बिहार का सियासी समीकरण बदला: खरमास खत्म होते ही नीतीश की विदाई, जानें कौन बनेगा नया CM?

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पटना: बिहार की राजनीति के लिए आज 14 अप्रैल, 2026 का दिन ऐतिहासिक होने जा रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं, जिसके बाद राज्य में पहली बार भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाली सरकार के गठन का रास्ता साफ हो जाएगा।

आज के घटनाक्रम का पूरा शेड्यूल

​बिहार सचिवालय और राजभवन के गलियारों में हलचल तेज है। आज के कार्यक्रम कुछ इस प्रकार हैं:

  • कैबिनेट की अंतिम बैठक: सुबह 11:00 बजे नीतीश कुमार अपनी आखिरी कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता करेंगे।
  • इस्तीफे का समय: माना जा रहा है कि दोपहर 3:30 बजे नीतीश कुमार राजभवन जाकर राज्यपाल को अपना त्यागपत्र सौंप देंगे।
  • भाजपा विधायक दल की बैठक: दोपहर 2:00 बजे भाजपा विधायकों की अहम बैठक होगी, जिसमें नए नेता के नाम पर मुहर लगेगी।
  • एनडीए की संयुक्त बैठक: शाम 4:00 बजे NDA के सभी घटक दलों की बैठक होगी, जिसमें औपचारिक रूप से नए मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान किया जाएगा।

कौन होगा बिहार का अगला मुख्यमंत्री?

​सूत्रों के अनुसार, भाजपा ने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पर्यवेक्षक बनाकर पटना भेजा है। मुख्यमंत्री पद की रेस में ये नाम सबसे आगे हैं:

  1. सम्राट चौधरी: वर्तमान उपमुख्यमंत्री और भाजपा के कद्दावर नेता।
  2. नित्यानंद राय: केंद्रीय गृह राज्य मंत्री।
  3. निशांत कुमार: नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार के भी नई सरकार में उपमुख्यमंत्री के रूप में शामिल होने की प्रबल संभावना है।

कल हो सकता है शपथ ग्रहण

​नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह कल, 15 अप्रैल को सुबह 11:00 बजे आयोजित होने की संभावना है। इस समारोह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के शामिल होने की उम्मीद जताई जा रही है।

विशेष नोट: नीतीश कुमार ने हाल ही में राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ली है। वे अब दिल्ली की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाएंगे। आज अंबेडकर जयंती और खरमास की समाप्ति के अवसर पर इस बड़े बदलाव को अंजाम दिया जा रहा है।

पटना: बापू सभागार में तेजस्वी यादव ने भरा हुंकार, कहा- पान समाज के हक और अधिकार के लिए लड़ते रहेंगे

तेजस्वी यादव पटना के बापू सभागार में पान सम्मान सह IIP स्थापना दिवस कार्यक्रम के दौरान मंच से जनता को संबोधित करते हुए।

पटना। बिहार की राजधानी पटना के बापू सभागार में आज पान सम्मान सह IIP स्थापना दिवस कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव शामिल हुए। उन्होंने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए आयोजक आईपी गुप्ता को बधाई और शुभकामनाएँ दीं।

डबल इंजन सरकार पर बोला हमला

​कार्यक्रम को संबोधित करते हुए तेजस्वी यादव ने सत्ताधारी बीजेपी-जेडीयू सरकार पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि “बिहार की डबल इंजन सरकार अपने अहंकार में डूबी हुई है और पान समाज के संवैधानिक अधिकारों का हनन कर रही है।” उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार वंचितों की आवाज़ दबाने का काम कर रही है।

लालू प्रसाद यादव के संघर्षों को किया याद

​तेजस्वी यादव ने राष्ट्रीय जनता दल की विचारधारा को रेखांकित करते हुए कहा कि आदरणीय लालू प्रसाद यादव जी ने हमेशा से वंचित, उपेक्षित, गरीब और उत्पीड़ित समुदायों के लिए न्याय, समता और उत्थान की लड़ाई लड़ी है। आरजेडी हमेशा से पिछड़ों और दलितों की ढाल रही है।

