बिहार की राजनीति: जदयू प्रवक्ता मनीष यादव का तेजस्वी पर तीखा प्रहार, ‘नैतिकता’ पर उठाए सवाल

342119

बिहार की राजनीति में जुबानी जंग कोई नई बात नहीं है, लेकिन हाल ही में जदयू (JDU) प्रवक्ता मनीष यादव ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर जो हमला बोला है, उसने सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच की खाई को और गहरा कर दिया है। मनीष यादव ने तेजस्वी यादव की सदन में अनुपस्थिति को मुद्दा बनाते हुए उनके पद की नैतिकता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

क्या है पूरा मामला ?

जदयू प्रवक्ता मनीष यादव ने एक बयान जारी करते हुए तेजस्वी यादव की कार्यशैली पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जब तेजस्वी यादव सदन की कार्यवाही में हिस्सा ही नहीं लेते और सदन में मौजूद नहीं रहते, तो उन्हें ‘नेता प्रतिपक्ष’ की जिम्मेदारी और सुख-सुविधाओं का मोह क्यों है?

मनीष यादव के तीखे सवाल

मनीष यादव ने अपने बयान में मुख्य रूप से तीन बातें रेखांकित कीं:

  • जिम्मेदारी से भागने का आरोप: उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष का पद संवैधानिक जिम्मेदारी का होता है। अगर आप सदन में जनता की आवाज उठाने के लिए उपस्थित नहीं हो सकते, तो आपको पद पर बने रहने का कोई हक नहीं है।
  • पद छोड़ने की चुनौती: जदयू प्रवक्ता ने सीधे शब्दों में कहा, “जब आप सदन की कार्यवाही में नहीं आते, तो नैतिकता के आधार पर नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी क्यों नहीं छोड़ देते?”
  • जनता के साथ विश्वासघात: उन्होंने आरोप लगाया कि तेजस्वी यादव केवल ट्विटर और सोशल मीडिया की राजनीति करते हैं, जबकि असल मुद्दों पर सदन में चर्चा के समय वे नदारद रहते हैं।

विपक्ष का घेराव और राजनीतिक मायने

यह पहली बार नहीं है जब जदयू ने तेजस्वी यादव की अनुपस्थिति को मुद्दा बनाया है। एनडीए के नेताओं का अक्सर यह तर्क रहता है कि तेजस्वी महत्वपूर्ण विधायी सत्रों के दौरान बिहार से बाहर रहते हैं।

मनीष यादव के इस हमले के पीछे की रणनीति स्पष्ट है: जनता के बीच तेजस्वी यादव को एक ‘पार्ट-टाइम’ राजनेता के रूप में पेश करना।

बिहार विधानसभा चुनाव की आहट जैसे-जैसे करीब आएगी, इस तरह के हमले और तेज होंगे। अब देखना यह है कि राष्ट्रीय जनता दल (RJD) मनीष यादव के इन आरोपों का क्या जवाब देती है और क्या तेजस्वी यादव अपनी सदन में उपस्थिति को लेकर कोई नई रणनीति अपनाते हैं।

झंझारपुर: एसडीपीओ सुबोध कुमार सिंह ने की मासिक अपराध समीक्षा बैठक, अपराधियों पर नकेल कसने के सख्त निर्देश

332436

झंझारपुर। स्थानीय अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) कार्यालय में शुक्रवार को मासिक अपराध समीक्षा बैठक आयोजित की गई। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सुबोध कुमार सिंह की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में क्षेत्र की कानून व्यवस्था, लंबित कांडों के निष्पादन और आगामी सुरक्षा चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में अनुमंडल के सभी थाना प्रभारी और अंचल निरीक्षक मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

बैठक के मुख्य बिंदु:

एसडीपीओ सुबोध कुमार सिंह ने अपराध नियंत्रण को लेकर ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाते हुए कई कड़े दिशा-निर्देश जारी किए:

