बाघा कुसमार में अपराधियों का तांडव, मास्टर इसराफिल के पुत्र मो० मन्नान की गोली मारकर हत्या; इलाके में तनाव

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मधुबनी: जिले में अपराधियों के हौसले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। ताजा मामला बाघा कुसमार (Bagha Kusmar) इलाके का है, जहाँ बेखौफ अपराधियों ने एक दिल दहला देने वाली घटना को अंजाम दिया है। अपराधियों ने एक युवक को पेट में दो गोलियां मारकर मौत की नींद सुला दिया।

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​इस नृशंस हत्या के बाद से पूरे इलाके में मातम और डर का माहौल है, वहीं स्थानीय लोगों में पुलिस-प्रशासन की सुस्त रवैये को लेकर भारी गुस्सा देखा जा रहा है।

क्या है पूरा मामला?

प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना बाघा कुसमार की है। यहाँ के प्रतिष्ठित मास्टर इसराफिल जी (Master Israfil Ji) के पुत्र मो० मन्नान (Md. Mannan) को अपराधियों ने अपना निशाना बनाया। सूत्रों के मुताबिक, हमलावरों ने मन्नान के पेट में दो गोलियां (Two bullets in the stomach) दाग दीं।

गोली लगते ही मन्नान लहूलुहान होकर गिर पड़े। परिजनों और स्थानीय लोगों ने आनन-फानन में उन्हें उठाया और बेहतर इलाज के लिए दरभंगा (Darbhanga) की ओर दौड़े। लेकिन जख्म इतने गहरे थे कि जिंदगी ने साथ छोड़ दिया और दरभंगा ले जाने के क्रम में रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया।

“बेलगाम अपराधियों का तांडव” – सोशल मीडिया पर गुस्सा

​घटना की खबर फैलते ही सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। लोग इसे जघन्य अपराध बताते हुए इंसाफ की मांग कर रहे हैं।

स्थानीय नागरिक विमल प्रकाश ने सोशल मीडिया पर लिखा:

मन विचलित और व्यथित है… मो० मन्नान को अपराधियों ने गोली मार दिया है। यह बहुत ही जघन्य अपराध है। ये बेलगाम अपराधियों का तांडव है, प्रशासन को कड़ी कार्रवाई करनी होगी।

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वहीं, मो० इजहार ने भी घटना पर दुख जताते हुए पुष्टि की है कि गोली लगने के बाद दरभंगा में मौत हुई है।

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जांच में जुटी पुलिस

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मामले की छानबीन में जुट गई है। हालांकि, अपराधियों ने इस घटना को क्यों अंजाम दिया और इसमें कौन लोग शामिल हैं, इसका खुलासा अभी नहीं हो पाया है। स्थानीय लोग प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि हत्यारों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर कड़ी से कड़ी सजा दी जाए।

फूलपरास: जननायक कर्पूरी ठाकुर की 102वीं जयंती पर याद किए गए समाजवादी विचार, वक्ताओं ने बताया ‘कर्मभूमि’

फूलपरास (मधुबनी): फूलपरास थाना चौक पर शनिवार को जननायक और पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर की 102वीं जयंती समारोह धूमधाम से मनाया गया। इस कार्यक्रम में क्षेत्र के गणमान्य लोगों और समाजवादियों ने हिस्सा लिया और जननायक के तैल चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।

कार्यक्रम की अध्यक्षता फूलपरास के पूर्व प्रमुख देव कृष्ण यादव ने की, जबकि मंच संचालन राजद अनुसूचित जाति के प्रखंड अध्यक्ष धुरन विश्वास द्वारा किया गया।

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फूलपरास है जननायक की कर्मभूमि: ब्रह्मानन्द यादव

समारोह के मुख्य अतिथि और रहिका सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक (मधुबनी) के पूर्व चेयरमैन सह राजद नेता ब्रह्मानन्द यादव ने कर्पूरी ठाकुर के योगदान को याद करते हुए फूलपरास के साथ उनके गहरे रिश्ते का जिक्र किया।

उन्होंने अपने संबोधन में कहा:

फूलपरास विधानसभा चुनाव जननायक कर्पूरी जी यहां से लड़े थे। यहां के लोगों ने उन्हें अपार समर्थन और स्नेह दिया था। फूलपरास समाजवादियों की धरती है और यह जननायक जी की कर्मभूमि रही है। आज फूलपरास अनुमंडल मुख्यालय में जो रेफरल अस्पताल और बिजली पावर सब-स्टेशन मौजूद है, वह उन्हीं की देन है।