तांती-ततवा और पान समाज की एकजुटता पर जोर

​कार्यक्रम के दौरान तेजस्वी यादव ने पान समाज के सर्वांगीण विकास का संकल्प दोहराया। उन्होंने कहा:

​”हम सभी एकजुट होकर तांती-ततवा और पान समाज की उन्नति, समृद्धि और हक की लड़ाई लड़ते रहेंगे। जब तक इस समाज को उनका पूरा अधिकार नहीं मिल जाता, हमारा संघर्ष जारी रहेगा।”

प्रमुख बिंदु:

  • आयोजन: पान सम्मान सह IIP स्थापना दिवस।
  • स्थान: बापू सभागार, पटना।
  • मुख्य संदेश: पान समाज की एकजुटता और अधिकारों की रक्षा।
  • राजनीतिक संदेश: वंचितों के विकास के लिए आरजेडी प्रतिबद्ध।

​बापू सभागार में मौजूद हजारों की भीड़ ने तेजस्वी यादव के संबोधन का तालियों के साथ स्वागत किया, जो पान समाज के बीच आरजेडी की बढ़ती पैठ को दर्शाता है।

पंचतत्व में विलीन हुए राजद के स्तंभ विनोद कुमार गोईत: पूर्व मंत्री और पूर्व विधायकों ने सोनवर्षा पहुँचकर दी अंतिम विदाई

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​​लौकही/मधुबनी: बिहार की राजनीति और समाजवाद के एक समर्पित सिपाही, राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के संस्थापक सदस्य और मधुबनी के प्रथम जिला अध्यक्ष विनोद कुमार गोईत (यादव) अब हमारे बीच नहीं रहे। शुक्रवार को पटना के एक निजी अस्पताल में अंतिम सांस लेने के बाद, कल उनका पार्थिव शरीर पंचतत्व में विलीन हो गया। उनके निधन की खबर से पूरे मिथिलांचल में शोक की लहर दौड़ गई है।

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दिग्गज नेताओं ने दी श्रद्धांजलि

​विनोद बाबू के निधन के बाद आज उनके पैतृक निवास लौकही प्रखंड अंतर्गत सोनवर्षा गांव में श्रद्धांजलि देने वालों का तांता लगा रहा।

  • पूर्व आपदा मंत्री लक्ष्मेश्वर राय: पूर्व मंत्री सह राजद नेता लक्ष्मेश्वर राय ने परिजनों से मिलकर शोक संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि विनोद बाबू का जाना राजद परिवार के लिए एक अपूरणीय क्षति है और ईश्वर परिजनों को यह दुख सहने की शक्ति दें।
  • पूर्व विधायक भारत भूषण मंडल: लौकहा विधानसभा के पूर्व विधायक भारत भूषण मंडल भी अंतिम यात्रा में शामिल होने पहुँचे। उन्होंने विनोद बाबू को याद करते हुए भावुक स्वर में कहा, “विनोद गोईत जी राजद के एक सच्चे और निष्ठावान सिपाही थे। पार्टी चाहे कितने भी कठिन दौर से गुजरी हो या कितनी भी कमजोर स्थिति में रही हो, उन्होंने कभी पार्टी का दामन नहीं छोड़ा। उनका समर्पण नए कार्यकर्ताओं के लिए मिसाल रहेगा।”

संघर्षों से भरा रहा राजनीतिक सफर

​2 अप्रैल 1956 को जन्मे विनोद कुमार गोईत एक प्रतिष्ठित जमींदार परिवार से थे। उनके पिता स्वर्गीय राजदेव गोईत थे और वे लौकहा के पूर्व विधायक कुलदेव गोईत के भतीजे थे।

  • शिक्षा: वे पटना साइंस कॉलेज के छात्र रहे और B.Sc. जूलॉजी ऑनर्स की डिग्री ली।
  • क्रांतिकारी जीवन: 1974 के जेपी आंदोलन के दौरान सक्रियता के कारण वे ‘मीसा’ के निशाने पर रहे और नेपाल में रहकर आंदोलन की लौ जलाए रखी।
  • लालू यादव के विश्वसनीय: राजद की स्थापना के समय से ही वे लालू प्रसाद यादव के बेहद करीब रहे। वर्तमान में वे प्रदेश राजकीय कार्यकारिणी सदस्य और ‘घोषिण मंच भारत-नेपाल‘ के मुख्य सभापति थे।
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सोनबर्षा में हुआ अंतिम संस्कार