  • अपराध नियंत्रण और गश्ती: क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए रात्रि गश्ती को और अधिक प्रभावी बनाने का निर्देश दिया गया। उन्होंने कहा कि पुलिस की उपस्थिति सड़कों पर दिखनी चाहिए ताकि आमजन सुरक्षित महसूस करें।
  • एंटी क्राइम व्हीकल चेकिंग: संदिग्ध गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए सभी थाना क्षेत्रों में सघन वाहन चेकिंग अभियान चलाने का निर्देश दिया गया। विशेष रूप से बिना नंबर प्लेट और तेज रफ्तार बाइक चलाने वालों पर कड़ी नजर रखने को कहा गया है।
  • केस डिस्पोजल (कांडों का निष्पादन): थानों में लंबित पड़े पुराने मामलों को जल्द से जल्द निपटाने और चार्जशीट दाखिल करने की प्रक्रिया में तेजी लाने का आदेश दिया गया।
  • सक्रिय अपराधियों पर निगरानी: जेल से छूटे और क्षेत्र के सक्रिय अपराधियों की गतिविधियों की नियमित मॉनिटरिंग करने का निर्देश दिया गया। अपराधियों के नेटवर्क को तोड़ने के लिए खुफिया तंत्र को मजबूत करने पर बल दिया गया।
  • त्वरित गिरफ्तारी: वारंटी और फरार अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया गया, ताकि न्यायिक प्रक्रिया में तेजी आ सके।

​”जनता की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। अपराध पर नियंत्रण के लिए पुलिस मुस्तैदी से काम कर रही है। लापरवाही बरतने वाले पुलिस अधिकारियों पर जवाबदेही तय की जाएगी।”— सुबोध कुमार सिंह, एसडीपीओ, झंझारपुर

सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस अलर्ट

बैठक के समापन पर एसडीपीओ ने सभी थाना प्रभारियों को जनता के साथ बेहतर समन्वय बनाने और सामुदायिक पुलिसिंग को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि अपराध पर लगाम लगाने के लिए पुलिस तकनीकी और मानवीय दोनों स्तरों पर काम कर रही है।

नरहिया गोलीबारी कांड: मुख्य आरोपी अंशु राय गिरफ्तार, पुलिस ने देशी पिस्टल भी की बरामद

329280

फुलपरास (मधुबनी): अनुमंडल अंतर्गत नरहिया थाना क्षेत्र में सरस्वती पूजा विसर्जन के दौरान हुई सनसनीखेज गोलीबारी मामले में पुलिस को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। पुलिस ने मामले के मुख्य आरोपी अंशु राय को गिरफ्तार कर लिया है।

गुप्त सूचना पर हुई कार्रवाई

अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) अमित कुमार ने प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि पुलिस को आरोपी के ठिकाने के बारे में गुप्त सूचना मिली थी। इसी आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए भपटियाहीं गांव में छापेमारी की गई, जहाँ से अंशु राय को दबोच लिया गया।

अवैध हथियार बरामद

गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की, तो आरोपी की निशानदेही पर उसके घर के पीछे छिपाकर रखी गई एक अवैध देशी पिस्टल बरामद की गई। पुलिस इस हथियार की जांच कर रही है कि क्या इसी से विसर्जन के दौरान फायरिंग की गई थी।

​क्या था पूरा मामला?

