गर्भवती करो और 13 लाख ले जाओ- बिहार में ऑल इंडिया प्रेग्नेंट जॉब के नाम पर चल रहे गंदे खेल का भंडाफोड़

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नवादा: बिहार के नवादा जिले में पुलिस ने साइबर ठगी के एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है, जिसका तरीका सुनकर आप भी हैरान रह जाएंगे। ‘ऑल इंडिया प्रेग्नेंट जॉब सर्विस’ (All India Pregnant Job Service) के नाम पर यह गिरोह बेरोजगार युवाओं को अमीर महिलाओं को गर्भवती करने का ऑफर देता था और बदले में लाखों रुपये का लालच देकर ठगी करता था। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर दो लोगों को गिरफ्तार किया है।

क्या है पूरा मामला?

साइबर अपराधी अब ठगी के लिए शर्मनाक तरीके अपना रहे हैं। सोशल मीडिया पर एक विज्ञापन तेजी से वायरल हो रहा था, जिसमें दावा किया गया था कि “अगर आप निःसंतान महिलाओं को गर्भवती करते हैं, तो आपको 10 लाख से 13 लाख रुपये तक मिलेंगे।”

इस विज्ञापन को ‘बेबी बर्थ सर्विस’ या ‘प्रेग्नेंट जॉब’ का नाम दिया गया था। इसमें कहा जाता था कि कई अमीर घरों की महिलाएं बच्चे की चाहत रखती हैं और जो पुरुष उनकी मदद करेंगे, उन्हें मुंहमांगी रकम दी जाएगी।

कैसे बनाते थे शिकार? (Modus Operandi)

  • रजिस्ट्रेशन का झांसा: जैसे ही कोई व्यक्ति लालच में आकर दिए गए नंबर पर कॉल या मैसेज करता, उसे सबसे पहले 799 रुपये की रजिस्ट्रेशन फीस जमा करने को कहा जाता था।
  • सिक्योरिटी मनी: रजिस्ट्रेशन के बाद ठग भरोसे में लेने के लिए फर्जी आईडी कार्ड और एग्रीमेंट भेजते थे। फिर ‘सिक्योरिटी मनी’, ‘मेडिकल चेकअप’ और ‘होटल चार्ज’ के नाम पर 5,000 से 20,000 रुपये तक वसूल लिए जाते थे।
  • नंबर ब्लॉक: पैसे ट्रांसफर होते ही ठग अपना मोबाइल नंबर बंद कर देते थे या पीड़ित को ब्लॉक कर देते थे।

नवादा पुलिस की बड़ी कार्रवाई

नवादा के पुलिस अधीक्षक (SP) अभिनव धीमान को इस गिरोह के बारे में गुप्त सूचना मिली थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया।

तकनीकी सर्विलांस की मदद से पुलिस ने हिसुआ थाना क्षेत्र के मनवां गांव में छापेमारी की। वहां से पुलिस ने दो साइबर अपराधियों को रंगे हाथों पकड़ा। इनके पास से पुलिस ने कई एंड्रॉइड मोबाइल फोन, प्रिंटर और ठगी में इस्तेमाल होने वाले डेटा बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार, यह गिरोह बिहार के अलावा अन्य राज्यों के लोगों को भी अपना शिकार बना रहा था।

सावधान: ऐसी कोई ‘जॉब’ नहीं होती

पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे ऐसे लुभावने विज्ञापनों के चक्कर में न पड़ें। ‘प्रेग्नेंट जॉब सर्विस’ पूरी तरह से एक फ्रॉड है। इंटरनेट पर पैसे कमाने का शॉर्टकट ढूंढना आपको भारी पड़ सकता है। अगर आपको ऐसा कोई विज्ञापन दिखे, तो तुरंत साइबर सेल या नजदीकी थाने में इसकी सूचना दें।

केंद्रीय विद्यालय झंझारपुर का पहला सत्र अप्रैल से शुरू, शिक्षा के क्षेत्र में खुलेगा नया अध्याय