​कल शाम 3:00 बजे मधुबनी के सोनबर्षा में हजारों की संख्या में समर्थकों, परिजनों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में उनका अंतिम संस्कार संपन्न हुआ। उपस्थित जनसमूह ने नम आँखों से “विनोद बाबू अमर रहें” के नारों के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी।

बिहार पंचायत चुनाव 2026: निर्वाचन आयोग ने जारी किया प्रपत्र-1 के प्रकाशन का शेड्यूल, जानें पूरी समय-सारणी

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Bihar Panchayat Election 2026: बिहार में आगामी त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2026 को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। राज्य निर्वाचन आयोग (State Election Commission, Bihar) ने प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए प्रपत्र-1 (Prapatra-1) के प्रकाशन के संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश और समय-सारणी जारी कर दी है।

आयोग के सचिव मुकेश कुमार सिन्हा द्वारा सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारियों को भेजे गए पत्र के अनुसार, वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर निर्वाचन क्षेत्रों की जनसंख्या और सीमा का निर्धारण किया जाएगा।

क्यों खास है इस बार का प्रपत्र-1?

नगर विकास एवं आवास विभाग द्वारा कई ग्रामीण क्षेत्रों को नगर निकायों (नगर परिषद/नगर पंचायत) में शामिल किया गया है। इसके कारण कई पंचायतों की जनसंख्या और भौगोलिक स्थिति में बदलाव आया है। इसी को ध्यान में रखते हुए आयोग ने नए सिरे से प्रपत्र-1 तैयार करने का निर्णय लिया है।

मुख्य बातें:

  • यह पूरी प्रक्रिया Digital माध्यम से संपन्न होगी।
  • जनसंख्या के आंकड़े वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर होंगे।
  • इसका मुख्य उद्देश्य आरक्षण (Reservation) का सही निर्धारण करना है।

प्रपत्र-1 के प्रकाशन की महत्वपूर्ण तिथियां (Schedule)

आयोग द्वारा जारी समय-सारणी के अनुसार, प्रक्रिया निम्नलिखित चरणों में पूरी होगी:

कार्यक्रमनिर्धारित तिथि
प्रपत्र-1 का प्रारूप प्रकाशन27 अप्रैल 2026
आपत्तियां दर्ज करने की अवधि27 अप्रैल से 11 मई 2026 तक
आपत्तियों का निष्पादन (Disposal)27 अप्रैल से 14 मई 2026 तक
अपील वादों का निष्पादन18 मई से 22 मई 2026 तक
प्रपत्र-1 का अंतिम प्रकाशन25 मई 2026
जिला गजट में प्रकाशन29 मई 2026

अधिकारियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम

आयोग BSWAN के माध्यम से विभिन्न प्रमंडलों के अधिकारियों (DPRO, BDO, IT Manager आदि) को ऑनलाइन प्रशिक्षण देगा:

  • 13 अप्रैल: पटना और तिरहुत प्रमंडल।
  • 16 अप्रैल: मगध, भागलपुर और मुंगेर प्रमंडल।
  • 17 अप्रैल: पूर्णिया, कोशी, दरभंगा और सारण प्रमंडल।

आम जनता की जानकारी के लिए प्रारूप का प्रकाशन निम्नलिखित स्थानों पर किया जाएगा:

  1. ग्राम पंचायत/पंचायत समिति सदस्य के लिए: ग्राम पंचायत कार्यालय और प्रखंड (Block) कार्यालय।
  2. जिला परिषद सदस्य के लिए: प्रखंड कार्यालय, अनुमंडल कार्यालय और जिला पदाधिकारी का कार्यालय।
  3. ऑनलाइन: राज्य निर्वाचन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर।

आपत्ति कैसे दर्ज करें?