​​बीती 24 जनवरी को सरस्वती पूजा प्रतिमा विसर्जन के लिए जुलूस निकाला गया था। आरोप है कि जुलूस के दौरान नशे में धुत एक युवक ने अचानक फायरिंग कर दी। इस गोलीबारी में प्रहलाद कुमार नामक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया था।

घटना के बाद से ही क्षेत्र में तनाव का माहौल था और पुलिस लगातार आरोपियों की धरपकड़ के लिए छापेमारी कर रही थी।

पुलिस अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। गिरफ्तार अभियुक्त से पूछताछ की जा रही है ताकि गिरोह के अन्य संपर्कों का पता लगाया जा सके। आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।- SDPO, फूलपरास

इस गिरफ्तारी से स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है। पुलिस अब इस मामले में अन्य शामिल तत्वों और अवैध शराब व हथियार के नेटवर्क को खंगालने में जुटी है।

फुलपरास: 12 फरवरी को देशव्यापी हड़ताल के समर्थन में वामपंथी नेताओं ने NH जाम कर किया प्रदर्शन

cpi

मधुबनी (बिहार): केंद्र सरकार की ‘मजदूर और किसान विरोधी’ नीतियों के खिलाफ आज, 12 फरवरी 2026 को ट्रेड यूनियनों और वामपंथी दलों द्वारा बुलाए गए देशव्यापी हड़ताल का असर बिहार के मधुबनी जिले में भी देखने को मिला। इसी क्रम में फुलपरास के लोहिया चौक पर सीपीआई (एम) (CPI-M) और विभिन्न वामपंथी संगठनों के कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) को जाम कर विरोध प्रदर्शन किया।

प्रमुख मांगें जिन पर रहा जोर:

प्रदर्शनकारियों ने हाथों में लाल झंडे और बैनर लेकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उनके मुख्य एजेंडे में निम्नलिखित मांगें शामिल थीं:

  • चार लेबर कोड वापस लो: कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए चार श्रम कानूनों (Labour Codes) को वापस लेने की मांग की, जिसे वे मजदूर विरोधी बता रहे हैं।
  • किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की गारंटी: कृषि उत्पादों के लिए कानूनी रूप से MSP की मांग दोहराई गई।
  • मनरेगा कानून में बदलाव वापस लो: मनरेगा के बजट में कटौती और इसके स्वरूप में बदलाव का विरोध करते हुए इसे पुराने स्वरूप में बहाल करने की मांग की गई।
  • निजीकरण पर रोक: सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के निजीकरण को रोकने की आवाज बुलंद की गई।

नेताओं का बयान

मौके पर मौजूद अंचल कमेटी, फुलपरास के नेताओं ने संबोधित करते हुए कहा कि जब तक सरकार इन ‘काले कानूनों’ को वापस नहीं लेती, तब तक यह आंदोलन और भी उग्र होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि विकसित भारत के नाम पर मजदूरों को बंधुआ बनाने की साजिश रची जा रही है।

दरभंगा में भूचाल: 70 ब्राह्मणों पर लगा ‘हरिजन एक्ट’! मजदूरी मांगने पर दलित परिवार के साथ जो हुआ, कांप जाएगी रूह!

311010 1

दरभंगा जिले के कुशेश्वरस्थान थाना क्षेत्र के हरिनगर गांव में एक बड़ी घटना सामने आई है। मजदूरी का बकाया पैसा मांगने को लेकर हुए विवाद ने जातीय हिंसा का रूप ले लिया। पीड़ित दलित परिवार का आरोप है कि गांव के 70 नामजद ब्राह्मणों और सैकड़ों अज्ञात लोगों ने उनके घर पर धावा बोल दिया। भीड़ पर घर की महिलाओं के साथ बदसलूकी, मारपीट और लाखों की संपत्ति लूटने का आरोप लगाया गया है।

इस मामले में पीड़ित असर्फी पासवान (पिता स्व. सरयुग पासवान) के बयान पर कुशेश्वरस्थान थाने में 70 नामजद (ज्यादातर झा और मिश्र उपनाम वाले) और 100-150 अज्ञात लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और SC/ST एक्ट की गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।

क्या है पूरा मामला?