​श्री यादव ने जोर देकर कहा कि राजनीति करने वालों को जननायक से सीख लेने की जरूरत है। समानता, सादगी और समाज के अंतिम पायदान पर खड़े लोगों के विकास के बारे में सोचने वाले कर्पूरी जी का अनुकरण करके ही समाज और गांव का असली विकास संभव है।

युवाओं को चलना होगा जननायक के रास्ते पर

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे देव कृष्ण यादव ने अपने संबोधन में युवाओं को प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि आज के दौर में एक समरस समाज का निर्माण तभी संभव है जब युवा वर्ग जननायक कर्पूरी ठाकुर के बताए रास्ते और सिद्धांतों पर चले।

ये गणमान्य लोग रहे उपस्थित

जयंती समारोह में बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे। इनमें प्रमुख रूप से शामिल थे:

  • पंचायत समिति सदस्य: अशोक मुखिया
  • घोगरडीहा समिति: सुशील कामत
  • सरपंच: रमण यादव
  • अन्य प्रमुख लोग: सकल पासवान, मन्नू यादव, वीरेंद्र यादव, अमित रंजन, मनोज यादव, रामविलास यादव, रवि साफी, संजीत राम, महेश यादव, मोनू कामत, निरंजन कामत।
  • पैक्स अध्यक्ष: रविन्द्र यादव, जमुनी राम, अमोद यादव, मोहम्मद दाउद, मिटू कामत, बजरंगी कामत।

​कार्यक्रम के अंत में राजद नेता मनोज कुमार यादव ने सभी आगंतुकों का धन्यवाद ज्ञापन किया।

मधुबनी: धनछीहा पंचायत में रानी कुमारी बनीं शिक्षा समिति की सचिव, निर्विरोध हुआ चयन

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मधुबनी/लौकही: जिले के लौकही प्रखंड क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली धनछीहा पंचायत से एक सकारात्मक खबर सामने आई है। यहाँ शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की दिशा में ग्रामीणों ने एक अहम फैसला लेते हुए नई शिक्षा समिति का गठन किया है।

धनछीहा पंचायत के वार्ड संख्या 08 स्थित NPS (नव प्राथमिक विद्यालय) हरद्वार, लौकहा में हुई एक विशेष बैठक के दौरान शिक्षा समिति के सचिव पद का चुनाव संपन्न हुआ। इस चुनाव में स्थानीय ग्रामीणों और अभिभावकों ने सर्व सम्मति से रानी कुमारी (पति: अप्पु जिवेश) को शिक्षा समिति का सचिव चुना है।

निर्विरोध चुनी गईं रानी कुमारी

सबसे खास बात यह रही कि रानी कुमारी का चयन पूरी तरह से निर्विरोध रहा। बैठक में मौजूद सभी सदस्यों ने एक स्वर में उनके नाम पर सहमति जताई, जो उनके प्रति समाज के विश्वास को दर्शाता है।

विद्यालय के विकास की जगी उम्मीद

शिक्षा समिति के सचिव पद पर रानी कुमारी के चयन के बाद स्थानीय लोगों में हर्ष का माहौल है। ग्रामीणों का मानना है कि नई सचिव के नेतृत्व में विद्यालय की व्यवस्था में सुधार आएगा और बच्चों को बेहतर शिक्षा का माहौल मिल सकेगा। सचिव बनने के बाद रानी कुमारी ने भी विद्यालय के विकास और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए पूरी निष्ठा से काम करने का संकल्प लिया।

इस मौके पर वार्ड 08 के कई गणमान्य व्यक्ति और ग्रामीण उपस्थित थे जिन्होंने नवनिर्वाचित सचिव को बधाई दी।

JDU में भीतरघात: बाबूबरही विधायक मीना कुमारी का लेटर बम, भारती मेहता और बासुदेव कुशवाहा समेत 4 बड़े नेताओं पर लगाए गंभीर आरोप

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पटना/मधुबनी: बिहार की राजनीति में विधानसभा चुनाव के बाद भी सरगर्मी कम नहीं हुई है। बाबूबरही विधानसभा क्षेत्र (Babubarhi Assembly Seat) से जदयू विधायक मीना कुमारी (Meena Kumari) ने अपनी ही पार्टी के बड़े नेताओं पर चुनाव में भीतरघात (Anti-party activities) करने का सनसनीखेज आरोप लगाया है।

