बाघा कुसमार में अपराधियों का तांडव, मास्टर इसराफिल के पुत्र मो० मन्नान की गोली मारकर हत्या; इलाके में तनाव

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मधुबनी: जिले में अपराधियों के हौसले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। ताजा मामला बाघा कुसमार (Bagha Kusmar) इलाके का है, जहाँ बेखौफ अपराधियों ने एक दिल दहला देने वाली घटना को अंजाम दिया है। अपराधियों ने एक युवक को पेट में दो गोलियां मारकर मौत की नींद सुला दिया।

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​इस नृशंस हत्या के बाद से पूरे इलाके में मातम और डर का माहौल है, वहीं स्थानीय लोगों में पुलिस-प्रशासन की सुस्त रवैये को लेकर भारी गुस्सा देखा जा रहा है।

क्या है पूरा मामला?

प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना बाघा कुसमार की है। यहाँ के प्रतिष्ठित मास्टर इसराफिल जी (Master Israfil Ji) के पुत्र मो० मन्नान (Md. Mannan) को अपराधियों ने अपना निशाना बनाया। सूत्रों के मुताबिक, हमलावरों ने मन्नान के पेट में दो गोलियां (Two bullets in the stomach) दाग दीं।

गोली लगते ही मन्नान लहूलुहान होकर गिर पड़े। परिजनों और स्थानीय लोगों ने आनन-फानन में उन्हें उठाया और बेहतर इलाज के लिए दरभंगा (Darbhanga) की ओर दौड़े। लेकिन जख्म इतने गहरे थे कि जिंदगी ने साथ छोड़ दिया और दरभंगा ले जाने के क्रम में रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया।

“बेलगाम अपराधियों का तांडव” – सोशल मीडिया पर गुस्सा

​घटना की खबर फैलते ही सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। लोग इसे जघन्य अपराध बताते हुए इंसाफ की मांग कर रहे हैं।

स्थानीय नागरिक विमल प्रकाश ने सोशल मीडिया पर लिखा:

मन विचलित और व्यथित है… मो० मन्नान को अपराधियों ने गोली मार दिया है। यह बहुत ही जघन्य अपराध है। ये बेलगाम अपराधियों का तांडव है, प्रशासन को कड़ी कार्रवाई करनी होगी।

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वहीं, मो० इजहार ने भी घटना पर दुख जताते हुए पुष्टि की है कि गोली लगने के बाद दरभंगा में मौत हुई है।

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जांच में जुटी पुलिस

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मामले की छानबीन में जुट गई है। हालांकि, अपराधियों ने इस घटना को क्यों अंजाम दिया और इसमें कौन लोग शामिल हैं, इसका खुलासा अभी नहीं हो पाया है। स्थानीय लोग प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि हत्यारों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर कड़ी से कड़ी सजा दी जाए।

फूलपरास: जननायक कर्पूरी ठाकुर की 102वीं जयंती पर याद किए गए समाजवादी विचार, वक्ताओं ने बताया ‘कर्मभूमि’

फूलपरास (मधुबनी): फूलपरास थाना चौक पर शनिवार को जननायक और पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर की 102वीं जयंती समारोह धूमधाम से मनाया गया। इस कार्यक्रम में क्षेत्र के गणमान्य लोगों और समाजवादियों ने हिस्सा लिया और जननायक के तैल चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।

कार्यक्रम की अध्यक्षता फूलपरास के पूर्व प्रमुख देव कृष्ण यादव ने की, जबकि मंच संचालन राजद अनुसूचित जाति के प्रखंड अध्यक्ष धुरन विश्वास द्वारा किया गया।

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फूलपरास है जननायक की कर्मभूमि: ब्रह्मानन्द यादव

समारोह के मुख्य अतिथि और रहिका सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक (मधुबनी) के पूर्व चेयरमैन सह राजद नेता ब्रह्मानन्द यादव ने कर्पूरी ठाकुर के योगदान को याद करते हुए फूलपरास के साथ उनके गहरे रिश्ते का जिक्र किया।

उन्होंने अपने संबोधन में कहा:

फूलपरास विधानसभा चुनाव जननायक कर्पूरी जी यहां से लड़े थे। यहां के लोगों ने उन्हें अपार समर्थन और स्नेह दिया था। फूलपरास समाजवादियों की धरती है और यह जननायक जी की कर्मभूमि रही है। आज फूलपरास अनुमंडल मुख्यालय में जो रेफरल अस्पताल और बिजली पावर सब-स्टेशन मौजूद है, वह उन्हीं की देन है।