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झंझारपुर: शिक्षा के क्षेत्र में झंझारपुर और आसपास के निवासियों के लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी है। केंद्रीय विद्यालय झंझारपुर (Kendriya Vidyalaya Jhanjharpur) में शिक्षा का एक नया अध्याय शुरू होने जा रहा है। विद्यालय प्रशासन और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, विद्यालय का पहला शैक्षणिक सत्र (First Academic Session) इसी साल अप्रैल माह से शुरू होने जा रहा है।

इस घोषणा के बाद से ही क्षेत्र के अभिभावकों और छात्रों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। यह विद्यालय न केवल झंझारपुर बल्कि पूरे मिथिला क्षेत्र के लिए शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ी सौगात साबित होगा।

उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा अब घर के पास

केंद्रीय विद्यालय अपने उच्च शैक्षणिक मानकों और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए पूरे देश में जाने जाते हैं। KV Jhanjharpur के खुलने से अब यहाँ के बच्चों को उच्च गुणवत्ता की केंद्रीय शिक्षा (Central Education) प्राप्त करने के लिए बड़े शहरों या दूर-दराज के इलाकों में नहीं जाना पड़ेगा।

अप्रैल से सत्र शुरू होने का सीधा मतलब है कि स्थानीय छात्र अब सीबीएसई (CBSE) पाठ्यक्रम आधारित आधुनिक शिक्षा अपने ही इलाके में प्राप्त कर सकेंगे।

अभिभावकों और छात्रों में भारी उत्साह

विद्यालय का सत्र अप्रैल से शुरू होने की खबर जंगल में आग की तरह फैल गई है। अभिभावकों का कहना है कि यह उनके बच्चों के भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।

  • सस्ती और अच्छी शिक्षा: केंद्रीय विद्यालय में कम फीस में बेहतरीन सुविधाएं और शिक्षा मिलती है।
  • सर्वांगीण विकास: यहाँ पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद और अन्य गतिविधियों पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है।

झंझारपुर के लिए एक बड़ी उपलब्धि

  • विद्यालय का नाम: केंद्रीय विद्यालय झंझारपुर (KV Jhanjharpur)
  • सत्र शुरू होने का समय: अप्रैल (आगामी सत्र)
  • लाभ: स्थानीय छात्रों को गुणवत्तापूर्ण केंद्रीय शिक्षा
  • बोर्ड: सीबीएसई (CBSE)

जल्द ही नामांकन (Admission) से जुड़ी विस्तृत जानकारी और आधिकारिक अधिसूचना जारी होने की उम्मीद है। अभिभावकों को सलाह दी जाती है कि वे ताजा अपडेट के लिए आधिकारिक घोषणाओं पर नजर बनाए रखें।

झंझारपुर JPL-2026 का शानदार आगाज: बेनीपट्टी बुल्स ने फुलपरास फाल्कन को 22 रनों से हराया, निशांत बने मैन ऑफ द मैच

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झंझारपुर (मधुबनी): अनुमंडल मुख्यालय स्थित ललित कर्पूरी स्टेडियम में शुक्रवार को क्रिकेट का महाकुंभ ‘जेपीएल-2026’ (JPL-2026) का भव्य आगाज हुआ। टूर्नामेंट के उद्घाटन मैच में बेनीपट्टी बुल्स ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फुलपरास फाल्कन को 22 रनों से हराकर विजयी शुरुआत की।

एसडीएम ने फीता काटकर किया उद्घाटन

टूर्नामेंट का विधिवत उद्घाटन झंझारपुर के एसडीएम कुमार गौरव ने फीता काटकर किया। इस अवसर पर खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए एसडीएम श्री गौरव ने कहा:

​”खेल हमेशा खेल भावना से ही खेला जाना चाहिए। इसमें न किसी की हार होती है और न ही जीत। इस तरह के आयोजनों से ग्रामीण खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा निखारने का मौका मिलता है, जिससे वे भविष्य में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के लिए क्वालीफाई कर सकें।”

उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में एसडीपीओ सुबोध कुमार सिन्हा और प्रिंसिपल अनीता रानी भट्ट भी मौजूद रहीं। जेपीएल क्रिकेट टूर्नामेंट के अध्यक्ष बबलू शर्मा ने अतिथियों का मिथिला की परंपरा के अनुसार पाग और दोपटा पहनाकर भव्य स्वागत किया।

