झंझारपुर: गणतंत्र दिवस की तैयारी तेज, SDM कुमार गौरव ने अधिकारियों के साथ की अहम बैठक, सुरक्षा पर दिए कड़े निर्देश

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झंझारपुर (मधुबनी): मधुबनी जिले के झंझारपुर अनुमंडल में आगामी गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी कड़ी में गुरुवार की दोपहर झंझारपुर अनुमंडल कार्यालय में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता अनुमंडल पदाधिकारी (SDM) कुमार गौरव ने की।

अधिकारियों को मिली जिम्मेदारी

बैठक में झंझारपुर अनुमंडल के अंतर्गत आने वाले तमाम प्रखंडों के प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO), अंचलाधिकारी (CO) और अनुमंडल स्तर के कई वरीय अधिकारी व पदाधिकारी मौजूद रहे। एसडीएम ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि राष्ट्रीय पर्व की गरिमा और प्रोटोकॉल के तहत सभी तैयारियां समय रहते पूरी कर ली जाएं।

सुरक्षा और कार्यक्रम की रूपरेखा तय

अनुमंडल पदाधिकारी कुमार गौरव ने बैठक के दौरान विशेष रूप से सुरक्षा व्यवस्था (Security Arrangements) पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान विधि-व्यवस्था बनाए रखना पहली प्राथमिकता होगी। बैठक में मुख्य रूप से इन बिंदुओं पर चर्चा हुई:

  • झंडोत्तोलन का निर्धारित समय और स्थल।​
  • परेड और सलामी की तैयारी।
  • ​सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रूपरेखा।​
  • भीड़ नियंत्रण और ट्रैफिक व्यवस्था।

एसडीएम ने स्पष्ट किया कि 26 जनवरी के दिन सभी सरकारी कार्यालयों और महादलित टोलों में झंडोत्तोलन सुचारू रूप से होना चाहिए। अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में निगरानी रखने का निर्देश दिया गया है।

बता दें कि झंझारपुर में हर साल गणतंत्र दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। इस बार भी अनुमंडल प्रशासन यह सुनिश्चित करने में जुटा है कि कार्यक्रम भव्य और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो।

बिहार प्रशासनिक लिस्ट: 38 जिले, 101 अनुमंडल और 534 प्रखंड – जानिए अपने जिले का पूरा हाल

bihar map

बिहार में प्रशासनिक व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए राज्य को 9 प्रमंडलों (Divisions), 38 जिलों (Districts), 101 अनुमंडलों (Sub-divisions) और 534 प्रखंडों (Blocks) में बांटा गया है।

अक्सर हमें यह तो पता होता है कि हम किस जिले में हैं, लेकिन यह नहीं पता होता कि हमारे जिले में कुल कितने अनुमंडल हैं या कौन सा ब्लॉक किस अनुमंडल के अधीन आता है।

आज Bhoomi News Live आपके लिए लाया है बिहार का ‘मास्टर प्रशासनिक चार्ट’। इस लिस्ट में आप एक नजर में अपने जिले का पूरा ढांचा देख सकते हैं।

बिहार प्रशासनिक संरचना (एक नजर में)

  • राज्य: बिहार
  • कुल प्रमंडल: 09
  • कुल जिले: 38
  • कुल अनुमंडल: 101
  • कुल प्रखंड (अंचल): 534
  • कुल पंचायत: 8,000+ (लगभग)
  • कुल राजस्व गांव: 45,000+ (लगभग)

📂 बिहार के सभी जिलों और अनुमंडलों की लिस्ट (District & Sub-division Wise List)

नीचे दी गई टेबल में प्रमंडल के अनुसार जिलों और उनके अनुमंडलों का विवरण है।

1. पटना प्रमंडल (Patna Division)

(मुख्यालय: पटना)

क्र.जिला (District)कुल अनुमंडलअनुमंडल के नाम (Sub-divisions)कुल प्रखंड
1.पटना06पटना सदर, पटना सिटी, दानापुर, बाढ़, मसौढ़ी, पालीगंज23
2.नालंदा03बिहार शरीफ, राजगीर, हिलसा20
3.भोजपुर (आरा)03आरा सदर, पीरो, जगदीशपुर14
4.बक्सर02बक्सर सदर, डुमरांव11
5.रोहतास03सासाराम, बिक्रमगंज, डेहरी19
6.कैमूर (भभुआ)02भभुआ, मोहनिया11

2. तिरहुत प्रमंडल (Tirhut Division)

(मुख्यालय: मुजफ्फरपुर)