पीड़ित असर्फी पासवान द्वारा दिए गए आवेदन के अनुसार, विवाद की जड़ 5 साल पुरानी मजदूरी का बकाया है। पीड़ित के बेटे ने आरोपी हेमकांत झा के यहां मजदूरी की थी, जिसका भुगतान नहीं किया गया था।

  • 30/01/2026: इसी बकाये को लेकर गांव में पंचायत बुलाई गई थी, जिसमें दोनों पक्षों के बीच कहा-सुनी हुई।
  • 31/01/2026 (घटना का दिन): अगली सुबह करीब 7:00 बजे, जब पीड़ित का लड़का विक्रम पासवान सब्जी खरीदकर घर लौट रहा था, तभी आरोपियों ने उसे घेर लिया।

लाठी-डंडे और लोहे की रॉड से हमला

आवेदन में कहा गया है कि हेमकांत झा, शिवजी झा, श्रीनाथ झा, फुलकांत झा, मनोज मिश्र समेत करीब 70 नामजद लोग लाठी, डंडा, लोहे की रॉड, खंती, फरसा और ईंट-पत्थर से लैस होकर आए। आरोप है कि जाति सूचक गालियां देते हुए उन्होंने विक्रम पासवान को दौड़ाया और घर में घुसकर उसे खींच लिया। भीड़ ने विक्रम को अधमरा कर दिया। जब उसके भाई राजगीर पासवान, अविनाश पासवान और अन्य बचाने आए, तो उन्हें भी पत्थरों और रॉड से मारकर घायल कर दिया गया।

महिलाओं से अभद्रता और लूटपाट का आरोप

  • महिलाओं पर हमला: जब घर की महिलाएं (रामतारा देवी और पोती कोमल कुमारी) बीच-बचाव करने आईं, तो उनके साथ मारपीट की गई और कपड़े फाड़ दिए गए। आरोप है कि कोमल कुमारी की कमर पर लाठी मारकर हड्डी तोड़ दी गई।
  • लूटपाट: भीड़ ने घर में रखा 2 लाख रुपये नकद (जो पोती की शादी के लिए रखे थे), सोने-चांदी के जेवर, एलसीडी, फ्रिज और मोबाइल लूट लिए।
  • तोड़फोड़: घर के बाहर खड़ी 4 मोटरसाइकिलों को चकनाचूर कर दिया गया और पीड़ित के “मिथिलांचल ढाबा” (होटल) में भी तोड़फोड़ और लूटपाट की गई।

जाते वक्त आरोपियों ने धमकी दी कि अगर वे गांव में रहे, तो पूरे परिवार को जान से मार दिया जाएगा।

पुलिस कार्रवाई

कुशेश्वरस्थान पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई की है। थाना अध्यक्ष को दिए गए आवेदन पर SI अंकित चौधरी ने मामला दर्ज कर लिया है और वे स्वयं इसकी जांच कर रहे हैं।

दर्ज किए गए केस का विवरण:

  • केस नंबर: Kusheshwarsthan PS Case No. 22/26
  • दिनांक: 31/01/2026
  • धाराएं (BNS): 126(2), 115(2), 109(1), 118(2), 117(2), 74, 303(2), 324(5), 329(4), 191(1)(3), 190, 61(2)
  • SC/ST (POA) Act: 3(1)(r), 3(1)(s), 3(2)

पुलिस ने घायलों को इलाज के लिए भेज दिया है और मामले की छानबीन शुरू कर दी है।

समृद्धि यात्रा: सीएम नीतीश कुमार ने मधुबनी को दी 391 करोड़ की सौगात, मिथिला हाट और औद्योगिक क्षेत्र समेत 395 योजनाओं का किया शिलान्यास

290895

मधुबनी (27 जनवरी 2026): बिहार के मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने अपनी ‘समृद्धि यात्रा’ के दौरान आज मिथिला की सांस्कृतिक राजधानी मधुबनी को विकास की बड़ी सौगात दी है। मुख्यमंत्री ने जिले में कुल 391 करोड़ रुपये की लागत से 395 विकासात्मक योजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया।