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मैच का रोमांच: निशांत के 96 रन पड़े भारी

टूर्नामेंट का पहला मुकाबला बेनीपट्टी बुल्स (Benipatti Bulls) और फुलपरास फाल्कन (Phulparas Falcon) के बीच खेला गया।

  • टॉस और बल्लेबाजी: फुलपरास फाल्कन ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया।
  • बेनीपट्टी की पारी: पहले बल्लेबाजी करते हुए बेनीपट्टी की टीम ने निर्धारित ओवरों में 149 रन का सम्मानजनक स्कोर खड़ा किया। टीम की ओर से निशांत ने धुआंधार बल्लेबाजी करते हुए सर्वाधिक 96 रन बनाए।
  • बेनीपट्टी की पारी: पहले बल्लेबाजी करते हुए बेनीपट्टी की टीम ने निर्धारित ओवरों में 149 रन का सम्मानजनक स्कोर खड़ा किया। टीम की ओर से निशांत ने धुआंधार बल्लेबाजी करते हुए सर्वाधिक 96 रन बनाए।

स्कोरबोर्ड पर एक नजर (Match Highlights)

  • विजेता: बेनीपट्टी बुल्स (22 रनों से जीत)
  • मैन ऑफ द मैच: निशांत (96 रन, बेनीपट्टी)
  • बेस्ट बॉलर (फुलपरास): रौनक कुमार (5 विकेट झटके)
  • बेस्ट बॉलर (बेनीपट्टी): चंदन कुमार (3 विकेट झटके)

मैच के अंत में बेनीपट्टी के खिलाड़ी निशांत को उनकी आक्रामक बल्लेबाजी (96 रन) के लिए ‘मैन ऑफ द मैच’ चुना गया। आयोजन समिति के अध्यक्ष बबलू शर्मा ने उन्हें सम्मानित किया। स्टेडियम में दर्शकों की भारी भीड़ ने मैच का लुत्फ उठाया।

झंझारपुर: गणतंत्र दिवस की तैयारी तेज, SDM कुमार गौरव ने अधिकारियों के साथ की अहम बैठक, सुरक्षा पर दिए कड़े निर्देश

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झंझारपुर (मधुबनी): मधुबनी जिले के झंझारपुर अनुमंडल में आगामी गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी कड़ी में गुरुवार की दोपहर झंझारपुर अनुमंडल कार्यालय में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता अनुमंडल पदाधिकारी (SDM) कुमार गौरव ने की।

अधिकारियों को मिली जिम्मेदारी

बैठक में झंझारपुर अनुमंडल के अंतर्गत आने वाले तमाम प्रखंडों के प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO), अंचलाधिकारी (CO) और अनुमंडल स्तर के कई वरीय अधिकारी व पदाधिकारी मौजूद रहे। एसडीएम ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि राष्ट्रीय पर्व की गरिमा और प्रोटोकॉल के तहत सभी तैयारियां समय रहते पूरी कर ली जाएं।

सुरक्षा और कार्यक्रम की रूपरेखा तय

अनुमंडल पदाधिकारी कुमार गौरव ने बैठक के दौरान विशेष रूप से सुरक्षा व्यवस्था (Security Arrangements) पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान विधि-व्यवस्था बनाए रखना पहली प्राथमिकता होगी। बैठक में मुख्य रूप से इन बिंदुओं पर चर्चा हुई:

  • झंडोत्तोलन का निर्धारित समय और स्थल।​
  • परेड और सलामी की तैयारी।
  • ​सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रूपरेखा।​
  • भीड़ नियंत्रण और ट्रैफिक व्यवस्था।

एसडीएम ने स्पष्ट किया कि 26 जनवरी के दिन सभी सरकारी कार्यालयों और महादलित टोलों में झंडोत्तोलन सुचारू रूप से होना चाहिए। अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में निगरानी रखने का निर्देश दिया गया है।

बता दें कि झंझारपुर में हर साल गणतंत्र दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। इस बार भी अनुमंडल प्रशासन यह सुनिश्चित करने में जुटा है कि कार्यक्रम भव्य और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो।

Madhubani Court Bomb Threat: मधुबनी कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी, पुलिस छावनी में तब्दील हुआ परिसर, मची अफरा-तफरी

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मधुबनी (Madhubani News): बिहार में कानून व्यवस्था को लेकर आज एक बड़ी खबर सामने आई है। मधुबनी व्यवहार न्यायालय (Civil Court) को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद पूरे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। इस धमकी भरी खबर के बाद कोर्ट परिसर की सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है।

क्या है पूरा मामला?

