंश झेल रहे ग्रामीणों ने इस पहल का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि निर्माण कार्य गुणवत्तापूर्ण और समय सीमा के भीतर पूरा होगा

झंझारपुर: गणतंत्र दिवस पर झंडोत्तोलन को लेकर विवाद, प्रमुख ने लगाया अनदेखी का आरोप, BDO ने दिया प्रोटोकॉल का हवाला

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झंझारपुर: पूरा देश जहां गणतंत्र दिवस के जश्न में डूबा था, वहीं झंझारपुर प्रखंड कार्यालय में झंडोत्तोलन (ध्वजारोहण) के समय और प्रोटोकॉल को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। यहां प्रखंड प्रमुख और प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) के बीच ‘समय’ और ‘सम्मान’ को लेकर ठन गई है।

क्या है प्रमुख का आरोप?

विवाद की शुरुआत तब हुई जब झंझारपुर प्रखंड प्रमुख और उनके पति (प्रतिनिधि) ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने उनके पहुंचने के बावजूद उनकी अनदेखी की और झंडोत्तोलन कर दिया।

प्रमुख पक्ष का कहना है कि झंडोत्तोलन का समय सुबह 9:50 बजे था। वे ठीक समय पर गेट पर पहुंच चुके थे, लेकिन रास्ते में गणतंत्र दिवस की झांकी (ट्रैक्टर) होने के कारण उनकी गाड़ी को अंदर आने में एक-दो मिनट की देरी हुई।

प्रमुख प्रतिनिधि ने कहा, “हम गेट पर आ गए थे। बीडीओ साहब ने हमारी गाड़ी को और हमें देख लिया था, इसके बावजूद उन्होंने झंडोत्तोलन करवा दिया। यह जनप्रतिनिधि का अपमान है।” उनका दावा है कि बीडीओ ने उन्हें देखते हुए भी कार्यक्रम आगे बढ़ा दिया।

बीडीओ की सफाई: “प्रोटोकॉल सबसे ऊपर है”

इस पूरे मामले पर सफाई देते हुए प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) ने मीडिया के सामने प्रशासनिक पक्ष रखा। उन्होंने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय पर्व पर भावनाओं से ज्यादा नियमों और समय का पालन जरूरी होता है।

बीडीओ ने बताया कि झंडोत्तोलन का कार्यक्रम बेहद व्यस्त और मिनट-टू-मिनट निर्धारित था:

  • 09:50 AM: प्रखंड कार्यालय
  • 09:55 AM: अंचल पदाधिकारी (CO) कार्यालय
  • 10:00 AM: कृषि कार्यालय
  • 10:05 AM: प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी
  • 10:10 AM: स्थानीय विद्यालय

बीडीओ द्वारा दिए गए मुख्य तर्क:

  • इंतजार किया गया: बीडीओ ने कहा कि 9:50 का समय तय था, लेकिन उन्होंने 9:54 बजे तक (4 मिनट अतिरिक्त) इंतजार किया।
  • कोई सूचना नहीं: उस समय तक न तो प्रमुख पहुंची थीं और न ही उनकी तरफ से देरी होने की कोई सूचना (Call) दी गई थी।
  • झंडे का सम्मान: बीडीओ ने तर्क दिया कि निर्धारित समय से ज्यादा विलंब करना राष्ट्रध्वज के प्रति असम्मान को दर्शाता है, इसलिए कार्यक्रम शुरू करना पड़ा।
  • किसने फहराया झंडा? बीडीओ ने इस बात का खंडन किया कि झंडा उन्होंने फहराया। उन्होंने बताया कि प्रमुख की अनुपस्थिति में वहां मौजूद पंचायत समिति सदस्य के हाथों झंडोत्तोलन कराया गया, जिसका वीडियो साक्ष्य मौजूद है।

समृद्धि यात्रा: सीएम नीतीश कुमार ने मधुबनी को दी 391 करोड़ की सौगात, मिथिला हाट और औद्योगिक क्षेत्र समेत 395 योजनाओं का किया शिलान्यास

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मधुबनी (27 जनवरी 2026): बिहार के मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने अपनी ‘समृद्धि यात्रा’ के दौरान आज मिथिला की सांस्कृतिक राजधानी मधुबनी को विकास की बड़ी सौगात दी है। मुख्यमंत्री ने जिले में कुल 391 करोड़ रुपये की लागत से 395 विकासात्मक योजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया।

अररिया संग्राम (झंझारपुर) में आयोजित कार्यक्रम के दौरान सीएम ने न केवल विकास कार्यों का जायजा लिया, बल्कि अधिकारियों को समय सीमा के भीतर काम पूरा करने के कड़े निर्देश भी दिए।

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1. मिथिला हाट और औद्योगिक विकास पर जोर

मुख्यमंत्री ने झंझारपुर प्रखंड के अररिया संग्राम स्थित मिथिला हाट फेज-II (रिवर फ्रंट डेवलपमेंट) का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने सीएम को जिले के प्रमुख प्रोजेक्ट्स की प्रगति रिपोर्ट सौंपी, जिसमें शामिल हैं:

  • औद्योगिक क्षेत्र: लौकही प्रखंड के बनगामा में 450 एकड़ और झंझारपुर के लोहना में 250 एकड़ भूमि पर औद्योगिक केंद्र की स्थापना।
  • पर्यटन: मां सीता और प्रभु श्रीराम के प्रथम मिलन स्थल ‘फुलहर स्थान’ को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करना।
  • इंफ्रास्ट्रक्चर: मधुबनी में अंतर्राज्यीय बस अड्डा, जयनगर शहीद चौक के पास आरओबी (ROB) और मधुबनी रिंग रोड का निर्माण।
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2. जीविका दीदियों और लाभुकों को मिली मदद

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने नवनिर्मित ‘जीविका भवन’ का उद्घाटन किया और इसकी चाबी जीविका दीदियों को सौंपी। महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देते हुए सीएम ने निम्नलिखित वितरण किए:

  • बैंक लिंकेज: 26,312 स्वयं सहायता समूहों को 301 करोड़ रुपये का सांकेतिक चेक।
  • सतत् जीविकोपार्जन योजना: 507 लाभार्थियों को 2 करोड़ 53 लाख रुपये की मदद।
  • ​इसके अलावा, दिव्यांगजनों को बैटरी चालित तिपहिया साइकिल, स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड और आयुष्मान कार्ड भी वितरित किए गए।
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3. तालाब सौंदर्यीकरण पर सीएम का निर्देश

मुख्यमंत्री ने अररिया संग्राम के वार्ड-13 स्थित दुर्गा मंदिर के पास वाले तालाब का निरीक्षण किया और उसमें मछली का जीरा छोड़ा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया:

तालाब का सौंदर्यीकरण अच्छा है, लेकिन सीढ़ीनुमा घाट केवल दो तरफ बने हैं। इसे चारों तरफ बनवाया जाए ताकि छठ पूजा और अन्य कार्यों में लोगों को सहूलियत हो।

4. पंचायत ज्ञान केंद्र में संवर रहा भविष्य

मुख्यमंत्री ने रिमोट के माध्यम से जिन योजनाओं की शुरुआत की, उनका विवरण इस प्रकार है:

| श्रेणी | योजनाओं की संख्या | लागत (करोड़ में)

उद्घाटन | 294 | 93 करोड़

शिलान्यास | 101 | 298 करोड़

कुल | 395 | 391 करोड़ |

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ये गणमान्य रहे उपस्थित

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी, जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा, प्रभारी मंत्री लेशी सिंह, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, डीजीपी विनय कुमार और डीएम आनंद शर्मा समेत कई विधायक और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

Bihar Budget 2026: 2 फरवरी से बजट सत्र, वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव पेश करेंगे NDA सरकार का ‘विजन डॉक्यूमेंट’ – जानिए क्या है खास

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बिहार की राजनीति और अर्थव्यवस्था के लिए फरवरी का महीना बेहद अहम होने जा रहा है। 2 फरवरी 2026 से बिहार विधानसभा का बजट सत्र शुरू हो रहा है, जो 25 फरवरी तक चलेगा। इस बार सभी की निगाहें वरिष्ठ मंत्री और वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव पर टिकी हैं, जो एनडीए (NDA) सरकार का पहला पूर्ण बजट पेश करेंगे।

कुल 19-20 कार्य दिवसों वाले इस सत्र में सरकार न केवल अपना लेखा-जोखा पेश करेगी, बल्कि राज्य के विकास का नया रोडमैप भी सामने रखेगी।

बजट का संभावित आकार: विकास की नई छलांग

वित्तीय वर्ष 2025-26: ₹3.17 लाख करोड़ (पिछला बजट)

वित्तीय वर्ष 2026-27 (अनुमानित): ₹3.20 लाख करोड़ से ₹3.24 लाख करोड़ के बीच।

बजट में यह वृद्धि स्पष्ट करती है कि सरकार विकास कार्यों की गति को धीमा नहीं पड़ने देना चाहती है।

किन क्षेत्रों पर रहेगा सरकार का ‘मेगा फोकस’?

1. बुनियादी ढांचा (Infrastructure)

​सड़क, बिजली और सिंचाई हमेशा से सरकार की प्राथमिकता रही है। चूंकि बिजेंद्र यादव लंबे समय तक ऊर्जा मंत्री रहे हैं, इसलिए बिजली क्षेत्र में सुधार और सौर ऊर्जा (Solar Energy) को लेकर नई घोषणाएं संभव हैं।

2. रोजगार और युवा (Employment & Youth)

​युवाओं के लिए यह बजट काफी अहम है।

  • स्किल डेवलपमेंट: शिक्षा को सीधे रोजगार से जोड़ने (Education-Employment Linkage) के लिए नई योजनाएं आ सकती हैं।
  • ​स्वरोजगार के लिए स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने पर जोर रहेगा।

3. महिला सशक्तिकरण (Women Empowerment)

​’जीविका दीदियों’ की सफलता के बाद, सरकार महिलाओं के लिए आर्थिक सहायता और उद्यमिता की नई/विस्तारित योजनाएं ला सकती है।

4. शिक्षा और स्वास्थ्य (Education & Health)