क्र.जिला (District)कुल अनुमंडलअनुमंडल के नाम (Sub-divisions)कुल प्रखंड
7.मुजफ्फरपुर02मुजफ्फरपुर पूर्वी, मुजफ्फरपुर पश्चिमी16
8.पूर्वी चंपारण06मोतिहारी सदर, अरेराज, चकिया, रक्सौल, सिकरहना, पकड़ीदयाल27
9.पश्चिमी चंपारण03बेतिया सदर, नरकटियागंज, बगहा18
10.सीतामढ़ी03सीतामढ़ी सदर, पुपरी, बेलसंड17
11.वैशाली03हाजीपुर, महुआ, महनार16
12.शिवहर01शिवहर सदर05

3. सारण प्रमंडल (Saran Division)

(मुख्यालय: छपरा)

क्र.जिला (District)कुल अनुमंडलअनुमंडल के नाम (Sub-divisions)कुल प्रखंड
13.सारण (छपरा)03छपरा सदर, मढ़ौरा, सोनपुर20
14.सीवान02सीवान सदर, महाराजगंज19
15.गोपालगंज02गोपालगंज सदर, हथुआ14

4. दरभंगा प्रमंडल (Darbhanga Division)

(मुख्यालय: दरभंगा)

क्र.जिला (District)कुल अनुमंडलअनुमंडल के नाम (Sub-divisions)कुल प्रखंड
16.दरभंगा03दरभंगा सदर, बेनीपुर, बिरौल18
17.मधुबनी05मधुबनी सदर, झंझारपुर, बेनीपट्टी, जयनगर, फुलपरास21
18.समस्तीपुर04समस्तीपुर सदर, रोसड़ा, दलसिंहसराय, पटोरी20

5. कोसी प्रमंडल (Kosi Division)

(मुख्यालय: सहरसा)

क्र.जिला (District)कुल अनुमंडलअनुमंडल के नाम (Sub-divisions)कुल प्रखंड
19.सहरसा02सहरसा सदर, सिमरी बख्तियारपुर10
20.मधेपुरा02मधेपुरा सदर, उदाकिशुनगंज13
21.सुपौल04सुपौल सदर, बीरपुर, त्रिवेणीगंज, निर्मली11

6. पूर्णिया प्रमंडल (Purnia Division)

(मुख्यालय: पूर्णिया)

क्र.जिला (District)कुल अनुमंडलअनुमंडल के नाम (Sub-divisions)कुल प्रखंड
22.पूर्णिया04पूर्णिया सदर, बनमनखी, धमदाहा, बायसी14
23.कटिहार03कटिहार सदर, बारसोई, मनिहारी16
24.अररिया02अररिया सदर, फारबिसगंज09
25.किशनगंज01किशनगंज सदर07

7. भागलपुर प्रमंडल (Bhagalpur Division)

(मुख्यालय: भागलपुर)

क्र.जिला (District)कुल अनुमंडलअनुमंडल के नाम (Sub-divisions)कुल प्रखंड
26.भागलपुर03भागलपुर सदर, कहलगांव, नौगछिया16
27.बांका01बांका सदर11

8. मुंगेर प्रमंडल (Munger Division)

(मुख्यालय: मुंगेर)

क्र.जिला (District)कुल अनुमंडलअनुमंडल के नाम (Sub-divisions)कुल प्रखंड
28.मुंगेर03मुंगेर सदर, खड़गपुर, तारापुर09
29.बेगूसराय05बेगूसराय, मंझौल, तेघड़ा, बलिया, बखरी18
30.खगड़िया02खगड़िया सदर, गोगरी07
31.जमुई01जमुई सदर10
32.लखीसराय01लखीसराय सदर07
33.शेखपुरा01शेखपुरा सदर06

9. मगध प्रमंडल (Magadh Division)

(मुख्यालय: गया)

क्र.जिला (District)कुल अनुमंडलअनुमंडल के नाम (Sub-divisions)कुल प्रखंड
34.गया04गया सदर, शेरघाटी, टेकारी, नीमचक बथानी24
35.औरंगाबाद02औरंगाबाद सदर, दाउदनगर11
36.नवादा02नवादा सदर, रजौली14
37.जहानाबाद01जहानाबाद सदर07
38.अरवल01अरवल सदर05

📝 नोट: विस्तृत प्रखंड लिस्ट (Block List)

ऊपर दी गई लिस्ट में अनुमंडलों के नाम दिए गए हैं। यदि आप यह जानना चाहते हैं कि किस अनुमंडल में कौन-कौन से प्रखंड (Blocks) आते हैं, तो कृपया हमारी वेबसाइट पर उस विशेष “प्रमंडल” (Division) के आर्टिकल को पढ़ें। वहां आपको हर गांव और पंचायत स्तर की जानकारी मिल जाएगी।