मिली जानकारी के अनुसार, गुरुवार को मधुबनी कोर्ट समेत बिहार के कई अन्य जिलों के कोर्ट को भी बम से उड़ाने की धमकी दी गई है। यह धमकी कथित तौर पर ईमेल के जरिए भेजी गई है, जिसमें कोर्ट परिसर में बम प्लांट करने की बात कही गई थी।

जैसे ही यह खबर मधुबनी पुलिस प्रशासन को मिली, आनना-फानन में कोर्ट परिसर को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया। स्थानीय पुलिस और वरीय अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं और सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है।

पुलिस छावनी में तब्दील हुआ कोर्ट परिसर

धमकी की गंभीरता को देखते हुए मधुबनी कोर्ट कैंपस में भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। आने-जाने वाले हर व्यक्ति की गहन तलाशी ली जा रही है। संदिग्ध वस्तुओं की जांच की जा रही है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को टाला जा सके।

  • कोर्ट के मुख्य द्वारों पर सुरक्षा बढ़ाई गई।
  • ​परिसर के अंदर संदिग्धों पर नजर रखी जा रही है।
  • ​वकीलों और आम लोगों के बीच थोड़ी देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

बिहार के अन्य जिलों में भी मिली धमकी

यह घटना केवल मधुबनी तक सीमित नहीं है। सूत्रों के मुताबिक, आज ही के दिन पटना (Patna), गया (Gaya) और किशनगंज (Kishanganj) सिविल कोर्ट को भी इसी तरह की धमकी भरे ईमेल मिले हैं। पटना सिविल कोर्ट में तो डॉग स्क्वायड और बम निरोधक दस्ते ने पहुंचकर जांच शुरू कर दी है।

बिहार की सियासत में ‘दही-चूड़ा’ डिप्लोमेसी: तेज प्रताप यादव का बड़ा दांव, तेजस्वी और नीतीश कुमार को भेजा न्योता

Tej Pratap Yadav dahi chura plan thumbnail with Tejashwi Yadav Nitish Kumar Samrat Chaudhary and Vijay Sinha on one stage

पटना: बिहार में मकर संक्रांति केवल एक पर्व नहीं, बल्कि सियासी समीकरणों को साधने का एक बड़ा मौका होता है। इस बार जनशक्ति जनता दल (जेजेडी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने इस परंपरा को आगे बढ़ाते हुए सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है।

तेज प्रताप यादव ने घोषणा की है कि वे 14 जनवरी (मकर संक्रांति) के अवसर पर अपने आवास पर भव्य ‘दही-चूड़ा भोज’ का आयोजन करेंगे। खास बात यह है कि इस भोज में सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों के दिग्गजों को एक मंच पर लाने की तैयारी है।

छोटे भाई तेजस्वी को खास निमंत्रण

राजनीतिक मतभेदों और अलग राह चुनने के बाद यह पहला मौका होगा जब तेज प्रताप यादव अपने छोटे भाई और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को औपचारिक रूप से आमंत्रित कर रहे हैं। तेज प्रताप ने स्पष्ट किया है कि वे खुद तेजस्वी को न्योता देंगे। सियासी जानकारों का मानना है कि यह आयोजन दोनों भाइयों के बीच जमी बर्फ को पिघलाने की एक कोशिश हो सकता है।

इन दिग्गजों को भेजा जाएगा बुलावा

तेज प्रताप यादव ने अपनी पार्टी की ओर से आयोजित इस भोज को ‘सर्वदलीय’ रूप देने की कोशिश की है। उन्होंने जिन प्रमुख चेहरों को आमंत्रित करने की बात कही है, उनमें शामिल हैं:

  • नीतीश कुमार (मुख्यमंत्री, बिहार)
  • सम्राट चौधरी (उपमुख्यमंत्री)
  • विजय कुमार सिन्हा (उपमुख्यमंत्री)
  • आरिफ मोहम्मद खान (राज्यपाल)

लालू यादव की परंपरा को आगे बढ़ाने की कोशिश?