​श्री यादव ने जोर देकर कहा कि राजनीति करने वालों को जननायक से सीख लेने की जरूरत है। समानता, सादगी और समाज के अंतिम पायदान पर खड़े लोगों के विकास के बारे में सोचने वाले कर्पूरी जी का अनुकरण करके ही समाज और गांव का असली विकास संभव है।

युवाओं को चलना होगा जननायक के रास्ते पर

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे देव कृष्ण यादव ने अपने संबोधन में युवाओं को प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि आज के दौर में एक समरस समाज का निर्माण तभी संभव है जब युवा वर्ग जननायक कर्पूरी ठाकुर के बताए रास्ते और सिद्धांतों पर चले।

ये गणमान्य लोग रहे उपस्थित

जयंती समारोह में बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे। इनमें प्रमुख रूप से शामिल थे:

  • पंचायत समिति सदस्य: अशोक मुखिया
  • घोगरडीहा समिति: सुशील कामत
  • सरपंच: रमण यादव
  • अन्य प्रमुख लोग: सकल पासवान, मन्नू यादव, वीरेंद्र यादव, अमित रंजन, मनोज यादव, रामविलास यादव, रवि साफी, संजीत राम, महेश यादव, मोनू कामत, निरंजन कामत।
  • पैक्स अध्यक्ष: रविन्द्र यादव, जमुनी राम, अमोद यादव, मोहम्मद दाउद, मिटू कामत, बजरंगी कामत।

​कार्यक्रम के अंत में राजद नेता मनोज कुमार यादव ने सभी आगंतुकों का धन्यवाद ज्ञापन किया।

मधुबनी: धनछीहा पंचायत में रानी कुमारी बनीं शिक्षा समिति की सचिव, निर्विरोध हुआ चयन

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मधुबनी/लौकही: जिले के लौकही प्रखंड क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली धनछीहा पंचायत से एक सकारात्मक खबर सामने आई है। यहाँ शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की दिशा में ग्रामीणों ने एक अहम फैसला लेते हुए नई शिक्षा समिति का गठन किया है।

धनछीहा पंचायत के वार्ड संख्या 08 स्थित NPS (नव प्राथमिक विद्यालय) हरद्वार, लौकहा में हुई एक विशेष बैठक के दौरान शिक्षा समिति के सचिव पद का चुनाव संपन्न हुआ। इस चुनाव में स्थानीय ग्रामीणों और अभिभावकों ने सर्व सम्मति से रानी कुमारी (पति: अप्पु जिवेश) को शिक्षा समिति का सचिव चुना है।

निर्विरोध चुनी गईं रानी कुमारी

सबसे खास बात यह रही कि रानी कुमारी का चयन पूरी तरह से निर्विरोध रहा। बैठक में मौजूद सभी सदस्यों ने एक स्वर में उनके नाम पर सहमति जताई, जो उनके प्रति समाज के विश्वास को दर्शाता है।

विद्यालय के विकास की जगी उम्मीद

शिक्षा समिति के सचिव पद पर रानी कुमारी के चयन के बाद स्थानीय लोगों में हर्ष का माहौल है। ग्रामीणों का मानना है कि नई सचिव के नेतृत्व में विद्यालय की व्यवस्था में सुधार आएगा और बच्चों को बेहतर शिक्षा का माहौल मिल सकेगा। सचिव बनने के बाद रानी कुमारी ने भी विद्यालय के विकास और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए पूरी निष्ठा से काम करने का संकल्प लिया।

इस मौके पर वार्ड 08 के कई गणमान्य व्यक्ति और ग्रामीण उपस्थित थे जिन्होंने नवनिर्वाचित सचिव को बधाई दी।

तेजप्रताप यादव का दिखा अलग अंदाज: यादव जी के माल गाने पर भड़के, मंच से ही लगवाई क्लास

पटना: मकर संक्रांति के अवसर पर पटना में सियासी गलियारों में दही-चूड़ा भोज की धूम रही। लेकिन, जजद नेता और लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव के आवास पर आयोजित भोज चर्चा का विषय बन गया है। चर्चा का कारण राजनीति नहीं, बल्कि तेजप्रताप यादव द्वारा दिखाई गई ‘सांस्कृतिक मर्यादा’ है।

दरअसल, कार्यक्रम के दौरान एक लोक गायिका ने जजद समर्थकों के बीच लोकप्रिय गाना “हम त यादव जी के माल हईं रे…” गाना शुरू कर दिया। जैसे ही यह गाना तेजप्रताप के कानों तक पहुंचा, वह तुरंत अपनी कुर्सी से उठे और मंच पर जाकर गाना रुकवा दिया।

क्या है पूरा मामला?