यदि किसी नागरिक को जनसंख्या के आंकड़ों या क्षेत्र निर्धारण पर कोई आपत्ति है, तो वे निर्धारित अवधि (27 अप्रैल से 11 मई) के भीतर संबंधित प्राधिकृत पदाधिकारी के समक्ष अपनी आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। आपत्तियों की जांच के बाद ही अंतिम सूची का प्रकाशन किया जाएगा।

बिहार पंचायत चुनाव 2026 की यह शुरुआती प्रक्रिया बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि इसी के आधार पर भविष्य में सीटों का आरक्षण तय होगा। यदि आपकी पंचायत का कुछ हिस्सा शहर में शामिल हुआ है, तो आपको प्रपत्र-1 के प्रकाशन के समय अपने वार्ड की स्थिति की जांच जरूर करनी चाहिए।

यह भी पढ़ें:बिहार निर्वाचन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट

Bihar Panchayat Chunav 2026

State Election Commission Bihar Notification

Panchayat Election Prapatra-1 Publication

Bihar Panchayat Election Reservation List 2026

Bihar Panchayat Election News in Hindi

राजद को लगा बड़ा झटका: लालू यादव के करीबी और RJD के संस्थापक सदस्य विनोद कुमार गोईत का निधन, पटना में ली अंतिम सांस

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पटना/मधुबनी: बिहार की राजनीति से एक अत्यंत दुखद खबर सामने आ रही है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के सबसे भरोसेमंद साथियों में से एक और राजद के संस्थापक सदस्य विनोद कुमार गोईट का आज शुक्रवार (10 अप्रैल 2026) को पटना के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया।

लालू प्रसाद यादव के संकटमोचक और विश्वसनीय साथी

विनोद कुमार गोईत की गिनती लालू प्रसाद यादव के उन चुनिंदा करीबियों में होती थी, जिन्होंने पार्टी के गठन से लेकर संघर्ष के हर दौर में कंधे से कंधा मिलाकर साथ दिया। उन्हें राजद मधुबनी का प्रथम जिला अध्यक्ष बनाकर लालू यादव ने उन पर अपना अटूट विश्वास जताया था। वर्तमान में भी वे प्रदेश राजकीय कार्यकारिणी सदस्य के रूप में पार्टी की मजबूती के लिए सक्रिय थे।

पटना साइंस कॉलेज से शुरू हुआ था सफर

साधारण व्यक्तित्व और असाधारण प्रतिभा के धनी विनोद बाबू पटना साइंस कॉलेज के छात्र रहे थे, जहाँ से उन्होंने B.Sc. जूलॉजी ऑनर्स की डिग्री ली। शिक्षा के दौरान ही वे जेपी आंदोलन से जुड़ गए। आपातकाल के समय गिरफ्तारी से बचने के लिए उन्होंने नेपाल में रहकर आंदोलन का नेतृत्व किया, जिसने उनके राजनीतिक कद को और ऊँचा कर दिया।

प्रतिष्ठित पारिवारिक और राजनीतिक पृष्ठभूमि

जमींदार परिवार: वे मधुबनी के एक संपन्न जमींदार परिवार से थे और स्वर्गीय रासदेव गोईत के बड़े पुत्र थे।

विरासत: वे लौकहा के पूर्व विधायक स्वर्गीय कुलदेव गोईत के भतीजे थे। कुलदेव जी के दौर में उन्होंने एक युवा नेता के रूप में अपनी सांगठनिक क्षमता का परिचय दिया था।

चुनावी रण: 1985 में उन्होंने लौकहा विधानसभा से निर्दलीय चुनाव लड़कर अपनी मजबूत लोकप्रियता का प्रमाण दिया था।

अंतरराष्ट्रीय भूमिका: वे घोषिण मंच भारत-नेपाल के मुख्य सभापति के रूप में दोनों देशों के रिश्तों की अहम कड़ी थे।

आज शाम 3 बजे होगा अंतिम संस्कार

आज दोपहर पटना में अंतिम सांस लेने के बाद उनके पार्थिव शरीर को उनके पैतृक गांव ले जाया जा रहा है। उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए राजद कार्यकर्ताओं ने इसे एक युग का अंत बताया है।

​​अंतिम विदाई: आज शाम 3:00 बजे, मधुबनी के लौकही प्रखंड के सोनबर्षा में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