गौरतलब है कि बिहार विधानसभा चुनाव में राजद (RJD) की हार के बाद, राबड़ी आवास पर लालू प्रसाद यादव की पारंपरिक और मशहूर ‘दही-चूड़ा पार्टी’ को लेकर संशय बना हुआ है। ऐसे में तेज प्रताप का यह कदम उस सियासी शून्य को भरने की कोशिश माना जा रहा है।

सियासी मायने: सत्ता और विपक्ष के बीच सेतु?

राजनीतिक विश्लेषक इस आयोजन को केवल एक भोज नहीं मान रहे। विश्लेषकों का कहना है कि तेज प्रताप यादव इस आयोजन के जरिए खुद को एक परिपक्व नेता के रूप में स्थापित करना चाहते हैं जो दलगत राजनीति से ऊपर उठकर संवाद (Communication) में विश्वास रखता है। सत्ता पक्ष के शीर्ष नेताओं को बुलाकर वे यह संदेश देना चाहते हैं कि विरोध अपनी जगह है, लेकिन शिष्टाचार और संवाद अपनी जगह।

अब देखना दिलचस्प होगा कि 14 जनवरी को तेज प्रताप के आवास पर कौन-कौन से दिग्गज जुटते हैं और क्या बिहार की राजनीति में ‘दही-चूड़ा’ की मिठास नए समीकरणों को जन्म देती है?

कपकपाती ठंड में बुजुर्गों को मिला सहारा: प्रो. रामदेव भंडारी की जयंती पर अमेरिका से आए सहयोग से बंटे कम्बल

झंझारपुर: पूर्व राज्यसभा सांसद और प्रकांड विद्वान प्रोफेसर रामदेव भंडारी की जयंती के अवसर पर झंझारपुर थाना चौक स्थित उनकी आदमकद प्रतिमा स्थल पर एक भव्य श्रद्धांजलि और सेवा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर जहां एक ओर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया गया, वहीं दूसरी ओर भीषण ठंड को देखते हुए समाज के जरूरतमंद और असहाय बुजुर्गों के बीच कम्बल का वितरण किया गया।

गरीबों के सच्चे रहनुमा थे प्रोफेसर भंडारी: दीपक कुमार शर्मा

कार्यक्रम का नेतृत्व कर रहे युवा सामाजिक कार्यकर्ता दीपक कुमार शर्मा ने प्रोफेसर भंडारी को याद करते हुए उन्हें पिछड़ा, अतिपिछड़ा, दलित, शोषित और वंचित समाज का सच्चा हितैषी बताया। दीपक शर्मा ने कहा, “प्रोफेसर रामदेव भंडारी भले ही आज हमारे बीच सशरीर उपस्थित नहीं हैं, लेकिन उनके विचार और आदर्श आज भी हम सभी को प्रेरित कर रहे हैं।”

उन्होंने आगे कहा कि समाज में एकता, समरसता और भाईचारा बनाए रखने के लिए प्रोफेसर भंडारी की विचारधारा पर चलना अत्यंत आवश्यक है। उनके विचारों को समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुँचाना ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि होगी, ताकि वे अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हो सकें।

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अमेरिका से आया सहयोग, गांव में खिली मुस्कान

इस पुनीत कार्य के पीछे एक विशेष भावनात्मक पहलू भी जुड़ा है। बताया गया कि प्रोफेसर भंडारी के तीन पुत्र हैं, जिनमें से उनके सबसे छोटे पुत्र, जो अमेरिका के वॉशिंगटन डीसी में रहते हैं, उनके द्वारा ही इस कम्बल वितरण कार्यक्रम का आयोजन करवाया गया। उनकी अनुपस्थिति में दीपक कुमार शर्मा के नेतृत्व में यह सेवा कार्य संपन्न हुआ।