तेजप्रताप यादव ने अपने आवास पर दही-चूड़ा भोज का आयोजन किया था, जिसमें बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और लोग पहुंचे थे। मनोरंजन के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम भी चल रहा था। इसी बीच, गायिका ने भोजपुरी का एक चर्चित गाना गाना शुरू किया, जिसके बोल थे:

“ना ही गोले वाला दाल हईं रे… हम त यादव जी के माल हईं रे…”

यह सुनते ही तेजप्रताप यादव असहज हो गए। वह भीड़ के बीच से निकलते हुए सीधे मंच के पास पहुंचे और माइक लेकर गायिका को बीच में ही रोक दिया।

तेजप्रताप की दो टूक: ‘यह सब यहां नहीं चलेगा’

तेजप्रताप यादव ने न केवल गाना बंद करवाया, बल्कि नसीहत भी दी। उन्होंने सख्त लहजे में कहा:

“ए रुकिए… ये सब वल्गर (अश्लील) गाना मत गाइए यहां। यह एक कार्यक्रम है। यहां भगवान का भजन गाइए, कृष्ण भगवान का भजन सुनाइए। यह सब गाना यहां नहीं चलेगा।”

तेजप्रताप के इस कदम के बाद वहां मौजूद माहौल पूरी तरह बदल गया और कार्यक्रम में भक्ति गीत गाए जाने लगे।

मर्यादा और संस्कार की हो रही तारीफ

अक्सर अपने बयानों और अलग अंदाज के लिए सुर्खियों में रहने वाले तेजप्रताप यादव का यह रूप लोगों को खूब भा रहा है। सोशल मीडिया पर इस घटना का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। लोग इसे तेजप्रताप के संस्कार और सांस्कृतिक सोच से जोड़कर देख रहे हैं।

राजनीतिक जानकारों का कहना है कि राजद (RJD) के कार्यक्रमों में अक्सर ऐसे गानों का चलन रहा है, जिन्हें लेकर विपक्ष भी निशाना साधता रहा है। ऐसे में तेजप्रताप यादव का यह कदम एक नई लकीर खींचने जैसा है। उन्होंने साफ संदेश दिया है कि सार्वजनिक मंचों पर फूहड़ता की जगह नहीं होनी चाहिए, भले ही वह उनकी पार्टी के समर्थकों को पसंद आने वाला गाना ही क्यों न हो।

तेजप्रताप यादव खुद को कृष्ण भक्त बताते हैं और अक्सर धार्मिक यात्राओं पर रहते हैं। दही-चूड़ा भोज में अश्लील गाने पर रोक लगाकर उन्होंने साबित कर दिया है कि वे अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक छवि को लेकर कितने गंभीर हैं। उनके इस फैसले ने न केवल वहां मौजूद लोगों का दिल जीता, बल्कि यह भी संदेश दिया कि मनोरंजन के नाम पर मर्यादा नहीं लांघी जानी चाहिए।

सुपौल रेलवे लाइन: विकास की हकीकत बनाम क्रेडिट की सियासत – एक दस्तावेजी पड़ताल

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विकास, विश्वास और ‘क्रेडिट’ का प्रयास: सोशल मीडिया के शोर में गुम होती हकीकत

“विकास होना, विकास के लिये कार्य करना एवं विकास के लिये सतत प्रयास करना सराहनीय, प्रशंसनीय एवं अनुकरणीय कार्य है। परन्तु कुछ लोगों की विशेषता है, उस कार्य को अपने नाम पर घोषित कराने का…”

बिहार के कोसी क्षेत्र, विशेषकर सुपौल में ललितग्राम-बीरपुर नई रेल लाइन (22 किमी) की स्वीकृति के बाद उपजा ताजा राजनीतिक परिदृश्य इन पंक्तियों को अक्षरशः चरितार्थ करता है। विकास एक सतत प्रक्रिया है, लेकिन विडंबना यह है कि आज यह ‘सतत प्रयास’ के बजाय ‘तत्काल श्रेय’ लेने की होड़ में बदल गया है।

सोशल मीडिया: दावों का बाजार

जैसे ही रेलवे बोर्ड से इस बहुप्रतीक्षित परियोजना की फाइल आगे बढ़ी, सोशल मीडिया पर ‘क्रेडिट’ लेने की एक वर्चुअल दौड़ शुरू हो गई। यह दौड़ दिलचस्प है क्योंकि इसमें एक ही काम के कई ‘पिता’ सामने आ रहे हैं। बिना किसी का नाम लिए, अगर हम सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे पोस्ट्स पर नज़र डालें, तो स्थिति हास्यास्पद लगती है:

  • दावा नंबर 1: सोशल मीडिया के एक कोने में पोस्ट तैर रही है— “जो कहा, वो कर के दिखाया!”। दावा किया जा रहा है कि यह व्यक्तिगत प्रयासों का फल है और वर्षों के संघर्ष का परिणाम है।
  • दावा नंबर 2: वहीं, दूसरे डिजिटल गलियारों (व्हाट्सएप ग्रुप्स) में “तन-मन रोमांचित” होने की बात कही जा रही है। वहां किसी और ही नेतृत्व के भरोसे और प्रभाव को इस सफलता का कारण बताया जा रहा है।

आम जनता भ्रमित है कि आखिर एक ही रेल लाइन के लिए अलग-अलग खेमों में इतनी बधाइयां क्यों बंट रही हैं? क्या विकास सोशल मीडिया पोस्ट से होता है?

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दस्तावेजी हकीकत: मौन कर्मयोगी

जब शोर थम जाता है, तो कागज बोलते हैं। पूर्व मध्य रेलवे (ECR) का एक आधिकारिक पत्र (Letter No-ECR/CAO/CON/SEC/N/45) सोशल मीडिया के इन हवाई दावों से इतर एक अलग ही कहानी बयां करता है।

रेलवे के इस दस्तावेज में स्पष्ट लिखा है कि प्रोजेक्ट का यह लेटेस्ट स्टेटस अपडेट बिहार सरकार के ऊर्जा एवं योजना मंत्री श्री बिजेंद्र प्रसाद यादव के साथ हुई “मौखिक चर्चा के अनुपालन” (In compliance of verbal discussion) में जारी किया गया है।

दस्तावेज बताते हैं कि इन तारीखों पर फाइलों को टेबल-दर-टेबल आगे बढ़ाने के पीछे निरंतर प्रशासनिक संवाद और दबाव मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव का था। असली काम खामोशी से फाइलों को आगे बढ़ाने में होता है, न कि सोशल मीडिया पर शोर मचाने में।

श्रेय नहीं, सत्य चाहिए

लोकतंत्र में जनता को यह जानने का हक है कि उनके लिए वास्तव में पसीना कौन बहा रहा है और कौन केवल बहती गंगा में हाथ धो रहा है।

सुपौल और कोसी की जनता के लिए यह समझना जरूरी है कि विकास ‘फेसबुक पोस्ट’ करने से नहीं, बल्कि ‘प्रयास’ करने से आता है। श्रेय लेने की होड़ में नेताओं को यह नहीं भूलना चाहिए कि पब्लिक सब जानती है—कागज पर क्या लिखा है और स्क्रीन पर क्या दिख रहा है। रेलवे का यह पत्र गवाह है कि विकास की गाड़ी को इंजन कौन दे रहा है, और कौन केवल प्लेटफार्म पर सीटी बजा रहा है।

प्रोजेक्ट: ललितग्राम-बीरपुर नई रेल लाइन (22 किमी)।

विवाद: सोशल मीडिया पर कई नेताओं द्वारा श्रेय लेने की होड़।

सच: रेलवे के आधिकारिक पत्र में केवल बिजेंद्र प्रसाद यादव के प्रयासों और चर्चा का उल्लेख है।

संदेश: विकास कार्यों का श्रेय सोशल मीडिया पोस्ट्स से नहीं, आधिकारिक दस्तावेजों से तय होना चाहिए।

मंत्री बिजेंद्र यादव की कोसी-मिथिला को बड़ी सौगात: 126 करोड़ से चमकेगी नेपाल बॉर्डर की सड़क, शक्तिपीठों को जोड़ने का सपना हुआ साकार

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खबर एक नज़र में:

  • प्रयास: माननीय मंत्री श्री बिजेंद्र प्रसाद यादव की दूरदर्शी सोच का परिणाम।
  • प्रोजेक्ट: मझारी चौक (NH-27) से कुनौली बाजार (नेपाल बॉर्डर) वाया डगमरा।
  • लागत: 126 करोड़ 23 लाख रुपये (प्रशासनिक स्वीकृति मिली)।
  • विशेषता: सखरा भगवती और कंकाली भगवती जैसे ऐतिहासिक शक्तिपीठों का होगा सीधा जुड़ाव।