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सावधान! Google पर गलती से भी सर्च न करें ये 6 चीजें, वरना सीधे जाना पड़ सकता है जेल

क्या आप जानते हैं कि Google पर अनजाने में की गई कुछ सर्च आपको जेल की हवा खिला सकती हैं? भारत में इन 6 चीजों को सर्च करना कानूनी अपराध है। जानिए पूरी लिस्ट और सुरक्षित रहें।

सावधान चेतावनी वाला थंबनेल जिसमें लिखा है गूगल पर गलती से भी ये 6 चीजें मत करना सर्च वरना हो जाएगी जेल और पीछे पुलिस अधिकारी दिख रहा है

आज के डिजिटल दौर में, हमारे दिमाग में कोई भी सवाल आता है तो हम सबसे पहले अपना फोन उठाते हैं और ‘गूगल’ (Google) करते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह आदत आपको बड़ी मुसीबत में डाल सकती है?

इंटरनेट पर हर चीज सर्च करने की आजादी नहीं है। भारत में साइबर कानून (Cyber Laws) बेहद सख्त हैं। सुरक्षा एजेंसियां और साइबर सेल संदिग्ध कीवर्ड्स पर नजर रखते हैं। अनजाने में की गई एक गलती आपको पुलिस थाने या जेल तक पहुंचा सकती है।

यहाँ हम आपको उन 6 चीजों के बारे में बता रहे हैं, जिन्हें गूगल पर सर्च करना या शेयर करना भारत में अपराध माना जाता है।

1. बम बनाने का तरीका (Making of Weapons/Bombs)

यह सबसे संवेदनशील मुद्दा है। अगर आप गूगल पर बम बनाने की प्रक्रिया या हथियारों से जुड़ी जानकारी सर्च करते हैं, तो आपका IP एड्रेस तुरंत सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर आ सकता है। देश की सुरक्षा के मद्देनजर इसे गंभीर अपराध माना जाता है और आपको बिना वारंट के हिरासत में लिया जा सकता है।

2. चाइल्ड पोर्नोग्राफी (Child Pornography)

भारत सरकार बच्चों के प्रति अपराधों को लेकर ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति पर काम करती है। गूगल पर ‘चाइल्ड पोर्नोग्राफी’ सर्च करना, देखना या शेयर करना POCSO एक्ट और IT एक्ट के तहत गैर-जमानती अपराध है। ऐसा करने पर 5 से 7 साल तक की जेल हो सकती है।

3. गर्भपात के अवैध तरीके (Illegal Abortion Details)

भारत में गर्भपात (Abortion) को लेकर Medical Termination of Pregnancy Act लागू है। डॉक्टर की सलाह के बिना गर्भपात के तरीके खोजना या लिंग परीक्षण (Gender Selection) से जुड़ी जानकारी गूगल पर ढूंढना गैरकानूनी है।

4. रेप पीड़िता की पहचान (Identity of Victim)

सुप्रीम कोर्ट के सख्त आदेश हैं कि किसी भी रेप या यौन शोषण पीड़िता का नाम, फोटो या पहचान उजागर नहीं की जा सकती। अगर आप गूगल पर पीड़िता की पहचान जानने की कोशिश करते हैं या उसे सोशल मीडिया पर शेयर करते हैं, तो यह दंडनीय अपराध है।

5. पाइरेटेड फिल्में और कंटेंट (Pirated Movies)

फिल्म रिलीज से पहले उसे लीक करना या पाइरेटेड (चोरी की हुई) फिल्में डाउनलोड करना कॉपीराइट एक्ट 1957 का उल्लंघन है। कई बार लोग टोरेंट या अवैध साइट्स पर फिल्में सर्च करते हैं, जो उन्हें कानूनी पचड़े में डाल सकता है। पाइरेसी को बढ़ावा देना एक जुर्म है।

6. निजी फोटो/वीडियो लीक (Private Photo/Video)

किसी व्यक्ति की मर्जी के बिना उसकी प्राइवेट फोटो या वीडियो गूगल पर सर्च करना या उसे अपलोड करना निजता के अधिकार (Right to Privacy) का हनन है। यह साइबर क्राइम की श्रेणी में आता है और इसके लिए आपको जेल की सजा हो सकती है।

इंटरनेट ज्ञान का सागर है, लेकिन इसका इस्तेमाल जिम्मेदारी से करना जरूरी है। आपके ब्राउज़र का ‘Incognito Mode’ आपको पुलिस या साइबर सेल से नहीं बचा सकता। इसलिए, जिज्ञासा में भी इन प्रतिबंधित चीजों को सर्च करने से बचें।