प्रोफेसर भंडारी: एक नजर में

  • जन्म: 5 जनवरी 1940​
  • निधन: 21 सितंबर 2018
  • ​विशेष: उनकी प्रतिमा का अनावरण बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव के कर-कमलों द्वारा किया गया था। वे जीवन भर शोषितों और गरीबों की आवाज बनकर उभरे।

मधुबनी पुलिस की बड़ी कार्रवाई: मोटरसाइकिल लूट गिरोह का भंडाफोड़, देसी कट्टा और कारतूस के साथ एक गिरफ्तार

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मधुबनी (बिहार): जिले की फुलपरास थाना पुलिस ने अपराध नियंत्रण की दिशा में एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने क्षेत्र में सक्रिय मोटरसाइकिल लूट गिरोह के एक सदस्य को अवैध हथियारों के साथ गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इस कार्रवाई से इलाके के अपराधियों में हड़कंप मच गया है।

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हथियार और लूट की बाइक बरामद

मिली जानकारी के अनुसार, फुलपरास थाना पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर धौसी गांव निवासी नीतीश कुमार को दबोचा। पुलिस ने अभियुक्त के पास से निम्नलिखित सामान बरामद किया है:

  • ​01 देसी कट्टा (अवैध हथियार)​
  • 01 जिंदा कारतूस
  • ​01 लूटी हुई मोटरसाइकिल​
  • 01 मोबाइल फोन

10 अपराधियों का गिरोह चिन्हित

पुलिस की पूछताछ में इस गिरोह के नेटवर्क का बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस ने इस मोटरसाइकिल लूट गिरोह में शामिल कुल 10 अपराधियों को चिन्हित किया है। ये अपराधी जिले के विभिन्न क्षेत्रों में लूटपाट की घटनाओं को अंजाम देते थे।

थानाध्यक्ष का बयान: “हमने गिरोह के एक सदस्य को गिरफ्तार कर लिया है। अन्य 9 अपराधियों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की विशेष टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। जल्द ही पूरा गिरोह सलाखों के पीछे होगा।”

क्षेत्र में पुलिस की सक्रियता बढ़ी

नीतीश कुमार की गिरफ्तारी के बाद पुलिस उससे मिले इनपुट के आधार पर गिरोह के अन्य ठिकानों पर दबिश दे रही है। स्थानीय निवासियों ने पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की सराहना की है, क्योंकि पिछले कुछ समय से मोटरसाइकिल चोरी और लूट की घटनाओं में वृद्धि देखी जा रही थी।

बिहार प्रशासनिक हलचल: पदभार संभालने के चंद दिनों बाद ही BSSC अध्यक्ष आलोक राज का इस्तीफा

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बिहार की प्रशासनिक गलियारे से एक बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। बिहार के पूर्व पुलिस महानिदेशक (DGP) और 1989 बैच के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी आलोक राज ने बिहार कर्मचारी चयन आयोग (BSSC) के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है।

हैरानी की बात यह है कि उन्होंने यह जिम्मेदारी संभाली अभी जुम्मा-जुम्मा आठ दिन भी नहीं हुए थे। इस अचानक आए फैसले ने राज्य के राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में कई तरह की चर्चाओं को जन्म दे दिया है।

नियुक्ति से इस्तीफे तक का सफर

आलोक राज 31 दिसंबर 2025 को बिहार के डीजीपी पद से सेवानिवृत्त हुए थे। उनकी कार्यक्षमता और अनुभव को देखते हुए बिहार सरकार ने उन्हें रिटायरमेंट के अगले ही दिन, यानी 1 जनवरी 2026 से BSSC के नए अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया था।

  • नियुक्ति तिथि: 1 जनवरी 2026
  • कार्यकाल: 5 वर्ष के लिए प्रस्तावित​
  • इस्तीफा: पदभार ग्रहण करने के मात्र 2 से 5 दिनों के भीतर

इस्तीफे का कारण: निजी या कुछ और?