कजरा (लखीसराय) में सौर ऊर्जा क्रांति: ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने किया 301 MW सौर परियोजना का निरीक्षण

Kajra Solar Project Inspection by Bijendra Prasad Yadav

बिहार को हरित ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में आज एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। प्रदेश के ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने लखीसराय जिले के कजरा में निर्माणाधीन 301 MW सौर ऊर्जा एवं 523 MWh बैटरी स्टोरेज परियोजना का विस्तृत निरीक्षण किया। यह परियोजना राज्य की सबसे महत्वाकांक्षी रिन्यूएबल एनर्जी पहलों में से एक है।

प्रगति की समीक्षा और कड़े निर्देश

​निरीक्षण के दौरान माननीय मंत्री ने निर्माण कार्य में लगी एजेंसी L&T (Larsen & Toubro) और BSPGCL (बिहार स्टेट पावर जनरेशन कंपनी लिमिटेड) के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की। बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु परियोजना की वर्तमान प्रगति और निर्माण की गुणवत्ता रही।

मंत्री जी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि:

  • ​परियोजना के फेज-2 के कार्यों में तेजी लाई जाए।
  • ​समय-सीमा (Timeline) का सख्ती से पालन करते हुए इसे शीघ्र पूरा किया जाए।
  • ​गुणवत्ता मानकों के साथ कोई समझौता न हो, ताकि भविष्य में ग्रिड स्थिरता सुनिश्चित रहे।
Bijendra Prasad Yadav Solar Power Plant Lakhisarai Battery Storage Project India BSPGCL News

वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति

इस महत्वपूर्ण दौरे के दौरान ऊर्जा विभाग के शीर्ष नेतृत्व की उपस्थिति रही। मंत्री जी के साथ BSPGCL एवं SBPDCL के प्रबंध निदेशक महेंद्र कुमार (IAS) मौजूद थे। उन्होंने मंत्री जी को बैटरी स्टोरेज सिस्टम की तकनीकी बारीकियों और बिजली वितरण नेटवर्क से इसके जुड़ाव के बारे में विस्तृत जानकारी दी। इसके अलावा विभाग के अन्य वरीय अधिकारियों ने भी तकनीकी फीडबैक साझा किया।

परियोजना की मुख्य विशेषताएं

विशेषताविवरण
कुल क्षमता301 मेगावाट (MW)
बैटरी स्टोरेज523 मेगावाट-घंटा (MWh)
स्थानकजरा, लखीसराय (बिहार)
प्रमुख एजेंसीL&T एवं BSPGCL

बिहार अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए अब सौर ऊर्जा जैसे स्थायी स्रोतों पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। कजरा परियोजना न केवल बिजली उत्पादन करेगी, बल्कि इसकी विशाल बैटरी स्टोरेज क्षमता पीक ऑवर्स के दौरान ग्रिड को मजबूती प्रदान करेगी।— बिजेंद्र प्रसाद यादव, ऊर्जा मंत्री, बिहार

यह परियोजना पूर्ण होने पर बिहार की ‘क्लीन एनर्जी’ प्रोफाइल में मील का पत्थर साबित होगी। 523 MWh का बैटरी स्टोरेज भारत के सबसे बड़े स्टोरेज केंद्रों में से एक होगा, जो रात के समय भी सौर ऊर्जा की उपलब्धता सुनिश्चित करने में मदद करेगा।

JDU के निर्विरोध अध्यक्ष बने नीतीश कुमार; बिजेंद्र यादव बोले- आपका नेतृत्व ही हमारी ताकत

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पटना: बिहार की राजनीति से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) एक बार फिर निर्विरोध जनता दल यूनाइटेड (JDU) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चुन लिए गए हैं। मंगलवार, 24 मार्च 2026 को नामांकन वापसी की समय सीमा समाप्त होने के बाद निर्वाचन पदाधिकारी ने औपचारिक रूप से उनके नाम की घोषणा की।

​नीतीश कुमार के फिर से पार्टी की कमान संभालने पर बिहार के ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव (Bijendra Prasad Yadav) ने उन्हें हार्दिक बधाई दी है और इसे पार्टी के लिए एक मील का पत्थर बताया है।

ऊर्जा मंत्री ने क्या कहा?