इस जानकारी को अपने परिवार और दोस्तों के साथ जरूर शेयर करें ताकि वे भी सुरक्षित रहें।

बिहार की सियासत में ‘दही-चूड़ा’ डिप्लोमेसी: तेज प्रताप यादव का बड़ा दांव, तेजस्वी और नीतीश कुमार को भेजा न्योता

Tej Pratap Yadav dahi chura plan thumbnail with Tejashwi Yadav Nitish Kumar Samrat Chaudhary and Vijay Sinha on one stage

पटना: बिहार में मकर संक्रांति केवल एक पर्व नहीं, बल्कि सियासी समीकरणों को साधने का एक बड़ा मौका होता है। इस बार जनशक्ति जनता दल (जेजेडी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने इस परंपरा को आगे बढ़ाते हुए सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है।

तेज प्रताप यादव ने घोषणा की है कि वे 14 जनवरी (मकर संक्रांति) के अवसर पर अपने आवास पर भव्य ‘दही-चूड़ा भोज’ का आयोजन करेंगे। खास बात यह है कि इस भोज में सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों के दिग्गजों को एक मंच पर लाने की तैयारी है।

छोटे भाई तेजस्वी को खास निमंत्रण

राजनीतिक मतभेदों और अलग राह चुनने के बाद यह पहला मौका होगा जब तेज प्रताप यादव अपने छोटे भाई और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को औपचारिक रूप से आमंत्रित कर रहे हैं। तेज प्रताप ने स्पष्ट किया है कि वे खुद तेजस्वी को न्योता देंगे। सियासी जानकारों का मानना है कि यह आयोजन दोनों भाइयों के बीच जमी बर्फ को पिघलाने की एक कोशिश हो सकता है।

इन दिग्गजों को भेजा जाएगा बुलावा

तेज प्रताप यादव ने अपनी पार्टी की ओर से आयोजित इस भोज को ‘सर्वदलीय’ रूप देने की कोशिश की है। उन्होंने जिन प्रमुख चेहरों को आमंत्रित करने की बात कही है, उनमें शामिल हैं:

  • नीतीश कुमार (मुख्यमंत्री, बिहार)
  • सम्राट चौधरी (उपमुख्यमंत्री)
  • विजय कुमार सिन्हा (उपमुख्यमंत्री)
  • आरिफ मोहम्मद खान (राज्यपाल)

लालू यादव की परंपरा को आगे बढ़ाने की कोशिश?

गौरतलब है कि बिहार विधानसभा चुनाव में राजद (RJD) की हार के बाद, राबड़ी आवास पर लालू प्रसाद यादव की पारंपरिक और मशहूर ‘दही-चूड़ा पार्टी’ को लेकर संशय बना हुआ है। ऐसे में तेज प्रताप का यह कदम उस सियासी शून्य को भरने की कोशिश माना जा रहा है।

सियासी मायने: सत्ता और विपक्ष के बीच सेतु?

राजनीतिक विश्लेषक इस आयोजन को केवल एक भोज नहीं मान रहे। विश्लेषकों का कहना है कि तेज प्रताप यादव इस आयोजन के जरिए खुद को एक परिपक्व नेता के रूप में स्थापित करना चाहते हैं जो दलगत राजनीति से ऊपर उठकर संवाद (Communication) में विश्वास रखता है। सत्ता पक्ष के शीर्ष नेताओं को बुलाकर वे यह संदेश देना चाहते हैं कि विरोध अपनी जगह है, लेकिन शिष्टाचार और संवाद अपनी जगह।

अब देखना दिलचस्प होगा कि 14 जनवरी को तेज प्रताप के आवास पर कौन-कौन से दिग्गज जुटते हैं और क्या बिहार की राजनीति में ‘दही-चूड़ा’ की मिठास नए समीकरणों को जन्म देती है?

कपकपाती ठंड में बुजुर्गों को मिला सहारा: प्रो. रामदेव भंडारी की जयंती पर अमेरिका से आए सहयोग से बंटे कम्बल

झंझारपुर: पूर्व राज्यसभा सांसद और प्रकांड विद्वान प्रोफेसर रामदेव भंडारी की जयंती के अवसर पर झंझारपुर थाना चौक स्थित उनकी आदमकद प्रतिमा स्थल पर एक भव्य श्रद्धांजलि और सेवा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर जहां एक ओर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया गया, वहीं दूसरी ओर भीषण ठंड को देखते हुए समाज के जरूरतमंद और असहाय बुजुर्गों के बीच कम्बल का वितरण किया गया।