पटना/मधुबनी: बिहार सरकार के वरिष्ठ मंत्री और कोसी क्षेत्र के विकास पुरुष कहे जाने वाले श्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने एक बार फिर कोसी और मिथिलांचल के लोगों को बड़ी खुशखबरी दी है। मंत्री जी के अथक प्रयासों और क्षेत्र के विकास के प्रति उनकी प्रतिबद्धता के चलते इंडो-नेपाल सीमा (Indo-Nepal Border) तक जाने वाली अतिमहत्वपूर्ण सड़क परियोजना को प्रशासनिक स्वीकृति मिल गई है।

मंत्री बिजेंद्र यादव का विजन:

सड़क ही नहीं, संस्कृति का जुड़ाव के साथ राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण”

यह परियोजना केवल डामर और गिट्टी की सड़क नहीं है, बल्कि यह मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव के उस विजन का हिस्सा है, जिसके तहत वे सीमावर्ती क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ना चाहते हैं। मधुबनी के लौकहा एवं फुलपरास विधानसभा और सुपौल के सीमावर्ती इलाकों के लिए यह सड़क जीवन रेखा साबित होगी।

मंत्री जी ने लगातार इस बात पर जोर दिया था कि नेपाल बॉर्डर तक की कनेक्टिविटी सुदृढ़ होनी चाहिए ताकि भारत-नेपाल के ‘रोटी-बेटी’ के रिश्तों को और मजबूती मिले और व्यापारिक गतिविधियों में तेजी आए।

इन दो प्रसिद्ध मंदिरों को मिलेगी नई पहचान

इस सड़क की सबसे खास बात इसका धार्मिक महत्व है। स्थानीय लोगों की वर्षों पुरानी मांग को पूरा करते हुए, मंत्री जी ने यह सुनिश्चित किया कि इस रूट का कायाकल्प हो। यह सड़क क्षेत्र के दो सबसे प्रतिष्ठित धार्मिक स्थलों—सखरा भगवती और कंकाली भगवती मंदिर—को आपस में जोड़ती है।

अब श्रद्धालुओं को इन शक्तिपीठों के दर्शन के लिए हिचकोले नहीं खाने पड़ेंगे। माना जा रहा है कि सड़क बनने के बाद यहाँ धार्मिक पर्यटन (Religious Tourism) में भारी उछाल आएगा, जिसका सीधा श्रेय मंत्री बिजेंद्र यादव की पहल को जाता है।

क्या है पूरी परियोजना? (सरकारी आंकड़े)

पथ निर्माण विभाग द्वारा जारी अधिसूचना (क्रम संख्या 36) के अनुसार:

  • रूट: पथ प्रमंडल सुपौल अंतर्गत मझारी चौक (NH-27) से कुनौली बाजार (नेपाल बॉर्डर) वाया डगमरा।
  • लंबाई: कुल 25.353 किलोमीटर।
  • स्वीकृत राशि: ₹12623.994 लाख (लगभग 126 करोड़ 23 लाख रुपये)।
  • कार्य: सड़क का चौड़ीकरण (Widening) एवं मजबूतीकरण।

क्षेत्र में खुशी की लहर 126 करोड़ की इस भारी-भरकम राशि की स्वीकृति मिलने के बाद मधुबनी और सुपौल के सीमावर्ती इलाकों में खुशी का माहौल है। स्थानीय नागरिकों और कार्यकर्ताओं ने इसके लिए माननीय मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव का आभार व्यक्त किया है। लोगों का कहना है कि मंत्री जी ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि क्षेत्र का विकास उनकी पहली प्राथमिकता है।

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JDU में भीतरघात: बाबूबरही विधायक मीना कुमारी का लेटर बम, भारती मेहता और बासुदेव कुशवाहा समेत 4 बड़े नेताओं पर लगाए गंभीर आरोप

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पटना/मधुबनी: बिहार की राजनीति में विधानसभा चुनाव के बाद भी सरगर्मी कम नहीं हुई है। बाबूबरही विधानसभा क्षेत्र (Babubarhi Assembly Seat) से जदयू विधायक मीना कुमारी (Meena Kumari) ने अपनी ही पार्टी के बड़े नेताओं पर चुनाव में भीतरघात (Anti-party activities) करने का सनसनीखेज आरोप लगाया है।

विधायक मीना कुमारी ने जनता दल यूनाइटेड (JDU) के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा को एक लिखित शिकायत भेजी है। दिनांक 26/11/25 को लिखे गए इस पत्र में उन्होंने पार्टी के चार प्रमुख नेताओं पर विपक्ष (RJD) के उम्मीदवार की मदद करने और उन्हें चुनाव हराने की साजिश रचने का दावा किया है।