विधायक मीना कुमारी ने जनता दल यूनाइटेड (JDU) के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा को एक लिखित शिकायत भेजी है। दिनांक 26/11/25 को लिखे गए इस पत्र में उन्होंने पार्टी के चार प्रमुख नेताओं पर विपक्ष (RJD) के उम्मीदवार की मदद करने और उन्हें चुनाव हराने की साजिश रचने का दावा किया है।

इन 4 नेताओं पर लगाए गंभीर आरोप

विधायक मीना कुमारी ने अपने पत्र में जिन चार नेताओं का जिक्र किया है, वे पार्टी के कद्दावर पदों पर आसीन हैं। पत्र के अनुसार:

श्रीमती भारती मेहता (प्रदेश अध्यक्ष, जदयू महिला प्रकोष्ठ): विधायक ने आरोप लगाया है कि भारती मेहता ने उन्हें चुनाव हराने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा दी। पत्र में लिखा गया है कि भारती मेहता अपनी स्वजातीय लोगों से कह रही थीं कि “जब मीना कामत (कुमारी) हारेगी, तभी मुझे टिकट मिलेगा। अगर मीना कामत जीत जाएगी तो मुझे टिकट नहीं मिलेगा।” आरोप है कि इस स्वार्थ के चलते उन्होंने राजद प्रत्याशी के पक्ष में काम किया।

श्री बासुदेव कुशवाहा (प्रदेश महासचिव, जदयू): बासुदेव कुशवाहा, जो प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा के बेहद करीबी माने जाते हैं और मुख्यालय प्रभारी भी हैं, उन पर भी गंभीर आरोप लगे हैं। मीना कुमारी का कहना है कि उनका घर बाबूबरही विधानसभा क्षेत्र में ही है, लेकिन उन्होंने राजद प्रत्याशी अरुण सिंह उर्फ अरुण कुशवाहा को जिताने के लिए पूरी ताकत झोंक दी।

श्रीनारायण भंडारी उर्फ फूले भंडारी (जदयू जिला अध्यक्ष, मधुबनी): मधुबनी जिला अध्यक्ष पर आरोप है कि उन्होंने चुनाव से ठीक पहले विधायक के अनुकूल बने बाबूबरही प्रखंड अध्यक्ष को हटा दिया और एक विरोधी को अध्यक्ष बना दिया। पत्र के मुताबिक, फूले भंडारी ने कामत समाज में राजद प्रत्याशी के पक्ष में वोट मांगे और जदयू समर्थकों को भड़काने का काम किया।

सत्यनारायण साफी (जिला बीस सूत्री सदस्य): चौथा नाम सत्यनारायण साफी का है, जो लदनियां के प्रमुख हैं। पत्र में दावा किया गया है कि उन्होंने चुनाव के दौरान राजद प्रत्याशी अरुण सिंह के समक्ष खुलकर राजद का दामन थाम लिया और उनके पक्ष में कार्य किया।

कार्यवाई की मांग

विधायक मीना कुमारी ने प्रदेश अध्यक्ष से आग्रह किया है कि पार्टी विरोधी कार्य करने वाले इन नेताओं पर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। यह पत्र अब सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है और इससे मधुबनी जदयू के अंदरूनी कलह खुलकर सामने आ गई है।

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कोसी के ‘विश्वकर्मा’ बिजेंद्र प्रसाद यादव: सुपौल में विकास की रफ्तार, मधुबनी के नेताओं के लिए आईना?

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बिहार की राजनीति में नेताओं की कमी नहीं है, लेकिन ‘काम करने वाले’ और ‘सिर्फ नाम करने वाले’ नेताओं के बीच का अंतर कोसी और मिथिलांचल के विकास को देखकर समझा जा सकता है। सुपौल के कद्दावर नेता और बिहार सरकार के वरिष्ठ मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव (Bijendra Prasad Yadav) को लोग यूं ही ‘कोसी का विश्वकर्मा’ नहीं कहते।

हाल ही में 13 जनवरी 2026 को हुई बिहार कैबिनेट की बैठक ने यह साबित कर दिया है कि अगर नेता में इच्छाशक्ति हो, तो विकास फाइलों में नहीं अटकता। वहीं दूसरी तरफ, मधुबनी (मिथिलांचल) जैसे जिले हैं, जहां बड़े-बड़े दिग्गज नेता होने के बावजूद विकास की वह लकीर नहीं खींची जा सकी जो सुपौल में दिखती है।

एक पत्र और 45 दिनों में काम तमाम: विजेंद्र यादव का ‘सुपौल मॉडल’

बिजेंद्र यादव की कार्यशैली का सबसे बड़ा प्रमाण हमारे पास मौजूद दस्तावेज़ हैं। विकास कार्यों को लेकर उनकी तत्परता देखिए:

  1. दिसंबर 2025 में लिखा पत्र: 1 दिसंबर 2025 को मंत्री विजेंद्र यादव ने बिहार के पथ निर्माण मंत्री नितिन नवीन को दो अलग-अलग पत्र लिखे। उन्होंने सुपौल में मझारी चौक से कुनौली बाजार (नेपाल बॉर्डर) और थरबिटिया रेलवे स्टेशन से गणपतगंज तक की जर्जर सड़कों को पथ निर्माण विभाग द्वारा अधिग्रहित कर चौड़ीकरण करने का आग्रह किया ।
  2. जनवरी 2026 में कैबिनेट की मुहर: पत्र लिखे जाने के मात्र 43 दिनों के भीतर, 13 जनवरी 2026 की कैबिनेट बैठक में इन दोनों योजनाओं को प्रशासनिक स्वीकृति मिल गई।

इसे कहते हैं राजनीतिक कद और काम करने का जज्बा। जिस फाइल को पटना के सचिवालय में सरकने में सालों लगते हैं, बिजेंद्र प्रसाद यादव के एक पत्र पर वह महीने भर में धरातल पर उतर आती है।

कैबिनेट से पास हुई 187 करोड़ की दो बड़ी सौगातें

13 जनवरी 2026 को कैबिनेट ने सुपौल के लिए खजाना खोल दिया:

  • प्रोजेक्ट 1: सुपौल पथ प्रमंडल के अंतर्गत मझारी चौक (NH-27) से कुनौली बाजार (नेपाल बॉर्डर) तक (लम्बाई 25.353 कि०मी०)। इसके चौड़ीकरण व मजबूतीकरण के लिए ₹126.23 करोड़ की मंजूरी मिली है । मंत्री जी ने अपने पत्र में इसे “राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण” बताया था ।
  • प्रोजेक्ट 2: थरबिटिया रेलवे स्टेशन से गणपतगंज वाया सिंगआवन, श्रीपुर पथ। इसके लिए ₹61.44 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है । इस सड़क से जाम की समस्या खत्म होगी और कनेक्टिविटी बेहतर होगी ।

मधुबनी और मिथिलांचल: बड़े नेता, लेकिन विकास कहां?

अब तस्वीर का दूसरा पहलू देखिए। कोसी नदी के उस पार सुपौल चमक रहा है, लेकिन इस पार मिथिलांचल का हृदय कहा जाने वाला मधुबनी (Madhubani) आज भी मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहा है।

मधुबनी जिले ने राज्य और केंद्र को कई बड़े कद्दावर नेता दिए हैं। लेकिन धरातल पर स्थिति यह है कि जर्जर सड़कें, जाम और जलजमाव यहां की नियति बन चुकी है। सुपौल में जहां “रेल-रोड कनेक्टिविटी” और “नेपाल बॉर्डर रोड” जैसे प्रोजेक्ट्स पर मिशन मोड में काम हो रहा है, वहीं मधुबनी में आज भी कई परियोजनाएं शिलान्यास के बाद दम तोड़ देती हैं।

सवाल जो जनता पूछ रही है:

  • क्या मधुबनी के नेताओं का कद पटना में इतना बड़ा नहीं है कि वे अपने क्षेत्र के लिए फंड ला सकें?
  • बिजेंद्र प्रसाद यादव जैसा ‘इच्छाशक्ति’ वाला नेतृत्व मिथिलांचल के अन्य जिलों में क्यों नदारद है?
  • सुपौल का रोड नेटवर्क आज बिहार के बेहतरीन नेटवर्क में से एक है, जबकि मधुबनी की सड़कें बदहाल क्यों हैं?

विकास के लिए चाहिए ‘विजेंद्र’ जैसी दृष्टि

सुपौल का विकास इस बात का गवाह है कि नेता अगर चाहे तो अपने क्षेत्र का कायाकल्प कर सकता है। मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव ने साबित किया है कि उम्र सिर्फ एक नंबर है, असली ऊर्जा काम करने की नीयत में होती है। कोसी क्षेत्र में हो रहा यह ऐतिहासिक कार्य यकीनन उन्हें ‘कोसी का विश्वकर्मा’ की उपाधि के योग्य बनाता है।

अब वक्त आ गया है कि मधुबनी और बाकी मिथिलांचल के नेता सुपौल मॉडल से सीख लें, वरना जनता अब “नाम” नहीं, “काम” का हिसाब मांगेगी।