गरीबों के सच्चे रहनुमा थे प्रोफेसर भंडारी: दीपक कुमार शर्मा

कार्यक्रम का नेतृत्व कर रहे युवा सामाजिक कार्यकर्ता दीपक कुमार शर्मा ने प्रोफेसर भंडारी को याद करते हुए उन्हें पिछड़ा, अतिपिछड़ा, दलित, शोषित और वंचित समाज का सच्चा हितैषी बताया। दीपक शर्मा ने कहा, “प्रोफेसर रामदेव भंडारी भले ही आज हमारे बीच सशरीर उपस्थित नहीं हैं, लेकिन उनके विचार और आदर्श आज भी हम सभी को प्रेरित कर रहे हैं।”

उन्होंने आगे कहा कि समाज में एकता, समरसता और भाईचारा बनाए रखने के लिए प्रोफेसर भंडारी की विचारधारा पर चलना अत्यंत आवश्यक है। उनके विचारों को समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुँचाना ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि होगी, ताकि वे अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हो सकें।

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अमेरिका से आया सहयोग, गांव में खिली मुस्कान

इस पुनीत कार्य के पीछे एक विशेष भावनात्मक पहलू भी जुड़ा है। बताया गया कि प्रोफेसर भंडारी के तीन पुत्र हैं, जिनमें से उनके सबसे छोटे पुत्र, जो अमेरिका के वॉशिंगटन डीसी में रहते हैं, उनके द्वारा ही इस कम्बल वितरण कार्यक्रम का आयोजन करवाया गया। उनकी अनुपस्थिति में दीपक कुमार शर्मा के नेतृत्व में यह सेवा कार्य संपन्न हुआ।

प्रोफेसर भंडारी: एक नजर में

  • जन्म: 5 जनवरी 1940​
  • निधन: 21 सितंबर 2018
  • ​विशेष: उनकी प्रतिमा का अनावरण बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव के कर-कमलों द्वारा किया गया था। वे जीवन भर शोषितों और गरीबों की आवाज बनकर उभरे।

मधुबनी पुलिस की बड़ी कार्रवाई: मोटरसाइकिल लूट गिरोह का भंडाफोड़, देसी कट्टा और कारतूस के साथ एक गिरफ्तार

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मधुबनी (बिहार): जिले की फुलपरास थाना पुलिस ने अपराध नियंत्रण की दिशा में एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने क्षेत्र में सक्रिय मोटरसाइकिल लूट गिरोह के एक सदस्य को अवैध हथियारों के साथ गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इस कार्रवाई से इलाके के अपराधियों में हड़कंप मच गया है।

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हथियार और लूट की बाइक बरामद

मिली जानकारी के अनुसार, फुलपरास थाना पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर धौसी गांव निवासी नीतीश कुमार को दबोचा। पुलिस ने अभियुक्त के पास से निम्नलिखित सामान बरामद किया है:

  • ​01 देसी कट्टा (अवैध हथियार)​
  • 01 जिंदा कारतूस
  • ​01 लूटी हुई मोटरसाइकिल​
  • 01 मोबाइल फोन

10 अपराधियों का गिरोह चिन्हित

पुलिस की पूछताछ में इस गिरोह के नेटवर्क का बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस ने इस मोटरसाइकिल लूट गिरोह में शामिल कुल 10 अपराधियों को चिन्हित किया है। ये अपराधी जिले के विभिन्न क्षेत्रों में लूटपाट की घटनाओं को अंजाम देते थे।

थानाध्यक्ष का बयान: “हमने गिरोह के एक सदस्य को गिरफ्तार कर लिया है। अन्य 9 अपराधियों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की विशेष टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। जल्द ही पूरा गिरोह सलाखों के पीछे होगा।”

क्षेत्र में पुलिस की सक्रियता बढ़ी

नीतीश कुमार की गिरफ्तारी के बाद पुलिस उससे मिले इनपुट के आधार पर गिरोह के अन्य ठिकानों पर दबिश दे रही है। स्थानीय निवासियों ने पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की सराहना की है, क्योंकि पिछले कुछ समय से मोटरसाइकिल चोरी और लूट की घटनाओं में वृद्धि देखी जा रही थी।

बिहार प्रशासनिक हलचल: पदभार संभालने के चंद दिनों बाद ही BSSC अध्यक्ष आलोक राज का इस्तीफा

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बिहार की प्रशासनिक गलियारे से एक बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। बिहार के पूर्व पुलिस महानिदेशक (DGP) और 1989 बैच के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी आलोक राज ने बिहार कर्मचारी चयन आयोग (BSSC) के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है।