​नीतीश कुमार के करीबी और वरिष्ठ नेता बिजेंद्र प्रसाद यादव ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर उन्हें पुष्पगुच्छ भेंट किया। उन्होंने कहा:

​”नीतीश कुमार जी का नेतृत्व केवल JDU के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे बिहार के विकास के लिए अनिवार्य है। उनके राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने से संगठन को नई ऊर्जा मिलेगी और आगामी चुनावों में पार्टी और भी मज़बूती के साथ उभरेगी।”

निर्विरोध चुने गए नीतीश कुमार

​पार्टी सूत्रों के अनुसार, राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए केवल नीतीश कुमार का ही नामांकन प्राप्त हुआ था। 24 मार्च सुबह 11 बजे तक नाम वापसी का समय था, जिसके बाद रिटर्निंग ऑफिसर अनिल हेगड़े ने उन्हें निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया। बता दें कि नीतीश कुमार अब दिल्ली की राजनीति में भी सक्रिय भूमिका निभाने जा रहे हैं, क्योंकि हाल ही में वे राज्यसभा के लिए भी निर्वाचित हुए हैं।

पार्टी में जश्न का माहौल

​नीतीश कुमार के अध्यक्ष बनते ही पटना स्थित JDU प्रदेश कार्यालय में जश्न शुरू हो गया। ढोल-नगाड़ों और मिठाइयों के साथ कार्यकर्ताओं ने खुशी ज़ाहिर की। ऊर्जा मंत्री के अलावा संजय झा, श्रवण कुमार और ललन सिंह जैसे दिग्गज नेताओं ने भी इस निर्णय का स्वागत किया है।

भविष्य की रणनीति पर ज़ोर

​राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि नीतीश कुमार का फिर से अध्यक्ष बनना यह दर्शाता है कि पार्टी पर उनकी पकड़ बेहद मज़बूत है। अब जबकि वे राज्यसभा सांसद के रूप में दिल्ली जा रहे हैं, राष्ट्रीय अध्यक्ष के तौर पर वे देशभर में पार्टी के विस्तार और 2029 के लोकसभा चुनावों की रणनीति तैयार करने पर ध्यान केंद्रित करेंगे।

बिहार पंचायत चुनाव: जिला परिषद क्षेत्र संख्या 43 से सरोज यादव ने ठोकी ताल, युवाओं से की खास अपील

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बिहार विधानसभा चुनाव के बाद अब सबकी नजरें ग्रामीण राजनीति और पंचायत चुनावों पर टिकी हैं। इसी चुनावी गहमागहमी के बीच लौकही प्रखंड के जिला परिषद क्षेत्र संख्या 43 से एक उभरता हुआ चेहरा सामने आया है। सामाजिक कार्यकर्ता सरोज यादव ने भूमि न्यूज़ लाइव (BHOOMI NEWS Live) के साथ एक विशेष साक्षात्कार में आधिकारिक तौर पर अपनी उम्मीदवारी की घोषणा कर दी है।

“पद नहीं, सेवा का संकल्प”: सरोज यादव

​आमतौर पर प्रत्याशी चुनाव के कुछ महीने पहले सक्रिय होते हैं, लेकिन सरोज यादव का दावा है कि वह पिछले 7-8 वर्षों से लगातार क्षेत्र की जनता के बीच रहकर उनकी सेवा कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनावी मैदान में उतरने का उनका उद्देश्य सत्ता सुख नहीं, बल्कि जनता की समस्याओं को मजबूती से अधिकारियों के सामने रखना है।

​”जब तक आप किसी पद पर नहीं होते, ब्लॉक, अनुमंडल या जिला स्तर पर आपकी आवाज अनसुनी कर दी जाती है। जनता की बेहतर सेवा के लिए प्रतिनिधि बनना जरूरी है।” — सरोज यादव

जमीनी मुद्दों पर रहेगा फोकस

​एक किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाले सरोज यादव ने इस बात पर जोर दिया कि उनकी राजनीति “हवाई फायरिंग” (झूठे वादों) पर नहीं, बल्कि “जमीनी हकीकत” पर आधारित होगी। उनकी प्राथमिकताओं में शामिल हैं:

  • किसानों की समस्याएं: खेती-किसानी से जुड़ी दिक्कतों का स्थानीय स्तर पर समाधान।
  • क्षेत्र का विकास: अपने क्षेत्र की 6 पंचायतों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करना।
  • जवाबदेही: उन जनप्रतिनिधियों पर कटाक्ष करते हुए जो जीतने के बाद गायब हो जाते हैं, यादव ने हमेशा उपलब्ध रहने का वादा किया।

सोशल मीडिया नहीं, जमीन के ‘खिलाड़ी’

​इंटरव्यू के दौरान जब उनसे पूछा गया कि कई युवा सोशल मीडिया पर तो चुनाव लड़ने का दावा करते हैं लेकिन ऐन वक्त पर पीछे हट जाते हैं, तो यादव ने आत्मविश्वास के साथ कहा:

“मैं पिछले 8 सालों से तैयारी कर रहा हूँ। चुनाव तो अब आया है, लेकिन सेवा मैं तब से कर रहा हूँ जब मेरे पास कोई पद नहीं था। मैं नर्वस नहीं हूँ, क्योंकि मेरी ताकत मेरे क्षेत्र की जनता का आशीर्वाद है।”

युवाओं और मतदाताओं को संदेश

​साक्षात्कार के अंत में, सरोज यादव ने क्षेत्र संख्या 43 के युवाओं और समस्त जनता से अपील की कि वे इस बार ईमानदारी और काम के आधार पर अपना प्रतिनिधि चुनें। उन्होंने वादा किया कि अगर जनता उन्हें मौका देती है, तो वह वर्तमान प्रतिनिधियों से दोगुना काम करके दिखाएंगे।

​सरोज यादव की इस घोषणा ने लौकही प्रखंड की स्थानीय राजनीति में हलचल तेज कर दी है। अब देखना यह होगा कि क्षेत्र की जनता इस युवा और ऊर्जावान चेहरे पर कितना भरोसा जताती है।

बिहार पंचायत चुनाव और स्थानीय खबरों की विस्तृत कवरेज के लिए ‘भूमि लाइव’ के साथ जुड़े रहें।

बिहार राज्यसभा चुनाव 2026: NDA का क्लीन स्वीप, पांचों सीटों पर कब्ज़ा, विपक्ष के हाथ खाली

NDA Ka Clean Sweep or The NDA Wins it Cleanly,

Patna News: बिहार की राजनीति में आज का दिन ऐतिहासिक रहा। राज्यसभा की 5 सीटों के लिए हुए चुनाव में NDA (National Democratic Alliance) ने अपनी ताकत का प्रदर्शन करते हुए सभी 5 सीटों पर शानदार जीत दर्ज की है। विपक्षी गठबंधन महागठबंधन को इस चुनाव में करारी शिकस्त मिली है, जहाँ राजद (RJD) अपनी एक सीट भी बचाने में नाकाम रही।

विजेता उम्मीदवारों की लिस्ट (NDA Winners List)

इस चुनाव में NDA की ओर से उतारे गए सभी पांचों उम्मीदवारों ने जीत का परचम लहराया:

  1. नीतीश कुमार (जनता दल यूनाइटेड – JDU)
  2. नितिन नवीन (भारतीय जनता पार्टी – BJP)
  3. रामनाथ ठाकुर (जनता दल यूनाइटेड – JDU)
  4. शिवेश कुमार (भारतीय जनता पार्टी – BJP)
  5. उपेंद्र कुशवाहा (राष्ट्रीय लोक मोर्चा – RLM)

कैसा रहा जीत का समीकरण?