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L.N.J. कॉलेज झंझारपुर: खेल सामग्री आवंटन में भेदभाव का आरोप, MSU छात्र नेताओं के साथ धक्का-मुक्की, 13 से भूख हड़ताल की चेतावनी

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झंझारपुर: स्थानीय ललित नारायण जनता (L.N.J.) महाविद्यालय में 8 जनवरी को खेल सामग्री के वितरण को लेकर एक बड़ा विवाद सामने आया है। महाविद्यालय प्रशासन और खेल विभाग के कर्मचारियों पर छात्रों के साथ भेदभाव और अभद्रता करने का गंभीर आरोप लगा है। इस घटना के बाद कैंपस का माहौल तनावपूर्ण हो गया है।

क्या है पूरा मामला?

प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना उस वक्त हुई जब महाविद्यालय के कुछ छात्र खेलने के लिए खेल विभाग में सामग्री (Sports Kit) लेने पहुंचे। छात्रों का आरोप है कि खेल विभाग के कर्मचारियों ने नियम का हवाला देते हुए उनसे सामग्री के बदले 10 छात्रों का आईडेंटिटी कार्ड (ID Card) जमा करने की मांग की।

विवाद तब गहरा गया जब छात्रों ने देखा कि उसी समय महाविद्यालय के कुछ प्रोफेसरों के निजी बच्चों को बिना किसी कड़े नियम के खेल सामग्री दे दी गई और वे उसे लेकर घर जा रहे थे।

स्टाफ पर अभद्रता और धमकी देने का आरोप

जब छात्रों ने इस दोहरे रवैये पर सवाल उठाया, तो आरोप है कि खेल विभाग के स्टाफ ने जवाब देने के बजाय छात्र नेताओं के साथ बदसलूकी शुरू कर दी। मिथिला स्टूडेंट यूनियन (MSU) का कहना है कि स्टाफ ने अभद्र भाषा का प्रयोग किया और कहा, “जहाँ जाना है जाओ, गला पकड़ के बाहर फेंक देंगे।”

वायरल हो रहे वीडियो में भी तीखी नोकझोंक देखी जा सकती है। आरोप है कि इस दौरान महाविद्यालय प्रभारी कुंदन भारती के साथ भी धक्का-मुक्की की गई। MSU ने इसे शिक्षक मर्यादा और शैक्षणिक वातावरण पर गहरा आघात बताया है।

MSU ने दिया 3 दिन का अल्टीमेटम

इस घटना पर कड़ा रुख अपनाते हुए मिथिला स्टूडेंट यूनियन ने कॉलेज प्रशासन को चेतावनी दी है। संगठन ने स्पष्ट किया है कि छात्रों के साथ भेदभाव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

यूनियन ने मांग की है कि:

  • ​पूरे मामले की 3 दिनों के भीतर निष्पक्ष जाँच हो।
  • ​दोषी प्रोफेसर और कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।

अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल की चेतावनी

MSU ने ऐलान किया है कि यदि निर्धारित समय-सीमा के भीतर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती है, तो वे 13 जनवरी से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करने के लिए बाध्य होंगे। संगठन ने कहा है कि इसकी पूरी जिम्मेदारी महाविद्यालय प्रशासन की होगी और छात्रों के सम्मान की लड़ाई आखिरी दम तक लड़ी जाएगी।

Jhanjharpur News: वीबी जी राम जी योजना में राम के नाम से विपक्ष को लग रही मिर्ची NDA ने गिनाई खूबियां

भाजपा

झंझारपुर (मधुबनी): भाजपा जिला कार्यालय झंझारपुर में एनडीए (NDA) की ओर से आयोजित एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस में विपक्षी दलों पर जमकर निशाना साधा गया। भाजपा जिला अध्यक्ष बच्चा बाबू कामत ने कहा कि विपक्ष के पास अब कोई मुद्दा नहीं बचा है, इसलिए उनका एकमात्र कार्य सिर्फ विरोध करना रह गया है।

प्रेस वार्ता के दौरान केंद्र सरकार की नई पहल ‘वीबी जी राम जी’ (विकसित भारत गारंटी रोजगार और आजीविका मिशन ग्रामीण) कार्यक्रम पर चर्चा करते हुए एनडीए नेताओं ने इसे गेम चेंजर बताया।