अररिया संग्राम (झंझारपुर) में आयोजित कार्यक्रम के दौरान सीएम ने न केवल विकास कार्यों का जायजा लिया, बल्कि अधिकारियों को समय सीमा के भीतर काम पूरा करने के कड़े निर्देश भी दिए।

290903

1. मिथिला हाट और औद्योगिक विकास पर जोर

मुख्यमंत्री ने झंझारपुर प्रखंड के अररिया संग्राम स्थित मिथिला हाट फेज-II (रिवर फ्रंट डेवलपमेंट) का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने सीएम को जिले के प्रमुख प्रोजेक्ट्स की प्रगति रिपोर्ट सौंपी, जिसमें शामिल हैं:

  • औद्योगिक क्षेत्र: लौकही प्रखंड के बनगामा में 450 एकड़ और झंझारपुर के लोहना में 250 एकड़ भूमि पर औद्योगिक केंद्र की स्थापना।
  • पर्यटन: मां सीता और प्रभु श्रीराम के प्रथम मिलन स्थल ‘फुलहर स्थान’ को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करना।
  • इंफ्रास्ट्रक्चर: मधुबनी में अंतर्राज्यीय बस अड्डा, जयनगर शहीद चौक के पास आरओबी (ROB) और मधुबनी रिंग रोड का निर्माण।
290928

2. जीविका दीदियों और लाभुकों को मिली मदद

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने नवनिर्मित ‘जीविका भवन’ का उद्घाटन किया और इसकी चाबी जीविका दीदियों को सौंपी। महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देते हुए सीएम ने निम्नलिखित वितरण किए:

  • बैंक लिंकेज: 26,312 स्वयं सहायता समूहों को 301 करोड़ रुपये का सांकेतिक चेक।
  • सतत् जीविकोपार्जन योजना: 507 लाभार्थियों को 2 करोड़ 53 लाख रुपये की मदद।
  • ​इसके अलावा, दिव्यांगजनों को बैटरी चालित तिपहिया साइकिल, स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड और आयुष्मान कार्ड भी वितरित किए गए।
290904

3. तालाब सौंदर्यीकरण पर सीएम का निर्देश

मुख्यमंत्री ने अररिया संग्राम के वार्ड-13 स्थित दुर्गा मंदिर के पास वाले तालाब का निरीक्षण किया और उसमें मछली का जीरा छोड़ा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया:

तालाब का सौंदर्यीकरण अच्छा है, लेकिन सीढ़ीनुमा घाट केवल दो तरफ बने हैं। इसे चारों तरफ बनवाया जाए ताकि छठ पूजा और अन्य कार्यों में लोगों को सहूलियत हो।

4. पंचायत ज्ञान केंद्र में संवर रहा भविष्य

मुख्यमंत्री ने रिमोट के माध्यम से जिन योजनाओं की शुरुआत की, उनका विवरण इस प्रकार है:

| श्रेणी | योजनाओं की संख्या | लागत (करोड़ में)

उद्घाटन | 294 | 93 करोड़

शिलान्यास | 101 | 298 करोड़

कुल | 395 | 391 करोड़ |

290902

ये गणमान्य रहे उपस्थित

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी, जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा, प्रभारी मंत्री लेशी सिंह, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, डीजीपी विनय कुमार और डीएम आनंद शर्मा समेत कई विधायक और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

बाघा कुसमार में अपराधियों का तांडव, मास्टर इसराफिल के पुत्र मो० मन्नान की गोली मारकर हत्या; इलाके में तनाव

283194

मधुबनी: जिले में अपराधियों के हौसले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। ताजा मामला बाघा कुसमार (Bagha Kusmar) इलाके का है, जहाँ बेखौफ अपराधियों ने एक दिल दहला देने वाली घटना को अंजाम दिया है। अपराधियों ने एक युवक को पेट में दो गोलियां मारकर मौत की नींद सुला दिया।

283215

​इस नृशंस हत्या के बाद से पूरे इलाके में मातम और डर का माहौल है, वहीं स्थानीय लोगों में पुलिस-प्रशासन की सुस्त रवैये को लेकर भारी गुस्सा देखा जा रहा है।

क्या है पूरा मामला?