इन 4 नेताओं पर लगाए गंभीर आरोप

विधायक मीना कुमारी ने अपने पत्र में जिन चार नेताओं का जिक्र किया है, वे पार्टी के कद्दावर पदों पर आसीन हैं। पत्र के अनुसार:

श्रीमती भारती मेहता (प्रदेश अध्यक्ष, जदयू महिला प्रकोष्ठ): विधायक ने आरोप लगाया है कि भारती मेहता ने उन्हें चुनाव हराने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा दी। पत्र में लिखा गया है कि भारती मेहता अपनी स्वजातीय लोगों से कह रही थीं कि “जब मीना कामत (कुमारी) हारेगी, तभी मुझे टिकट मिलेगा। अगर मीना कामत जीत जाएगी तो मुझे टिकट नहीं मिलेगा।” आरोप है कि इस स्वार्थ के चलते उन्होंने राजद प्रत्याशी के पक्ष में काम किया।

श्री बासुदेव कुशवाहा (प्रदेश महासचिव, जदयू): बासुदेव कुशवाहा, जो प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा के बेहद करीबी माने जाते हैं और मुख्यालय प्रभारी भी हैं, उन पर भी गंभीर आरोप लगे हैं। मीना कुमारी का कहना है कि उनका घर बाबूबरही विधानसभा क्षेत्र में ही है, लेकिन उन्होंने राजद प्रत्याशी अरुण सिंह उर्फ अरुण कुशवाहा को जिताने के लिए पूरी ताकत झोंक दी।

श्रीनारायण भंडारी उर्फ फूले भंडारी (जदयू जिला अध्यक्ष, मधुबनी): मधुबनी जिला अध्यक्ष पर आरोप है कि उन्होंने चुनाव से ठीक पहले विधायक के अनुकूल बने बाबूबरही प्रखंड अध्यक्ष को हटा दिया और एक विरोधी को अध्यक्ष बना दिया। पत्र के मुताबिक, फूले भंडारी ने कामत समाज में राजद प्रत्याशी के पक्ष में वोट मांगे और जदयू समर्थकों को भड़काने का काम किया।

सत्यनारायण साफी (जिला बीस सूत्री सदस्य): चौथा नाम सत्यनारायण साफी का है, जो लदनियां के प्रमुख हैं। पत्र में दावा किया गया है कि उन्होंने चुनाव के दौरान राजद प्रत्याशी अरुण सिंह के समक्ष खुलकर राजद का दामन थाम लिया और उनके पक्ष में कार्य किया।

कार्यवाई की मांग

विधायक मीना कुमारी ने प्रदेश अध्यक्ष से आग्रह किया है कि पार्टी विरोधी कार्य करने वाले इन नेताओं पर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। यह पत्र अब सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है और इससे मधुबनी जदयू के अंदरूनी कलह खुलकर सामने आ गई है।

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L.N.J. कॉलेज झंझारपुर: खेल सामग्री आवंटन में भेदभाव का आरोप, MSU छात्र नेताओं के साथ धक्का-मुक्की, 13 से भूख हड़ताल की चेतावनी

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झंझारपुर: स्थानीय ललित नारायण जनता (L.N.J.) महाविद्यालय में 8 जनवरी को खेल सामग्री के वितरण को लेकर एक बड़ा विवाद सामने आया है। महाविद्यालय प्रशासन और खेल विभाग के कर्मचारियों पर छात्रों के साथ भेदभाव और अभद्रता करने का गंभीर आरोप लगा है। इस घटना के बाद कैंपस का माहौल तनावपूर्ण हो गया है।

क्या है पूरा मामला?

प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना उस वक्त हुई जब महाविद्यालय के कुछ छात्र खेलने के लिए खेल विभाग में सामग्री (Sports Kit) लेने पहुंचे। छात्रों का आरोप है कि खेल विभाग के कर्मचारियों ने नियम का हवाला देते हुए उनसे सामग्री के बदले 10 छात्रों का आईडेंटिटी कार्ड (ID Card) जमा करने की मांग की।

विवाद तब गहरा गया जब छात्रों ने देखा कि उसी समय महाविद्यालय के कुछ प्रोफेसरों के निजी बच्चों को बिना किसी कड़े नियम के खेल सामग्री दे दी गई और वे उसे लेकर घर जा रहे थे।