हैरानी की बात यह है कि उन्होंने यह जिम्मेदारी संभाली अभी जुम्मा-जुम्मा आठ दिन भी नहीं हुए थे। इस अचानक आए फैसले ने राज्य के राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में कई तरह की चर्चाओं को जन्म दे दिया है।

नियुक्ति से इस्तीफे तक का सफर

आलोक राज 31 दिसंबर 2025 को बिहार के डीजीपी पद से सेवानिवृत्त हुए थे। उनकी कार्यक्षमता और अनुभव को देखते हुए बिहार सरकार ने उन्हें रिटायरमेंट के अगले ही दिन, यानी 1 जनवरी 2026 से BSSC के नए अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया था।

  • नियुक्ति तिथि: 1 जनवरी 2026
  • कार्यकाल: 5 वर्ष के लिए प्रस्तावित​
  • इस्तीफा: पदभार ग्रहण करने के मात्र 2 से 5 दिनों के भीतर

इस्तीफे का कारण: निजी या कुछ और?

विभिन्न समाचार स्रोतों के अनुसार, आलोक राज ने अपना इस्तीफा सामान्य प्रशासन विभाग को सौंप दिया है। आधिकारिक तौर पर उन्होंने “निजी कारणों” का हवाला देते हुए पद छोड़ने की बात कही है। हालांकि, इतनी जल्दी इस्तीफा देने के फैसले ने सबको सोच में डाल दिया है कि क्या इसके पीछे कोई अन्य प्रशासनिक दबाव या तालमेल की कमी रही है।

कौन हैं आलोक राज?

आलोक राज बिहार कैडर के 1989 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। पुलिस सेवा के दौरान उनकी छवि एक सुलझे हुए और कड़क अधिकारी की रही है। डीजीपी के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने राज्य की कानून व्यवस्था में कई महत्वपूर्ण सुधार किए थे। यही कारण था कि सरकार ने युवाओं के भविष्य से जुड़े ‘बिहार कर्मचारी चयन आयोग’ जैसी महत्वपूर्ण संस्था की कमान उन्हें सौंपी थी।

अब आगे क्या?

  • नई नियुक्ति: अब बिहार सरकार को जल्द से जल्द एक नए और विश्वसनीय चेहरे की तलाश करनी होगी।​
  • अभ्यर्थियों की चिंता: लाखों छात्र जो BSSC परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, उनके मन में नियुक्तियों की पारदर्शिता और गति को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

नोट: फिलहाल सरकार की ओर से नए अध्यक्ष के नाम की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

​क्या आपको लगता है कि प्रशासनिक अधिकारियों का राजनीति या आयोगों में जाना सही है? अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं।

अंधराठाढ़ी: डॉ. पवन कुमार बने जदयू युवा प्रकोष्ठ के जिला सचिव, कार्यकर्ताओं में उत्साह की लहर

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मधुबनी। अंधराठाढ़ी की राजनीति में अपनी समाजसेवा के दम पर बेहद कम समय में एक उभरते सितारे के रूप में पहचान बनाने वाले डॉ. पवन कुमार को एक बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है। मधुबनी युवा जनता दल (यू) के जिलाध्यक्ष संतोष साह ने डॉ. पवन की कार्यकुशलता, पार्टी के प्रति उनकी गहरी आस्था और निष्ठा को देखते हुए उन्हें जदयू युवा प्रकोष्ठ का जिला सचिव मनोनीत किया है।

युवाओं और समर्थकों में भारी उत्साह

​डॉ. पवन कुमार के मनोनयन की खबर मिलते ही न केवल जदयू खेमे में, बल्कि सामाजिक और राजनीतिक गलियारों में भी खुशी की लहर दौड़ गई है। स्थानीय युवाओं ने इसे “सही व्यक्ति को सही जिम्मेदारी” करार दिया है। डॉ. पवन अपने सुलझे हुए स्वभाव और शानदार व्यक्तित्व के लिए जाने जाते हैं।

रणनीति और नेतृत्व के धनी हैं डॉ. पवन

​डॉ. पवन कुमार की पहचान एक कुशल रणनीतिकार के रूप में रही है। उनके सोच, सिद्धांत और टीम वर्क का जलवा पिछले चुनावों में भी देखने को मिला था। पार्टी के प्रति उनके समर्पण और सेवा भाव को देखते हुए नेतृत्व ने उन पर भरोसा जताया है।

​”डॉ. पवन कुमार का जदयू से जुड़ना और इस पद को संभालना पार्टी के संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूती प्रदान करेगा।” — वरिष्ठ पार्टी कार्यकर्ता