प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना बाघा कुसमार की है। यहाँ के प्रतिष्ठित मास्टर इसराफिल जी (Master Israfil Ji) के पुत्र मो० मन्नान (Md. Mannan) को अपराधियों ने अपना निशाना बनाया। सूत्रों के मुताबिक, हमलावरों ने मन्नान के पेट में दो गोलियां (Two bullets in the stomach) दाग दीं।

गोली लगते ही मन्नान लहूलुहान होकर गिर पड़े। परिजनों और स्थानीय लोगों ने आनन-फानन में उन्हें उठाया और बेहतर इलाज के लिए दरभंगा (Darbhanga) की ओर दौड़े। लेकिन जख्म इतने गहरे थे कि जिंदगी ने साथ छोड़ दिया और दरभंगा ले जाने के क्रम में रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया।

“बेलगाम अपराधियों का तांडव” – सोशल मीडिया पर गुस्सा

​घटना की खबर फैलते ही सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। लोग इसे जघन्य अपराध बताते हुए इंसाफ की मांग कर रहे हैं।

स्थानीय नागरिक विमल प्रकाश ने सोशल मीडिया पर लिखा:

मन विचलित और व्यथित है… मो० मन्नान को अपराधियों ने गोली मार दिया है। यह बहुत ही जघन्य अपराध है। ये बेलगाम अपराधियों का तांडव है, प्रशासन को कड़ी कार्रवाई करनी होगी।

283193

वहीं, मो० इजहार ने भी घटना पर दुख जताते हुए पुष्टि की है कि गोली लगने के बाद दरभंगा में मौत हुई है।

283195

जांच में जुटी पुलिस

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मामले की छानबीन में जुट गई है। हालांकि, अपराधियों ने इस घटना को क्यों अंजाम दिया और इसमें कौन लोग शामिल हैं, इसका खुलासा अभी नहीं हो पाया है। स्थानीय लोग प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि हत्यारों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर कड़ी से कड़ी सजा दी जाए।

फूलपरास: जननायक कर्पूरी ठाकुर की 102वीं जयंती पर याद किए गए समाजवादी विचार, वक्ताओं ने बताया ‘कर्मभूमि’

फूलपरास (मधुबनी): फूलपरास थाना चौक पर शनिवार को जननायक और पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर की 102वीं जयंती समारोह धूमधाम से मनाया गया। इस कार्यक्रम में क्षेत्र के गणमान्य लोगों और समाजवादियों ने हिस्सा लिया और जननायक के तैल चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।

कार्यक्रम की अध्यक्षता फूलपरास के पूर्व प्रमुख देव कृष्ण यादव ने की, जबकि मंच संचालन राजद अनुसूचित जाति के प्रखंड अध्यक्ष धुरन विश्वास द्वारा किया गया।

281719

फूलपरास है जननायक की कर्मभूमि: ब्रह्मानन्द यादव

समारोह के मुख्य अतिथि और रहिका सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक (मधुबनी) के पूर्व चेयरमैन सह राजद नेता ब्रह्मानन्द यादव ने कर्पूरी ठाकुर के योगदान को याद करते हुए फूलपरास के साथ उनके गहरे रिश्ते का जिक्र किया।

उन्होंने अपने संबोधन में कहा:

फूलपरास विधानसभा चुनाव जननायक कर्पूरी जी यहां से लड़े थे। यहां के लोगों ने उन्हें अपार समर्थन और स्नेह दिया था। फूलपरास समाजवादियों की धरती है और यह जननायक जी की कर्मभूमि रही है। आज फूलपरास अनुमंडल मुख्यालय में जो रेफरल अस्पताल और बिजली पावर सब-स्टेशन मौजूद है, वह उन्हीं की देन है।