बिहार विधानसभा के मौजूदा संख्या बल (NDA के पास 202 विधायक) को देखते हुए यह जीत पहले से ही तय मानी जा रही थी। हालांकि, 5वीं सीट के लिए राजद के अमरेंद्र धारी सिंह ने मुकाबले को रोचक बनाने की कोशिश की थी, लेकिन एनडीए की एकजुटता के सामने विपक्ष पस्त हो गया।

  • वोटों का गणित: एक उम्मीदवार को जीतने के लिए 41 प्रथम वरीयता वोटों की जरूरत थी।
  • महागठबंधन में सेंध: खबरों के मुताबिक, वोटिंग के दौरान विपक्ष के कुछ विधायकों की अनुपस्थिति और क्रॉस वोटिंग की चर्चाओं ने राजद की उम्मीदों पर पानी फेर दिया।
  • नीतीश कुमार की नई पारी: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का राज्यसभा जाना इस चुनाव का सबसे बड़ा ‘टर्निंग पॉइंट’ रहा, जो बिहार की भविष्य की राजनीति की ओर इशारा कर रहा है।

विपक्ष (RJD) को लगा बड़ा झटका

राजद के लिए यह परिणाम किसी झटके से कम नहीं है। प्रेमचंद गुप्ता और अमरेंद्र धारी सिंह जैसे दिग्गज नेताओं का कार्यकाल समाप्त होने के बाद पार्टी राज्यसभा में अपना प्रतिनिधित्व बढ़ाने की उम्मीद कर रही थी, लेकिन एनडीए के अभेद्य किले को नहीं तोड़ सकी।

इस जीत के साथ ही राज्यसभा में एनडीए की ताकत और बढ़ गई है। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में मिली प्रचंड जीत के बाद, राज्यसभा की इन 5 सीटों पर कब्ज़ा करना नीतीश-मोदी की जोड़ी के लिए एक बड़ी नैतिक और राजनीतिक जीत है।

बिहार प्रदेश जद(यू) सांगठनिक निर्वाचन 2026: नवनिर्वाचित जिलाध्यक्षों की सूची जारी

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पटना: जनता दल (यूनाइटेड) में सांगठनिक मजबूती और भविष्य की रणनीतियों को देखते हुए एक बड़ा कदम उठाया गया है। बिहार प्रदेश जद(यू) सांगठनिक निर्वाचन-2026 के अंतर्गत, मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार की स्वीकृति के बाद राज्य निर्वाचन पदाधिकारी अशोक कुमार ने शेष सांगठनिक जिलाध्यक्षों की आधिकारिक सूची जारी कर दी है।

​इस सूची में पार्टी के समर्पित और अनुभवी कार्यकर्ताओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ सौंपी गई हैं। यह नियुक्तियाँ पार्टी के निचले स्तर (Grassroot level) को और अधिक सशक्त बनाने के उद्देश्य से की गई हैं।

नवनियुक्त जिलाध्यक्षों की सूची (प्रमुख जिले)

​कार्यालय आदेश संख्या 52/26 के अनुसार, निम्नलिखित प्रमुख नामों की घोषणा की गई है:

क्र०सं०जिला / नगर का नामनिर्वाचित अध्यक्ष का नाम
1मुजफ्फरपुरश्री अनुपम सिंह
2पटना नगरश्री राधेश्याम कुशवाहा
3गया (बेगूसराय)श्री नन्द लाल राय
4नालंदामो० मसरूर अहमद जुबैरी उर्फ मो० अरशद
5आरा नगरश्री जय प्रकाश चौधरी
6सीवानश्री विकास कुमार सिंह उर्फ जीसू सिंह

(पूरी सूची के लिए नीचे दिए गए आधिकारिक पत्र को देखें)

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संगठन को मिलेगी नई धार

​राज्य निर्वाचन पदाधिकारी अशोक कुमार द्वारा हस्ताक्षरित इस सूची में कुल 25 सांगठनिक क्षेत्रों के नामों की घोषणा की गई है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इन नई नियुक्तियों से आगामी चुनावों और पार्टी के विस्तार कार्यों में नई ऊर्जा का संचार होगा।

​पार्टी नेतृत्व ने सभी नवनिर्वाचित जिलाध्यक्षों को उनके इस महत्वपूर्ण दायित्व के लिए हार्दिक बधाई और सफल कार्यकाल की शुभकामनाएँ दी हैं।

“संगठन की मजबूती ही हमारी असली ताकत है। नए पदाधिकारियों के चयन से पार्टी कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह है।”

क्या आप अपने जिले के नवनियुक्त अध्यक्ष के बारे में और जानकारी चाहते हैं? हमें कमेंट में बताएं!