​’राम’ के नाम से विपक्ष को परेशानी

भाजपा जिला अध्यक्ष बच्चा बाबू कामत ने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि विपक्षी दल अब ‘वीबी जी राम जी’ कार्यक्रम का विरोध सिर्फ इसलिए कर रहे हैं क्योंकि इसमें भगवान ‘राम’ का नाम जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा, “योजना के नाम में राम शब्द देखकर विपक्ष को मिर्ची लग रही है, जबकि यह योजना गरीबों के कल्याण के लिए है।”

मनरेगा से बेहतर: अब 125 दिन काम की गारंटी

योजना की खूबियों को गिनाते हुए श्री कामत ने बताया कि पहले मनरेगा के तहत 100 दिनों के रोजगार का प्रावधान था, लेकिन ‘वीबी जी राम जी’ के तहत अब इसे बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है। यह ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की गारंटी को और मजबूत करेगा।

सप्ताहिक भुगतान और प्रशासनिक व्यय में वृद्धि

प्रेस कॉन्फ्रेंस में रालोमो (RLM) के जिला अध्यक्ष रंजीत कामत ने विपक्ष द्वारा फैलाए जा रहे भ्रम को दूर किया। उन्होंने कहा:

  • विपक्ष इस योजना का गलत प्रचार कर रहा है।
  • ​योजना में प्रशासनिक व्यय को 6% से बढ़ाकर 9% कर दिया गया है।
  • ​मजदूरों का साप्ताहिक भुगतान (Weekly Payment) अनिवार्य रूप से तय किया गया है, जिससे श्रमिकों को आर्थिक तंगी का सामना नहीं करना पड़ेगा।

विकसित भारत 2047 का लक्ष्य

भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य अनुरंजन झा ने कहा कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य गांवों और गरीबों को सबल बनाना है। यह पहल भारत को 2047 तक ‘विकसित भारत’ बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी। वहीं, हम पार्टी (HAM) की जिला अध्यक्ष विमला देवी ने भी इस नए कानून का स्वागत किया।

ये रहे उपस्थित

इस मौके पर भाजपा जिला अध्यक्ष बच्चा बाबू कामत, रालोमो जिला अध्यक्ष रंजीत कामत, हम पार्टी जिला अध्यक्ष विमला कुमारी, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य अनुरंजन झा एवं सत्यनारायण अग्रवाल, भाजपा महिला प्रकोष्ठ जिला अध्यक्ष कामिनी देवी, दीपक कुमार झा, संदीप दास, पंकज चौधरी, ललन कान्त मिश्रा, विप्लेश ठाकुर, कुमार राजा, बजरंगी दास, प्रदीप ठाकुर, संजय राय, ललन पासवान, वरुण ठाकुर और दीपु मंडल समेत एनडीए के कई वरिष्ठ कार्यकर्ता उपस्थित थे।

केंद्रीय विद्यालय झंझारपुर का पहला सत्र अप्रैल से शुरू, शिक्षा के क्षेत्र में खुलेगा नया अध्याय

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झंझारपुर: शिक्षा के क्षेत्र में झंझारपुर और आसपास के निवासियों के लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी है। केंद्रीय विद्यालय झंझारपुर (Kendriya Vidyalaya Jhanjharpur) में शिक्षा का एक नया अध्याय शुरू होने जा रहा है। विद्यालय प्रशासन और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, विद्यालय का पहला शैक्षणिक सत्र (First Academic Session) इसी साल अप्रैल माह से शुरू होने जा रहा है।

इस घोषणा के बाद से ही क्षेत्र के अभिभावकों और छात्रों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। यह विद्यालय न केवल झंझारपुर बल्कि पूरे मिथिला क्षेत्र के लिए शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ी सौगात साबित होगा।

उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा अब घर के पास

केंद्रीय विद्यालय अपने उच्च शैक्षणिक मानकों और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए पूरे देश में जाने जाते हैं। KV Jhanjharpur के खुलने से अब यहाँ के बच्चों को उच्च गुणवत्ता की केंद्रीय शिक्षा (Central Education) प्राप्त करने के लिए बड़े शहरों या दूर-दराज के इलाकों में नहीं जाना पड़ेगा।

अप्रैल से सत्र शुरू होने का सीधा मतलब है कि स्थानीय छात्र अब सीबीएसई (CBSE) पाठ्यक्रम आधारित आधुनिक शिक्षा अपने ही इलाके में प्राप्त कर सकेंगे।

अभिभावकों और छात्रों में भारी उत्साह

विद्यालय का सत्र अप्रैल से शुरू होने की खबर जंगल में आग की तरह फैल गई है। अभिभावकों का कहना है कि यह उनके बच्चों के भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।