विभिन्न समाचार स्रोतों के अनुसार, आलोक राज ने अपना इस्तीफा सामान्य प्रशासन विभाग को सौंप दिया है। आधिकारिक तौर पर उन्होंने “निजी कारणों” का हवाला देते हुए पद छोड़ने की बात कही है। हालांकि, इतनी जल्दी इस्तीफा देने के फैसले ने सबको सोच में डाल दिया है कि क्या इसके पीछे कोई अन्य प्रशासनिक दबाव या तालमेल की कमी रही है।

कौन हैं आलोक राज?

आलोक राज बिहार कैडर के 1989 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। पुलिस सेवा के दौरान उनकी छवि एक सुलझे हुए और कड़क अधिकारी की रही है। डीजीपी के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने राज्य की कानून व्यवस्था में कई महत्वपूर्ण सुधार किए थे। यही कारण था कि सरकार ने युवाओं के भविष्य से जुड़े ‘बिहार कर्मचारी चयन आयोग’ जैसी महत्वपूर्ण संस्था की कमान उन्हें सौंपी थी।

अब आगे क्या?

  • नई नियुक्ति: अब बिहार सरकार को जल्द से जल्द एक नए और विश्वसनीय चेहरे की तलाश करनी होगी।​
  • अभ्यर्थियों की चिंता: लाखों छात्र जो BSSC परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, उनके मन में नियुक्तियों की पारदर्शिता और गति को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

नोट: फिलहाल सरकार की ओर से नए अध्यक्ष के नाम की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

​क्या आपको लगता है कि प्रशासनिक अधिकारियों का राजनीति या आयोगों में जाना सही है? अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं।

समाज सेवा की मिसाल: जिला पार्षद चंद्रभूषण साह ने 1500 जरूरतमंदों के बीच किया कंबल वितरण

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मधुबनी: भीषण ठंड और शीतलहर के प्रकोप को देखते हुए मानवता की सेवा में एक बार फिर जिला पार्षद चंद्रभूषण शाह आगे आए हैं। मधुबनी जिले के खुंटौना प्रखंड (क्षेत्र संख्या 38) के वर्तमान जिला पार्षद चंद्रभूषण साह ने अपनी सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हुए इस वर्ष भी भारी संख्या में गरीब और असहाय लोगों के बीच कंबल का वितरण किया।

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8 वर्षों से निरंतर जारी है सेवा का संकल्प

चंद्रभूषण शाह पिछले 8 सालों से लगातार समाज के अंतिम पायदान पर खड़े लोगों की मदद करते आ रहे हैं। इस वर्ष भी उन्होंने क्षेत्र के लगभग 1500 गरीब, वृद्ध और असहाय लोगों को चिन्हित कर उन्हें कंबल भेंट किए।

वितरण कार्यक्रम के दौरान जिला पार्षद ने कहा कि “गरीबों की सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है। कड़ाके की ठंड में किसी जरूरतमंद को राहत पहुँचाना आत्मिक शांति देता है।” उन्होंने यह भी संकल्प दोहराया कि क्षेत्र के विकास के साथ-साथ वह व्यक्तिगत स्तर पर भी लोगों के दुख-सुख में हमेशा खड़े रहेंगे।

स्थानीय लोगों ने की सराहना

खुंटौना प्रखंड के ग्रामीणों ने पार्षद के इस कार्य की भूरी-भूरी प्रशंसा की। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब भी क्षेत्र में कोई आपदा या कठिन समय आता है, चंद्रभूषण शाह बिना किसी भेदभाव के लोगों की मदद के लिए तैयार रहते हैं।

इस अवसर पर जिला पार्षद आरती सहित कई स्थानीय प्रतिनिधि और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे, जिन्होंने इस नेक पहल की सराहना की।

मुख्य हाइलाइट्स:

  • स्थान: खुंटौना प्रखंड, क्षेत्र संख्या 38 (मधुबनी)।
  • सेवा का रिकॉर्ड: पिछले 8 वर्षों से निरंतर जारी।
  • कुल लाभार्थी: इस वर्ष 1500 से अधिक लोगों को मिली राहत।
  • आयोजक: जिला पार्षद चंद्रभूषण साह।