​श्री यादव ने जोर देकर कहा कि राजनीति करने वालों को जननायक से सीख लेने की जरूरत है। समानता, सादगी और समाज के अंतिम पायदान पर खड़े लोगों के विकास के बारे में सोचने वाले कर्पूरी जी का अनुकरण करके ही समाज और गांव का असली विकास संभव है।

युवाओं को चलना होगा जननायक के रास्ते पर

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे देव कृष्ण यादव ने अपने संबोधन में युवाओं को प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि आज के दौर में एक समरस समाज का निर्माण तभी संभव है जब युवा वर्ग जननायक कर्पूरी ठाकुर के बताए रास्ते और सिद्धांतों पर चले।

ये गणमान्य लोग रहे उपस्थित

जयंती समारोह में बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे। इनमें प्रमुख रूप से शामिल थे:

  • पंचायत समिति सदस्य: अशोक मुखिया
  • घोगरडीहा समिति: सुशील कामत
  • सरपंच: रमण यादव
  • अन्य प्रमुख लोग: सकल पासवान, मन्नू यादव, वीरेंद्र यादव, अमित रंजन, मनोज यादव, रामविलास यादव, रवि साफी, संजीत राम, महेश यादव, मोनू कामत, निरंजन कामत।
  • पैक्स अध्यक्ष: रविन्द्र यादव, जमुनी राम, अमोद यादव, मोहम्मद दाउद, मिटू कामत, बजरंगी कामत।

​कार्यक्रम के अंत में राजद नेता मनोज कुमार यादव ने सभी आगंतुकों का धन्यवाद ज्ञापन किया।

मधुबनी: धनछीहा पंचायत में रानी कुमारी बनीं शिक्षा समिति की सचिव, निर्विरोध हुआ चयन

264661 2

मधुबनी/लौकही: जिले के लौकही प्रखंड क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली धनछीहा पंचायत से एक सकारात्मक खबर सामने आई है। यहाँ शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की दिशा में ग्रामीणों ने एक अहम फैसला लेते हुए नई शिक्षा समिति का गठन किया है।

धनछीहा पंचायत के वार्ड संख्या 08 स्थित NPS (नव प्राथमिक विद्यालय) हरद्वार, लौकहा में हुई एक विशेष बैठक के दौरान शिक्षा समिति के सचिव पद का चुनाव संपन्न हुआ। इस चुनाव में स्थानीय ग्रामीणों और अभिभावकों ने सर्व सम्मति से रानी कुमारी (पति: अप्पु जिवेश) को शिक्षा समिति का सचिव चुना है।

निर्विरोध चुनी गईं रानी कुमारी

सबसे खास बात यह रही कि रानी कुमारी का चयन पूरी तरह से निर्विरोध रहा। बैठक में मौजूद सभी सदस्यों ने एक स्वर में उनके नाम पर सहमति जताई, जो उनके प्रति समाज के विश्वास को दर्शाता है।

विद्यालय के विकास की जगी उम्मीद

शिक्षा समिति के सचिव पद पर रानी कुमारी के चयन के बाद स्थानीय लोगों में हर्ष का माहौल है। ग्रामीणों का मानना है कि नई सचिव के नेतृत्व में विद्यालय की व्यवस्था में सुधार आएगा और बच्चों को बेहतर शिक्षा का माहौल मिल सकेगा। सचिव बनने के बाद रानी कुमारी ने भी विद्यालय के विकास और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए पूरी निष्ठा से काम करने का संकल्प लिया।

इस मौके पर वार्ड 08 के कई गणमान्य व्यक्ति और ग्रामीण उपस्थित थे जिन्होंने नवनिर्वाचित सचिव को बधाई दी।