  • सस्ती और अच्छी शिक्षा: केंद्रीय विद्यालय में कम फीस में बेहतरीन सुविधाएं और शिक्षा मिलती है।
  • सर्वांगीण विकास: यहाँ पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद और अन्य गतिविधियों पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है।

झंझारपुर के लिए एक बड़ी उपलब्धि

  • विद्यालय का नाम: केंद्रीय विद्यालय झंझारपुर (KV Jhanjharpur)
  • सत्र शुरू होने का समय: अप्रैल (आगामी सत्र)
  • लाभ: स्थानीय छात्रों को गुणवत्तापूर्ण केंद्रीय शिक्षा
  • बोर्ड: सीबीएसई (CBSE)

जल्द ही नामांकन (Admission) से जुड़ी विस्तृत जानकारी और आधिकारिक अधिसूचना जारी होने की उम्मीद है। अभिभावकों को सलाह दी जाती है कि वे ताजा अपडेट के लिए आधिकारिक घोषणाओं पर नजर बनाए रखें।

झंझारपुर JPL-2026 का शानदार आगाज: बेनीपट्टी बुल्स ने फुलपरास फाल्कन को 22 रनों से हराया, निशांत बने मैन ऑफ द मैच

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झंझारपुर (मधुबनी): अनुमंडल मुख्यालय स्थित ललित कर्पूरी स्टेडियम में शुक्रवार को क्रिकेट का महाकुंभ ‘जेपीएल-2026’ (JPL-2026) का भव्य आगाज हुआ। टूर्नामेंट के उद्घाटन मैच में बेनीपट्टी बुल्स ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फुलपरास फाल्कन को 22 रनों से हराकर विजयी शुरुआत की।

एसडीएम ने फीता काटकर किया उद्घाटन

टूर्नामेंट का विधिवत उद्घाटन झंझारपुर के एसडीएम कुमार गौरव ने फीता काटकर किया। इस अवसर पर खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए एसडीएम श्री गौरव ने कहा:

​”खेल हमेशा खेल भावना से ही खेला जाना चाहिए। इसमें न किसी की हार होती है और न ही जीत। इस तरह के आयोजनों से ग्रामीण खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा निखारने का मौका मिलता है, जिससे वे भविष्य में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के लिए क्वालीफाई कर सकें।”

उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में एसडीपीओ सुबोध कुमार सिन्हा और प्रिंसिपल अनीता रानी भट्ट भी मौजूद रहीं। जेपीएल क्रिकेट टूर्नामेंट के अध्यक्ष बबलू शर्मा ने अतिथियों का मिथिला की परंपरा के अनुसार पाग और दोपटा पहनाकर भव्य स्वागत किया।

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मैच का रोमांच: निशांत के 96 रन पड़े भारी

टूर्नामेंट का पहला मुकाबला बेनीपट्टी बुल्स (Benipatti Bulls) और फुलपरास फाल्कन (Phulparas Falcon) के बीच खेला गया।

  • टॉस और बल्लेबाजी: फुलपरास फाल्कन ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया।
  • बेनीपट्टी की पारी: पहले बल्लेबाजी करते हुए बेनीपट्टी की टीम ने निर्धारित ओवरों में 149 रन का सम्मानजनक स्कोर खड़ा किया। टीम की ओर से निशांत ने धुआंधार बल्लेबाजी करते हुए सर्वाधिक 96 रन बनाए।
  • बेनीपट्टी की पारी: पहले बल्लेबाजी करते हुए बेनीपट्टी की टीम ने निर्धारित ओवरों में 149 रन का सम्मानजनक स्कोर खड़ा किया। टीम की ओर से निशांत ने धुआंधार बल्लेबाजी करते हुए सर्वाधिक 96 रन बनाए।

स्कोरबोर्ड पर एक नजर (Match Highlights)

  • विजेता: बेनीपट्टी बुल्स (22 रनों से जीत)
  • मैन ऑफ द मैच: निशांत (96 रन, बेनीपट्टी)
  • बेस्ट बॉलर (फुलपरास): रौनक कुमार (5 विकेट झटके)
  • बेस्ट बॉलर (बेनीपट्टी): चंदन कुमार (3 विकेट झटके)

मैच के अंत में बेनीपट्टी के खिलाड़ी निशांत को उनकी आक्रामक बल्लेबाजी (96 रन) के लिए ‘मैन ऑफ द मैच’ चुना गया। आयोजन समिति के अध्यक्ष बबलू शर्मा ने उन्हें सम्मानित किया। स्टेडियम में दर्शकों की भारी भीड़ ने मैच का लुत्फ उठाया।