​हर बार की तरह, बजट का सबसे बड़ा हिस्सा शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र को जाने की संभावना है। अस्पतालों के आधुनिकीकरण और स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर विशेष प्रावधान हो सकते हैं।

5. कृषि और बाढ़ प्रबंधन (Agriculture & Flood Management)

​बिहार के लिए बाढ़ और सूखा दो बड़ी चुनौतियां हैं। वित्त मंत्री ने हाल ही में केंद्र सरकार से जल संसाधन और बाढ़ प्रबंधन के लिए विशेष पैकेज की मांग की है। बजट में कोसी-मेची लिंक परियोजना जैसी योजनाओं के लिए राशि आवंटित की जा सकती है।

डेटा-ड्रिवन प्लानिंग: विकास का नया मंत्र

इस बार के बजट की एक खास बात ‘डेटा-ड्रिवन प्लानिंग’ (Data-Driven Planning) होगी। उद्योग स्थापना और आर्थिक विकास के लिए सरकार अब सिर्फ अनुमानों पर नहीं, बल्कि ठोस आंकड़ों के आधार पर नीतियां बनाएगी। इसका उद्देश्य राज्य में निवेश बढ़ाना और उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल तैयार करना है।

​2 फरवरी से शुरू होने वाला यह सत्र न केवल आंकड़ों का खेल होगा, बल्कि यह 2026 और उससे आगे के बिहार की तस्वीर तय करेगा। वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव के अनुभव और केंद्र-राज्य के तालमेल से बिहार की जनता को एक संतुलित और विकासोन्मुखी बजट की उम्मीद है।​

नोट: बजट सत्र की पल-पल की अपडेट और वित्त मंत्री के भाषण के मुख्य अंशों के लिए हमारे साथ बने रहें।

ऐतिहासिक क्षण: मधुबनी बना देश का नंबर 1 – राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने डीएम आनंद शर्मा को किया सम्मानित

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नई दिल्ली/मधुबनी: बिहार के मधुबनी जिले ने लोकतंत्र के महापर्व में अपनी उत्कृष्टता साबित करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर इतिहास रच दिया है। भारत निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) द्वारा आयोजित 16वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर मधुबनी जिले को ‘प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माण’ (Training & Capacity Building) की श्रेणी में देश भर में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है।

यह उपलब्धि न केवल मधुबनी प्रशासन की कार्यकुशलता को दर्शाती है, बल्कि यह समूचे बिहार राज्य के लिए एक गौरवपूर्ण क्षण है।

राष्ट्रपति के हाथों मिला सम्मान

​नई दिल्ली स्थित मानेकशॉ सेंटर में आयोजित एक भव्य समारोह में, भारत की महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने मधुबनी के जिलाधिकारी सह जिला निर्वाचन पदाधिकारी, श्री आनंद शर्मा को यह प्रतिष्ठित पुरस्कार प्रदान किया। इस दौरान भारतीय लोकतंत्र की मजबूती और निर्वाचन प्रक्रिया में उत्कृष्ट योगदान देने वाले अधिकारियों की सराहना की गई।

मधुबनी क्यों बना ‘नंबर 1’?

मधुबनी जिले को यह सम्मान अनायास ही नहीं मिला है। इसके पीछे जिला निर्वाचन तंत्र की कड़ी मेहनत और नवाचार शामिल हैं। इस पुरस्कार के मुख्य आधार रहे:

  • नवाचारपूर्ण प्रशिक्षण (Innovative Training): चुनाव कर्मियों और मतदाताओं को जागरूक करने के लिए नई तकनीकों और विधियों का प्रयोग।
  • सतत क्षमतावर्धन (Continuous Capacity Building): चुनावी प्रक्रिया को त्रुटिहीन बनाने के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों का निरंतर कौशल विकास।
  • उत्कृष्ट टीमवर्क (Excellent Teamwork): जिला प्रशासन के हर विभाग का एक साथ मिलकर लोकतंत्र को मजबूत करने का प्रयास।

लोकतंत्र के लिए प्रेरणा

मधुबनी की यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि यदि सही योजना और समर्पण के साथ काम किया जाए, तो सुदूर स्थित जिले भी राष्ट्रीय पटल पर अपनी पहचान बना सकते हैं। जिला निर्वाचन पदाधिकारी श्री आनंद शर्मा के नेतृत्व में मधुबनी की टीम ने जो मानक स्थापित किए हैं, वे अब देश के अन्य जिलों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेंगे।

यह सम्मान मधुबनी जिला निर्वाचन तंत्र द्वारा किए गए नवाचारपूर्ण प्रशिक्षण, सतत क्षमतावर्धन एवं उत्कृष्ट टीमवर्क की राष्ट्रीय स्तर पर पहचान है।

बिहार के लिए गर्व का दिन

इस पुरस्कार ने बिहार का मान पूरे देश में बढ़ाया है। यह जीत लोकतंत्र की जीत है और इस बात का संकेत है कि बिहार प्रशासनिक दक्षता और चुनावी प्रबंधन में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। मधुबनी वासियों के लिए आज का दिन उत्सव से कम नहीं है।

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