दिग्गज नेताओं के माने जाते हैं करीबी

राजनीतिक हलकों में डॉ. पवन कुमार को जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा और माननीय सांसद रामप्रीत मंडल के बेहद करीबी सहयोगियों में गिना जाता है। माना जा रहा है कि उनके आने से जिले में युवाओं के बीच पार्टी की पकड़ और मजबूत होगी।

बधाई देने वालों का लगा तांता

इस नई जिम्मेदारी के लिए डॉ. पवन कुमार को बधाई देने वालों में जिले के कई वरिष्ठ और सक्रिय नेता शामिल हैं, जिनमें मुख्य रूप से:

  • फुले भंडारी (जिलाध्यक्ष)​
  • संतोष साह (युवा जिलाध्यक्ष)
  • ​महानारायण राय और शिव कुमार राय​
  • मनोज झा और रामचंद्र राय (जिला सचिव)
  • ​गुलाबचंद झा और दिलीप चौधरी (जिला उपाध्यक्ष)​
  • राजनारायण (मुखिया जी)​
  • ब्रह्मदेव राय, टुनटुन शर्मा और कमलेश चौधरी (प्रखंड अध्यक्ष)

​डॉ. पवन कुमार ने अपनी इस नियुक्ति पर शीर्ष नेतृत्व का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे पार्टी की विचारधारा को जन-जन तक पहुँचाने और युवाओं को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास करेंगे।

बिहार में भूमि विवादों का होगा अंत: डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर, दलालों पर कसेगा शिकंजा

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बिहार में भूमि संबंधी समस्याओं और भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ी पहल की है। ‘भूमि सुधार जनकल्याण संवाद’ कार्यक्रम के माध्यम से उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा सीधे आम जनता से जुड़ रहे हैं। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य भूमि विवादों का त्वरित निपटारा करना और विभाग में सक्रिय दलालों के प्रभाव को पूरी तरह समाप्त करना है।

जन-संवाद के जरिए समाधान की कोशिश

हाल ही में भागलपुर, सहरसा और अन्य जिलों में आयोजित जन-संवाद कार्यक्रमों में मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने स्पष्ट किया कि सरकार की प्राथमिकता पारदर्शिता लाना है। उन्होंने कहा कि अक्सर आम नागरिक म्यूटेशन (दाखिल-खारिज) और जमाबंदी जैसे कार्यों के लिए बिचौलियों के चक्कर में फंस जाते हैं, जिसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

शिकायत के लिए जारी हुआ टॉल-फ्री नंबर

आम जनता की सहूलियत के लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने एक विशेष हेल्पलाइन नंबर जारी किया है। नागरिक अब घर बैठे अपनी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं:

  • टॉल-फ्री हेल्पलाइन नंबर: 1800-345-6215​
  • किन समस्याओं के लिए करें कॉल: दाखिल-खारिज (Mutation) में देरी।
    • जमाबंदी (Jamabandi) में सुधार।​
    • भूमि मापी और सीमा विवाद।​
    • राजस्व कर्मियों या बिचौलियों द्वारा अवैध मांग।

कैसे काम करेगी यह व्यवस्था?

यह हेल्पलाइन नंबर पहले से ही अस्तित्व में था, लेकिन अब इसे विशेष रूप से प्रचारित किया जा रहा है ताकि अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक इसकी जानकारी पहुँच सके।

  • ऑनलाइन पंजीकरण: जैसे ही कोई नागरिक हेल्पलाइन पर कॉल करता है, उसकी शिकायत डिजिटल पोर्टल पर दर्ज हो जाती है।​
  • त्वरित कार्रवाई: शिकायत दर्ज होने के बाद संबंधित जिले के अधिकारियों को ऑनलाइन निर्देश भेजे जाते हैं।​
  • ट्रैकिंग: शिकायतकर्ता अपनी शिकायत की स्थिति (Status) को ट्रैक कर सकते हैं, जिससे जवाबदेही सुनिश्चित होती है।

दलालों पर अंकुश और पारदर्शिता

​मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने चेतावनी दी है कि जो भी कर्मचारी या बिचौलिया आम जनता को परेशान करेगा, उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। ऑनलाइन सिस्टम और हेल्पलाइन के सक्रिय होने से:

  • कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत कम होगी।​
  • भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी पर लगाम लगेगी।​
  • लंबित मामलों का तेजी से निपटारा होगा।

मंत्री का संदेश: “भूमि सुधार विभाग अब जनता के द्वार पर है। हमारा लक्ष्य है कि किसी भी गरीब या लाचार व्यक्ति की जमीन पर कोई भू-माफिया नजर न डाल सके और सरकारी प्रक्रियाएं सरल व पारदर्शी हों।”

बिहार सरकार की यह पहल राज्य में भूमि विवादों के कारण होने वाली हिंसक घटनाओं को कम करने में मील का पत्थर साबित हो सकती है। यदि आप भी भूमि संबंधी किसी समस्या से जूझ रहे हैं, तो तुरंत 1800-345-6215 पर संपर्क करें।

IRCTC New Rules 2026: आधार लिंक नहीं है तो बुकिंग में होगी मुश्किल, जानें 5 और 12 जनवरी से क्या बदला?