लौकहा के विकास के लिए उठी 5 बड़ी मांगें: सर्व मंगलम् फाउंडेशन ने विधान पार्षद ललन सर्राफ को सौंपा ज्ञापन, CM तक पहुंचेगी बात

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पटना/मधुबनी: लौकहा विधानसभा क्षेत्र के सर्वांगीण विकास और जनता से जुड़ी बुनियादी समस्याओं के समाधान के लिए एक बड़ी पहल की गई है। ‘सर्व मंगलम् फाउंडेशन’ के अध्यक्ष दिनेश प्रसाद गुप्ता ने बिहार विधानमंडल के नेता और विधान पार्षद (MLC) माननीय श्री ललन सर्राफ से मुलाकात कर मुख्यमंत्री के नाम पांच सूत्री मांग पत्र सौंपा है।

इस मुलाकात के दौरान दिनेश प्रसाद गुप्ता ने लौकहा विधानसभा क्षेत्र की उन पांच प्रमुख समस्याओं को पटल पर रखा, जिनसे यहाँ की जनता वर्षों से जूझ रही है।

माननीय ललन सर्राफ ने दिया था आश्वासन

गौरतलब है कि इन मुद्दों पर फाउंडेशन के अध्यक्ष और विधान पार्षद के बीच पूर्व में भी चर्चा हुई थी। उस समय माननीय ललन सर्राफ ने आश्वासन दिया था कि यदि इन समस्याओं को लेकर माननीय मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार जी के नाम विधिवत आवेदन दिया जाए, तो वे स्वयं इसे मुख्यमंत्री तक पहुंचाएंगे और मांगों को पूरा कराने का भरसक प्रयास करेंगे। इसी क्रम में कल (बुधवार) को दिनेश प्रसाद गुप्ता ने उन्हें 5 अलग-अलग आवेदन सुपुर्द किए और नव वर्ष की शुभकामनाओं के साथ बुके भेंट किया।

ये हैं लौकहा की 5 प्रमुख मांगें

सर्व मंगलम् फाउंडेशन द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में निम्नलिखित पांच मुद्दों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की गई है:

1. लौकहा में डिग्री कॉलेज की स्थापना:

लौकहा में उच्च शिक्षा के लिए सरकारी संस्थान की भारी कमी है। आवेदन में मांग की गई है कि ‘वित्तरहित जनता कॉलेज, लौकहा’ को अपग्रेड कर डिग्री कॉलेज का दर्जा दिया जाए, ताकि क्षेत्र के हजारों छात्रों को स्नातक की पढ़ाई के लिए पलायन न करना पड़े।

2. जल-जमाव से मुक्ति:

लौकहा बाजार, लौकही और नरहैया बाजार में जल-जमाव एक गंभीर समस्या है। मांग की गई है कि यहाँ पक्के नाले का निर्माण कर ड्रेनेज सिस्टम को दुरुस्त किया जाए।

3. लौकहा अस्पताल का जीर्णोद्धार:

सीमावर्ती क्षेत्र होने के बावजूद लौकहा का सरकारी अस्पताल जर्जर स्थिति में है। फाउंडेशन ने अस्पताल के भवन के जीर्णोद्धार, डॉक्टरों की नियमित नियुक्ति और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं की मांग की है।

4. रेल सुविधाओं का विस्तार:

रेलवे कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए हैं:

  • लौकहा से अमृत भारत ट्रेन का परिचालन शुरू करना।
  • लंबी दूरी की ट्रेनों का विस्तार लौकहा तक करना।
  • लौकहा स्टेशन पर वाशिंग पिट का निर्माण।

5. बलान नदी तटबंध पर सड़क निर्माण:

भूतही बलान नदी के पूर्वी और पश्चिमी तटबंधों को मजबूत कर उस पर पक्की सड़क बनाने की मांग की गई है। इससे न केवल बाढ़ से सुरक्षा मिलेगी बल्कि आवागमन सुगम होगा और दूरी भी कम होगी।

क्या होगा असर?

दिनेश प्रसाद गुप्ता ने बताया कि ये सभी मुद्दे सीधे तौर पर जनहित से जुड़े हैं। नेपाल सीमा से सटे होने के कारण लौकहा का सामरिक और व्यापारिक महत्व भी है। यदि सरकार इन मांगों को मान लेती है, तो लौकहा विधानसभा क्षेत्र की तस्वीर बदल जाएगी। अब क्षेत्र की निगाहें माननीय ललन सर्राफ और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर टिकी हैं।