स्टाफ पर अभद्रता और धमकी देने का आरोप

जब छात्रों ने इस दोहरे रवैये पर सवाल उठाया, तो आरोप है कि खेल विभाग के स्टाफ ने जवाब देने के बजाय छात्र नेताओं के साथ बदसलूकी शुरू कर दी। मिथिला स्टूडेंट यूनियन (MSU) का कहना है कि स्टाफ ने अभद्र भाषा का प्रयोग किया और कहा, “जहाँ जाना है जाओ, गला पकड़ के बाहर फेंक देंगे।”

वायरल हो रहे वीडियो में भी तीखी नोकझोंक देखी जा सकती है। आरोप है कि इस दौरान महाविद्यालय प्रभारी कुंदन भारती के साथ भी धक्का-मुक्की की गई। MSU ने इसे शिक्षक मर्यादा और शैक्षणिक वातावरण पर गहरा आघात बताया है।

MSU ने दिया 3 दिन का अल्टीमेटम

इस घटना पर कड़ा रुख अपनाते हुए मिथिला स्टूडेंट यूनियन ने कॉलेज प्रशासन को चेतावनी दी है। संगठन ने स्पष्ट किया है कि छात्रों के साथ भेदभाव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

यूनियन ने मांग की है कि:

  • ​पूरे मामले की 3 दिनों के भीतर निष्पक्ष जाँच हो।
  • ​दोषी प्रोफेसर और कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।

अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल की चेतावनी

MSU ने ऐलान किया है कि यदि निर्धारित समय-सीमा के भीतर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती है, तो वे 13 जनवरी से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करने के लिए बाध्य होंगे। संगठन ने कहा है कि इसकी पूरी जिम्मेदारी महाविद्यालय प्रशासन की होगी और छात्रों के सम्मान की लड़ाई आखिरी दम तक लड़ी जाएगी।

Lalu Yadav Bharat Ratna: लालू यादव को ‘भारत रत्न’ देने की मांग पर सियासी भूचाल, BJP नेता ने दिया अब तक का सबसे बड़ा बयान

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Patna | बिहार की राजनीति में एक बार फिर ‘भारत रत्न’ को लेकर घमासान छिड़ गया है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) द्वारा अपने सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव (Lalu Prasad Yadav) के लिए देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ की मांग करने के बाद एनडीए (NDA) और भाजपा (BJP) नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। इस मांग पर पलटवार करते हुए भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने इसे बिहार की जनता का अपमान बताया है।

क्या है पूरा मामला?

आरजेडी पूर्व विधायक सह JJD नेता तेज प्रताप यादव (Tej Pratap Yadav) का कहना है कि लालू यादव ने गरीबों और पिछड़ों को आवाज दी है, इसलिए वे इस सम्मान के असली हकदार हैं।

BJP का तीखा हमला: ‘लूट रत्न’ मिलना चाहिए

आरजेडी की इस मांग पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने बेहद आक्रामक रुख अपनाया है। बिहार के उपमुख्यमंत्री और भाजपा नेता विजय कुमार सिन्हा (Vijay Kumar Sinha) ने इस मांग को सिरे से खारिज करते हुए बड़ा बयान दिया है।

भाजपा नेताओं ने कहा कि जिस व्यक्ति ने बिहार को अपराध, भ्रष्टाचार और नरसंहारों के लिए बदनाम किया, उनके लिए भारत रत्न की मांग करना हास्यास्पद है।

  • विजय कुमार सिन्हा का बयान: उन्होंने कहा, “भ्रष्टाचार के मामले में सजायाफ्ता व्यक्ति के लिए भारत रत्न की मांग करना संविधान और जनभावना का अपमान है। जिन्होंने बिहार को लूटा, उन्हें ‘भारत रत्न’ नहीं बल्कि ‘लूट रत्न’ या ‘भ्रष्टाचार रत्न’ मिलना चाहिए।”

JDU ने भी साधा निशाना

जेडीयू (JDU) के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने भी आरजेडी को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि लालू यादव को कोर्ट ने चारा घोटाले में दोषी माना है। ऐसे में आरजेडी नेताओं द्वारा भारत रत्न की मांग करना “मानसिक दिवालियापन” को दर्शाता है। एनडीए नेताओं का कहना है कि यह मांग केवल राजनीतिक स्टंट है।

  • मेरे पिता जी गरीबों के मसीहा हैं। जिस तरह कर्पूरी ठाकुर जी को सम्मान मिला, उसी तरह लालू जी भी ‘भारत रत्न’ के असली हकदार हैं। उन्होंने बिहार को आवाज दी है। जो लोग आज विरोध कर रहे हैं, वो कल खुद ही उन्हें सम्मान देंगे।- तेज प्रताप यादव, लालू यादव के बड़े पुत्र