IRCTC New Booking Rules 2026 के तहत आधार लिंक न होने पर सुबह 8 से शाम 4 बजे तक टिकट बुकिंग पर रोक से जुड़ी जानकारी

भारतीय रेलवे (Indian Railways) ने ऑनलाइन ट्रेन टिकट बुकिंग के नियमों में एक क्रांतिकारी बदलाव किया है। यदि आप अक्सर ट्रेन से यात्रा करते हैं और IRCTC के माध्यम से ऑनलाइन टिकट बुक करते हैं, तो यह खबर आपके लिए बहुत महत्वपूर्ण है। रेलवे ने 5 जनवरी 2026 से आधार वेरिफिकेशन को लेकर नए प्रतिबंध लागू कर दिए हैं।

क्या है नया नियम? (IRCTC New Rule 2026)

रेलवे के नए आदेश के अनुसार, एडवांस रिजर्वेशन पीरियड (ARP) के पहले दिन यानी जब किसी ट्रेन की बुकिंग शुरू होती है (यात्रा से 60 दिन पहले), उस दिन बिना आधार लिंक वाले IRCTC अकाउंट से यात्री सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक ऑनलाइन टिकट बुक नहीं कर पाएंगे।

यह नियम उन यात्रियों के लिए है जो ऑनलाइन वेबसाइट या मोबाइल ऐप के जरिए टिकट बुक करते हैं। हालांकि, रेलवे काउंटर (PRS) से टिकट बुक करने के नियमों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है।

तीन चरणों में लागू हो रही है व्यवस्था

रेलवे इस नई व्यवस्था को चरणबद्ध तरीके से लागू कर रहा है ताकि यात्रियों को अचानक परेशानी न हो:

  1. पहला चरण (29 दिसंबर 2025): सुबह 8 बजे से दोपहर 12 बजे तक केवल आधार-वेरिफाइड अकाउंट ही टिकट बुक कर सकते थे।
  2. दूसरा चरण (5 जनवरी 2026): अब यह समय सीमा बढ़ाकर शाम 4 बजे तक कर दी गई है।
  3. तीसरा चरण (12 जनवरी 2026): 12 जनवरी से यह प्रतिबंध और कड़ा हो जाएगा। इसके बाद बिना आधार लिंक वाले यात्री पूरे दिन (सुबह 8 से रात 12 बजे तक) बुकिंग नहीं कर पाएंगे।

क्यों लिया गया यह फैसला?

रेलवे का मुख्य उद्देश्य टिकट दलालों (Touts) और अवैध सॉफ्टवेयर के जरिए होने वाली बल्क बुकिंग पर लगाम कसना है। अक्सर देखा जाता है कि बुकिंग खुलते ही दलाल फर्जी आईडी के जरिए चंद सेकंड में सारी कन्फर्म सीटें बुक कर लेते हैं। आधार वेरिफिकेशन अनिवार्य होने से:

  • नकली और फर्जी IRCTC अकाउंट्स पर रोक लगेगी।
  • आम और असली यात्रियों को कन्फर्म टिकट मिलने की संभावना बढ़ेगी।
  • सिस्टम में पारदर्शिता आएगी।

कैसे करें IRCTC अकाउंट को आधार से लिंक? (Step-by-Step Guide)

अगर आपने अभी तक अपना अकाउंट लिंक नहीं किया है, तो इन आसान स्टेप्स को फॉलो करें:

  • Step 1: IRCTC की आधिकारिक वेबसाइट (irctc.co.in) पर लॉग इन करें।
  • Step 2: ‘My Account’ टैब पर जाएं और ‘Link Your Aadhaar’ विकल्प को चुनें।
  • Step 3: अपना आधार नंबर और नाम दर्ज करें (जो आधार कार्ड पर है)।
  • Step 4: आपके आधार से रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक OTP आएगा, उसे दर्ज करें।
  • Step 5: वेरिफिकेशन पूरा होने के बाद आपका अकाउंट आधार से लिंक हो जाएगा।

प्रो टिप: आधार लिंक करने के बाद आप एक महीने में 24 टिकट तक बुक कर सकते हैं, जबकि बिना आधार वाले यूजर केवल 12 टिकट ही बुक कर पाते हैं।