तेजप्रताप यादव का दिखा अलग अंदाज: यादव जी के माल गाने पर भड़के, मंच से ही लगवाई क्लास

पटना: मकर संक्रांति के अवसर पर पटना में सियासी गलियारों में दही-चूड़ा भोज की धूम रही। लेकिन, जजद नेता और लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव के आवास पर आयोजित भोज चर्चा का विषय बन गया है। चर्चा का कारण राजनीति नहीं, बल्कि तेजप्रताप यादव द्वारा दिखाई गई ‘सांस्कृतिक मर्यादा’ है।

दरअसल, कार्यक्रम के दौरान एक लोक गायिका ने जजद समर्थकों के बीच लोकप्रिय गाना “हम त यादव जी के माल हईं रे…” गाना शुरू कर दिया। जैसे ही यह गाना तेजप्रताप के कानों तक पहुंचा, वह तुरंत अपनी कुर्सी से उठे और मंच पर जाकर गाना रुकवा दिया।

क्या है पूरा मामला?

तेजप्रताप यादव ने अपने आवास पर दही-चूड़ा भोज का आयोजन किया था, जिसमें बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और लोग पहुंचे थे। मनोरंजन के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम भी चल रहा था। इसी बीच, गायिका ने भोजपुरी का एक चर्चित गाना गाना शुरू किया, जिसके बोल थे:

“ना ही गोले वाला दाल हईं रे… हम त यादव जी के माल हईं रे…”

यह सुनते ही तेजप्रताप यादव असहज हो गए। वह भीड़ के बीच से निकलते हुए सीधे मंच के पास पहुंचे और माइक लेकर गायिका को बीच में ही रोक दिया।

तेजप्रताप की दो टूक: ‘यह सब यहां नहीं चलेगा’

तेजप्रताप यादव ने न केवल गाना बंद करवाया, बल्कि नसीहत भी दी। उन्होंने सख्त लहजे में कहा:

“ए रुकिए… ये सब वल्गर (अश्लील) गाना मत गाइए यहां। यह एक कार्यक्रम है। यहां भगवान का भजन गाइए, कृष्ण भगवान का भजन सुनाइए। यह सब गाना यहां नहीं चलेगा।”

तेजप्रताप के इस कदम के बाद वहां मौजूद माहौल पूरी तरह बदल गया और कार्यक्रम में भक्ति गीत गाए जाने लगे।

मर्यादा और संस्कार की हो रही तारीफ

अक्सर अपने बयानों और अलग अंदाज के लिए सुर्खियों में रहने वाले तेजप्रताप यादव का यह रूप लोगों को खूब भा रहा है। सोशल मीडिया पर इस घटना का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। लोग इसे तेजप्रताप के संस्कार और सांस्कृतिक सोच से जोड़कर देख रहे हैं।

राजनीतिक जानकारों का कहना है कि राजद (RJD) के कार्यक्रमों में अक्सर ऐसे गानों का चलन रहा है, जिन्हें लेकर विपक्ष भी निशाना साधता रहा है। ऐसे में तेजप्रताप यादव का यह कदम एक नई लकीर खींचने जैसा है। उन्होंने साफ संदेश दिया है कि सार्वजनिक मंचों पर फूहड़ता की जगह नहीं होनी चाहिए, भले ही वह उनकी पार्टी के समर्थकों को पसंद आने वाला गाना ही क्यों न हो।

तेजप्रताप यादव खुद को कृष्ण भक्त बताते हैं और अक्सर धार्मिक यात्राओं पर रहते हैं। दही-चूड़ा भोज में अश्लील गाने पर रोक लगाकर उन्होंने साबित कर दिया है कि वे अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक छवि को लेकर कितने गंभीर हैं। उनके इस फैसले ने न केवल वहां मौजूद लोगों का दिल जीता, बल्कि यह भी संदेश दिया कि मनोरंजन के नाम पर मर्यादा नहीं लांघी जानी चाहिए।