बिहार में आगामी चुनावों और सियासी समीकरणों को देखते हुए यह विवाद और बढ़ने की उम्मीद है। एक तरफ आरजेडी अपने ‘सामाजिक न्याय’ के एजेंडे को धार दे रही है, तो दूसरी तरफ भाजपा ‘भ्रष्टाचार’ के मुद्दे पर लालू परिवार को घेरने का कोई मौका नहीं छोड़ रही है।

यह मांग ऐसे समय उठी है जब दिल्ली कोर्ट ने लैंड फॉर जॉब केस में लालू परिवार पर आरोप तय करने का आदेश दिया है

Jhanjharpur News: वीबी जी राम जी योजना में राम के नाम से विपक्ष को लग रही मिर्ची NDA ने गिनाई खूबियां

भाजपा

झंझारपुर (मधुबनी): भाजपा जिला कार्यालय झंझारपुर में एनडीए (NDA) की ओर से आयोजित एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस में विपक्षी दलों पर जमकर निशाना साधा गया। भाजपा जिला अध्यक्ष बच्चा बाबू कामत ने कहा कि विपक्ष के पास अब कोई मुद्दा नहीं बचा है, इसलिए उनका एकमात्र कार्य सिर्फ विरोध करना रह गया है।

प्रेस वार्ता के दौरान केंद्र सरकार की नई पहल ‘वीबी जी राम जी’ (विकसित भारत गारंटी रोजगार और आजीविका मिशन ग्रामीण) कार्यक्रम पर चर्चा करते हुए एनडीए नेताओं ने इसे गेम चेंजर बताया।

​’राम’ के नाम से विपक्ष को परेशानी

भाजपा जिला अध्यक्ष बच्चा बाबू कामत ने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि विपक्षी दल अब ‘वीबी जी राम जी’ कार्यक्रम का विरोध सिर्फ इसलिए कर रहे हैं क्योंकि इसमें भगवान ‘राम’ का नाम जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा, “योजना के नाम में राम शब्द देखकर विपक्ष को मिर्ची लग रही है, जबकि यह योजना गरीबों के कल्याण के लिए है।”

मनरेगा से बेहतर: अब 125 दिन काम की गारंटी

योजना की खूबियों को गिनाते हुए श्री कामत ने बताया कि पहले मनरेगा के तहत 100 दिनों के रोजगार का प्रावधान था, लेकिन ‘वीबी जी राम जी’ के तहत अब इसे बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है। यह ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की गारंटी को और मजबूत करेगा।

सप्ताहिक भुगतान और प्रशासनिक व्यय में वृद्धि

प्रेस कॉन्फ्रेंस में रालोमो (RLM) के जिला अध्यक्ष रंजीत कामत ने विपक्ष द्वारा फैलाए जा रहे भ्रम को दूर किया। उन्होंने कहा:

  • विपक्ष इस योजना का गलत प्रचार कर रहा है।
  • ​योजना में प्रशासनिक व्यय को 6% से बढ़ाकर 9% कर दिया गया है।
  • ​मजदूरों का साप्ताहिक भुगतान (Weekly Payment) अनिवार्य रूप से तय किया गया है, जिससे श्रमिकों को आर्थिक तंगी का सामना नहीं करना पड़ेगा।

विकसित भारत 2047 का लक्ष्य

भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य अनुरंजन झा ने कहा कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य गांवों और गरीबों को सबल बनाना है। यह पहल भारत को 2047 तक ‘विकसित भारत’ बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी। वहीं, हम पार्टी (HAM) की जिला अध्यक्ष विमला देवी ने भी इस नए कानून का स्वागत किया।

ये रहे उपस्थित

इस मौके पर भाजपा जिला अध्यक्ष बच्चा बाबू कामत, रालोमो जिला अध्यक्ष रंजीत कामत, हम पार्टी जिला अध्यक्ष विमला कुमारी, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य अनुरंजन झा एवं सत्यनारायण अग्रवाल, भाजपा महिला प्रकोष्ठ जिला अध्यक्ष कामिनी देवी, दीपक कुमार झा, संदीप दास, पंकज चौधरी, ललन कान्त मिश्रा, विप्लेश ठाकुर, कुमार राजा, बजरंगी दास, प्रदीप ठाकुर, संजय राय, ललन पासवान, वरुण ठाकुर और दीपु मंडल समेत एनडीए के कई वरिष्ठ कार्यकर्ता उपस्थित थे।